शनिवार, जनवरी 10, 2026
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आर्थिक योजना रखें राइट, तो फ्यूचर होगा ब्राइट।

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आज का युग आर्थिक युग है। अर्थात जमाना पैसे का है। भली हमारी जिंदगी में बाकी चीजों का भी बहुत महत्व है लेकिन पैसा सबसे महत्वपूर्ण चीज बन चुका है। एक कहावत है कि ” पैसा भगवान तो नहीं लेकिन भगवान से कम भी नहीं है।” ठीक एक ऐसी ही देसी कहावत और है कि “बाप बढ़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया।” यह कहावतें आधुनिक जमाने में पैसे के महत्व को इंगित करती हैं। लेकिन अब हम सबके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन से काम है, जिन्हें करके हम अपनी आर्थिक स्थिति को राइट और अपने फ्यूचर को ब्राइट कर सकते हैं.?

आप अपने नए वित्त वर्ष की शुरुआत में, अगर कुछ अच्छी फाइनेंशियल हैबिट्स डालने और निश्चय कर ले तो आपके लिए फायदेमंद होगा। क्योंकि आज के जमाने में “फाइनेंस फिट है तो लाइफ हिट है।”

तो दोस्तों, आप निश्चिंत रहिए आज की आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) की इस बेहतरीन पोस्ट में मैं आपको बताने वाला हूं कि कैसे आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को राइट रखें, और अपने फ्यूचर को ब्राइट करें। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है बल्कि मैं आपके छोटे-छोटे फाइनेंशियल टिप्स दे रहा हूं इन्हें अपना कर आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग और सिचुएशन को स्ट्रांग कर सकते हैं। तो आईए जानते हैं वह कौन-कौन से उपाय हैं, जिन्हें अपना कर हम अपने फाइनेंशियल फ्यूचर को ब्राइट रख सकते हैं।

आज की पोस्ट में

  1. भविष्य को ध्यान में रखें।
  2. अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को लिखें।
  3. रिकरिंग डिपॉजिट शुरू करें।
  4. सोच समझ कर लोन ले
  5. बड़े खर्च सोच समझ कर करें।
  6. प्रॉपर्टी बनाने पर विचार करें।
  7. फाइनेंशियल स्किल्स और नॉलेज अपडेट करें।
  8. फालतू खर्च बंद करें।
  9. आय के नए स्रोत बनाएं।
  10. इन बातों पर भी ध्यान दें।
  11. निष्कर्ष।
  12. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।

1. भविष्य को ध्यान में रखें :

याद रखें युवावस्था में आपकी भीतर जो जूस ऊर्जा और मेहनत करने की क्षमता है, इस उम्र में आपके दिमाग की जो सक्रियता और मुस्तादी है वह प्रौढ़ अवस्था और वृद्ध अवस्था में नहीं रहेगी। कमाई भी हमेशा एक जैसी नहीं रहती इसलिए जब आप अच्छी कमाई कर रही हो तो सारा पैसा मौज मस्ती या कथित तौर पर स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग को हाय करने में ही ने उड़ा दे बल्कि अपने आधे वक्त के लिए या रिटायरमेंट के बाद की लाइफ के लिए संचय और निवेश भी करें। इसके लिए हर महीने कमाई का कुछ निश्चित हिस्सा अवश्य बचाये।

2. अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को लिखें :

निकट भविष्य में या दीर्घ अवधि में आपको कौन-कौन सी जिम्मेदारियां पूरी करनी है, क्या चल अचल संपत्ति खरीदनी है, बच्चों की शिक्षा, उनका विवाह, उनके मेडिसिन आदि से संबंधित अनुमानित खर्च कितना आ सकता है इन सारी चीजों को अपनी एक डायरी में लिखकर रखें। अपने फाइनेंशियल लक्ष्य हमेशा नजरों के सामने रहेंगे तो बेहतर रहेगा। इस विवरण को नियमित अंतराल पर देखते रहें, ताकि स्मरण रहे और भूल नहीं। लक्ष को प्राप्त करने के लिए बचत करने फिजूल खर्ची रोकने और ज्यादा कमाई करने की प्रेरणा और ऊर्जा प्राप्त होती है।

आर्थिक फंडा ब्लॉग — निवेश की आजादी

3. रिकरिंग डिपॉजिट शुरू करें :

सबसे पहले आप यह समझे की रिकरिंग डिपॉजिट क्या होता है..?

रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक बचत योजना है जिसमें आपको हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है और यह जमा राशि निश्चित अवधि के लिए होती है. यह फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का एक विकल्प है, जिसमें एक बार में एकमुश्त राशि जमा करनी होती है. आरडी में जमा राशि पर ब्याज भी मिलता है, जो आमतौर पर FD के समान ही होता है।

मेरा सुझाव है कि आप रिंग डिपॉजिट जरूर शुरू करें। आपके दीर्घ अवधि की रैकिंग डिपॉजिट बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुला लेनी चाहिए। इससे आप हर महीने एक खास रकम इकट्ठा करते रहेंगे जिसकी वैधता रहेगी। साथी आज मौजूद ब्याज दर पर लंबे समय के लिए पैसा जमा करेंगे तो आगे चलकर ब्याज कम होने का नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा आप चाहे तो दीर्घ अवधि की फिक्स डिपाजिट भी करवा सकते हैं। इसे हर महीने आपकी बचत होती रहेगी।

4. सोच समझ कर लोन ले :

किसी फर्जी या ठगी करने वाले फाइनेंस कंपनी की लुभानी बातों में जाकर वहां से लोन लेना आपको भारी पड़ सकता है। मार्केट में सैकड़ो कंपनियां लोन देती हैं। कम ब्याज, लोक लुभावन वादे, तुरंत पैसा आदि के झूठे वादे करके ग्राहकों को फंसा लिया जाता है। लोन लेने के बाद कुछ महीना या कुछ वर्ष के बाद पता चलता है कि हम फंस चुके हैं गलत जगह पर। लोन हमेशा ब्याज की दर मालूम करके ठोक बजाकर बारगेन और दूसरी जगह से तुलना करके ही लें अच्छी तरह सोच समझ ले कि आप जो रकम लोन ले रहे हैं उसे चुके समय वास्तविक ब्याज कितना देना पड़ रहा है। बैंक या प्रतिष्ठित गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था से ही लोन ले यह भारत सरकार और रिजर्व बैंक के प्रति जवाब दे होते हैं, और फर्जी वाड़े की तथा ठगी की संभावना कम होती है।

5. बड़ा खर्च सोच समझकर करें :

कभी भी किसी के प्रभाव में आकर, किसी से बराबरी करने के लिए, दूसरों के सामने बड़ा बनने के लिए और अपनी अमीरी का प्रदर्शन करने के लिए पैसे नहीं उड़ाये। आजकल पड़ोसियों और दूसरों की देखा देखी करने की होड़ है, जैसे पड़ोसी के पास फोर व्हीलर है तो हमें भी फोर व्हीलर ले है चाहे उसकी आवश्यकता ही नहीं हो। इसीलिए मेरा मानना है कि अचानक कोई महंगा गैजेट कर बाइक या अन्य लग्जरी आइटम खरीदने का विचार मन में आए तो तुरंत फैसला ने लेकर इस निर्णय को हफ्ते दो हफ्ते के लिए डिले करें। और इस बीच कई बार इस बात पर विचार करें कि जो चीज आप खरीदने वाले हैं क्या वाकई में आपको उसकी जरूरत है..? या उसके बिना भी आपका काम चल सकता है। इस बात की बहुत संभावना है कि अगर यह है खरीददारी आपके लिए गैर जरूरी है तो ऐसी प्रक्रिया अपनाने से आपका विचार बदल जाए और आप अनावश्यक खर्चे से बच सकते हैं।

6. प्रॉपर्टी बनाने पर विचार करें :

