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गोल्ड-सिल्वर लोन से जुड़े 8 नियम बदले, 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे

आरबीआई ने पिछले हफ्ते एलटीवी रेशों बढ़ाने सहित गोल्ड लोन से जुड़े आठ नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों का मकसद है कि लोगों को आसानी से लोन मिले और बैंक एनबीएफसी पारदर्शी तरीके से काम करें। आरबीआई के संशोधित नियम सभी वाणिज्यिक बैंकों एनबीएफसी सहकारी बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर लागू होंगे। इन नए नियमों से सबसे बड़ा फायदा यह होने वाला है की कागजी कार्रवाई कम होगी और अगर लोन चुका दिया तो सोना भी जल्दी वापस मिलेगा यह नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। दोस्तों, arthikfunda.com (आर्थिक फंडा ब्लॉग ) कि आज की एक और बेहतरीन पोस्ट में आइये जानते हैं उन 8 महत्वपूर्ण नियमों को नियमों को जो हाल ही में आरबीआई ने बदले हैं और गोल्ड सिल्वर लोन से जुड़े हुए हैं। यह बदलाव हम सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि गोल्ड और सिल्वर ऐसी वस्तुएं हैं जो हमारे दैनिक जीवन में को प्रभावित करती हैं।

बदले हुए आठ नियम..ये रहे :

आज की पोस्ट में ( टेबल ऑफ कंटेंट )

  1. एलटीवी रेशों।
  2. क्रेडिट चेक।
  3. बुलेट रीपेमेंट।
  4. सोना चांदी गिरवी रखने की लिमिट।
  5. मुआवजा।
  6. चोरी होने पर।
  7. नीलामी।
  8. सरल भाषा।
  9. नए नियमों से कर्ज दाता को मिलेगा फायदा।
  10. संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।

1. एलटीवी रेशों :

आरबीआई ने ढाई लाख रुपए से कम के होम लोन का एलटीवी रेशों 75% परसेंट से बढ़ाकर 85% कर दिया है। इससे ग्राहक को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वह सोने के प्राइस का 85% तक लोन ले सकता है। इससे पहले ऐसा नहीं था आरबीआई ने यह एक बड़ा बदलाव किया है। अर्थात अब आप ₹100000 के सोने पर 85000 तक का लोन ले सकते हैं।

जानें..क्या होता है एलटीवी रेशों..?

एलटीवी अनुपात (Loan to Value Ratio – LTV) का अर्थ है आपके द्वारा उधार ली गई राशि (लोन) और उस संपत्ति के मूल्य का अनुपात जिस पर आपने लोन लिया है। यह अनुपात बैंक या वित्तीय संस्थान को तय करने में मदद करता है कि वे आपको कितनी राशि उधार दे सकते हैं और इससे वे कितना जोखिम उठा सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप ₹1 करोड़ की संपत्ति खरीदने के लिए लोन लेते हैं और बैंक का LTV अनुपात 70% है, तो बैंक आपको अधिकतम ₹70 लाख तक लोन दे सकता है.

2. क्रेडिट चेक :

नए नियमों के मुताबिक ढाई लाख रुपए तक लोन के लिए इनकम प्रूफ नहीं मांगा जाएगा और क्रेडिट स्कोर चेक नहीं होगा। इससे पहले लोन देते वक्त इनकम प्रूफ मांगा जाता था और क्रेडिट स्कोर भी चेक किया जाता था कि जरूरतमंद ग्राहकों को इस कारण बड़ी परेशानी होती थी। अपनी इनकम प्रूफ नहीं कर पाने के कारण जरूरतमंद होते हुए भी उन्हें लोन नहीं मिल पाता था। लेकिन अब इनकम प्रूफ और क्रेडिट स्कोर दोनों की अनिवार्यता समाप्त होने से कम आय वाले लोगों को भी आसानी से गोल्ड सिल्वर लोन मिल सकेगा। आरबीआई ने यह दूसरा बड़ा बदलाव किया है।

3. बुलेट रीपेमेंट :

