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स्वास्थ्य बीमा में ये फीचर्स शामिल हो, तभी खरीदें बीमा पॉलिसी।

लाइफस्टाइल में बदलाव, तनाव, भाग दौड़ भरी जिंदगी, खानपान और दिनचर्या में बदलाव कि वजह से लोग कम उम्र में ही कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। और इसका ताजा उदाहरण है हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर के बढ़ते युवा पेशेंट। एक जमाना था जब यह बीमारियां वृद्धा अवस्था में ही इंसान के शरीर में प्रवेश करती थी, लेकिन हम देख रहे हैं कि युवा वर्ग तेजी से इन बीमारियों का शिकार हो रहा है। मेरे कई दोस्त, परिवार के सदस्य और रिश्तेदार हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर के कारण असमय ही मृत्यु का शिकार हो गये. मेरी खुद की उम्र अभी 40 वर्ष है और मैं हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हूं। एक बार अचानक मेरा बीपी इतना बढ़ गया था कि मुझे पैरालिसिस हो गया। वह तो मैं भाग्यशाली रहा की बच गया। ऐसे अनेक हादसे आप भी अपने परिवार और परिचितों में देखते होंगे। अब तो यह गंभीर स्वास्थ्य घटनाएं रोज की बात हो चुकी हूं।

ऐसे हालातो में यह जरूरी है कि आपके पास एक अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस अर्थात स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए। आज के जमाने में यह जरूरी भी है और अक्लमंदी का काम भी। यह ने केवल आपकी मेहनत की कमाई को अचानक खर्च होने से बचा सकता है बल्कि खुद को और प्रिय जनों को बेहतर जगह इलाज मुहैया कराने में भी मददगार साबित होता है। यह बात आप और हम में से बहुत से लोग बखूबी जानते भी हैं। पर समस्या यह आती है कि आखिर कौन सी बीमा पॉलिसी खरीदी जाए..? जिस बीमा पॉलिसी को खरीदें वह किन-किन बातों को कवर करें..? और उसमें क्या गुण होने चाहिए.? स्वास्थ्य बीमा खरीदते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए..?

तुम्हें आपसे यही कहना चाहता हूं कि इन सवालों की तरफ से आप एकदम निसफिक्र हो जाइये। आर्थिक फंडा ब्लॉक की आज की इस पोस्ट में स्वास्थ बीमा से संबंधित सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण जानकारियां आपके सामने शेयर करने जा रहा हूं.? आप अपनी बीमा पॉलिसी परचेज करते समय इन बातों का ध्यान रखकर निश्चित रूप से एक अच्छी पॉलिसी का चयन कर सकते हैं। तो लिए आज के आर्टिकल में इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं। आज के आर्टिकल को हम निम्न बिंदुओं के तहत रीड करेंगे —

टेबल ऑफ़ कंटेंट / आज की पोस्ट में

  1. क्या-क्या फीचर्स कवर होने चाहिए बीमा पॉलिसी में।
  2. अपने लिए ऐसे चुने सही हेल्थ इंश्योरेंस।
  3. यह सुविधा भी हो तो ‘सोने पर सुहागा’।
  4. पॉलिसी खरीदते समय इन बातों का भी ध्यान रखें।
  5. कंपनी का अच्छा आईसीआर देखना जरूरी।
  6. निष्कर्ष।
  7. संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।

1. क्या-क्या फीचर्स कवर होने चाहिए बीमा पॉलिसी में :

आप बीमा पॉलिसी खरीदते समय अपने एजेंट या बीमा अभिकर्ता से बात करें, और उसे स्पष्ट रूप से यह बताएं कि मेरी पॉलिसी में निम्न बातें मुख्य रूप से कर होनी चाहिए। जैसे —

1. 60 दिन का प्री हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज और 180 दिन का पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज अवश्य होना चाहिए।

2. अधिकतम वेटिंग पीरियड 30 दिन का होना चाहिए लेकिन क्रिटिकल बीमारियों के लिए यह अवधि ज्यादा से ज्यादा 90 दिन की होनी चाहिए।

3. आईसीयू सहित रूम रेंट की कोई लिमिट नहीं होनी चाहिए।

4. बीमा पॉलिसी में कोई को-पेमेंट या डिटेक्टेबल्स नहीं होना चाहिए।

5. पहले से मौजूद बीमारियों के लिए अधिकतम वेटिंग पीरियड 3 साल हो।

6. अस्पताल में भर्ती होने के दौरान दस्ताने सिरिंज मास्क जैसी कंजूमेबल वस्तुओं का कवरेज भी होना चाहिए।

7. नो क्लेम बोनस सालाना कम से कम 50% से दुगना तय होना चाहिए।

8. कैशलेस अनलिमिटेड रेस्टोरेशन और रीइंबर्समेंट की सुविधा होनी चाहिए।

9. डे केयर कवर, क्रिटिकल इन लेस राइडर होना चाहिए।

10. क्रिटिकल इल वेवर ऑफ़ प्रीमियम और टर्मिनेशल इलनेस बेनिफिट भी हो।

11. किसी बीमारी का कोई कैपिंग नहीं होना चाहिए।

2. अपने लिए ऐसे चुने सही हेल्थ इंश्योरेंस :

1. 97% से अधिक होना चाहिए बीमा कंपनी का 3 साल का औसत क्लेम सेटेलमेंट रेशों।

2. 97% से अधिक मामलों में क्लेम का भुगतान 30 दिन के अंदर हुआ होना चाहिए।

3. प्रति 10000 पर पॉलिसी धारकों की शिकायतों की संख्या 20 से कम होनी चाहिए।

4. बीमा कंपनी का सालाना कारोबार कम से कम 7500 करोड रुपए का होना चाहिए।

3. यह सुविधा हो तो सोने पर सुहागा :

1. पॉलिसी में फ्री हेल्थ चेकअप, वेकल्पिक उपचार कवरेज, ओपीडी कवरेज, आदि सुविधाएं होनी चाहिए।

2. बीमा पॉलिसी में ₹500000 तक का होम केयर कवरेज और ₹500000 तक का एंबुलेंस खर्च शामिल होना चाहिए।

3. ई कंसलटेशन सुविधा, 5 लाख तक का डोनर कवरेज, टॉप अप विकल्प होनी चाहिए।

4. स्वास्थ बीमा में एक्सीडेंट डेथ बेनिफिट भी शामिल होना चाहिए।

5. बीमा परचेज करते समय इन चीजों का भी ध्यान रखें :

1. वयस्कों के लिए सम इंश्योर्ड कम से कम 10 लख रुपए और बच्चों के लिए ₹500000 तक हो।

2. पन इंडिया पॉलिसी और हॉस्पिटल का बड़ा नेटवर्क होना चाहिए।

3. इंश्योरेंस कंपनी भरोसेमंद हो और क्लेम सेटेलमेंट रिशु जितना अधिक होता है उतना ही अच्छा होता है।

4. हमेशा सुपर टॉप अप को प्राथमिकता दें और बीमा में क्या शामिल नहीं है इसकी जानकारी रखें।

5. बीमा कंपनी का अच्छा आईसीआर जरूरी :

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की ओर से कल कलेक्ट किए गए प्रीमियम के अनुपात में जितना पैसा क्लेम के तहत दिया जाता है उसे कंपनी का इनकरेड क्लेम रेशों यानी आईसीआर कहते हैं। किसी इंश्योरेंस कंपनी का आईसीआर यदि 55% से 75% या इससे ज्यादा है तो उसे कंपनी का बीमा खरीद सकते हैं। अधिक क्लेम देने के साथ कंपनी को भी मुनाफा होना लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा होता है।

6. निष्कर्ष :

आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य बीमा एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। हेल्थ इंश्योरेंस करवाना बेहद जरूरी है क्योंकि यह अचानक आने वाली मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से हमें और हमारे परिवार को तनाव मुक्त करता है। क्योंकि स्वास्थ्य बीमा करवाने के बाद हम हेल्थ पर होने वाले खर्चे से निसफिक्र हो जाते हैं। स्वास्थ बीमा मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है आज के जमाने में चिकित्सा प्रौद्योगिकी और आधुनिक उपचार की लागत लगातार बढ़ रही है ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस इन बढ़ती लगता में भी आपको और परिवार को चिकित्सकीय सुरक्षा प्रदान करता है।

वर्तमान समय में स्वास्थ्य बीमा बेहद आवश्यक कदम है वहीं इसको खरीदते समय कुछ जरूरी सावधानियां का पूरा ध्यान रखकर आप और हम अपने तथा अपने परिवार के लिए एक मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार कर लेते हैं।

7. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर –

क्वेश्चन 1. स्वास्थ बीमा ( हेल्थ इंश्योरेंस) क्या होता है..?

उत्तर- स्वास्थ बीमा एक प्रकार का इंश्योरेंस ही होता है जो चिकित्सा खर्चों को कवर करता है। यह एक वित्तीय सुरक्षा कवच है जो बीमारी होने पर आपके चिकित्सा किए खर्चों को वहां करता है स्वास्थ्य बीमा आपको और आपके परिवार को बीमारी की हालत में अस्पताल में भर्ती होने जांच होने सर्जरी ऑपरेशन और दवा आदि के खर्च को अदा करता है। स्वास्थ बीमा होने पर आप बिना पैसों की चिंता के, अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। आज के दम जमाने में भाग दौड़ भरी जिंदगी में और दिनचर्या में हो रहे बदलाव के कारण व्यक्ति गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं ऐसे में एक अच्छा स्वास्थ्य बीमा खरीदना एक अक्लमंदी भरा कदम माना जाता है।

क्वेश्चन 2. स्वास्थ बीमा में क्या-क्या कवर होता है.?