कमाया, खाया पिया और उदय यह सोच बुढ़ापे में बहुत तकलीफ दे साबित होती है। बच्चे बड़े होकर दूर हो जाते हैं। बुढ़ापे में कमाई के स्रोत कम या खत्म होने लगते हैं। एक उम्र के बाद तन और मन में नाव ऊर्जा रहती है और ना ही चुस्ती और फुर्ती। इसीलिए समय रहते कुछ चल अचल संपत्ति का बंदोबस्त कर लेना चाहिए ताकि उसे आसानी हो सके। जैसे दुकान या मकान आदि खरीदना। छोटे काशन में भी बाजार में दुकान 15-20000 महीने का किराया दे देती है, इसी तरह शहर या किसी कस्बे में खरीदा गया मकान आपको हर महीने किराया देता रहता है साथ ही प्रॉपर्टी की कीमत भी बढ़ती रहती है। इसके अतिरिक्त आप अच्छी कंपनियों के शेर ब्लू चिप कंपनियों के शेयर्स म्युचुअल फंड गोल्ड सिल्वर आदि में निवेश कर सकते हैं इससे आपके हाथ मजबूत होंगे।

7. फाइनेंशियल स्किल और ज्ञान को अपडेट करें :

वित्तीय जगत में बहुत तेजी से परिवर्तन होते हैं। सरकार की नीतियों जनसंख्या बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर कारोबार बदलते रहते हैं। कंपनियों की बैलेंस शीट सेवाओं और उत्पादों का ट्रेंड बदलता है रहता है। पैसा कमाते रहने के लिए आपको रेगुलर अखबार पढ़ना चाहिए बिज़नस न्यूज़ देखनी चाहिए टीवी चैनलों पर कारोबार से संबंधित खबरें देखनी चाहिए साथ ही व्यापार से जुड़े अनुभवी लोगों से बातचीत करते रहना चाहिए इससे आपका फाइनेंशियल नॉलेज अपडेट रहेगा। आपको आर्थिक गतिविधियों की जानकारी रहेगी। बदलती तकनीकी के अनुसार गैजेट्स एप्स सोशल मीडिया आदि ऑपरेट करना सीखें तकनीकी जानकारियां और कौशल हासिल करते रहें किसी भरोसेमंद और अनुभवी यूट्यूब पर को फॉलो कर सकते हैं और वित्तीय सलाहकारों से जानकारी ले सकते हैं साथ ही साथ वित्तीय जानकारी देने वाली अच्छी किताबें भी पड़े।

8. फालतू खर्च बंद करें :

अगर आपने कुछ नियमित फालतू खर्च बंद रखे हैं तो उन्हें तुरंत बंद कर दें चाहे वह अनाप-शनाप संख्या में क्रेडिट कार्ड की फीस के रूप में हो ओटीपी प्लेटफार्म सॉन्ग क्लाउड स्टोरेज की मेंबरशिप हो या विभिन्न क्लबोन की वार्षिक फीस हो बाहर ज्यादा खाने की आदत हो ब्रांडों के प्रति दीवानगी हो तो इसे तौबा करें एक-एक बचाया हुआ रुपया कमाए हुए रुपए के समान माना जाता है। पैसों की बर्बादी अपनी जिंदगी और भविष्य की बर्बादी है इसलिए फालतू खर्च अगर आपके द्वारा हो रहे हो तो उन्हें तुरंत बंद कर दें। यह भी आपकी एक बचत होगी।

9. आय के नए स्रोत बनाएं :

आपको अपनी आय के स्रोत एक से ज्यादा रखना चाहिए रेगुलर बिजनेस इनकम या सैलानी के अलावा कुछ फिक्स इनकम आ सके इसलिए किसी पार्ट टाइम जॉब फ्रीलांस राइटिंग कोचिंग यूट्यूब चैनल ब्लॉगिंग आदि पर विचार करना चाहिए। इनमें से किसी एक काम में अगर आपकी रुचि हो तो आप नियमित रूप से दो-तीन घंटे का समय निकालकर इन्हें कर सकते हैं और एक निश्चित अमाउंट आप नियमित इनकम के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इससे आपको अचानक आए हुए आर्थिक संकटों के समय परेशान नहीं होना पड़ेगा साथ ही आप एक्टिव और एनर्जेटिक भी रहेंगे