बुलेट रीपेमेंट से तात्पर्य है कि इसके तहत मूलधन और ब्याज अंत में एक साथ चुकाना पड़ता है, इस सिस्टम को बुलेट रीपेमेंट कहा जाता है। जो ग्राहक बुलेट रीपेमेंट लोन लेते हैं उनके लिए इसे चुकाने की समय सीमा तय की गई है। अब बुलेट रीपेमेंट को 12 महीना में चुकाना अनिवार्य होगा। यह आरबीआई द्वारा गोल्ड-सिल्वर लोन में किया गया तीसरा बड़ा बदलाव है।

4. सोना चांदी गिरवी रखने की लिमिट :

पदार्थ अधिकतम सीमा

1. सोने के गहने – 1 kg

2. सोने के सिक्के – 50 ग्राम

3. चांदी के गहने – 10 kg

4. चांदी के सिक्के – 500 gram

5. मुआवजा :

लोन बंद करने के बाद सोना या चांदी उसी दिन या अधिकतम साथ वर्किंग डेज में लौटना जरूरी होगा अगर देर होती है तो बैंक को हर दिन के लिए ग्राहक को ₹5000 मुआवजा देना होगा यह एक बड़ा बदलाव किया गया है जो ध्यान रखने योग्य है।

6. चोरी होने पर :

अगर गिरवी रखा गया सोना या चांदी बैंक की गलती से चोरी हो जाते हैं या गुम हो जाते हैं या खराब हो जाते हैं तो ग्राहक को पूरा मुआवजा दिया जाएगा यह आरबीआई द्वारा किया गया छठा बदलाव है।

7. नीलामी :

अगर ग्राहक लोन नहीं चुका पाता और बैंक सोने की नीलामी करता है तो नीलामी से पहले नोटिस देना होगा। ग्राहक को सूचित किया जाएगा की लोन नहीं चुकाने के कारण आपका सोना या चांदी नीलाम किया जा रहा है। रिजर्व प्राइस मार्केट प्राइस के 90% से कम नहीं होगा। बैंक नीलामी में बचा अमाउंट ग्राहक को 7 दिन में लौट आएगा।

8. सरल भाषा :

दोस्तों लोन लेते वक्त कई बार अंग्रेजी भाषा और बैंकिंग सेक्टर की कठिन भाषा का इस्तेमाल किया जाता था जो सामान्य ग्राहक समझने में सक्षम नहीं होता था। परंतु अब लोन की शर्तें और वैल्यूएशन की समस्त जानकारी ग्राहक को स्थानीय भाषा में दी जाएगी। अगर ग्राहक पढ़ना लिखना नहीं जानता है तो एक गवाह की उपस्थिति में जानकारी दी जाएगी जो इन बातों को अच्छी तरह से समझ सकता हो। यह अनपढ़ ग्राहकों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जाएगा, क्योंकि लोन लेते समय उनसे सबसे बड़ी समस्या नियम, कानून और वैल्यूएशन को समझने में होती थी। वह बैंकिंग सेक्टर की कठिन भाषा को समझ नहीं पाते थे।

ध्यान देने योग्य बात :

आरबीआई ने नई संशोधित गाइडलाइंस में साफ कर दिया है कि ग्राहकों को गोल्ड बुलियन, गोल्ड बार, गोल्ड म्युचुअल फंड होल्डिंग, और गोल्ड सिल्वर ईटीएफ पर लोन नहीं मिलेगा। ग्राहकों को गोल्ड सिल्वर लोन केवल सोने चांदी के गहने और सिक्कों पर ही मिल सकेगा यह ध्यान देने योग्य बात है।

8. निष्कर्ष :

हम सभी को, चाहे गरीब हो या अमीर, चाहे व्यापारी हो या नौकरी पेशा कभी ना कभी किसी न किसी रूप में पैसों की आवश्यकता पड़ती रहती है लोन हमारे रुके हुई कामों को पूर्ण करने में सहायता प्रदान करता है। अधिकांश व्यक्ति जीवन में कभी ना कभी लोन लेते भी हैं। मेरा मानना है कि लोन लेने की प्रक्रिया सरल और ग्राहकों के लिए उपयोगी होनी चाहिए। इससे ने केवल ग्राहकों को बल्कि बैंकों को भी लाभ पहुंचता है।

