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क्या स्मार्ट आर्थिक सोच अपनाकर अमीर बन सकते हैं..?

https://arthikfunda.com , आर्थिकफंडा

हिंडौन, करौली , राजस्थान 32 1610

अमीर बनना हर किसी का सपना होता है. इस सपने को पूरा करने के लिए कई लोग पूरी जिंदगी मेहनत करते हैं, वहीं, कई लोग जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि कुछ ही लोग अमीर बनने के सपने को पूरा कर पाते हैं. ऐसे में अगर आप भी कमाई के पैसे बचाकर अमीर बनने की चाह रखते हैं तो आपको यह पता होना जरूरी है कि अमीर बनने का तरीका (How to become rich) क्या है? इसके लिए सबसे पहले ये जरूरी है कि आप कमाई और बचत के आसान पर्सनल फाइनेंस रूल को समझें.

दोस्तों अगर आप सरकारी या प्राइवेट नौकरी करते हैं, और दिन-रात मेहनत कर रहे हैं लेकिन फिर भी फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल करना सिर्फ एक सपना लग रहा है तो शायद वक्त आ गया है अपनी सोच बदलने का। दोस्तों अपने दुनिया की एक लोकप्रिय पुस्तक रिच दाद पुअर दाद का नाम सुना होगा. इसके लेखक रॉबर्ट कियोसकी कहते हैं कि पैसा कमाने का असली तरीका सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि स्मार्ट फाइनेंशियल सोच है। रॉबर्ट कियोसकी ने वेल्थ क्रिएट करने की सात रन नीतियां बताई हैं। इन सात रन नीतियों के जरिए आप अपनी आमदनी बढ़ाने के कई रास्ते खुल सकते हैं अपने इस कर्ज को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं और जोखिम उठाकर अमीर बनने की ओर बढ़ सकते हैं

1.सैलरी से ज्यादा कैशफ्लो को महत्व दें

रिच दाद पुअर दाद के लेखक कियोसकी कहते हैं की सैलरी सिर्फ तब तक मिलती है जब तक आप काम करते हैं। दूसरी हुई सबसे बड़ी बात है की सैलरी में आपको एक निश्चित अमाउंट मिलता है। केवल सैलरी के दम पर आप अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत नहीं कर सकते और ना ही अमीर बन सकते। अपनी अच्छी आर्थिक स्थिति के लिए आपको कैश फ्लो पर ध्यान देना होगा। कैश फ्लो अर्थात ऐसा पैसा जो आपकी स्थाई संपत्तियों से आता है। जैसे रियल स्टेट बिजनेस, व्यापार, कमर्शियल बिल्डिंग दुकान आदि का किराया। यह ऐसी इनकम है जो बिना काम किया हर महीने आपको प्राप्त होती रहती है। इसलिए ऐसे असेट्स बनाने पर ध्यान दें जो आपको हर महीने इनकम देते रहें। सपोज अपने बाजार में एक दुकान परचेस की। आजकल मार्केट में दुकानों का किराया छोटे काशन में भी 10 15000 रुपए तक होता है और बड़े शहरों में तो लाखों रुपए तक होता है। तो आप अपनी एक शॉप असेट्स बनाकर हर महीने, बिना काम किया एक अच्छी इनकम प्राप्त करते रहेंगे। अगर आपके पास इस तरह की कई असेट्स हैं तो निश्चित रूप से आपकी इनकम बढ़ेगी और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

2.कर्ज को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल करें

हमारे समाज में कर्ज को एक बोझ समझा जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि अगर कर्ज को समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो यह आपकी दौलत बढ़ाने में मदद कर सकता है। जैसे रियल स्टेट, कमर्शियल बिल्डिंग या कोई दुकान खरीदने के लिए आप लोन लेते हैं लेकिन बाद में किराया और प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से आपको मुनाफा ही होता है। अगर आपने आज की डेट में कोई बिल्डिंग परचेस की है, तो वह बिल्डिंग न केवल आपको हर महीने एक अच्छा रेंट प्रदान करेगी बल्कि समय के साथ उसकी वैल्यू और उसकी रेट में भी तेजी से बढ़ोतरी होती है जो काफी मुनाफा देती है। इसी प्रकार अगर आपके घर बनाना है और आपके पास पैसे कैश हैं तू भी आप होम लोन लेकर मकान खरीदे और उसे पैसे को इक्विटी जैसे हाई रिटर्न वाले एसेट में धीरे-धीरे निवेश करें। इससे निवेश पर रिटर्न बढ़ता जाएगा और होम लोन पर ब्याज घटना जाएगा।

