भारत के विदेशी व्यापार की मुख्य बातें:
- निर्यात:भारत के मुख्य निर्यात में पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, दवाएं, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, और कृषि उत्पाद शामिल हैं.
- आयात:भारत के मुख्य आयात में पेट्रोलियम, कच्चा माल, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, और कीमती धातुएं शामिल हैं.
- व्यापार भागीदार:भारत के मुख्य व्यापारिक भागीदार चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, और सऊदी अरब हैं.
- व्यापार घाटा:भारत का व्यापार घाटा, यानी आयात और निर्यात के बीच का अंतर, 2024-25 में 94 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है Drishti IAS के अनुसार.
- सेवाओं में व्यापार:भारत सेवाओं के निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें आईटी, पर्यटन, और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं.
भारत सरकार के प्रयास:
भारत सरकार निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई उपाय कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- विदेश व्यापार नीति 2023-28:यह नीति निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापारिक अवसरों को बढ़ाने के लिए बनाई गई है.
- जिला-स्तरीय निर्यात केंद्र:सरकार जिलों में निर्यात क्षमता वाले उत्पादों की पहचान करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है.
- प्रधानमंत्री गति शक्ति:यह एक एकीकृत बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रम है जो व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करता है.
- मेक इन इंडिया:यह पहल भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात को बढ़ाने पर केंद्रित है.
वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका:
भारत वैश्विक व्यापार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। 2023 तक, भारत का निर्यात वैश्विक बाजार का 10.85% था, जो 2014 में 5.89% से अधिक था PIB के अनुसार. भारत सरकार का लक्ष्य 2027-28 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापारिक निर्यात का है.
निष्कर्ष:
भारत का विदेशी व्यापार एक गतिशील और महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ, भारत वैश्विक व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की राह पर है.
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
क्वेश्चन 1. भारत का सर्वाधिक विदेशी व्यापार किस देश के साथ होता है..?



