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नौकरी के कितने दिन बाद शुरू करें निवेश..? और कैसे करें..?

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नौकरी से पहले हर इंसान को और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को यह चिंता रहती है कि “पता नहीं कब नौकरी लगेगी..? और जब नौकरी लग जाती है तो हम दूसरी चीजों में मत हो जाते हैं। हम कई जरूरी चीजों को या तो भूल जाते हैं या उन पर ध्यान ही नहीं देते हैं। एक महत्वपूर्ण काम है – “नौकरी के बाद निवेश योजना” नौकरी लगने के कई वर्षों बाद तक इस काम पर ध्यान नहीं दिया जाता। परिणाम स्वरुप हमारे वित्तीय स्थितियों गड़बड़ाने लगती। मैं अपने सभी पाठक दोस्तों को जो, नौकरी पेशा है उन्हें यह मशवरा देना चाहता हूं कि अपनी नौकरी से एक निश्चित हिस्से की बचत करें और उसे रेगुलर निवेश करते रहें।

नौकरी लगने के बाद कुछ वर्षो का समय व्यक्ति मस्ती में और खुशी मै गुजार देता है, क्योंकि नोकरी लगने के बाद दो-तीन साल का वक़्त अपने ख़र्चों और उसके बाद होने वाली बचत को समझने में लग जाता हे। उसके बाद का समय ही बचत कर निवेश करने के लिए उचित होता है। पहली नौकरी लगने के बाद जब वेतन मिलता है तो जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल ख़र्चे होते हैं और बचत नाममात्र होती है। लेकिन नौकरी के तीन साल बाद का समय सही होता है बचत और निवेश करके अपनी आर्थिक स्थिति मज़बूत करने का। साथ ही नौकरी के प्रारंभिक तीन सालों में वर्तमान और भविष्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए कुछ विशेष क़दम उठाने ज़रूरी हैं।

आज की पोस्ट में / टेबल ऑफ़ कंटेंट

  1. निवेश की शुरुआत कब करें.?
  2. जल्दी निवेश के क्या फायदे हैं.?
  3. अपनी वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करें।
  4. बजट बनाएं
  5. निवेश प्रारंभ करें – जैसे म्युचुअल फंड, पीपीएफ, स्टॉक मार्केट।
  6. छोटी शुरुआत करें।
  7. निवेश में विविधता लाए।
  8. स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा में निवेश करें।
  9. वित्तीय सलाहकार से मदद लें।
  10. लाइफ इंश्योरेंस की सुरक्षा।
  11. निष्कर्ष।
  12. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।

फोटो – आर्थिक फंडा ब्लॉग — “आपका निवेश साथी”

नौकरी मिलने के बाद जल्द से जल्द निवेश शुरू करना फायदेमंद हो सकता है। यदि आप अपनी नौकरी के कुछ ही महीनों के बाद, या अपनी पहली सैलरी मिलने के बाद, निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो आपको लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है. 

निवेश की शुरुआत कब करें..?

  • नौकरी लगने के बाद: जब आप पहली सैलरी प्राप्त करने लगते हैं, तो निवेश शुरू करने का एक अच्छा समय है. इसका सबसे बड़ा फायदा है कि जल्दी निवेश करने से आपके पैसों में बढ़ोतरी होने के लिए एक लंबा समय मिल जाता है।  
  • 20-30 की उम्र: यह निवेश शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय है क्योंकि आपके पास लंबी अवधि में निवेश करने के लिए पर्याप्त समय है। इस उम्र में आपको निवेश संबंधी समझ विकसित हो जाती है, आप मैच्योर हो जाते हैं।
  • अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार: अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार एक निवेश योजना बनाएं और उसके अनुसार निवेश शुरू करें.

जल्दी निवेश करना क्यों फायदेमंद है.?

  • लंबी अवधि में रिटर्न:लंबी अवधि में निवेश करने से आपका धन बढ़ सकता है और आपको अधिक रिटर्न मिल सकता है.
  • कंपाउंडिंग:लंबी अवधि में निवेश करने से आपकी जमा राशि पर कंपाउंडिंग प्रभाव पड़ता है, जिससे आपका रिटर्न और भी अधिक हो जाता है.
  • वित्तीय सुरक्षा:नियमित रूप से निवेश करने से आपको भविष्य के लिए वित्तीय रूप से सुरक्षित महसूस करने में मदद मिलती है. 