3.अच्छे कर्ज और बुरे कर्ज में फर्क को समझे

दोस्तों रिच दाद पुअर दाद के लेखक क्यों सारी कहते हैं की कर्ज हमेशा बुरा नहीं होता। यह हमारी सोच पर निर्भर करता है। अच्छा कर्ज में होता है जो आपको कमाई करने वाली चीजों में निवेश करने दे जैसे प्रॉपर्टी और बिजनेस में निवेश। अगर आप सोच समझकर किसी अच्छी जगह पर प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं तो यह आपको बहुत अच्छा रिटर्न देगी। जैसे मैं आपको मेरा खुद का एक एग्जांपल देता हूं– मैंने लगभग 10 वर्ष पूर्व जयपुर में मात्र ₹200000 में दूर दराज के इलाके में एक प्लॉट खरीदा। आज उसे जगह की वैल्यू काफी बढ़ चुकी है और वहां जो प्लाट और जमीन है उनकी कीमत करोड़ों में तब्दील हो चुकी है। 2 लाख मैं खरीदा गया मेरा प्लॉट आज कई करोड़ रुपए का है। अब आप ही बताइए इतना अच्छा रिटर्न आप और कहीं से प्राप्त कर सकते हैं। इसीलिए प्रॉपर्टी और व्यापार में अपना पैसा लगे अगर आप कट जिले के भी इसमें इन्वेस्ट करते हैं तो भी आपको लाभ प्राप्त होगा। और इसे हम अच्छा कर्ज कहेंगे।

दूसरी तरफ बड़ा कर्ज है यह वह होता है जिससे आप ऐसी चीज खरीदने हैं जो सिर्फ खर्च बढ़ती हैं – जैसे महंगे गैजेट्स खरीदना लग्जरी सामान एवं महंगी गाड़ियां खरीदना। मन कर चलिए अपने 25 लख रुपए में एक अच्छी लग्जरी कर खरीदी है। इसमें लगाए हुए पैसे से आपको कोई इनकम नहीं हो। हालांकि परिवार बढ़ता है तो यह चीज भी जरूरी होती है। पर इसे आप मुनाफा प्राप्त नहीं कर सकते। अपने ₹25 लाख की गाड़ी खरीदने के लिए सबसे पहले तो 25 लख रुपए इन्वेस्ट कर दिए इसके बाद आपको हर महीने मेंटेनेंस और पेट्रोल पर खर्च करना होगा। यह ऐसी सुविधाएं हैं जो आपका खर्च बनाएंगे ना कि आपको इनकम प्रदान करेंगे। इसके लिए आप कोई भी सामान खरीदने से पहले खुद से यह सवाल पूछे कि क्या यह सच में जरूरी है..? या फिर केवल स्टेटस और ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए खरीद रहे है..? खुद से यह सवाल पूछने के बाद ही किसी चीज को परचेस करें।

4.अपना फाइनेंशियल नॉलेज बडाये

धन कमाने के लिए सिर्फ दिन रात मेहनत करते रहने से ही सब कुछ नहीं होता। अपनी फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत करने के लिए आपको पैसे को निवेश करने की समझ होना जरूरी है। अच्छा फाइनेंशियल नॉलेज जैसे निवेश की जानकारी टेस्ट की जानकारी रिस्क मैनेजमेंट पर समझ यह चीज आपको अच्छे फैसले लेने में मदद करती हैं। आप अपनी फाइनेंशियल नॉलेज को जितना ज्यादा बढ़ाएंगे आप उतना ही ज्यादा कमाएंगे। नॉलेज बढ़ाने के लिए आप एक दो अच्छे अखबारों के बिजनेस पेजों को पढ़ें। फाइनेंस की जानकारी देने वाली अच्छी पत्रिकाओं का अध्ययन करें। अपनी फ्रेंड सर्कल में निवेश करने वाले एवं फाइनेंशियल जानकारी रखने वाले लोगों से सलाह मशवरा करें और अपनी नॉलेज को बढ़ते रहें। यह एक ऐसा कदम है जो आपको अमीर बनने की और अग्रसर करेगा और आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगा।