मैंने रिसर्च करने के बाद यह महसूस किया है कि हाल ही में आरबीआई द्वारा किए गए यह आठ बड़े बदलाव जो गोल्ड सिल्वर लोन से जुड़े हुए हैं काफी महत्व पूर्ण भी हैं और ग्राहकों के लिए फायदेमंद भी हैं। Arthikfunda.com ब्लॉग बैबसाइट का चीफ एडिटर होने के नाते में इन बदलाव का स्वागत करता हूं, और आरबीआई को धन्यवाद प्रेषित करता हूं।

9. नए नियमों से कर्ज डाटा को मिलेगा फायदा :

भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशा निर्देश “गोल्ड लोन” क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाले हैं… जिन रन दाताओं के पास अपने बिजनेस मॉडल को तेजी से बदलने की क्षमता होगी वह इन नए नियमों से लाभान्वित होंगे। यह बात मैंने पहले भी बताई थी और एस&पी ग्लोबल रेटिंग की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है। इस रिपोर्ट का मानना है कि रन दाताओं के पास गोल्ड समर्थित उपभोग रेनू के लिए कम अवधि के ऋण देने की अधिक स्वतंत्रता होगी जिससे छोटे उद्धार करता अपनी गिरवी रखी गई सोने की संपत्तियों से अधिक मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। रन दाताओं के पास बदलाव के लिए तैयार होने के लिए 1 अप्रैल 2026 का समय है। इस बदलाव से कम से कम मध्यम आय वाले उधर कर्ताओं को लाभ होगा। रिपोर्ट में आए उत्पादक ऋणों में वृद्धि की भी उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार भले ही ऋण दाता नए मॉडलों के साथ प्रयोग कर रहे हो लेकिन वास्तविक अंतर यह रहेगा कि वह रन को शीघ्रता से और निर्वाण रूप से वितरित करने में सक्षम होंगे।

रिपोर्ट में नए नियमों की दो तत्वों को लेकर जानकारी दी गई है पहला लोन टू वैल्यू (एलटीवी) रिशु की गणना में मैच्योरिटी तक ब्याज भुगतान को शामिल करना। यह प्रभावी रूप से वितरित किए जाने वाले अग्रिम राशि ऋण को सीमित कर सकता है जैसे ऋण दाता दूर करने का प्रयास करेंगे। दूसरा $3000 से अधिक के उपभोग केंद्रित ऋणों और सभी आए उत्पादक ऋणों के लिए उधर करता हूं के नगदी प्रभाव विश्लेषण के आधार पर रन मूल्यांकन अनुप्रयोग।

10. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर ( Q & A )

Question 1. एलटीवी रेशों क्या होता है..?

उत्तर – एलटीवी अनुपात (Loan to Value Ratio – LTV) का अर्थ है आपके द्वारा उधार ली गई राशि (लोन) और उस संपत्ति के मूल्य का अनुपात जिस पर आपने लोन लिया है। यह अनुपात बैंक या वित्तीय संस्थान को तय करने में मदद करता है कि वे आपको कितनी राशि उधार दे सकते हैं और इससे वे कितना जोखिम उठा सकते हैं. 

उदाहरण के लिए, अगर आप ₹1 करोड़ की संपत्ति खरीदने के लिए लोन लेते हैं और बैंक का LTV अनुपात 70% है, तो बैंक आपको अधिकतम ₹70 लाख तक लोन दे सकता है. 

क्वेश्चन 2. आरबीआई द्वारा बदले गए गोल्ड नियम कब से लागू होंगे.?

उत्तर – हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने गोल्ड लोन से संबंधित नई दिशा निर्देश और नियम लागू किए हैं यह सभी नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

आर्थिक फंडा ब्लॉग ( arthikfunda.com)

चीफ एडिटर – kedar Lal

Kedar Lal
Kedar Lalhttps://arthikfunda.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय एवं वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय कोटा से बीए, एमए, बीएड, एमबीए एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (blogger ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( wordpress मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है।
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