निवेश कैसे करें.?

  • एसआईपी (SIP): एसआईपी एक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान है, जिसमें आप हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करते हैं, जिससे आपको समय-समय पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है. 
  • मुचुअल फंड: मुचुअल फंड एक अच्छा निवेश विकल्प है, जिसमें आप विभिन्न प्रकार के शेयरों में निवेश कर सकते हैं. 
  • इक्विटी फंड: इक्विटी फंड एक निवेश विकल्प है, जिसमें आप शेयर बाजार में निवेश कर सकते हैं. 
  • अन्य निवेश विकल्प: आप अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं, जैसे कि रियल एस्टेट, बॉन्ड, और गोल्ड. 
  1. लक्ष्य निर्धारित करें

जिंदगी का कोई भी क्षेत्र हो कामयाबी के लिए लक्ष्य का निर्धारण जरूरी है। लक्स विहीन जिंदगी में सिर्फ भटकाव होता है। जैसे विद्यार्थी बिना लक्ष्य निर्धारित किए अच्छी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता ठीक वैसे ही एक व्यक्ति अगर अच्छी वित्तीय स्थिति बनाकर रखना चाहता है तो उसे अपने वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। लक्ष्य निर्धारित होने के बाद इन्वेस्टमेंट प्लैनिंग आसान हो जाती है। आप अपने निवेश को लेकर यह तय करें कि मुझे क्या..? कब..? और कितना निवेश करना है..? इन छोटी-छोटी बातों को तय करने के बाद आपकी इन्वेस्टमेंट प्लैनिंग मजबूत बनती है

2. बजट बनाएं :

लक्ष्य निर्धारित होने के बाद आप अपने निवेश संरक्षण को लेकर अपने बजट का भी निर्धारण करें। निवेश में बजट बनाना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। बजट बनाते वक्त अपने आए और खर्चों का पूरा ध्यान रखें। क्योंकि आपके अपने देश में आपकी बचत का अहम् रोल होता है।

3. निवेश शुरू करें

लक्ष्य निर्धारित होने और बजट तैयार होने के बाद अगला कदम होता है निवेश शुरू करे। अपने अपने लक और बजट बनाते समय जिन योजनाओं में निवेश करने का प्लानिंग की थी अब आप पूरी योजना में निवेश करना शुरू करें।

4. छोटी शुरुआत करें :

मैं उन लोगों से सहमत नहीं हूँ जो एक साथ मोटी रकम निवेश करना चाहते हैं। प्रारंभ में और नौकरी लगने की शुरुआत में पैसे भी वेतन कब मिलता है। और कुछ अन्य बातों पर भी गौर करें तो मिस निष्कर्ष पर पहुंचता हूं कि निवेश भी हमेशा छोटी-छोटी रकम में करें। देखिए एक कोई भी व्यापार ओम निवेश खतरों से मुक्त नहीं। निवेश में रिस्क फैक्टर हमेशा शामिल होता है। इसीलिए वित्तीय सलाहकार प्रारंभ में छोटे निवेश करने की सलाह देते। आप 50000, 1 लाख, डेढ़ लाख की राशि से अपना निवेश करें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह रहेगा क्योंकि आप प्रारंभिक निर्देश से निवेशक हैं इसलिए आपका रिस्क फैक्टर आपको परेशान नहीं करेगा।

निवेश में विविधता लाए

कभी भी एक कृषि क्षेत्र में अपनी पूरी निवेश राशि को नहीं लगना चाहिए। निवेश में विविधता होनी चाहिए अर्थात थोड़ा-थोड़ा पैसा 23 सेक्टर में इन्वेस्ट करना चाहिए। अपनी पोर्टफोलियो पर ध्यान दें और उसे बेहतर बनाने का प्रयास करें। विदेश में विविधता रिस्क फैक्टर को भी काम करती है। अर्थात यदि आपका थोड़ा-थोड़ा पैसा कई मार्केट में इन्वेस्ट है तो आपके डूबने का खतरा नहीं होगा। अगर कभी लॉस भी होता है तो एक साथ आपकी पूरी राशि नहीं डूबेगी