5.अमीरों की भांति अपना बजट तैयार करें

आप हर 6 माह में अपने घर परिवार एवं खर्चो तथा निवेश का एक स्मार्ट बजट तैयार करें। अपने सारे खर्चों को दो हिस्सों में बांटे एक जरूरी खर्च और दूसरा गैर जरूरी खर्च। जरूरी खर्च जैसे की किराया खाना बिल बच्चों की पढ़ाई घर का जरूरी सामान किचन का खर्चा। और गैस जरूरी खर्च होते हैं जैसे बाहर खाना शॉपिंग करना मनोरंजन पर खर्च करना, घूमना फिरना आदी। यह बात भी ध्यान रखें की ऐसी हालत में आप करते क्या है कि अपने खर्चों में कटौती कर देते हैं और बचत के बारे में सोचते हैं। जबकि मेरा मानना है कि फालतू खर्च करने पर रोक लगाना एक अच्छी बात है लेकिन आप सिर्फ खर्च कम करने की बजाय अपनी कमाई बढ़ाने पर ध्यान दें यह बेहद जरूरी बात है। कमाई बढ़ाने के साधन पैदा करना एक अच्छी सोच हो सकती है। खर्चों में कटौती करना बुरी बात नहीं है पर अपनी इनकम बढ़ाने पर आपको विशेष ध्यान देना चाहिए। आज जो लोग अमीर हैं उनकी आमदनी के कई सोर्स हैं जैसे निवेश पार्ट टाइम बिजनेस रेंटल इनकम बिजनेस व्यापार। ऐसी हालत में वह आराम से खर्च भी कर लेते हैं और सेविंग करने में भी कामयाब हो जाते हैं।

निवेश में रिस्क लेने से नहीं डरे

रॉबर्ट कियोसकी ने कहा है कि अगर आपकी उम्र 45 साल तक है तो रिस्क लेने से नहीं दरें असली अमीरी तब आती है जब आप जोखिम उठाना सीखते हैं यह सफलता से सीखना और आगे बढ़ना ही असली सफलता है जो लोग अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलते हैं और कुछ अलग करते हैं वही अमीर बनते हैं। आप अगर इन्वेस्ट करते समय मन से अपना डर नहीं निकालेंगे तो कभी भी अच्छा लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगे। आपका यह डर आपको सीमाओं के पास जाने से रोकता है। शुरुआत में छोटी-छोटी रिस्क लेने एवं धीरे-धीरे निवेश से पैदा होने वाले दर को दूर करें।

6.इमरजेंसी फंड जरूर रखें

इमरजेंसी फंड रखेंआजकल टेक्नोलॉजी के बढ़ते दखल से नौकरियों में अस्थिरता बढ़ गई है. ऐसे में आपको इमरजेंसी के लिए फंड तैयार रखना चाहिए. कोरोना महामारी के समय भी देखा गया था कि ज्यादातर लोग अचानक आई आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं कर पाए. इसलिए, कम से कम एक साल के खर्चों के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए.

7.अपने पैसों को सही जगह निवेश करें

बैंक के सेविंग अकाउंट (Savings Account)  में पड़े रहने से आपके पैसे की  काफी कम ही बढ़ोतरी होती है. आप अपने पैसे को निवेश करके उसे कई गुना बढ़ाने का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसके लिए स्टॉक, म्यूच्यूअल फंड या रियल एस्टेट में निवेश करना पर फोकस कर सकते हैं. हालांकि,कहीं भी निवेश करने से पहले थोड़ा रिसर्च करना और किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना जरूरी है.वरना आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है.

8.महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

Question 1. जल्दी अमीर कैसे बने..?

