दोस्तों नमस्कार। आर्थिक फंडा ब्लॉग में आप सभी पाठकों का स्वागत है। डोनाल्ड ट्रंप का यह दूसरा कार्यकाल है। उनके बारे में कहा जाता है कि डोनाल्ड एक व्यापारी है और वह जिस देश के साथ भी जाते हैं या अपने संबंध बनाते हैं तो सिर्फ व्यापारों को प्राथमिकता में रखते हैं। दूसरी तरफ यह भी माना जाता है कि डोनाल्ड टर्मफ मूड़ी इंसान हैं। वह कभी भी, अचानक, चौंकाने वाली फैसला ले लेते हैं। हाल ही में शुरू हुआ डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ बार अभी भी बदल तो जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया फैसला किया है और स्टील तथा एल्यूमिनियम पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है।
ट्रामफ़ का ट्रेड वार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर तारीफ को 25% से दोगुना कर 50% तक कर दिया है यह बढ़ोतरी बुधवार से ही लागू हो गई है ट्रंप ने यह कदम घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने की कोशिशें के तहत उठाया है मार्च के बाद से ही इस मेटल पर यह दूसरी तारीफ बढ़ोतरी है जो ऑटोमोबाइल से लेकर डिब्बा बंद सामान तक की इंडस्ट्री के इनपुट कॉस्ट को बढ़ा देगी
क्या असर होगा दुनिया पर
यह धातुएं निर्माण उद्योग से मुख्य रूप से जुड़ी हुई है इसीलिए इस फैसले का निर्माण क्षेत्र पर असर हो सकता है और यहां महंगाई देखी जा सकती है। यूरोप में इसका मिला-जुला असर होगा कुछ देशों को सस्ते आयात का फायदा मिलेगा क्योंकि अमेरिका में स्टील महंगी हो जाने से ग्लोबल स्टील का रोग यूरोप की ओर हो सकता है। हालांकि ब्रिटेन से स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर टैरिफ मौजूद 25% के स्तर पर ही रहेगा जिससे दोनों देशों को 9 जुलाई की समय सीमा तक नई लवी का कोटा अंतिम रूप से देने के लिए समय मिल जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील और एल्यूमीनियम पर तेरे 50 फ़ीसदी करने से विदेशी उत्पादकों पर असर पड़ेगा
इसी अमेरिका की दूसरे व्यापारिक साझेदार भी जवाबी कदम उठा सकते हैं। चीन के साथ इस तरह का वाक्य हो भी चुका है अमेरिका का। इसे अमेरिका के निर्माता और उपभोक्ताओं पर भी लागत का बोझ बढ़ेगा वैश्विक व्यापार तनाव फिर से उभर रहा है। कंपनी प्रारंभ में दुनिया के अधिकतर देशों पर टैरिफ लगाया। उसके बाद कुछ क्षेत्रों में उन्होंने अचानक रिया यह देना शुरू कर दिया उसके बाद अब फिर से अचानक स्टील और एल्यूमीनियम पर अत्यधिक टैरिफ लगाकर अमेरिका ने एक बार फिर से ट्रेड वॉर को नया रूप दे दिया है।
किन देशों पर पड़ेगा अधिक असर
जर्मनी इटली स्वीडन और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों की स्टील कंपनियों को इस तरफ से बड़ा झटका लगेगा
कनाडा मैक्सिको ब्राजील और साउथ कोरिया जैसे देसी देश की स्टील निर्यातकों की लागत बढ़ेंगे
भारत पर भी होगा असर
यूरोप और चीन के मुकाबले भारत पर कम असर होगा क्योंकि देश से अमेरिका को कम स्टील का निर्यात होता है भारत ने 2024 25 में जो कि अभी का ताजा ताजा आंकड़ा है अमेरिका को गरीब पांच अरब डॉलर की स्टील और एल्यूमीनियम तथा इसे बने उत्पादों का निर्यात किया टैरिफ बढ़ने से भारतीय निर्यातकों को दो अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है साथ ही चीन से डंपिंग बढ़ाने का भी खतरा है
ट्रंप के फैसले से यूरोपीय यूनियन भी नाराज
यूरोपीय यूनियन ट्रंप की इस नीति से बेहद नाराज है 27 यूरोपीय देशों के इस संगठन ने कहा है कि यह टैरिफ नीति चल रही ट्रेड डील बातचीत को नुकसान पहुंचती है यूरोपीय यूनियन ने प्रतिशोधनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है जो 14 जुलाई से लागू की जा सकती है।