आपातकालीन विधि बनाएं

हर व्यक्ति को अपनी छह महीने की सैलरी के के बराबर एक आपातकालीन निधि रखनी चाहिए, जिसे आसानी से निकाला जा सके। इसे आप बैंक के बचत खाते या एफडी में रख सकते हैं। यह फंड आकस्मिक परिस्थितियों, जैसे परिवार पर मुसीबत या आय का स्रोत रुक जाने, जैसी स्थितियों के दैरान मदद करता है। आपातकालीन निधि मुश्किल वक़्त में दीर्घकालिक निवेश को बीच में न रोकने की क्षमता प्रदान करती है।

स्वास्थ्य बीमा में करें निवेश

सेहत से जुड़े ख़र्चे हमेशा होते रहते हैं, इसलिए व्‌ यह निवेश बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप इन परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार नहीं होंगे, तो भविष्य में आपको वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी शुरू करने और वेतन मिलने के बाद, स्वास्थ बीमा में निवेश करना समझदारी है। युवावस्था में निवेश करने से कम प्रीमियम पर बेहतर कवरेज प्राप्त किया जा सकता है, जो लंबे समय में फ़ायदेमंद साबित होता

छोटी बचत से बड़ा फंड बनाये

अपनी आर्थिक योजना बनाने से पहले, एक छोटी और नियमित लंबी अवधि की बचत योजना शुरू करना फ़ायदेमंद है। जैसे, 25 साल की उम्र से 2000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी शुरू करें और हर साल इसमें 5% वृद्धि करें। इसे 35 साल तक जारी रखने पर लगभग 2 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। एसआईपी की अवधि जितनी लंबी होगी, उतना अधिक लाभ मिलेगा। सैलरी बढ़ने पर अतिरिक्त बचत के लिए समय-समय पर नई एसआईपी भी शुरू की जा सकती है, जो आपके वित्तीय लक्ष्य को पूरा. करने में मदद करेगी।

निवेश जिसमें जोखिम मध्यम है

इसमें ऐसी योजनाएं शामिल होती हैं जो संतुलित या विविधतापूर्ण निवेश के रूप में काम करती हैं। ये योजनाएं न केवल विकास की क्षमता प्रदान करती हैं, बल्कि बाज़ार के उतार-चढ़ाव को एक निश्चित स्तर तक सहन करने की क्षमता भी देती हैं। अधिकांश मध्यम जोखिम वाली योजनाएं इक्विटी और डेट इंस्ट्रमेंट्स के संयोजन के ज़रिए स्थिर रिटर्न देती हैं। उदाहरण के लिए, हाइब्रिड डेट ओरिएंटेड फंड और आबिंट्रिज फंड। कम जोखिम वाला निवेश चंद निवेश ऐसे हैं, जिनमें जोखिम लगभग श््छे शून्य होता है। ये निवेश योजनाएं स्थिर और भरोसेमंद मुल्यवर्धित होती हैं और कम से कम ‘ नुक़सान करती हैं, कि बैंक सावधि योजना : (एफडीआर ), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ ), डाकघर .’ मासिक आय योजना (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम ‘ प्लान) और बॉन्ड्स आदि।

इन्हें जरूर पढ़ें —

नीचे दो वेबसाइट है दी गई है यह दोनों वेबसाइटों की खास बात है कि इनमें लिखे गए आर्टिकल यूनिट मौलिक एवं उपयोगकर्ताओं की दृष्टि से बेहतरीन है। आप इन ब्लॉग वेबसाइटों को पढ़ सकते हैं —

http://arthikfunda.com

http://Prernadayari.com

घ्यान रहे…

क सारी पूंजी एक प्रकार के निवेश में न लगाकर अलग-अलग जगह लगाएं। यदि सोने में निवेश करना हो तो पेपर गोल्ड में ही करें। रियल एस्टेट में तभी निवेश करें जब उच्च जोखिम सहने ही क्षमता हो।