उत्तर – जल्दी अमीर बनने के लिए, आपको अपनी आय बढ़ाने, खर्चों को कम करने, निवेश करने और वित्तीय रूप से जागरूक होने जैसे कई तरीके अपनाने चाहिए। ये कदम आपको धीरे-धीरे अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करने और अमीर बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। 

यहां कुछ विस्तृत तरीके दिए गए हैं:

1. आय बढ़ाएं:

  • साइड हसल बनाएं:अपनी नौकरी के साथ-साथ एक अतिरिक्त आय स्रोत बनाएं, जैसे कि फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन ट्यूटोरिंग, या ब्लॉगिंग। 
  • अपनी नौकरी में उन्नति करें:अपने कौशल को बेहतर बनाने और अपनी नौकरी में आगे बढ़ने के लिए प्रयास करें। 
  • निवेश करें:अपनी बचत को स्टॉक मार्केट, रियल एस्टेट, या म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों में निवेश करें। 

2. खर्चों को कम करें:

  • बजट बनाएं:अपनी आय और खर्चों को ट्रैक करें और एक बजट बनाएं जो आपके खर्चों को नियंत्रित करे। 
  • अनावश्यक खर्चों को कम करें:अपने खर्चों की समीक्षा करें और अनावश्यक खर्चों को कम करने का प्रयास करें। 
  • नियम बनाएं:अपने वित्तीय लक्ष्यों के लिए बचत करने के लिए नियम बनाएं और उनका पालन करें। 

3. निवेश करें:

  • लंबे समय के लिए निवेश करें:शेयर मार्केट, रियल एस्टेट, या म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों में लंबे समय के लिए निवेश करें।
  • विविधता लाएं:अपने निवेश को विभिन्न प्रकार के निवेश विकल्पों में विभाजित करें ताकि जोखिम कम हो।
  • सही निवेश चुनें:अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहनशीलता के अनुरूप निवेश चुनें। 

4. वित्तीय रूप से जागरूक रहें:

  • वित्त के बारे में पढ़ें:वित्तीय शिक्षा प्राप्त करें ताकि आप वित्तीय निर्णयों को समझ सकें। 
  • वित्तीय योजना बनाएं:एक वित्तीय योजना बनाएं जो आपके लक्ष्यों और वित्तीय भविष्य के लिए मार्गदर्शन करे। 
  • साझेदारी करें:वित्तीय योजनाकारों या सलाहकारों से सलाह लें। 

5. अन्य महत्वपूर्ण बातें:

  • खुद पर निवेश करें:अपनी शिक्षा, कौशल और ज्ञान में निवेश करें। 
  • लक्ष्य बनाएं:एक स्पष्ट और विशिष्ट वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें। 
  • धैर्य रखें:अमीर बनना एक लंबी प्रक्रिया है, इसलिए धैर्य रखें और लगातार प्रयास करते रहें। 
  • सलाह लें:वित्तीय सलाहकार से सलाह लें ताकि आप सही दिशा में आगे बढ़ सकें। 

इन तरीकों को अपनाकर, आप जल्दी से अमीर बनने की दिशा में एक मजबूत आधार बना सकते हैं।