उत्तर — एक अच्छा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदते समय यह ध्यान रखें कि उसमें निम्न बिंदु अवश्यक कवर होने चाहिए –

1. अस्पताल में भर्ती होने का खर्च

2. जांचो का खर्च।

3. कुछ बीमारियों के लिए विशिष्ट उपचार सुविधा।

4. डेकेयर प्रोसेसिंग शुल्क

5. कुछ योजनाओं में मातृत्व व्यय।

क्वेश्चन 3. स्वास्थ बीमा के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं..?

उत्तर – स्वास्थ बीमा भी कई प्रकार का होता है जिनमें से महत्वपूर्ण है –1.व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा

2.फैमिली फ्लोटर स्वास्थ्य बीमा

3.क्रिटिकल इनलेस स्वास्थ्य बीमा

4. वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना

5. गंभीर बीमारी स्वास्थ्य बीमा। आदी

क्वेश्चन 4. एक स्वस्थ बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले अपने एजेंट /अभिकर्ता से क्या-क्या सवाल पूछने चाहिए..?

उत्तर – स्वास्थ्य बीमा योजना आप एवं आपके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने वाला कवच है इसीलिए बीमा पॉलिसी खरीदते समय हमें अपने मन में किसी प्रकार की कोई शंकर और सवाल बाकी नहीं रखना चाहिए। आप जिस भी पॉलिसी की कंपनी खरीदें उसके अभिकर्ता या इन माध्यम से पॉलिसी की पूरी जानकारी लें और बीमा पॉलिसी को लेकर अपने मन में पैदा होने वाले हर सवाल का जवाब जाने उसके बाद ही पॉलिसी को परचेस करें। आप पॉलिसी को लेकर अपने निम्न सवालों को अपने अभिकर्ता से पूछ कर अपने आप को संतुष्टि प्रदान कर सकते हैं। जाने और पूछने लायक कुछ महत्वपूर्ण सवालों की सूची में आपके यहां बता रहा हूं-

1. आपको और आपके परिवार को किस प्रकार की चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है। सबसे पहले इस बात पर गौर करें।

2. पॉलिसी की बीमा राशि क्या है..?

3. पॉलिसी के लिए कितना प्रीमियम अदा करना होगा..?

4. बीमा राशि का निर्धारण कैसे होगा..?

5. क्या पॉलिसी में पहले से मौजूद बीमारियां शामिल हैं.?

6. नेटवर्क अस्पतालों की सूची क्या है..?

7. बीमारी की हालत में और अस्पताल में भर्ती होने के बाद क्लेम कैसे प्राप्त किया जाएगा..?

8. आप किस प्रकार के अस्पताल और डॉक्टरों का उपयोग करना चाहते हैं..?

क्वेश्चन 5. कुछ लोकप्रिय स्वास्थ बीमा योजनाओं के नाम बताइए..?

उत्तर — कुछ लोकप्रिय स्वास्थ बीमा योजनाओं के नाम-

1. प्रधानमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना ( PMJAY )

2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना ( RSBY)

3. केयर हेल्थ इंश्योरेंस।

4. स्टार हेल्थ इंश्योरेंस।

5. वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा।

ब्लॉग नाम — आर्थिक फंडा ब्लॉग

वेबसाइट — arthikfunda.com

राइटर – केदार लाल / सिंह साब

क्या होता है ट्रेडमार्क..? (प्रश्नोत्तरी रूप में)

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने फ्रेंड्स द्वारा दिए गए नाम “कैप्टन कूल” को ट्रेडमार्क कर रहे हैं। ऐसे ही अपने और कई उदाहरण देखें होंगे। यह खबर सुनकर आपके और हमारे मन में कई सवाल उठाते हैं। जैसे कि —

ट्रेडमार्क क्या होता है..? ट्रेडमार्क क्यों कराते हैं..? ट्रेडमार्क कैसे करते हैं..? इसका क्या फायदा होता है..? आदि।

आईये सवाल-जवाबों के माध्यम से मैं ट्रेडमार्क की पूरी जानकारी आप तक पहुंचता हूं —

क्वेश्चन 1. ट्रेडमार्क क्या होता है..?

उत्तर — दोस्तों, ट्रेडमार्क कोई शब्द निशान या लोगों हो सकता है यह किसी ब्रांड की कानूनी पहचान होती है। जैसे एप्पल, नाइकी, जोकी, फोर्ड जैसे ब्रांड के लोगों आपने देखे होंगे, इन्हीं को ट्रेडमार्क कहा जाता है। यह कंपनी की पहचान होते हैं।

फोटो – इस फोटो में अमेरिका की प्रसिद्ध कंपनी फोर्ड का लोगो दिखाई दे रहा है। अब इसका इस्तेमाल केवल फूड कंपनी ही कर सकती है अन्य कोई नहीं।

क्वेश्चन 2. ट्रेडमार्क क्यों कराते हैं..?

उत्तर — ट्रेडमार्क के बाद उसे नाम या लोगों का अन्य कोई व्यक्ति या संस्था उपयोग नहीं कर सकता। वह आपकी एवं आपकी कंपनी के लिए रिजर्व कर दिया जाता है। जैसे – मैं अपना एक न्यूजपेपर निकलता हूं जिसका नाम है “ताजा खबर”। मैं इस शब्द में से ताज का अंग्रेजी अक्षर ‘T’ और खबर का अंग्रेजी अक्षर ‘K’ को मिलकर अपने अखबार का एक लोगों बना लिया। यह कुछ ऐसा है “TK”। अब यह लोगों मेरे अखबार ताजा खबर की पहचान बन गई है और मैं इस ट्रेड मार्क करवा लिया है। इसका मतलब इस शब्द का प्रयोग केवल में अपने अखबार के लिए ही कर सकता हूं। अन्य कोई अखबार या कोई संस्था तथा व्यक्ति इस ट्रेडमार्क का उपयोग नहीं कर सकता। और यदि वह ऐसा करता है तो यह कानूनी अपराध होगा।

क्वेश्चन 3. क्या मैं भी अपना नाम ट्रेडमार्क करा सकता हूं..?

उत्तर — हां, बिल्कुल..। अगर तुम्हारा नाम खास हो और किसी ब्रांड के तौर पर इस्तेमाल हो रहा हो तो उसका ट्रेडमार्क कराया जा सकता है जैसे धोनी, सचिन तेंदुलकर, रजनीकांत, जैसे नाम ब्रांड बन चुके हैं लेकिन राज विकास या पंकज जैसे आम नाम को ट्रेडमार्क करना मुश्किल होता है। क्योंकि वह बहुत लोगों के पास हो सकता है नाम यूनिक हो और उससे कोई कारोबार हो रहा हो तो वह ट्रेडमार्क कराया जा सकता है।

क्वेश्चन 4. ट्रेडमार्क कैसे कराते हैं..?

उत्तर — ट्रेडमार्क करने के लिए एक ऑनलाइन एप्लीकेशन भरनी होती है सरकार की वेबसाइट पर जाकर ट्रेडमार्क के लिए अप्लाई करना होता है।इसमें कुछ फीस लगती है। फिर कुछ समय के लिए वह नाम सार्वजनिक किया जाता है। ताकि लोगों की आपत्ति सामने आ सके। अगर आपत्ति नहीं आई तो ट्रेड मार्क आपका हो जाता है।

क्वेश्चन 5. धोनी को,या किसी कंपनियों को ट्रेडमार्क से क्या फायदा होता है..?

उत्तर – अगर कोई कंपनी “कैप्टन कूल” नाम से टी-शर्ट बाग या इन कोई सामान बचना चाहेगी तो पहले उसे धोनी से इजाजत लेनी होगी अगर कोई उनके नाम का गलत इस्तेमाल करेगा तो धोनी उन पर कैसे भी कर सकते हैं ट्रेडमार्क से उनका नाम ब्रांड बन जाता है और वह उससे कमाई भी कर सकते हैं।

क्वेश्चन 6. क्या ट्रेडमार्क एक तरह का पेटेंट ही होता है ना..?

उत्तर — नहीं..। पेटेंट तो तब दिया जाता है जब कोई नई चीज बनाई जाती है जैसे कोई दवा, मशीन, या टेक्नोलॉजी का आविष्कार होता है। इस वक्त इसका पेटेंट करा लिया जाता है। इसी तरह कोई रचनाकार जब गाने,फिल्म, कहानी, या चित्र रचता है तो वह उसका कॉपीराइट कर सकता है।

सही खर्च ही है अच्छा निवेश।

“आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया” इस बात से हर इंसान परेशान रहता है लेकिन यही खर्चा अगर सोच समझ कर किया जाए तो पैसे से पैसा भी बनाया जा सकता है।

हम अक्सर अपने पैसे का इस्तेमाल ऐसी जरूरत की चीज खरीदने में करते हैं जिनकी कीमत समय के साथ काम होती जाती है। किसी भी वस्तु में निवेश से पहले यह ध्यान देना जरूरी है कि ऐसी वस्तुएं जिनका डिप्रेशन यानी समय के साथ मूल्य में आने वाली कमी अधिक है उसमें पैसा लगाना उन्हें व्यर्थ करना ही है। अपने पैसों को बचाने के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसी कौन-कौन सी वस्तु है जिनमें पैसों की बर्बादी होती है और किन-किन चीजों में किया गया निवेश भविष्य में समझदारी साबित होता है।

यहां होती है फिजूल खर्ची

  1. कारें
  2. शॉपिंग
  3. मोबाइल फोन
  4. फैशन

1. कारें :

कर आजकल स्टेटस संभल बन चुकी है। जिन लोगों को इसकी जरूरत नहीं है वह भी इसे खरीद लेते हैं। लोग लाखों रुपए खर्च कर नई कर खरीदने हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि कर का मूल्य पहले ही वर्ष में औसतन 11 से 25% गिर जाता है। 5 वर्षों में कर की कीमत 50 से 60% तक घट जाती है भले ही वह काम चली हो या नई जैसी दिखती हो। यानी अगर आपने किसी कर को 12 लाख में खरीदा है तो अगले ही साल उसकी कीमत ₹900000 या उससे भी काम हो सकती है वहीं 5 साल बाद इसकी रीसेल वैल्यू मुश्किल से चार-पांच लाख रुपये रह जाएगी।

