कंटेंट के चर्चित मुद्दे
1. यह फैसला सर्वोच्च अदालत का है।
2. अवैध वाहनों, दुर्घटना, वाहन चोरी जैसी अनेक समस्याओं के समाधान के रूप में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
3. नई कर का 4 साल का और टू व्हीलर का 6 साल का थर्ड पार्टी बीमा करवाना अनिवार्य होगा
4. कितना है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम।
5. कैमरा बताया वहां का बीमा है या नहीं
6. कोर्ट का फैसला दुर्घटना पीड़ितों को भी राहत दिलाएगा
7. बीमा नहीं तो नहीं मिलेगा पेट्रोल।
8. इस आर्टिकल का निष्कर्ष
9. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
1. सर्वोच्च अदालत का फैसला
हो सकता है आने वाला समय नया वाहन खरीदने वाले एवं वाहन प्रिय लोगों के लिए, हो सकता है थोड़ी खबर अच्छी ना हो। क्योंकि देश में नया वाहन खरीदना अब थोड़ा महंगा पड़ सकता है सुप्रीम कोर्ट ने नई कारों के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा की अवधि मौजूद 3 साल से बड़ा कर 4 साल और नए दो पहिया वाहनों के लिए 5 साल से बड़ा कर 6 साल करने का निर्देश दिया है। और चुकी यह भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट दिल्ली का फैसला है इसलिए हो सकता है कि चाहते या ना चाहते हुए जल्द ही सरकारों को इसे अमल में लाना पड़े।
यानी वाहन खरीदते समय ही एक साल का अतिरिक्त थर्ड पार्टी बीमा लेना होगा इससे नई कार्रवाई की शुरुआती ऑन रोड कीमत बढ़ सकती है वरना लाजमी है लेकिन वहां लंबे समय तक बीमा सुरक्षा के दायरे में रहेंगे सुप्रीम कोर्ट ने बीमा नियामक हीरा को इस संबंध में तत्काल जरूरी निर्देश जारी करने को कहा है कोर्ट ने। कोर्ट ने तो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस बात को भी लागू करने के लिए कहा है कि जल्दी यह व्यवस्था की जाए जिन वाहनों के पास बीमा नहीं है उन्हें पेट्रोल ना दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के पीछे देश में बिना बीमा के चल रहे वाहनों की बड़ी संख्या है। खुद सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा निर्मित संसदीय समितियां की रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहां की देश की सड़कों पर चलने वाले करीब 56% वाहनों के पास वेद बीमा नहीं है यानी देश के करीब 30 पॉइंट 48 करोड़ वाहनों में से 16 पॉइंट 54 करोड़ वहां बिना बीमा के हैं जस्टिस संजय करोल और जस्टिस अगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पिच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में नई कारों के लिए 3 साल और दो पहिया वाहनों के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य किया था इसके 8 साल बाद भी बड़ी संख्या में वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं हालांकि एल ने बीमा की अवधि और बढ़ाने की सिफारिश नहीं की थी इसके बावजूद कोर्ट ने वाहनों के लिए बीमा अवधि बढ़ाने का फैसला किया
कितना आएगा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम