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बचत ही है खुशहाल जिन्दगी की पहली सीढ़ी, कैसे? यहां समझिये कैसे..? आर्थिक आज़ादी की पहली सीढ़ी भी बचत को ही माना जाता है..कैसे.? यहां समझिए… पैसा है आज के समय की जरूरी स्किल -यह ज़रूरी स्किल है।आपको कोई फाइनेंशियल गुरु बनने की ज़रूरत नहीं, बस बुनियादी बातें जानिए, लगातार सीखते रहिए और जानकारी के आधार पर फैसले लीजिए. याद रखें – “बात अमीर बनने की नहीं है, आर्थिक रूप से आज़ाद बनने की है. “हम सभी के पास सबसे शक्तिशाली संपत्ति हमारा दिमाग है. अगर इसे अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया जाए तो यह बहुत अधिक धन पैदा कर सकता है.” — Robert Kiyosaki अपने दिमाग को एक फाइनेंशियल जीपीएस की तरह बताते है.अगर वह नक्शा, जो आपको रास्ते और रुकावटें बताता है, यदि वही गलत है तो आप अपने लक्ष्य तक तेज़ी से, सुरक्षित और कम गलतियों के साथ नहीं पहुँच सकते हैं.अगर आप बिना सोचे-समझे चल पड़ेगे तो आप रास्ता पूछते फिरेंगे, ईंधन (और पैसा) जलाते रहेंगे, और सिर्फ किस्मत के भरोसे रह जाएंगे. इसीलिए ऐसे हालातो में आपके काम आती है वित्तीय साक्षरता, अच्छी फाइनेंशियल और आर्थिक प्लानिंग, सकारात्मक सोच। ये चुपचाप काम करने वाली महाशक्ति, जो स्थिर भविष्य की नींव रखती है, सपनों को ऊर्जा देती है और पैसों के तनाव से बाहर निकालने का रास्ता दिखाती है। हम कई बार ऐसे अनेक उदाहरण देखते हैं कि हमारे मित्र और रिश्तेदारों में बहुत से लोग होते हैं जिन्होंने खूब पैसा कमाया। कमाया तो बहुत, लेकिन बचाया नहीं… हमने कई मशहूर हस्तियों की कहानियां सुनी हैं—फिल्मी सितारे, खिलाड़ी, और सेलिब्रिटी—जिन्होंने करोड़ों कमाए, लेकिन आख़िरकार दिवालिया हो गए। सहारा इंडिया के सुब्रत रोय, किंगफिशर के विजय माल्या, कुछ वर्षों पहले तक देश के बड़े उद्योगपति और रईस माने जाते थे। ओके बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मालिक थे। पर अफसोस की आज दिवालिया है और भगोड़े हैं। क्योंकि सिर्फ़ ज्यादा कमाई होना पर्याप्त नहीं है, असली बात यह है कि उस पैसे का क्या किया। आपने अपनी कमाई हुई राशि को अपनी आर्थिक जरूरत के हिसाब से मैनेज किया है या नहीं, यह एक बहुत बड़ी बात होती है।यदि आप उस पैसे को समझदारी से नहीं लगाते, तो वह कभी संपत्ति में नहीं बदलता. संपत्ति बनती है निवेश से, न कि केवल आय से. दुख की बात है कि हमारी शिक्षा प्रणाली हमें सिर्फ़ कमाना सिखाती है, बचाना नहीं. हम प्रमेय, समीकरण और बीजगणित तो सीखते हैं, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज कैसे काम करता है, यह नहीं जानते. हम डिग्रियां लेकर निकलते हैं, लेकिन अक्सर क्रेडिट कार्ड और कर्ज के जाल में फर्क भी नहीं कर पाते। हकीकत यह है कि हमारा आंतरिक फाइनेंशियल जीपीएस भटक जाता है, और उसे सही रास्ते पर लाने का एकमात्र तरीका है—वित्तीय साक्षरता. वित्तीय रूप से समझदार लोग जानते हैं कि बचत को प्राथमिकता देना ज़रूरी है. वे कहते हैं—“मैं खर्च तब करूंगा जब बचत हो जाए”, न कि “जो बचा, उसे बचा लूंगा.” यह सोच का बदलाव है. जैसे हेल्दी डाइट या एक्सरसाइज़ की आदत, शुरुआत में मुश्किल लगती है लेकिन समय के साथ आसान हो जाती है. बचत और निवेश को भी भविष्य की तैयारी की तरह देखें। बचत खुशहाल जिंदगी की पहली सीढ़ी है। चक्रवृद्धि ब्याज – समय और अनुशासन का जादू जो लोग जल्दी शुरुआत करते हैं, वही असली फायदे पाते हैं. अगर आप 25 साल की उम्र में ₹5,000 महीने का निवेश शुरू करें और सालाना 10% रिटर्न पाएं, तो 50 की उम्र तक ₹60 लाख से ज़्यादा का फंड बन सकता है।यह जादू नहीं है। बल्कि समझदारी से किए हुए निवेश का परिणाम हैं। यह समय, अनुशासन और समझदारी का खेल है।बहुत से लोग बहुत ज़्यादा सुरक्षित रहने की गलती करते हैं। वे जोखिम को समझे बिना उससे बचते हैं।