निवेश जिसमें उच्च जोखिम है

यदि आपका उद्देश्य दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि पर है, तो उच्च जोखिम वाली निवेश योजनाएं आपके लिए उपयुक्‍त हैं। हालांकि, इन योजनाओं में उतारचढ़ाव होते हैं, लेकिन लंबे समय में अच्छे रिटर्न की संभावनाएं भी होती हैं। उच्च जोखिम वाली-निवेश योजनाएं, जैसेसीधे शेयर बाज़ार में निवेश, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लास्स और म्यूचुअल फंड्स जो केवल शेयर बाज़ार में निवेश करत

लाइफ इंश्योरेंस कि सुरक्षा

jiwan बीमा परिवार के लिए सुरक्षा दीवार कि भांति है, यदि इसे पूरी studay के बाद लिया जय तो ये एक अच्छे निवेश के रूप में पहचान रखती है, जीवन बीमा में निवेश के केई विकल्प उपलब्ध है, अगर सुरुआत में आपको money problam हो तो छोटे प्लान सलेक्ट करे, आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से पहले टर्म इंसुरेंस ख़रीदे,

नौकरी मिलने के बाद, जितना जल्दी हो सके निवेश शुरू करना फायदेमंद होता है। यह आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करता है। हालांकि, पहले कुछ महीनों में, यह सलाह दी जाती है कि आप कुछ वित्तीय प्राथमिकताओं पर ध्यान दें, जैसे कि एक आपातकालीन फंड बनाना या किसी भी बकाया कर्ज का भुगतान करना।

यहां कुछ चीजें दी गई हैं जिन्हें आप नौकरी के कुछ ही दिनों में कर सकते हैं:

  • आपातकालीन फंड बनाएं:यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके पास अप्रत्याशित व्यय के लिए कुछ धन है।
  • बकाया कर्ज का भुगतान करें:उच्च ब्याज दर वाले ऋणों का भुगतान करें।
  • निवेश शुरू करें:जैसे ही आप अपनी वित्तीय स्थिति से सहज हो जाएं, आप नियमित रूप से निवेश शुरू कर सकते हैं।

निवेश के लिए कुछ सुझाव:

  • छोटे निवेश से शुरुआत करें:आप SIP (व्यवस्थित निवेश योजना) जैसी छोटी राशि के निवेश से शुरुआत कर सकते हैं।
  • विविधता लाएं:अपने निवेश को विभिन्न प्रकार के निवेशों में विभाजित करें, जैसे कि इक्विटी म्यूचुअल फंड, डेट म्यूचुअल फंड, या स्टॉक।
  • अपनी वित्तीय स्थिति को नियमित रूप से जांचें:यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप अपने निवेश के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं।

कुछ चीजें जो आपको निवेश शुरू करने से पहले करनी चाहिए:

  • अपने वित्तीय लक्ष्यों को निर्धारित करें:आप निवेश क्यों करना चाहते हैं, जैसे कि सेवानिवृत्ति, शिक्षा, या घर खरीदना।
  • अपनी जोखिम सहनशीलता का आकलन करें:आप अपने निवेश में कितना जोखिम लेने को तैयार हैं।
  • अपने निवेश विकल्पों पर शोध करें:विभिन्न प्रकार के निवेश विकल्पों के बारे में जानें, जैसे कि इक्विटी म्यूचुअल फंड, डेट म्यूचुअल फंड, या स्टॉक।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष – दोस्तों निवेश हमें सुनने में आसान लगता है लेकिन निवेश करना एक समझदारी भरा कदम। हर बिंदु, नफा- नुकसान, बजट, बैंक बैलेंस खर्च आरती पर विचार करने के बाद निवेश को अमली जमा पहनना चाहिए। नौकरी लगने के बाद समझदारी से एवं प्लानिंग के साथ निवेश करना चाहिए हालांकि मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं नौकरी लगने के तुरंत बाद निवेश प्रक्रिया शुरू कर देना चाहिए।

नौकरी के बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा वित्तीय निर्णय है। हालांकि, पहले कुछ महीनों में, यह सलाह दी जाती है कि आप कुछ वित्तीय प्राथमिकताओं पर ध्यान दें, जैसे कि एक आपातकालीन फंड बनाना या किसी भी बकाया कर्ज का भुगतान करना। एक बार जब आप अपनी वित्तीय स्थिति से सहज हो जाएं, तो आप नियमित रूप से निवेश शुरू कर सकते है

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Q & A)

क्वेश्चन 1. आप निवेश करना कब शुरू करें.?

