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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने फ्रेंड्स द्वारा दिए गए नाम “कैप्टन कूल” को ट्रेडमार्क कर रहे हैं। ऐसे ही अपने और कई उदाहरण देखें होंगे। यह खबर सुनकर आपके और हमारे मन में कई सवाल उठाते हैं। जैसे कि —
ट्रेडमार्क क्या होता है..? ट्रेडमार्क क्यों कराते हैं..? ट्रेडमार्क कैसे करते हैं..? इसका क्या फायदा होता है..? आदि।
आईये सवाल-जवाबों के माध्यम से मैं ट्रेडमार्क की पूरी जानकारी आप तक पहुंचता हूं —
क्वेश्चन 1. ट्रेडमार्क क्या होता है..?
उत्तर — दोस्तों, ट्रेडमार्क कोई शब्द निशान या लोगों हो सकता है यह किसी ब्रांड की कानूनी पहचान होती है। जैसे एप्पल, नाइकी, जोकी, फोर्ड जैसे ब्रांड के लोगों आपने देखे होंगे, इन्हीं को ट्रेडमार्क कहा जाता है। यह कंपनी की पहचान होते हैं।

फोटो – इस फोटो में अमेरिका की प्रसिद्ध कंपनी फोर्ड का लोगो दिखाई दे रहा है। अब इसका इस्तेमाल केवल फूड कंपनी ही कर सकती है अन्य कोई नहीं।
क्वेश्चन 2. ट्रेडमार्क क्यों कराते हैं..?
उत्तर — ट्रेडमार्क के बाद उसे नाम या लोगों का अन्य कोई व्यक्ति या संस्था उपयोग नहीं कर सकता। वह आपकी एवं आपकी कंपनी के लिए रिजर्व कर दिया जाता है। जैसे – मैं अपना एक न्यूजपेपर निकलता हूं जिसका नाम है “ताजा खबर”। मैं इस शब्द में से ताज का अंग्रेजी अक्षर ‘T’ और खबर का अंग्रेजी अक्षर ‘K’ को मिलकर अपने अखबार का एक लोगों बना लिया। यह कुछ ऐसा है “TK”। अब यह लोगों मेरे अखबार ताजा खबर की पहचान बन गई है और मैं इस ट्रेड मार्क करवा लिया है। इसका मतलब इस शब्द का प्रयोग केवल में अपने अखबार के लिए ही कर सकता हूं। अन्य कोई अखबार या कोई संस्था तथा व्यक्ति इस ट्रेडमार्क का उपयोग नहीं कर सकता। और यदि वह ऐसा करता है तो यह कानूनी अपराध होगा।
क्वेश्चन 3. क्या मैं भी अपना नाम ट्रेडमार्क करा सकता हूं..?
उत्तर — हां, बिल्कुल..। अगर तुम्हारा नाम खास हो और किसी ब्रांड के तौर पर इस्तेमाल हो रहा हो तो उसका ट्रेडमार्क कराया जा सकता है जैसे धोनी, सचिन तेंदुलकर, रजनीकांत, जैसे नाम ब्रांड बन चुके हैं लेकिन राज विकास या पंकज जैसे आम नाम को ट्रेडमार्क करना मुश्किल होता है। क्योंकि वह बहुत लोगों के पास हो सकता है नाम यूनिक हो और उससे कोई कारोबार हो रहा हो तो वह ट्रेडमार्क कराया जा सकता है।
क्वेश्चन 4. ट्रेडमार्क कैसे कराते हैं..?
उत्तर — ट्रेडमार्क करने के लिए एक ऑनलाइन एप्लीकेशन भरनी होती है सरकार की वेबसाइट पर जाकर ट्रेडमार्क के लिए अप्लाई करना होता है।इसमें कुछ फीस लगती है। फिर कुछ समय के लिए वह नाम सार्वजनिक किया जाता है। ताकि लोगों की आपत्ति सामने आ सके। अगर आपत्ति नहीं आई तो ट्रेड मार्क आपका हो जाता है।
क्वेश्चन 5. धोनी को,या किसी कंपनियों को ट्रेडमार्क से क्या फायदा होता है..?
उत्तर – अगर कोई कंपनी “कैप्टन कूल” नाम से टी-शर्ट बाग या इन कोई सामान बचना चाहेगी तो पहले उसे धोनी से इजाजत लेनी होगी अगर कोई उनके नाम का गलत इस्तेमाल करेगा तो धोनी उन पर कैसे भी कर सकते हैं ट्रेडमार्क से उनका नाम ब्रांड बन जाता है और वह उससे कमाई भी कर सकते हैं।
क्वेश्चन 6. क्या ट्रेडमार्क एक तरह का पेटेंट ही होता है ना..?
उत्तर — नहीं..। पेटेंट तो तब दिया जाता है जब कोई नई चीज बनाई जाती है जैसे कोई दवा, मशीन, या टेक्नोलॉजी का आविष्कार होता है। इस वक्त इसका पेटेंट करा लिया जाता है। इसी तरह कोई रचनाकार जब गाने,फिल्म, कहानी, या चित्र रचता है तो वह उसका कॉपीराइट कर सकता है।