अतः में अपने पाठकों को यह सलाह देना चाहता हूं कि जब तक बेहद जरूरी ना हो, महंगे फोर व्हीलर ना खरीदें। मैं अपने दोस्तों और रिलेटिव्स में एक नहीं अनेकों ऐसे परिवारों को जानता हूं जो जरूरत नहीं होने पर भी लोन लेकर चौपाइयां वाहन खरीद लेते हैं। आप यह न सोचे की गाड़ी खरीदते वक्त आपको एक मुफ्त 15-20 लख रुपए की आवश्यकता होती है बल्कि उसके लिए पेट्रोल, उसका मेंटिनेस, सर्विस, आदि पर भी काफी पैसा खर्च करना पड़ता है।

2. महंगी शॉपिंग :

हम अक्सर अपने घरेलू जरूरत के लिए शॉपिंग करते हैं। मैंने देखा है की शॉपिंग करते वक्त तकरीबन 30% सामान ऐसा होता है जिसके बिना भी घर का काम अच्छी तरह चल सकता है। लेकिन फिर भी हम बहुत सी अनावश्यक चीज परचेस कर लेते हैं जो काफी महंगी होती हैं यह पैसा आपके अन्य जरूरी कामों को पूरा कर सकता है। मैं आपको मेरा ही एग्जांपल देता हूं मैं अपनी पत्नी के साथ पिछले दिनों जयपुर घूमने गया था। मुझे गर्मियों के लिए सफेद शर्ट और कुछ ट्राउजर की आवश्यकता थी। यह मुश्किल से ₹3000 का खर्चा था। लेकिन पत्नी ने जबरदस्ती ही मुझे कुछ पैंट शर्ट घर के लिए चद्दर, तकियों की खोलिया, अपने लिए कुछ साड़ी और लहंगे भी खरीद लिए जबकि इनकी कोई आवश्यकता नहीं थी और हमारी शॉपिंग 15000 तक पहुंच गई। अर्थात जरूरत नहीं होते हुए भी व्यर्थ में ही हमने ₹12000 खर्च कर दिए। इन ₹12000 में हम अन्य घरेलू जरूरत को पूरा कर सकते थे। या कहीं और इन्वेस्ट कर सकते थे, जिससे कुछ अर्निंग भी प्राप्त होती।

आर्थिक फंडा ब्लॉग — निवेश की आजादी

3. मोबाइल फोन :

रंग आकार और थोड़े बहुत फीचर्स में बदलाव करके हर मोबाइल कंपनी अपने नए-नए फोन की सीरीज पेश करती है। यही कारण है कि आपका फोन अगले ही साल 30 से 40% की गिरावट के साथ नीचे आ जाता है यानी 1 पॉइंट 2 लाख का नया फोन अगले ही साल 70000 रुपए में बिकेगा और 2 साल बाद शायद 40000 में भी नहीं। आजकल परिवार में कई मोबाइल फोन की आवश्यकता होती है पति-पत्नी बच्चों सभी के पास मोबाइल फोन होते हैं। मैं समझता हूं कि महंगा मोबाइल फोन ना खरीदें। और 12th क्लास तक बच्चों को मोबाइल फोन ना दे अगर उन्हें ऑनलाइन स्टडी या अन्य कोई जरूरी कार्य हो तो वह पेरेंट्स के फोन से भी यह काम कर सकते हैं।

4. फैशन :

महंगे ब्रांडेड कपड़े, पर्श, गॉगल्स, शूज, सूट आदि भी भले ही देखने में आकर्षक हूं पर इनमें से अधिकांश की कोई रीसेल वैल्यू नहीं होती। इसलिए इनकी खरीदारी करते समय क्वालिटी पर ध्यान देने की ट्रेंड पर

समझदारी वाले खर्च अपनायें :

  1. स्वर्ण आभूषण
  2. मकान और प्रॉपर्टी
  3. लाइफ फॉर हेल्थ इंश्योरेंस

1. स्वर्ण आभूषण :

यह प्रयोग और निवेश दोनों के लिए हाथ से बढ़िया है क्योंकि पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम पर 4400 से बढ़कर 97 हजार हो चुकी है यानी औसतन 15 प्रति वर्ष की वृद्धि। अब सोचिए कि अगर आपने सन 2000 में 44000 का 100 ग्राम सोना भी खरीद होता तो उसे उपयोग करते रहने के बावजूद भी उसकी कीमत आज की तारीख में ₹900000 होती। यह एक ऐसी वस्तु है जिसको खरीदने के बाद उसकी वैल्यू में कोई गिरावट नहीं आती बल्कि समय के साथ उसकी कीमत बढ़ती जाती है और उसे हम लगातार प्रयोग में भी लेते रहते हैं। आते थोड़ी बचत करके या व्यक्ति के खर्चों को रोक करके हम स्वर्ण आभूषण पर निवेश करें तो यह एक बेहतर विकल्प होगा।

2. मकान या प्रॉपर्टी :

सही जगह खरीदी गई जमीन, प्लाट, दुकान, या मकान एक स्मार्ट निवेश हो सकता है। अच्छी शहरों में खरीदी गई प्रॉपर्टी पर संपत्ति की कीमतें हर साल से 10 साल में दुगनी हो जाती हैं और कई बार यह हर 5 वर्ष में दुगने से ज्यादा हो जाती हैं। प्रॉपर्टी का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आप इसे किराए पर भी दे सकते हैं और इसे एक निश्चित आय अर्जित कर सकते हैं इसके अलावा मकान होने से लोन भी आसानी से मिल जाता है साथ ही रिवर्स मॉर्टगेज ( 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को अपने घर के बदले मिलने वाला रीन ) भी मिल सकता है।

दोस्तों मैं आपको मेरा खुद का एक उदाहरण देता हूं जो प्रॉपर्टी से संबंधित है। मैंने लगभग 2001 में जयपुर शहर के प्रताप नगर इलाके में मात्र ₹4 लख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था और 2012 में उसे 90 लख रुपए में बेचा। मैं इसे एक बेहतरीन रिटर्न मानता हूं। मेरे कजन ब्रदर ने जो आज राजस्थान प्रशासनिक सेवा में अधिकारी भी हैं, भी प्रताप नगर इलाके में ही ₹500000 का एक प्लॉट खरीदा था उसे लगभग मेरे प्लॉट के कुछ वर्ष बाद एक करोड़ 25 लख रुपए का बचा अब आप ही बताइए इतना रिटर्न और कोई निवेश दे सकता है।

3. लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस में निवेश :

जीवन बीमा हो या फिर स्वास्थ्य बीमा दोनों ही ऐसे खर्चे है जो आपात स्थिति में काम आ सकते हैं इसलिए इनमें किया गया खर्चा निवेश की श्रेणी में आता है शिक्षा या कौशल को सीखने के लिए किया गया खर्च भी आगे चलकर रोजगार को पानी में सहायक होता है।

खर्च करते समय ध्यान रखें :

1. किसी भी चीज को खरीदने से पहले खुद से तीन-चार सवाल करें– जैसे

क्या आपको वाकई इस चीज की जरूरत है..?

आपके और आपके परिवार के लिए इस चीज का क्या इस्तेमाल है..?

क्या इस खरीदारी के बिना भी आपका काम चल सकता है..?

क्या सचमुच में इस वस्तु के लिए इतने पैसे खर्च करने की आवश्यकता है और क्या इस वस्तु का अवमूल्यन होगा..?

अगर आप किसी भी वस्तु को खरीदने से पहले अपने आप से इन सवालों को करते हैं तो हो सकता है कि आपके पैसे बच जाएं और व्यर्थ की खरीदारी करने से आप सभल जाये।

2. क्रेडिट कार्ड एमी ऑफर्स के जाल में फंसकर खर्च करने से बचे, क्योंकि इस स्थिति में आप अक्सर फिजूल चीज ले लेते हैं।

3. जरूरत के लिए कर मोबाइल या कपड़े खरीदना गलत नहीं है। पर बार-बार महंगी ट्रेंड्स और सिर्फ दिखावे के लिए खरीदना आपके लिए एक वित्तीय नुकसान है और कुछ नहीं।

4. खर्च करने से पहले हमेशा इस बात को ध्यान रखें कि ” सही खर्च ही सही निवेश है।”

ब्लॉग – आर्थिक फंडा ब्लॉग

URL – arthikfunda.कॉम

राइटर – kedar Lal / सिंह साब

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प्राइवेसी पॉलिसी

पैसे बचाने के वो तरीके जो मैंने खुद आजमाये है।

भाईसाहब, पैसा कमाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। लेकिन हां, समझदारी और सही तरीका चाहिए। मैं आपको आज ऐसे तरीके बताने वाला हूँ जो खुद मैंने आजमाए हैं, या जिन लोगों को मैंने अपने सामने बदलते देखा है। और ये सब बिना भारी-भरकम बातों या किताबों की थ्योरी के देखी सुनी आजमाया सच है।

1. छोटी शुरुआत, बड़ा मुनाफा: “गली वाला बिजनेस”

आपने देखा होगा, जो छोले-भटूरे वाला या समोसे वाला रोज एक ही टाइम पर एक ही जगह बैठता है, उसकी दुकान पर भीड़ रहती है। क्यों? क्योंकि उसने consistency पकड़ी है। आप भी एक चीज चुनिए—पकौड़े हों, चाय हो, मूंगफली या कुल्हड़ वाली लस्सी। टेस्ट बढ़िया, सर्विस बढ़िया, और टाइम फिक्स। रोज वही वक्त, वही मुस्कान। एक महीने में आप इलाके के स्टार बन जाएंगे। खर्च? 6000–8000 से भी कम।

2. मोबाइल रीचार्ज और बिजली बिल वाला सेटअप

गांव-शहर हर जगह मोबाइल रीचार्ज और बिजली बिल जमा करवाने वाले कियोस्क चलते हैं। इनमें कमीशन भी है और रोज़ का ग्राहक भी। CSC, Paytm, या B2B ऐप्स से जुड़कर आप एक छोटी सी टेबल, छत और एक बोर्ड के साथ काम शुरू कर सकते हैं। खर्चा नाममात्र और कमाई रोज की। ऊपर से इलाके में पहचान भी बनने लगती है।

3. कबाड़ से कमाई: जो बेकार है, वही बिजनेस का सामान है!