उत्तर — निवेश करने का सबसे अच्छा समय तब है जब आप आर्थिक रूप से स्थिर हो जाएं, और आपके पास निवेश के लिए आवश्यक रकम हो। वैसे जल्दी निवेश शुरू करने के कई फायदे हैं जैसे जल्दी निवेश करने से आपको लाभ प्राप्त करने के लिए लंबा समय मिल जाता है, जल्दी निवेश करने से चक्रवर्ती ब्याज के जरिए धन में काफी बढ़ोतरी होती है, जल्दी निवेश करने से आप फाइनेंशियल रूप से मजबूत बनते हैं तथा आपकी निवेश स्किल मैं बढ़ोतरी होती है।

क्वेश्चन 2. सबसे बेस्ट निवेश (इन्वेस्टमेंट) कौन-कौन से हैं.?

उत्तर – दोस्तों, निवेश करने के अनेक बेहतरीन तरीके हैं। वर्तमान समय में निवेश के जो सबसे बेस्ट तरीके या विकल्प उपयोग में लिए जा रहे हैं, वह कुछ इस प्रकार हैं –

  1. सावदी जमा।
  2. सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ)
  3. म्युचुअल फंड।
  4. शेयर बाजार।
  5. रियल एस्टेट।
  6. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) आदी।

क्वेश्चन 3. नौकरी के कितने दिन बाद निवेश शुरू करना चाहिए.?

उत्तर — नौकरी शुरू करने के तुरंत बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा विचार हो सकता है, क्योंकि इससे आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यहाँ कुछ बातें हैं जिन पर विचार करना चाहिए:

1.आपकी आय का स्तर — यदि आपकी आय अच्छी है, तो आप जल्दी निवेश शुरू कर सकते हैं।

2. आपके वित्तीय लक्ष्य — यदि आपके पास विशिष्ट वित्तीय लक्ष्य हैं, जैसे कि घर खरीदना या रिटायरमेंट के लिए बचत करना, तो आपको जल्दी निवेश शुरू करना चाहिए।

3. आपकी जोखिम सहनशक्ति — यदि आप जोखिम सहन कर सकते हैं, तो आप शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों में निवेश कर सकते हैं।

4. आपकी आपातकालीन निधि — निवेश शुरू करने से पहले, आपको एक आपातकालीन निधि बनानी चाहिए जो ३-६ महीने के खर्चों को कवर कर सके।

आमतौर पर, नौकरी शुरू करने के 3-6 महीने बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा विचार हो सकता है, जब आप अपनी आय और खर्चों को समझ लें और एक आपातकालीन निधि बना लें। निवेश शुरू करने से पहले, आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहनशक्ति का आकलन करना चाहिए और एक वित्तीय योजना बनानी चाहिए।

क्वेश्चन 4. नौकरी लगने के बाद कौन-कौन से चार निवेश शुरू कर देने चाहिए..?

उत्तर —

चौथा और बहुत इंर्पोटेंट इन्‍वेस्‍टमेंट है हेल्थ इंश्योरेंस. आज भी तमाम लोग इसे सीरियस नहीं लेते, लेकिन ये बहुत जरूरी है. किसी को भी नहीं प‍ता कि सेहत को लेकर कब इमरजेंसी की नौबत आ जाएगी. इसके अलावा आपके माता-पिता भी अगर बुजुर्ग हैं, तो उन्‍हें भी इस उम्र पर अस्‍पतालों के चक्‍कर काटने पड़ सकते हैं. अगर आप इन स्थितियों के लिए खुद को तैयार नहीं करेंगे, तो आपको आगे चलकर आर्थिक परेशानी उठानी पड़ेगी. इसलिए पहली जॉब के साथ हेल्‍थ इंश्‍योरेंस जरूर खरीदें. मासिक प्रीमियम के साथ आप आसानी से इसे भर सकते हैं. इंश्योरेंस में जल्दी निवेश करने का एक फायदा ये है कि आपको कम प्रीमियम पर अच्छा कवर मिल सकता है.

SIP शुरू करें

आपकी सैलरी से जो भी रकम बचत की है, उसे अलग-अलग जगहों पर निवेश करें. निवेश के इन ऑप्‍शंस में SIP को जरूर शामिल करें. एक्‍सपर्ट मानते हैं कि इस स्‍कीम में महंगाई को मात देने का दम है. एसआईपी फ्यूचर में आपके लिए बहुत मोटा फंड तैयार कर सकती है. SIP के जरिए आप म्‍यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं. ये निवेश आप 500, 1,000, 2,000 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं और समय के साथ जैसे-जैसे आमदनी बढ़े, आप SIP में अपने निवेश को बढ़ा सकते हैं या फिर नई SIP शुरू कर सकते हैं. SIP को आप जितना लंबे समय तक चलाएंगे उतना ही बेहतर कंपाउंडिंग का फायदा ले पाएंगे और उतना ही बड़ा फंड जमा कर पाएंगे.

गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम में निवेश करें

SIP के अलावा आपको शॉर्ट टर्म और लॉन्‍ग टर्म वाली कुछ सरकारी स्‍कीम्‍स में भी निवेश करना चाहिए. आपके पास जब एकमुश्‍त रकम जमा हो आप उसे एफडी में निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा आरडी, पीपीएफ या पोस्‍ट ऑफिस की किसी स्‍कीम को चुन सकते हैं. 

इमरजेंसी फंड को इग्नोर न करें

इमरजेंसी फंड को अक्‍सर लोग इग्‍नोर करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी फंड आने वाली किसी भी आपात स्थिति जैसे- नौकरी चले जाने, बिजनेस ठप होने या परिवार पर कोई बड़ी मुसीबत आने पर काफी काम आता है. अगर इमरजेंसी फंड है तो आपको न ही अपनी किसी पॉलिसी को तुड़वाने की जरूरत पड़ेगी और न ही किसी से पैसा मांगने की जरूरत पड़ेगी. ज्‍यादातर एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी व्‍यक्ति को अपनी छह महीने की सैलरी के बराबर पैसे को इमरजेंसी फंड के तौर पर रखना चाहिए.  ये फंड आपके निवेश या बचत का हिस्‍सा नहीं होना चाहिए.  इस फंड को किसी ऐसी जगह रखें, जहां से ये आपको आसानी से उपलब्‍ध हो सके. आप बैंक में इसकी एफडी बनवाकर भी डाल सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस

चौथा और बहुत इंर्पोटेंट इन्‍वेस्‍टमेंट है हेल्थ इंश्योरेंस. आज भी तमाम लोग इसे सीरियस नहीं लेते, लेकिन ये बहुत जरूरी है. किसी को भी नहीं प‍ता कि सेहत को लेकर कब इमरजेंसी की नौबत आ जाएगी. इसके अलावा आपके माता-पिता भी अगर बुजुर्ग हैं, तो उन्‍हें भी इस उम्र पर अस्‍पतालों के चक्‍कर काटने पड़ सकते हैं. अगर आप इन स्थितियों के लिए खुद को तैयार नहीं करेंगे, तो आपको आगे चलकर आर्थिक परेशानी उठानी पड़ेगी. इसलिए पहली जॉब के साथ हेल्‍थ इंश्‍योरेंस जरूर खरीदें. मासिक प्रीमियम के साथ आप आसानी से इसे भर सकते हैं. इंश्योरेंस में जल्दी निवेश करने का एक फायदा ये है कि आपको कम प्रीमियम पर अच्छा कवर मिल सकता है.

आर्थिक फंडा ब्लॉग,

वेबसाइट लिंक – arthikfunda.com

चीफ एडिटर – kedar Lal / सिंह साब

Kedar Lal
Kedar Lalhttps://arthikfunda.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय एवं वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय कोटा से बीए, एमए, बीएड, एमबीए एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (blogger ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( wordpress मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है।
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