सोने के लिए 10 साल और चांदी के लिए 4 साल की सबसे खराब तिमाही।
जबकि आई और फाइनेंस तथा इस तरह की कुछ कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3.4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है
टेबल ऑफ़ कंटेंट
1. इंट्रोडक्शन.
देश की 500 सबसे मूल्यवान प्राइवेट कंपनियों का संयुक्त मार्केट केपीटलाइजेशन बाजार मूल्य बढ़ाकर 3.4 ट्रिलियन डॉलर अर्थात 321 लाख करोड रुपए के पास पहुंच गया है जो कनाडा की पूरी अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा है तथा इंडोनेशिया और स्पेन की संयुक्त जीडीपी के बराबर है एक्सिस बैंक और होरन इंडिया 500 रिपोर्ट के अनुसार भारत लिंक की तस्वीर तेजी से बदल रही है कभी वैल्यू क्रिएशन पर हावी रहने वाली आईटी कंपनियों की जगह अब दूरसंचार वित्तीय सेवाएं रक्षा एवं विभिन्न निर्माण नवीनीकरण ऊर्जा आई और यहां तक की आईपीएल फ्रेंचाइजी जैसे नए क्षेत्र ले रहे हैं
आईटी सेक्टर सबसे अधिक पूंजी गंवाने वाला क्षेत्र बना
टीसीएस इन्फोसिस और विप्रो ने पिछले 5 वर्षों में संयुक्त रूप से 8.5 लाख करोड रुपए का बाजार मूल गांव आया है इसके चलते आईटी क्षेत्र सबसे अधिक संपत्ति नष्ट करने वाला सेक्टर बन गया है। आईपीएल क्षेत्र की पांच नई कंपनियां / पांच फ्रेंचाइजी टीम में होरन इंडिया 500 सूची में शामिल हुई है इन पांच टीमों का संयुक्त मूल्य 86 हजार करोड रुपए से अधिक कहां का गया है। पूरन इंडिया 500 में शामिल कंपनियों में केवल 198 में कंपनियां ही अपने वैल्यूएशन में बढ़ोतरी दर्ज कर सकी है। रिपोर्ट के अनुसार निवेशक अब केवल बड़े गांव और भविष्य की मेरे टॉप पर नहीं बल्कि कंपनियों की वास्तविक वित्तीय मजबूती का महत्व दे रहे हैं
देश में आई योग शुरू
निवेशक अब इक्विटी पर प्रतिफल कैश फ्लो और मजबूत बैलेंस शीट को महत्व दे रहे हैं एक दशक पहले टीसीएस सबसे मूल्यवान कंपनी थी लेकिन अब यह पांचवें स्थान पर खिसक गई है वहीं इंफोसिस नवे स्थान पर पहुंच गई है जहां एक और पारंपरिक आईटी कंपनियां दबाव में है वही आई भारत में कारपोरेट जगत में अपनी जगह बना रही है देश मैं एक तरह से आई के युग की शुरुआत हो चुकी है
रिलायंस देश की सबसे बड़ी कंपनी
19.36 लाख करोड रुपए मार्केट कैप के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी है 11 पॉइंट 88 लाख करोड़ के साथ एचडीएफसी दूसरे और 11 पॉइंट 50 लाख करोड़ के साथ एयरटेल तीसरे नंबर पर है
छोटे शहरों से निकल रहे बड़े सितारे
भारत में संपत्ति और कारोबार सृजन का भूगोल तेजी से बदल रहा है आर्थिक विकास और उद्यमिता में छोटे और मध्यम शहर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं मुंबई अभी 141 स्टॉप कंपनियों के साथ देश की कॉर्पोरेट राजधानी बनी हुई है इसके बाद बेंगलुरु गुरुग्राम हैदराबाद और चेन्नई का स्थान है हालांकि इस बार राजकोट जयपुर बीकानेर कुंभकरण और राजनांदगांव जैसे छोटे शहरों की कंपनियां भी इस सूची में शामिल हुई है
AI और फाइनेंस: कैसे क्रिएटर्स बने दुनिया के बिजनेस1. AI ने क्रिएटर इकॉनमी को 10 गुना तेज बना दियाAI अब सिर्फ टेक कंपनियों का खेल नहीं रहा. ब्लॉगिंग, वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग से लेकर डिजाइन तक, हर काम AI टूल्स से मिनटों में हो रहा है. पहले एक यूट्यूब वीडियो बनाने में 3 दिन लगते थे: रिसर्च, स्क्रिप्ट, एडिटिंग, थंबनेल. आज ChatGPT से स्क्रिप्ट, DimeADozen जैसे AI टूल से बिजनेस प्लान, और Shopify के AI वेबसाइट बिल्डर से पूरा स्टोर 10 मिनट में बन जाता है. उदाहरण: सैल्वाटोर और मोनिका ने ChatGPT की मदद से ₹15 हजार में स्टार्टअप बनाया और 1.25 करोड़ में बेच दिया. यानी क्रिएटर + AI = इंस्टेंट बिजनेस. 2. फाइनेंस क्रिएटर्स बने ‘Finfluencers’, पर अब AI दे रहा टक्करइंस्टाग्राम-यूट्यूब पर फाइनेंस क्रिएटर्स ने लाखों लोगों को सिखाया कि पैसा कैसे मैनेज करें. Deepkumar Khinchi जैसे क्रिएटर्स Perplexity, Claude, TradingView जैसे AI टूल्स दिखाते हैं जो रिपोर्ट राइटिंग, स्टॉक स्क्रीनिंग ऑटोमेट कर देते हैं. पर अब सवाल उठ रहा है: “क्या Finfluencers AI की दुनिया में इर्रेलेवेंट हो जाएंगे?”. वजहें 5 हैं:1. इंसेंटिव: क्रिएटर को व्यूज से कमाई, AI को नहीं. 2. पर्सनलाइजेशन: AI आपकी सैलरी, रिस्क, उम्र के हिसाब से सलाह देगा. 3. स्पीड: मार्केट क्रैश में AI रियल-टाइम में बताएगा, रील बनने तक देर हो जाएगी. 4. कोर्स vs फ्री: ₹15,000 का कोर्स, जबकि AI फ्री में 1-on-1 सिखाएगा. 5. ट्रस्ट: पंप-एंड-डंप स्कैम्स से भरोसा टूटा है. 3. AI अब खुद ‘फाइनेंस बिजनेस’ बन गयाAI सिर्फ टूल नहीं, खुद रेवेन्यू मशीन है. बजाज फाइनेंस ने AI-एनालिटिक्स से 1,600 करोड़ कमाए और करोड़ों कॉल्स AI से एनालाइज कीं. स्टार्टअप Emergent AI ने लॉन्च के कुछ महीनों में $100 मिलियन का सालाना रेवेन्यू छू लिया . नया ट्रेंड: ChatGPT अब बैंक अकाउंट से कनेक्ट होकर बैलेंस, ट्रांजैक्शन पढ़ सकता है . SaveSage जैसे AI स्टार्टअप ने ₹8.4 करोड़ जुटाए और 2 लाख यूजर्स के 10 लाख क्रेडिट कार्ड मैनेज कर रहे हैं . यानी AI = पर्सनल CFO.4. क्रिएटर्स का नया बिजनेस मॉडल: AI + ह्यूमन टचAI सब कुछ ऑटोमेट कर देगा, तो क्रिएटर क्या करेंगे? 2026 की Creator Economy का फॉर्मूला है :• Affiliate Marketing: AI टूल्स को प्रमोट करना. • Digital Products: AI से बने टेम्पलेट, कोर्स बेचना . • AI एजेंट्स बनाना: Sanjay Kathuria के पॉडकास्ट में बताया गया कि Manas AI + NotebookLM से डीप इंडस्ट्री रिसर्च होती है . • कम्युनिटी: AI बेसिक काम करे, क्रिएटर स्ट्रेटेजी और ट्रस्ट बिल्ड करे. उदाहरण: Rhonda Swan ने Kayya नाम के AI फाइनेंस सॉफ्टवेयर को Wall Street से प्रमोट किया जो पेमेंट फॉलो-अप ऑटोमेट करता है .5. जोखिम भी बड़े हैं: AI से अगला 2008?Economic Survey ने चेतावनी दी कि AI अनियंत्रित बढ़ा तो 2008 से भी बड़ा ग्लोबल क्राइसिस ला सकता है . वजह: डेटा-सेंटर के लिए $3 ट्रिलियन इन्वेस्टमेंट चाहिए 2028 तक. Meta ने $30 बिलियन का डेटा-सेंटर SPV से बनाया जिसमें $27 बिलियन कर्ज है जो बैलेंस शीट पर नहीं दिखता. OpenAI ने 100+ Goldman Sachs, JPMorgan के लोगों को हायर किया ताकि AI जूनियर बैंकर का काम सीख सके. कमेंट्स में लोग पूछ रहे: “क्या AI जॉब खा जाएगा?”. Deepkumar KhinchiSanjay KathuriaRhonda Swan