आपके आसपास ऐसे बहुत से लोग होंगे जिन्हें पुराना मोबाइल, टूटे फ्रिज या बाइक बेचनी है। OLX, Facebook Marketplace या लोकल कबाड़ी से टाईअप करके आप कम दाम में खरीदिए और थोड़ा सुधारकर बेच दीजिए।

एक परिचित लड़का ऐसे ही पुराने लैपटॉप खरीदकर 1000-1500 में ठीक करता है और 5000–6000 में बेच देता है। महीने के 10 भी निकाल लिए तो 40–50 हजार बन जाते हैं।

4. गांव में अनाज और सब्जी की होम डिलीवरी

अब गांवों में भी लोग सुविधा चाहते हैं। सुबह सब्जी मंडी जाइए, सस्ते में खरीदिए, और वॉट्सऐप स्टेटस या पोस्टर से घर-घर डिलीवरी की सुविधा शुरू करिए। सुबह 5-9 बजे तक का काम और पूरा दिन खाली।

एक गांव में लड़का है जो सिर्फ महिलाओं के ग्रुप में सब्जियों के फोटो भेजता है और ऑर्डर लेता है। वो अकेला 800 से 1000 रुपए रोज कमा रहा है, वो भी बिना कोई दुकान खोले।

5. “हुनर बेचिए” – टैलेंट से चलाइए बिजनेस

आपको सिलाई आती है? मोबाइल रिपेयर आता है? फोटोग्राफी या एडिटिंग जानते हैं? तो समझिए आपके पास सोने की खान है। हर इलाके में किसी न किसी को ये सब चीजें करवानी होती हैं। बस एक छोटा सा पोस्टर बनाइए, दुकानों पर लगाइए, वॉट्सऐप स्टेटस और फेसबुक पर डालिए। धीरे-धीरे क्लाइंट्स खुद चलकर आएंगे।

अब असली बात सुनिए

अगर आप सोचते रहेंगे कि “बड़े पैसे के लिए बड़ा आइडिया चाहिए”—तो आप हमेशा सोचते ही रह जाएंगे। बड़ा पैसा सिर्फ आइडिया से नहीं आता, काम शुरू करने की हिम्मत और डटे रहने की जिद से आता है।

हर दिन जो आप सोचकर छोड़ देते हैं, वही अगर शुरू कर दें तो 3 महीने में आपकी जिंदगी बदल सकती है।

आखिर में एक बात

आप गरीब हो सकते हैं, लेकिन सोच गरीब नहीं होनी चाहिए। पैसा उन्हीं के पास आता है जो वक्त और हालात का बहाना नहीं बनाते, बल्कि जिद करके हालात बदल देते हैं।

अगर आप इस लेख को यहां तक पढ़कर पहुंच गए हैं, तो यकीन मानिए आपके अंदर कुछ कर गुजरने की आग है।

अब बस उस आग को शांत मत होने दीजिए।

वित्तीय संकल्प लेकर अपने लक्ष्यों को पूरा करें।

अच्छी निवेश सलाह

वित्तीय संकल्प लेकर अपने लक्ष्ओं को पूरा करें…

नये साल पर लोग कुछ ना कुछ नई संकल्प लेते हैं। हम सभी नए साल पर जिंदगी में कुछ ना कुछ नया अपने का प्रयास करते हैं। नई साल में नए लक्ष्य बनाते हैं और नए संकल्प लेते हैं इनमें कुछ हमारी वित्तीय संकल्प भी शामिल है हम अपनी जिंदगी में नई वित्तीय योजनाओं को पूरा करने के लिए लक्ष्य बनाते हैं। अगर आपने नई साल पर अभी तक कोई वित्तीय संकल्प नहीं लिया है तो मैं आपको कुछ सलाह देता हूं —

  1. अपने खर्च की समीक्षा करें – इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितना ज्यादा या कितना कम पैसा है।  अपने खर्च की नियमित समीक्षा करना एक वित्तीय समझदारी की निशानी है डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट सहित अपने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की बारीकी की समीक्षा करते रहे ताकि यह देखा जा सके कि आप कौन से गैस जरूरी खर्चों में कटौती कर सकते हैं। दोस्तों जिंदगी में सेविंग बहुत जरूरी है यही हमारे मुश्किल समय में हमें संबल और सहारा देती है। आप हर दो-तीन महीने में अपने खर्चों की समीक्षा कीजिए नए साल में वित्तीय समीक्षा का संकल्प लें यह बेहद जरूरी है।
  2. पति पत्नी दोनों कामकाजी हैं तो मिलकर खर्च करें — दोस्तों अगर आप पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं तो संयुक्त आए से आप खर्च कर सकते हैं जैसे नया घर खरीदना नई गाड़ी लेना मिलजुल कर खर्च करना ज्यादा बेहतर और फायदेमंद होता है। साथी कंबाइंड रूप से आपको हाउसिंग लोन भी ज्यादा मिल सकता है साथ ही टैक्स बेनिफिट का लाभ भी दोनों उठा सकते हैं निवेश रणनीति के साथ-साथ टैक्स संबंधी सलाह के लिए मुफ्त की सलाह पर निर्भर रहने रहे इसके बजाय थोड़ा बहुत भुगतान करके किसी फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लेना बेहतर है एक्सपर्ट से मिली ऐसी सलाह अक्सर मूल्यवान होती है।
  3. नए साल में हेल्थ इंश्योरेंस रखें —
  4. अगर आप इस साल अपना हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू करवा रहे हैं या दूसरी कंपनी में पोर्ट करवाना चाहते हैं तो इसके लिए पोर्टेबिलिटी की एक्सपायरी डेट से कम से कम 2 महीने पहले दूसरे इंश्योरेंस प्रोवाइडर से बातचीत शुरू करें। अगर आप ठीक से और जल्दी बात शुरू बातचीत शुरू करते हैं तो मौजूदा बीमा कंपनी भी आपको नई बीमा कंपनी द्वारा किए जा रहे ऑफर दे सकती है अगर एक्सपायरी डेट नजदीक आने पर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया शुरू करेंगे तो प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है कई तरह की यह सुविधाओं का भी सामना करना पड़ेगा हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले अपनी जरूरत और और बातों का होमवर्क करने नहीं तो आपको कई ऐसी सर्विसेज भी चीज जा सकती है जिनकी आपको जरूरत नहीं है।
छोटी छोटी घरेलू बचत और निवेश संबंधी जानकारियां।
आर्थिक फंडा (ब्लॉग )

5. आकस्मिक जरूरत के लिए कैश रिजर्व रखें –

अपनी तीन से छह माह की जीवन यापन के खर्च के बराबर नकदी को इमरजेंसी फंड में रखें यदि आप रिटायर या सेल्फ एंप्लॉयड हैं तो यह रकम 6 से 12 माह की कर दें इसका कुछ हिसाब बैंक के सेविंग्स अकाउंट में और कुछ घर पर सुरक्षित रख सकते हैं बाकी की बचत को किसी अच्छी ब्याज दर वाले निवेश साधन में लोग करते हैं

मैनेजमेंट टिप — 2025 में अपने फाइनेंस को व्यवस्थित और मजबूत बनाने का संकल्प लें क्योंकि इस वर्ष ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट थोड़ा जोखिम भरा रहने की संभावना है साथी वित्तीय अनुशासन आपको हमेशा आकस्मिक मुसीबत से दूर रखेगा।

दोस्तों अच्छी निवेश सलाह छोटी-छोटी बेहतरीन इन्वेस्टमेंट एडवाइस के लिए मैनेजमेंट fund.com को पढ़ते रहे

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Kedar Lal (सिंह साब)

Kedarlal lal

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कम लागत वाले स्टार्टअप आईडियाज।

आर्थिकफंडा.कॉम — “निवेश की आजादी”

स्टार्टअप की शुरुआत के लिए करोड़ों रुपए की आवश्यकता जरूरी नहीं है। किसी भी व्यापार और उद्योग में मनी इतनी इंपोर्टेंट नहीं है..! जितना की माइंड..! स्टार्टअप तो एक ऐसी चीज है,जो आइडियाज पर निर्भर करती है। आपका बिजनेस और व्यापार की सफलता आपके मन सेट पर निर्भर करती है। आपके व्यापार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने बिजनेस को लेकर क्या सोचते हैं..?