10. इन बातों पर भी ध्यान दे :

1. अगर आपके पास एक से ज्यादा बचत खाते हैं तो उनकी उपयोगिता पर विचार करें और उन बेकार खातों को बंद करवा दे।

2. क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड की स्कोर को चेक करते रहें और जरूरी होने पर ही इनके इस्तेमाल करें। इनका दुरुपयोग हानिकारक होता है, आपको आर्थिक रूप से क्षति पहुंचा सकता है।

3. हमेशा अपने आए और खर्च का हिसाब एक डायरी में रखें। पैसों का हिसाब रखना एक अच्छी फाइनेंशियल हैबिट है। आप खर्च जैसे – किसे उधार दिया, किस से उधार लिया, घरेलू खर्च में कितना पैसा गया, दूध पेट्रोल सब्जी फीस दवाइयां हर खर्च को रोज रात को अपनी डायरी में लिखें इससे आपकी याददाश्त बनी रहेगी।

4. अपनी एचडी रिकरिंग डिपॉजिट म्युचुअल फंड इक्विटी आदि को एक नोटबुक में दर्ज करके रखें।

5. अपने घरेलू बिल जैसे बिजली पानी का बिल टेलीफोन का बिल आदि को समय पर जमा कारण क्योंकि डेट निकलने के बाद बेवजह पेनल्टी देनी पड़ती है।

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :

Question 1. अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को कैसे ब्राइट रखें..?

उत्तर – अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को ब्राइट रखने के लिए, सबसे पहले एक बजट बनाएं और उसका पालन करें, अपनी बचत और निवेश को व्यवस्थित करें, और वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना बनाएं। इसके अलावा, अपनी वित्तीय स्थिति को समय-समय पर जांचें और आवश्यकतानुसार समायोजन करें।

विस्तार से:

वित्तीय योजनाकार:यदि आप वित्तीय योजना बनाने में संघर्ष कर रहे हैं, तो एक वित्तीय योजनाकार से परामर्श लें. 

बजट बनाना और उसका पालन करना:अपने आय और व्यय को ट्रैक करें और एक बजट बनाएं। यह आपके खर्चों को नियंत्रित करने और भविष्य के लिए बचत करने में मदद करता है. 

बचत और निवेश:अपनी आय का कुछ हिस्सा बचत और निवेश के लिए अलग रखें। निवेश के लिए, विभिन्न प्रकार के निवेश विकल्पों पर विचार करें, जैसे कि शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड. 

वित्तीय लक्ष्य बनाना:अपने वित्तीय लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें, जैसे कि घर खरीदना, कॉलेज जाना, या जल्द रिटायरमेंट। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक योजना बनाएं और समय-समय पर उसकी समीक्षा करें. 

वित्तीय स्थिति की समीक्षा:अपनी वित्तीय स्थिति को समय-समय पर जांचें और अपनी प्रगति को ट्रैक करें। यदि आप अपने लक्ष्यों से पीछे रह रहे हैं, तो अपनी योजना में बदलाव करें. 

विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विचार करना:अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विचार करें, जैसे कि ऋण, बीमा, और वित्तीय योजनाकार. 

आपातकालीन निधि:अप्रत्याशित खर्चों के लिए एक आपातकालीन निधि बनाएं. 

कर योजना:करों का प्रबंधन करें और अपने निवेश को अधिकतम करें. 

वित्तीय साक्षरता:अपने वित्तीय ज्ञान को बढ़ाएं और वित्तीय निर्णयों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त करें. 

Kedar Lal
Kedar Lalhttps://arthikfunda.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय एवं वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय कोटा से बीए, एमए, बीएड, एमबीए एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (blogger ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( wordpress मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है।
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