नतीजा—60-70% संपत्ति सोना, एफडी या रियल एस्टेट जैसी “सुरक्षित” चीजों में फंसे रहती है, जो शायद ही कभी लंबी अवधि की संपत्ति बना पाते हैं. वास्तविकता यह है—जोखिम से पूरी तरह बचना भी एक बड़ा जोखिम है। धंधे का एक उसूल है कि रिस्क लेनी पड़ती है कभी-कभी। स्मार्ट निवेश का मतलब सबसे ज़्यादा रिटर्न पाना नहीं, बल्कि जोखिम को मैनेज करना होता है। एक साक्षर निवेशक बाज़ार की उतार-चढ़ाव को डर नहीं, बल्कि मौका मानता है। क्यों..? क्योंकि वो जानता है—जोखिम बाजार से नहीं, अज्ञानता से आता है। जब आप जानबूझकर और रणनीति के साथ निवेश करते हैं, तो अस्थिरता डर नहीं, अवसर बन जाती है. चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) में धीरज रखने का लाभ मिलता है. लेकिन इसके लिए समय और इच्छाशक्ति की जरूरत होती है, खासकर तब जब आपके आस-पास के सभी लोग ताजे वित्तीय संकट को लेकर घबराए हुए हैं. ध्यान केंद्रित रखें, धैर्य रखें और अपने पैसे को बढ़ते हुए देखें. सबसे बड़ा जोखिम कोई जोखिम न लेना है लोगों द्वारा की जाने वाली सबसे महंगी गलतियों में से एक है बहुत ज़्यादा सुरक्षित रहना. चूंकि उन्हें इस बात की पूरी समझ नहीं होती कि पैसा कैसे काम करता है, इसलिए वे जोखिम से पूरी तरह बचते हैं. यही कारण है कि ज़्यादातर भारतीय परिवार अपनी 60-70% संपत्ति सोने, रियल एस्टेट या FD में लगाते हैं, जो “सुरक्षित” विकल्प हैं, लेकिन वे शायद ही कभी सार्थक दीर्घकालिक संपत्ति बनाते हैं. जोखिम से पूरी तरह बचना ही अपने आप में एक बड़ा जोखिम वित्तीय साक्षरता आपको जोखिम को समझने में मदद करती है, उससे बचने में नहीं. यह आपको सिखाती है कि स्मार्ट निवेश का मतलब सबसे ज़्यादा रिटर्न पाना नहीं बल्कि जोखिम को मैनेज करना है. ज़्यादातर लोगों को लगता है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव सबसे बड़ा जोखिम है और बाज़ार में उतार-चढ़ाव उन्हें डराता है. हालांकि, वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति इस उतार-चढ़ाव को एक अवसर के रूप में देखता है, न कि खतरे के रूप में. इसकी वजह यह है कि वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति यह जानता है कि जोखिम बाज़ार से नहीं आता. यह इस बात से आता है कि आप यह नहीं जानते कि आप क्या कर रहे हैं. जब आप अपने निवेश और अपनी संपत्ति के वास्तविक मूल्य को समझते हैं, तो आपको बाजार की वोलैटिलिटी से डरने की ज़रूरत नहीं होती. आप सही रणनीति के साथ उसका सामना करते हैं. ऋण – सहायक या जाल? फर्क जानिए एक वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति जानता है कि अच्छे कर्ज (जैसे घर का लोन, बिजनेस इन्वेस्टमेंट) और बुरे कर्ज (जैसे गैरज़रूरी चीजों के लिए उधार) में क्या अंतर है. वे खुद से पूछते हैं: क्या यह कर्ज मेरी संपत्ति बढ़ा रहा है? क्या यह उधार ज़रूरत है या सिर्फ़ तात्कालिक इच्छा? इस EMI की असली लागत क्या है? कर्ज दुश्मन नहीं है—उसके बारे में अनजाना होना असली खतरा है. वित्तीय साक्षरता विलासिता नहीं, जीवन कौशल है पैसे की समझ कोई लक्ज़री नहीं है—यह ज़रूरी स्किल है. आपको कोई फाइनेंशियल गुरु बनने की ज़रूरत नहीं, बस बुनियादी बातें जानिए, लगातार सीखते रहिए और जानकारी के आधार पर फैसले लीजिए. एक बार जब आप पैसों को समझने लगते हैं, तो आप उसका पीछा करना बंद कर देते हैं और एक ऐसा जीवन बनाते हैं जहां पैसा आपकी सेवा करता है, न कि आप उसकी. याद रखें – “बात अमीर बनने की नहीं है, आर्थिक रूप से आज़ाद बनने की है.” (लेखक ‘Equentis Wealth Advisory Services’ के फाउंडर और एमडी हैं. आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं. YourStory का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है.) यह भी पढ़ें भविष्य के लिए निश्चित आय: बॉन्ड्स कैसे आपकी रिटायरमेंट को सुरक्षित कर सकते हैं।
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Kedar Lal
Kedar Lalhttps://arthikfunda.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय एवं वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय कोटा से बीए, एमए, बीएड, एमबीए एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (blogger ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( wordpress मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है।
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