इंटरनेट पर तरह-तरह के स्टार्टअप आईडियाज के आर्टिकलो से सरवर भरा पड़ा है। दुनिया भर के आर्टिकल है जो आपको यह बताते हैं की कौन-कौन से नए स्टार्टअप आईडिया है.. कौन-कौन से नए बिजनेस है। पर आर्थिक funda.com ब्लॉक का यह आर्टिकल इसीलिए काफी खास होने वाला है क्योंकि मैं इसमें आपको कम लागत वाले, वास्तविकता से जुड़े हुए, कम पूंजी में अच्छी आई देने वाले, छोटे-छोटे सेल्फ मेड काम धंधा के बारे में। आजकल लाखों करोड़ों रुपए लगाकर बिजनेस की शुरुआत तारीख बताने वाले सैकड़ो लोग हैं। पर मैं आपको ऐसे घरेलू उद्योगों के बारे में बताऊंगा जिन्हें आप स्वयं शुरू कर सकते हैं बहुत पूंजी के साथ कर सकते हैं और उसे एक अच्छी खासी अर्निंग करके अपने परिवार को बेहतर ढंग से चला सकते हैं।

तो लिए आज के आर्टिकल में जानते हैं ऐसे ही न्यू स्टार्टअप आईडियाज जो कम लागत में अधिक अर्निंग देते हैं —

1. फूड बिजनेस

घर का बना खाना आज भी लोगों की पहली पसंद होता है, साफ सुथरे और टेस्टी फूड की डिमांड पहले भी थी और आज भी है। बेसरते उसे सही जगह पेश किया जाए। ऐसे में उन एरियाज को टारगेट किया जा सकता है जहां इनकी संख्या सबसे ज्यादा जरूरत है यानी स्टूडेंट और पीजी में रहने वाले नौकरी पैसा लोग अधिक हैं इसकी शुरुआत करके दायरा बढ़ाया और फूड सर्विसेज की चेन को खोल सकते हैं इसमें लागत कम आती है और अगर लोगों को यह पसंद आता है तो आप इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं

मैं राजस्थान की राजधानी जयपुर का एक उदाहरण बताता हूं। मैंने कई बार जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है और पीजी में रहा हूं। मैंने वहा कई परिवार ऐसे देखे हैं जिनके आसपास घर/मकान थे लेकिन उनके पास कोई काम नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपने घर को ही एक छोटे हॉस्टल का रूप दे दिया एक कमरे में दो दो लड़के रहते थे सबको सुबह शाम का खाना और चाय नाश्ता भी इस परिवार के लोग बनाते थे। इससे वह परिवार आराम से अपनी आरजी का चला लेता था और शहरों के हिसाब से अपनी शादी शुभ सुविधा भी प्राप्त कर लेता था यानी इस काम से उसे परिवार के सदस्य मंथली लाख ₹50000 बचा लेते थे। अगर आप शहर में रहते हैं और आपके पास ऐसी कोई प्रॉपर्टी है तो यह काम किया जा सकता है।

2. कंटेंट राइटिंग सर्विस.

अगर आप में राइटिंग का हुनर है। राइटिंग आपको अच्छी लगती है तो आप फ्रीलांसिंग कंटेंट राइटिंग सर्विसेज की शुरुआत कर सकते हैं। कंपनी से प्रोजेक्ट लेकर फ्रीलांसर को जोड़कर कमाई कर सकते हैं इस तरह आरंग के साथ दूसरों के लिए रोजगार के मौके भी उपलब्ध करा सकते हैं इसके लिए सिर्फ लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है

3. ऑनलाइन क्लासेस

कोरोना के बाद शिक्षा के स्वरूप में तेजी से बदलाव वाला आया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में एक नई तकनीक का उदय हुआ जिसे ऑनलाइन एजुकेशन कहा जाता है। यानी आपके पाठ्यक्रम से संबंधित हर चीज आप पढ़ाना चाहे तो आपको ऑनलाइन मोबाइल पर भी उपलब्ध हो सकती। आप अपने इस ज्ञान और स्किल्स को भी स्टार्टअप के रूप में इस्तेमाल करते हुए इस क्षेत्र में अपना भाग्य आजमा सकते हैं। आप अपने ऑनलाइन क्लासेस खोल सकते हैं आप अपना कोचिंग ट्यूशन इंस्टिट्यूट आदि शुरू कर सकते हैं। अगर आपके पास टीचिंग में इंटरेस्टेड दोस्तों का समूह है तो आप एक पूरी चैन बना सकते हैं। एक दूसरे की हेल्प करते हुए एक से अधिक संस्थान भी खोल सकते हैं। इस तरह आप अपनी इस स्किल का प्रयोग अपनी आरंग के लिए भी कर सकते हैं और आप एक अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं। न केवल पैसा बल्कि आप अपना नाम भी कमा सकते हैं।. शुरुआत करते समय ज्यादा खर्च की जरूरत नहीं होती है।

4. रिपेयरिंग सर्विस

बड़े शहरों में अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच घरेलू चीजों की रिपेयरिंग एक बड़ी जरूरत बनकर उभरी है ऐसे में ऑनलाइन रिपेयरिंग सर्विस की शुरुआत एक बेहतर विकल्प है और बड़ा फायदे का सौदा हो सकता है शुरुआती दौर में यह एक एरिया में इसकी शुरुआत कर सकते हैं इसके बाद इसका दायरा बढ़ा सकते हैं इसमें उन मैकेनिक्स को जोड़ सकते हैं जो अपनी बेहतर स्किल के लिए जाने जाते हैं इस तरह रिपेयरिंग सर्विस की शुरुआत कम कीमत में की जा सकती है जरूरत के मुताबिक किसका दायरा बढ़ा सकते हैं यह एक ऐसा स्टार्टअप आईडिया है जो कम लागत में अच्छी अर्निंग कर सकता है।

5. होम प्रोडक्ट डिलीवरी

अगर आप में किसी प्रोडक्ट को बनाने का हुनर है तो उसे ऑनलाइन लाइन और उसे बेहतरीन तरीके से बनाने के प्रयास करें। आप अब अपने इस काम से कम लागत में अच्छी अर्निंग कर सकते हैं जैसे अगरबत्ती बनाना, कैंडल बनाना साबुन होममेड ज्वेलरी और राखी हैंडमेड दलिया कैंडल्स साबुन आधी

6. डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी

एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के लिए स्किल्स और नेटवर्किंग की जरूरत होती है एक एजेंसी के तौर पर सो और सोशल मीडिया मार्केटिंग ईमेल मार्केटिंग जैसी सर्विस की शुरुआत कर सकते हैं इस तरह कम लागत में अच्छी शुरुआत हो सकती है। और इस तरह की एजेंसियां सक्सेस भी हो रही है।

ब्लॉग — आर्थिक फंडा ब्लॉग

राइटर — kedar Lal ( सिंह साब ), चीफ एडिटर

अगर बनना चाहते हैं ‘सक्षम कर्मचारी’ तो डेवलप करें “प्रोबलम सॉल्विंग स्किल्स।”और “लीडरशिप क्वालिटी।”

आज के युग को कंपटीशन अर्थात प्रतिस्पर्धात्मकता का युग माना जाता है। खाने का तात्पर्य है कि आज के इस मॉडर्न युग में एजुकेशन, व्यापार, बाजार, बिज़नेस, नौकरी हर जगह प्रतिस्पर्धा (कंपटीशन) है। आज से लगभग दशक पूर्व सरकारी नौकरी को करना आसान था लेकिन अब सरकारी कर्मचारियों को भी जनता के प्रति “जवाबदेय” बनाया गया है। प्राइवेट सेक्टर में भी कंपनियों में अक्सर कर्मचारियों कि छटनी होती रहती है। भारत का सरकारी क्षेत्र कम रोजगार दे पता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में प्राइवेट सेक्टर में रोजगारों की काफी अत्यधिक और उज्जवल संभावना है। सरकारी क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र हर की क्षेत्र की अपनी अपनी कुछ समस्याएं भी है। विभिन्न सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारियों और अफसर को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

आज की प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में भी किसी कंपनी की सफलता में ऐसे कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है जो “प्रोबलम सॉल्विंग स्किल्स” से भरपूर होते हैं। आजकल प्राइवेट ही क्यों सरकारी सेक्टर में भी ऐसे कर्मचारियों की वैल्यू अधिक है जो प्रोबलम सॉल्विंग सिस्टम में यकीन रखते हैं साथ ही जिन मै लीडरशिप क्वालिटी है।

आर्थिक फंडा ब्लॉग — “लीडरशिप क्वालिटी

प्रोबलम सॉल्वर कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है ऐसा कर्मचारी वह होता है जो किसी भी चुनौती का सामना समझदारी दक्षता और रचनात्मक सोच के साथ करता है। कंपनी की सफलता सफलता काफी हद तक ऐसी करमत कर्मचारियों पर टिकी हुई होती है। यदि आप अपनी कंपनी और अपने संगठन के लिए एक सक्षम प्रोबलम सॉल्वर बनना चाहते हैं तो आपको कुछ विशेष गुना और क्षमताओं का विकास करना होगा यह ने केवल कंपनी के लिए बल्कि आपकी व्यक्तिगत वृद्धि के लिए भी लाभकारी होंगे।

1. अपनी सोच में विश्लेषण उत्पन्न करें :

समस्या की जड़ तक पहुंचाने और उसे समझने के लिए समस्या पर गहराई से सोचने की क्षमता विकसित करें। कभी किसी भी समस्या के विभिन्न पहलुओं पर विचार करें समस्याओं के तार्किक विश्लेषण ढूंढने की कोशिश करें। अपनी कंपनी और संगठन में आने वाली हर तरह की समस्याओं के समाधान से पहले उनके विश्लेषणात्मक सोच के साथ अध्ययन करें।

2. रचनात्मक और नवाचार पूर्ण विचार अपनाये :

नए और अनोखी समाधान सुलझाने की योग्यता कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद होती है पारस्परिक तरीकों से हटकर सोच साथ ही दुनिया की सफल कंपनियों की कार्यप्रणाली कौशल और मॉडल का अध्यन करें। बड़ी कंपनियों के सफल कम कर्मचारियों और सीईओ तथा एग्जीक्यूटिव ऑफीसरों के साक्षात्कारों को पड़े। उनके विचारों को अपने और अपनी कंपनी के समस्या समाधान में उनका इस्तेमाल करें।

“मनी-मंत्र” निवेशकों की आर्थिक/वित्त/निवेश एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े अहम् सवालों के जवाब..।

क्वेश्चन 1. मैं एक छोटा व्यापारी हूँ, निवेश के साथ टैक्स की बचत भी करना चाहता हूं। कहां निवेश करूं जिसमें जोखिम भी नहीं उठाना पड़े, फण्ड भी सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी प्राप्त हो..? – नरेन्द्र शर्मा, जयपुर

उत्तर — आर्थिक फंडा ब्लॉग से — आपकी समस्या के समाधान के रूप में मैं आपके सुझाव देना चाहता हूं कि आप पीपीएफ ( पब्लिक प्रोविडेंट फंड) मैं निवेश करें। पीएफ एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा पूर्व सहित किया जाता है यह खास तौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है जो जोखिम से बचते हुए गारंटीड और टैक्स फ्री रिटर्न पाना चाहते हैं। आपको भी ऐसी ही योजना की तलाश है अतः आप पीएफ में निवेश करें आपकी समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। पीएफ निवेश के फायदे क्या-क्या है लिए मैं आपको बताता हूं —

1. यह सुरक्षित और सरकारी योजना है : पीएफ पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है, ऐसी योजना में खतरा होने की संभावना बहुत कम होती है और अगर कोई जोखिम होता है तो उसकी भरपाई सरकार के द्वारा की जाती है इसलिए इसे एक बेहतरीन निवेश योजना मान सकते हैं।

2. अच्छा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा : पीएफ में ब्याज काफी अच्छा मिलता है साथी न और भी कई फायदे हैं वर्तमान में 7.1% सालाना चक्रवर्ती ब्याज जो हर तिमाही रिवाइज होता है।

3. कम निवेश बडा रिटर्न : पीएफ में आप कम निवेश करके बाद रिटर्न हासिल कर सकते हैं रोजाना ₹70 जमा करने पर सालाना 25200 बनता है 15 साल में 6.83 लाख रुपए के लगभग होते हैं।

4. टैक्स लाभ : आपने बताया कि आप ऐसा निवेश करना चाहते हैं जिससे टैक्स लाभ भी प्राप्त हो तो पीएफ से आपको टैक्स लाभ भी प्राप्त होता है आयकर अधिनियम की धारा 80c के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट है। ब्याज और मेच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है।

5. पैसे की निकासी सुविधा : 7 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं चिकित्सा या उच्च शिक्षा के लिए खाता बंद करना संभव है।

6. लचीलापन : साल में एक बार न्यूनतम ₹500 और अधिकतम 1.5 लख रुपए तक निवेश कर सकते हैं

7. मजबूत वित्तीय सुरक्षा : पीएफ खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकतर सरकारी प्राइवेट बैंकों में खोला जा सकता है यह एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बन सकता है।

क्वेश्चन 2. मैं करौली जिले की अध्यापिका के केशू पोसवाल हूं, मैं एक कर खरीदना चाहती हूं और आपसे यह जानना चाहती हूं कि मुझे फोर व्हीलर केस में लेनी चाहिए या लोन पर..?

उत्तर — बहुत से लोग सोचते हैं कि कर खरीदते समय कैश पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन असल में लोन लेकर कर खरीदना कई मामलों में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। वो कैसे..? आइये मैं आपको जानकारी देता हूं –

1. लोन पर कर लेने से कैश फ्लो बना रहता है : केस में कर लेते हैं तो लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है लोन लेने पर हर महीने एमी भरकर बाकी पैसा निवेश या इमरजेंसी के लिए बचा सकते हैं।

2. टैक्स में मिल सकता है लाभ : यदि कर को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करते हैं तो कर लोन की ईएमआई का ब्याज हिस्सा टैक्स डिडक्शन में क्लेम किया जा सकता है जिससे टैक्स देनदारी काम हो सकती है।

3. इंश्योरेंस और एक्स्ट्रा बेनिफिट : बैंक या एनबीएफसी से लोन लेने पर कई बार फ्री इंश्योरेंस रोड साइड एक्सीडेंट या एक्सीडेंट वारंटी जैसी लाभ भी मिलते हैं जो कैश पेमेंट करने पर नहीं मिलते।

4. क्रेडिट स्कोर होता है मजबूत : समय पर ईएमआई चुकाने से आपका सिविल या क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे भविष्य में होम लोन लेना या पर्सनल लोन लेना आसान हो जाता है और आपको मजबूत क्रेडिट स्कोर के आधार पर कई अन्य लाभ प्राप्त होते हैं।

5. छूट और ऑफर : तिवारी सीजन या ऑफर्स के दौरान कर लोन पर बैंक और डीलर से दोनों की ओर से छूट कम ब्याज दर और कैशबैक दिए जाते हैं जिससे लोन लेना और भी फायदेमंद हो जाता है।

6. ध्यान रखें —

— कार लोन लेने से पहले ब्याज दरों की तुलना कर लें।

— इस बात का ध्यान रखें कि डाउन पेमेंट अधिक होगा तो EMI कम होगी

— यह भी ध्यान रखें की ईएमआई आपकी इनकम का 40% से ज्यादा ना हो।

— ध्यान रखें कि समय पर भुगतान करें अन्यथा आपके ऊपर पेनाल्टी का खतरा बना रहेगा।

क्वेश्चन 3. आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, मुझे ऐसा लगता है कि मेरे आधार कार्ड का किसी ने मिस यूज़ किया है क्या यह जानने का कोई तरीका है जिसमें यह पता चल सके कि मेरा आधार कार्ड कहां कहां इस्तेमाल हुआ है..? — Manoj gupta, bharatpur

उत्तर ( आर्थिक फंडा ब्लॉग से ) — आपका आधार नंबर कब, कहां और किसने इस्तेमाल किया.? आप फिक्र ना करें, इस बात को जानना अब बेहद आसान हो गया है। UIDAI यह सुविधा देता है कि आप अपने आधार नंबर का पूरा ऑथेंटिकेशन इतिहास जान सकें। इसका पता लगाने के लिए uidai.gov.in पर जाकर आधार नंबर कैप्चा और ओटीपी डालकर लॉगिन करें इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री विकल्प चुने। कब से कब तक की हिस्ट्री देखनी है उसकी तारीख डालकर फेच ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री पर क्लिक करें यहां 6 महीने तक का डाटा देख सकते हैं जब आपको तारीख समय और किस सेवा के लिए आधार का उपयोग हुआ यह जानकारी मिल जाएगी अगर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत यूआईडीएआई के टोल फ्री नंबर 1947 पर संपर्क करें। आधार को लॉक करने और अनलॉक करने की सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं। अगर कोई खतरनाक गतिविधि हुई हो, तो पुलिस या साइबर सेल सेवा में शिकायत दर्ज काराये।

Question 4. मेरा नाम दीपक गुप्ता है। मैं अपनी बेटी के लिए एक मुस्त 50000 ₹ को 15 20 साल के लिए निवेश करना चाहता हूं. कृपया मुझे बताइए कि मैं इन पैसों को कहां लगाऊं..? किसी बैंक में.? एफडी मे.? सरकारी योजना, म्युचुअल फंड, या इक्विटी आदि में से कहां लगाना चाहिए..?

उत्तर — सबसे पहले तो मैं आपकी इस बात के लिए तारीफ करना चाहता हूं कि आपने अपनी बेटी की भविष्य की चिंता की है। लेकिन इसके लिए आप चिंता ने करके एक सही इन्वेस्टमेंट प्लान को अपनाइए। अगर मैं एक अच्छा सरकारी निवेश आपको बताना चाहूंगा तू वह है ” सुकन्या समृद्धि योजना” जिसमें बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की क्षमता है। यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक पोस्ट ऑफिस योजना है और बेटियों के लिए निवेश की दृष्टि से बेहतरीन सरकारी योजना है! आप चाहे तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। इस योजना में 8 पॉइंट 2% की दर से ब्याज धारा 80c के तहत टैक्स लाभ और टैक्स फ्री मैच्योरिटी इसे बांड या एफडी जैसी योजनाओ बेहतर बनाती है। सरकारी योजनाओं में ब्याज की दृष्टि से यह सबसे बेहतरीन योजना है। आप चाहे तो विभिन्न बैंकों में चलने वाली “बाल बचत योजना” बाल बचत योजना में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। किसी बैंक या बीमा कंपनी की “गारंटीड रिटर्न” स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।

बेटी के भविष्य के लिए निवेश करना एक बहुत अच्छा फैसला है। आपके पास 15-20 साल का लंबा समय है, इसलिए आप जोखिम भरे निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं जो अधिक रिटर्न दे सकते हैं। यहाँ कुछ विकल्प हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं:

1. *पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।

2. *नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।

3. *म्यूचुअल फंड*: म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार म्यूचुअल फंड का चयन कर सकते हैं।

4. *एचडी इंश्योरेंस*: एचडी इंश्योरेंस में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार एचडी इंश्योरेंस का चयन कर सकते हैं।

5. *फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)*: फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।आपको अपनी बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए एक अच्छा विकल्प चुनना होगा। आप अपने वित्तीय सलाहकार से बात कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश विकल्प का चयन कर सकते हैं।

Question 5. मेरा नाम विनोद सिंह है। मैं गुना शहर का रहने वाला हूं। मेरा आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है, जो 10 12 साल से बंद है. लेकिन उसमें ₹55000 हैं. बैंक ने उस खाते को सीज कर दिया है। अनफ्रीज और चालू करवाने के लिए मैंने कई आवेदन दे दिए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, मैं जानना चाहता हूं कि अब मुझे क्या करना चाहिए..?

उत्तर — आप अपनी बैंक ब्रांच मैं जाएं और अपने निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं। आजकल खातों की केवाईसी अपडेट करवाना काफी जरूरी होता है। आप अपनी निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने खाते वाले बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है।. आप सबसे पहले यूडीजीएएम पोर्टल ( https://udgam.rbi.org.in/ ) पर जाकर अपना खाता खोजें इस पोर्टल पर 30 बैंकों की जानकारी उपलब्ध है पहचान सत्यापित करने के लिए पेन वोटर आईडी आदि जरूरी होगी होते हैं। फिर किसी भी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ अनुरोध फॉर्म जमा करें यदि बैंक उच्च समय में कार्रवाई नहीं करता है तो बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कारण। अब जैसा कि आपने बताया कि आपका फिर समय से समस्या का सामना कर रहे हैं और कोई समाधान नहीं हो रहा है अगर इतना करने के बाद भी समस्या सॉल्व नहीं होती है तो आप आरबीआई की कस पोर्टल के जरिए बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पैसे कमाना, बचाना, और बढ़ाना एक खेल है। जिसे चालाक लोग जीतते हैं।

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नमस्कार, आप सभी दोस्तों का आर्थिक फंडा (ब्लॉग) की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में स्वागत है। इस ब्लॉग में हम विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। आज के आर्टिकल में पैसे से संबंधित चर्चा होगी लेकिन एक अलग और नई सोच के साथ कुछ हटकर बात करेंगे। पैसे और पैसे कमाने के तरीकों पर एक अलग नजरिए और अलग सोच की बात करेंगे।

“पैसा कमाना, बचाना और बढ़ाना अब एक खेल है – लेकिन ये खेल सिर्फ चालाक लोग जीतते हैं”

पैसा बचाओ · 

1. आप कोई मामूली इंसान नहीं हैं…

हर सुबह जब आप उठते हैं, तो एक बात आपके ज़हन में चलती है –
“यार, कुछ बड़ा करना है… कुछ ऐसा जो ज़िंदगी बदल दे।”
लेकिन फिर दिन भर की भागदौड़, ज़िम्मेदारियाँ, और छोटे-मोटे खर्चे –
ये सब आपको घसीटकर वहीं ले आते हैं, जहाँ आप कल थे। सारी प्लानिंग धराशाई हो जाती है।

लेकिन अब बहुत हो चुका।
अब समय है खेल का रूल बदलने का – ऐसा खेल जो पैसा कमाने की दौड़ से आपको निकालकर,पैसे के मालिक बनने का रास्ता दिखाए।


2. अमीर लोग आपसे अलग क्यों नहीं, बस अलग सोचते हैं…

आप सोचते हैं – “ज्यादा मेहनत = ज्यादा पैसा”
वो सोचते हैं – “सही सिस्टम = आराम से ज्यादा पैसा”। जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते, वे हर काम अलग ढंग से करते हैं। यही तो जीतने वालों की खासियत होती है। आप जीतना चाहते हैं, और पैसा कमाना चाहते हैं, तो कमाने और पैसे के प्रति अपने नजरिए और सोच को बदलें।

आप कमाते हैं, फिर खर्च करते हैं, फिर जो बचा वो बचत। जबकि जिन लोगों की पैसे को लेकर सोच और नजरिया अलग होता है
वो कमाते हैं, पहले खुद को देते हैं, फिर खर्च की सोचते हैं।

असल फर्क बस इतना है –
वो पैसे से काम करवाते हैं, और हम खुद पैसे के लिए काम करते हैं।

अब सोचिए, क्या आप भी उसी रास्ते पर चलना चाहते हैं,
या एक नया रास्ता खुद बनाना चाहते हैं?


3. गेम का पहला राउंड – कमाई को मज़ा बनाइए

पैसे कमाने का तरीका अब बदल चुका है। एक जमाना था जब सरकारी नौकरी ही पैसा कमाने का जरिया होता था। धीरे-धीरे लोगों का रुझान प्राइवेट सेक्टर की ओर बढ़ा। अब न केवल सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बल्कि ऑनलाइन पैसे कमाने के दर्जनों तरीके सामने आ चुके
अब सिर्फ नौकरी नहीं, हज़ारों दरवाज़े खुले हैं – बस आपको खटखटाना आना चाहिए।

  • आप कोई स्किल सीख सकते हैं – जो आपको ऑफिस से आज़ादी दिलाए
  • Freelance कर सकते हैं – घर बैठे, दुनियाभर के क्लाइंट से
  • YouTube, ब्लॉग, Facebook, इंस्टाग्राम, वेबसाइट, – सब आपकी कमाई का मंच बन सकते हैं।
  • Affiliate से पैसे कमा सकते हैं जैसे दुकान चल रही हो, लेकिन स्टाफ भी आप नहीं रखने पड़े।
  • ब्लॉगिंग, आर्टिकल राइटिंग,कंटेंट क्रिएटिंग, घर बैठे पैसे कमाने के बेहतरीन जरिए हैं। आधुनिक जमाने में कमाई के तौर तरीके है।

अब आप ही सोचिए – क्या आपके पास 1 घंटा भी नहीं खुद के लिए?


4. दूसरा राउंड – बचत को बोझ नहीं, अपनी ताकत समझिए

हर बार जब आप खर्च करते हैं, तो एक छोटा सा सवाल पूछिए –
“क्या ये चीज़ मेरी ज़िंदगी को वाकई बेहतर बनाएगी, या बस पल भर की तसल्ली है?” ” क्या यह मेरे लिए जरूरी है, या पड़ोसी की होड़ में खरीदी जा रही है”

कंजूसी करने की ज़रूरत नहीं,
बस इतना कीजिए कि हर खर्च एक फैसले से हो, आदत से नहीं।

  • महीने की कमाई का हिस्सा पहले खुद के लिए रखिए
  • बाक़ी में जो करना है कीजिए – guilt के बिना, कड़वाहट के बिना
  • एक सिंपल रूल – जो दिखावे के लिए हो, उसे टालिए।
  • और जो आपको शांति दे, वो कभी मत छोड़िए
  • आप जो हासिल करना चाहते हैं उसके पीछे पड़े रहिए।

आप पाएंगे कि बिना ज़्यादा कोशिश के,
हर महीने आपके पास बचा हुआ पैसा दिखने लगेगा।


5. तीसरा राउंड – बढ़ाने का जादू, लेकिन जादू जैसा नहीं, हकीकत वाला

अब जो पैसा आपने बचाया है, उसे आलसी नहीं, स्मार्ट बनाइए।

आपका पैसा बैंक में पड़ा रहे, इससे अच्छा है वो आपके लिए काम करे। बैंक से ज्यादा कुछ प्राप्त होने वाला नहीं। अपनी बचत के पैसे को अच्छी-अच्छी जगह पर इन्वेस्ट कीजिए। और ज्यादा पैसा कमाईये।

  • Mutual Funds, SIP – छोटे-छोटे कदम, जो बड़ा फर्क लाते हैं। अपनी बचत के पैसे को निवेश करने के बेहतरीन रास्ते है।
  • Index Funds – सीधा, सरल, और शुरुआत के लिए शानदार।
  • थोड़ा सीखकर शेयर बाज़ार – डरिए मत, ये राक्षस नहीं, रास्ता है। मॉडर्न जमाने में पैसे कमाने का अच्छा जरिया है लेकिन पहले नॉलेज गेन करें। उसके बाद इन्वेस्ट करें।
  • और सबसे बड़ा गिफ्ट – Compounding का खेल जो वक्त के साथ कमाल करता है।

एक दिन नहीं, लेकिन एक साल में आप फर्क खुद महसूस करेंगे –
और पाँच साल में आप खुद को शुक्रिया कहेंगे।


6. अब कुछ ऐसी बातें जो आप कभी नहीं भूलेंगे…

  • हर महीने एक “छोटी जीत” पक्की कीजिए – नया निवेश, एक EMI खत्म, या ₹500 की बढ़ी हुई कमाई
  • अपनी इनकम के हिस्से बनाइए – ज़रूरत, सेविंग और ग्रोथ
  • अपने पैसों को एक मिशन में बदलिए – “ये मेरे बच्चों की आज़ादी का बीज है”
  • और सबसे ज़रूरी – दूसरों को देखकर मत चलिए, आपकी ज़रूरतें आपकी हैं

7. और अब…यह एक शुरुआत है।

आपने बहुत से वीडियो देखे होंगे,
किताबें पढ़ी होंगी – Rich Dad Poor DadThink & Grow Rich, या कोई और…

लेकिन वो सारे आइडियाज़ जब तक सिर्फ दिमाग में रहते हैं,
ज़िंदगी नहीं बदलते।

आप इस लेख तक पहुंचे हैं – इसका मतलब आप अब सोचने से आगे निकलना चाहते हैं।
आप वो हैं जो अब एक्शन लेना चाहते हैं।

तो आइए – खुद को एक वादा दीजिए…

“अब से मैं पैसा सिर्फ कमाऊँगा नहीं,
उसे समझूँगा, बढ़ाऊँगा, और अपने लिए आज़ादी का रास्ता बनाऊँगा।”


अगर आपको ये लेख ज़रा भी अच्छा लगा हो, तो इसे किसी ऐसे इंसान को ज़रूर भेजिए
जो रोज़ परेशान होता है – खर्चों से, तंगी से, या अपनी फिजूल आदतों से।

क्योंकि जब एक इंसान बदलता है,
तो वो अपने साथ पूरे घर की किस्मत बदल सकता है।

निष्कर्ष :

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

क्वेश्चन 1. पैसे कमाने के सबसे अच्छे तरीके कौन-कौन से हैं..?

उत्तर — आर्थिक फंडा (ब्लॉग) से, Arthikfunda.com पैसे बचाने के लिए कई तरीके हैं, जैसे बजट बनाना, अनावश्यक खर्चों को कम करना, और नियमित रूप से बचत करना। इसके अलावा, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाना, भोजन घर पर बनाना, और निवेश करना भी पैसे बचाने के प्रभावी तरीके हैं। 

यहाँ कुछ विस्तृत सुझाव दिए गए हैं:

1. बजट बनाएं और उसका पालन करें: 

  • अपने खर्चों का ट्रैक रखें और एक बजट बनाएं जिसमें आपकी आय और व्यय शामिल हों।
  • अपने बजट का पालन करें और अनावश्यक खर्चों को कम करने की कोशिश करें।

2. अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करें: 

  • ऐसे खर्चों की पहचान करें जो आवश्यक नहीं हैं और उन्हें कम करने की कोशिश करें।
  • उदाहरण के लिए, बाहर खाने की बजाय घर पर खाना बनाएं, या बिना मतलब की ऑनलाइन शॉपिंग से बचें।

3. छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं: 

  • जब भी संभव हो, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कूपन कोड का उपयोग करें या सेल का इंतजार करें।

4. भोजन घर पर बनाएं: 

  • बाहर खाने की बजाय, घर पर खाना बनाएं।
  • यह न केवल पैसे बचाएगा, बल्कि स्वस्थ भी होगा।

5. नियमित रूप से बचत करें: 

  • हर महीने एक निश्चित राशि अपने बचत खाते में जमा करें।
  • जितनी जल्दी आप बचत करना शुरू करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।

6. निवेश करें: 

  • अपने पैसे को विभिन्न निवेश विकल्पों में निवेश करें, जैसे कि म्यूचुअल फंड या स्टॉक।
  • यह आपको अपने पैसे को बढ़ाने में मदद करेगा।

7. कर्ज से बचें: 

  • जितना हो सके, कर्ज से बचें।
  • यदि आपको कर्ज लेने की आवश्यकता है, तो सुनिश्चित करें कि आप इसे समय पर चुका सकें।

8. बिलों का भुगतान समय पर करें: 

  • अपने बिलों का भुगतान समय पर करें ताकि देर से भुगतान शुल्क से बचा जा सके।

9. अनावश्यक वस्तुओं को न खरीदें: 

  • ऐसी वस्तुओं को न खरीदें जिनकी आपको वास्तव में आवश्यकता नहीं है।
  • खरीदारी करने से पहले, सोचें कि क्या आपको वास्तव में उस वस्तु की आवश्यकता है।

10. ऊर्जा बचाएं: 

  • बिजली और पानी का उपयोग कम करें।
  • उदाहरण के लिए, जब आप कमरे से बाहर जाते हैं तो बत्तियां बंद कर दें, और पानी का उपयोग कम करें।

इन सुझावों का पालन करके, आप अपने पैसे बचा सकते हैं और अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। 

एआई से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं. वित्तीय सलाह के लिए, किसी वित्तीय विशेषज्ञ से बात करें

क्वेश्चन 2. पैसे बचाने के क्या-क्या फायदे हैं..?

उत्तर — पैसे बचाने के कई फायदे हैं, जिनमें वित्तीय सुरक्षा, भविष्य की योजनाओं को साकार करना, और अप्रत्याशित खर्चों के लिए तैयार रहना शामिल है। बचत करने से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना। इसके अतिरिक्त, बचत करने से आपको ऋण से बचने और वित्तीय आपात स्थितियों से निपटने में मदद मिलती है। 

पैसे बचाने के फायदे :

आर्थिक स्वतंत्रता:बचत करने से आप अपने जीवन पर अधिक नियंत्रण रख सकते हैं और अपनी इच्छा अनुसार खर्च कर सकते हैं। 

वित्तीय सुरक्षा:बचत करने से आप अप्रत्याशित खर्चों, जैसे कि चिकित्सा आपात स्थिति या नौकरी छूटने, के लिए तैयार रहते हैं। यह आपको वित्तीय तनाव से बचने और मन की शांति बनाए रखने में मदद करता है। 

भविष्य के लिए योजना: बचत करने से आप अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पैसे जमा कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना। 

ऋण से मुक्ति: बचत करने से आप ऋण लेने से बच सकते हैं या ऋण की मात्रा को कम कर सकते हैं। यह आपको ब्याज भुगतान और ऋण के बोझ से बचाता है। 

आत्मविश्वास: जब आप पैसे बचाते हैं, तो आप अपने वित्तीय भविष्य पर अधिक नियंत्रण महसूस करते हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। 

ब्लॉग नाम — आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com

चीफ एडिटर — केदार लाल ( सिंह साहब )

अबाउट अस

कॉन्टैक्ट अस

प्राइवेसी पॉलिसी

ब्लॉग अड्रेस (0ffice)

Kedar Lal s/o shree ramkishan gurjar

  1. Village – tudawali
  2. post -parla
  3. Tehsil – todabhim
  4. jila – karauli
  5. State – rajasthan ( india )
  6. pin code – 321610छोटी छोटी घरेलू बचत और निवेश संबंधी जानकारियां।

पैसे बचाने के स्मार्ट तरीके जिन्हें जानकर आप चौंक उठेंगे..।

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पैसा बचाना सिर्फ बैंक बैलेंस बढ़ाने का काम नहीं है, ये खुद को आज़ाद करने का तरीका है। ये वो ताकत है जो आपको मजबूरी से आज़ादी की तरफ ले जाती है। जब जेब में पैसे होते हैं, तब फैसले दिल से होते हैं, डर से नहीं। पैसा बचाना मतलब सिर्फ भविष्य बनाना नहीं, खुद को इज्ज़त देना भी है। और आज के टाइम में, जहां हर चीज़ हमें खर्च करवाने पर तुली है — वहाँ बचत करना एक रिवॉल्यूशन जैसा है।

हर महीने पैसे आए नहीं कि सबसे पहले अपने लिए “एक चुपचाप चोरी” करो। खुद से ही पैसे चुराओ और एक ऐसी जगह छुपा दो जहाँ आप बिना वजह हाथ ना डाल सको। वो पैसा मत गिनो, भूल जाओ… और साल के अंत में जब अचानक देखोगे तो लगेगा जैसे फ्यूचर वाला आप, आज वाले को गले लगाकर शुक्रिया कह रहा है।

अपने खर्चों की एक छोटी सी डायरी बना लो। कोई fancy app नहीं, कोई झंझट नहीं। बस हर दिन दो लाइन — क्या खर्च किया और क्यों। ये आदत धीरे-धीरे आपकी फिजूलखर्ची की जड़ हिला देगी। आप जानने लगेंगे कि आप पैसे से क्या कर रहे हो… और क्या पैसे आपके साथ खेल खेल रहे हैं।

कोई भी चीज़ खरीदने से पहले एक सेकंड खुद से बोलो – “सच में ज़रूरत है या बस मन का झोंका है?” ये एक सेकंड आपकी जेब को हज़ारों से बचा सकता है। लाखों बचा सकता है। किसी चीज को तभी खरीदें जब उसकी आपको बेहद जरूरत हो और उसके बिना काम नहीं चल रहा हो। पड़ोसी रिश्तेदार या दोस्तों कि देखा देखी कोई भी वस्तु परचेज ना करें। जैसे दोस्त के पास गाड़ी है तो मुझे भी लेनी है, पड़ोसी ने नया फ्लैट खरीदा है तो मुझे भी खरीदना है।

जिनसे हम पैसे खर्च करते हैं, उनसे ही थोड़ा पैसा वापिस क्यों न लें? वो UPI ऐप्स, क्रेडिट कार्ड्स, रिवॉर्ड साइट्स – इनका सही इस्तेमाल कीजिए। छोटे-छोटे कैशबैक पूरे साल में एक महीने की सैलरी जितने बन सकते हैं। फर्क बस नजरिया बदलने का है। अपना नजरिया बदलो तो आपके आर्थिक नजारे भी बदल जाएंगे। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम एक बड़ी रकम कमा सकते हैं।

हर महीने एक बार बैठो और अपने सब्सक्रिप्शन चेक करो। वो OTT जो अब देखते नहीं, वो App जो काम का नहीं, वो Gym जिसकी कुर्सी तक नहीं छुई। ये सब चुपचाप आपकी जेब काट रहे हैं। इन्हें हटाइए और देखिए आपके पैसे कैसे सांस लेते हैं।

सेल और ऑफर एक खूबसूरत जाल हैं। 70% OFF देखकर जो खरीदा, वो कई बार 100% बेकार होता है। ऑफर तभी सही है जब आप वो चीज़ बिना डिस्काउंट भी खरीदने वाले थे। वरना ये आपका पैसा नहीं बचा रहे, छीन रहे हैं… बस बड़े प्यार से।

मस्ती ज़रूरी है, लेकिन मस्ती में भी प्लान हो। एक लिमिट सेट कीजिए हर महीने की। जैसे – “₹1000 इस महीने एंजॉयमेंट के लिए हैं, इससे ज़्यादा नहीं।” फिर देखिए उस ₹1000 से भी कितनी हैप्पीनेस मिलती है, क्योंकि वो गिल्ट-फ्री होती है।

हर महीने कुछ ऐसा सीखिए जो आपके पैसे बढ़ा सके। एक छोटा सा YouTube वीडियो, एक छोटा सा ब्लॉग, या एक दोस्त से बातचीत। SIP, म्यूचुअल फंड, freelancing, डिजिटल स्किल्स… जो भी हो, सीखना आपकी सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट है।

इन्कम बढ़े तो खर्च मत बढ़ाइए। आम लोग यहीं मात खा जाते हैं। अमीर लोग इनकम बढ़ने पर सेविंग बढ़ाते हैं। आप भी यही कीजिए। अगले 3 साल में आपकी सेविंग्स ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।

और एक लाइन हमेशा याद रखिए — “हर ₹100 की बचत, ₹1000 की आज़ादी है।” इसको दिल में बैठा लो। जब भी हाथ किसी बेमतलब खर्च की तरफ जाए, ये लाइन कान में गूंजनी चाहिए।

बचत कोई मजबूरी नहीं, ये एक स्टाइल है, एक स्मार्टनेस है, जो आपको बाकी दुनिया से अलग बनाती है। और जब आप खुद पर इतना कंट्रोल सीख लेते हैं, तब आप सच में किसी से पीछे नहीं रहते — क्योंकि आप हर दिन एक ऐसा फाउंडेशन बना रहे होते हैं, जिस पर एक बड़ा, मजबूत, शानदार सपना खड़ा होता है।

अब सोचिए — आप वही इंसान हैं जो आने वाले सालों में खुद को देखकर मुस्कुराने वाला है। क्योंकि आज आपने फैसला लिया — सिर्फ जीने का नहीं, समझदारी से जीने का।