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आर्थिक फंडा ( ब्लॉग )

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क्रेडिट कार्ड एक शक्तिशाली वित्तीय उपकरण है, जिसका यदि सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह आपको अनेक लाभ प्रदान कर सकता है। हालाँकि, यही उपकरण गलत तरीके से उपयोग किए जाने पर आपको वित्तीय संकट में भी डाल सकता है।

क्रेडिट कार्ड का उचित उपयोग करने के लिए निम्नलिखित बातों को याद रखना महत्वपूर्ण है:
क्रेडिट कार्ड के लाभ:
क्रेडिट कार्ड के नुकसान:
यदि आप क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से उपयोग करते हैं तो आपको कई लाभ मिल सकते हैं। हालाँकि, क्रेडिट कार्ड के दुरुपयोग से वित्तीय नुकसान भी हो सकता है।
नमोस्तुते!

पैन (स्थायी खाता संख्या) एक 10-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक पहचान संख्या है जो भारत के आयकर विभाग द्वारा जारी की जाती है। यह एक अद्वितीय पहचानकर्ता है जो व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके कर संबंधी लेनदेन को ट्रैक करने में मदद करता है। पैन कार्ड एक भौतिक कार्ड होता है जिसमें पैन नंबर, कार्डधारक का नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और हस्ताक्षर होते हैं। पैन कार्ड में एड्रेस नहीं होता है। इसे आइडेंटी कार्ड के तौर पर स्वीकार किया जाता है जबकि एड्रेस प्रूफ के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता है।
पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया:
पैन कार्ड बनवाने के दो मुख्य तरीके हैं: ऑनलाइन और ऑफलाइन।
ऑनलाइन प्रक्रिया:
1. एनएसडीएल (NSDL) या यूटीआईआईटीएसएल (UTIITSL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। ये दो सरकारी एजेंसियां हैं जो पैन कार्ड जारी करने के लिए अधिकृत हैं।
2. “नए पैन के लिए आवेदन करें” या इसी तरह के लिंक पर क्लिक करें।
3. ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें। सभी आवश्यक विवरण जैसे नाम, पता, जन्मतिथि आदि सही ढंग से भरें।
4. आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण और जन्मतिथि का प्रमाण जैसे दस्तावेज आवश्यक होते हैं। दस्तावेजों की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है।
5. ऑनलाइन भुगतान करें। आवेदन शुल्क का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है।
6. आवेदन जमा करें। सफलतापूर्वक भुगतान के बाद, आपको एक पावती संख्या प्राप्त होगी। आप इस नंबर का उपयोग करके अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
7. ई-पैन (e-PAN) डाउनलोड करें। कुछ मामलों में, आपको तुरंत या कुछ दिनों के भीतर एक डिजिटल पैन कार्ड (ई-पैन) डाउनलोड करने का विकल्प मिल सकता है।
8. भौतिक पैन कार्ड प्राप्त करें। आपका भौतिक पैन कार्ड आपके द्वारा आवेदन में दिए गए पते पर कुछ हफ्तों के भीतर भेज दिया जाएगा।
ऑफलाइन प्रक्रिया:
9. एनएसडीएल या यूटीआईआईटीएसएल की वेबसाइट से फॉर्म 49ए डाउनलोड करें या किसी पैन कार्ड सेवा केंद्र से प्राप्त करें।
* फॉर्म को ध्यान से भरें।
10. आवश्यक दस्तावेजों की स्व-सत्यापित प्रतियां संलग्न करें।
11. आवेदन शुल्क का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से करें जो “एनएसडीएल – पैन” या “यूटीआईआईटीएसएल – पैन” के पक्ष में देय हो।
12. फॉर्म और दस्तावेजों को एनएसडीएल या यूटीआईआईटीएसएल के निर्दिष्ट पते पर भेजें।
13. आपको एक पावती संख्या प्राप्त होगी जिसका उपयोग आप अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं।
14. आपका पैन कार्ड आपके द्वारा दिए गए पते पर कुछ हफ्तों के भीतर भेज दिया जाएगा।
पैन कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज:
आमतौर पर, पैन कार्ड बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
2. पते का प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक स्टेटमेंट, बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट, आदि।
3. जन्म तिथि का प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, आदि।
4. पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदन पत्र पर लगाने के लिए दो नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो।
नाबालिगों और अन्य विशेष श्रेणियों के आवेदकों के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई विस्तृत जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

अच्छी निवेश सलाह
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हां, जमीन खरीदना एक बेहतरीन निवेश हो सकता है, लेकिन इसका जवाब आपके लक्ष्यों, वित्तीय स्थिति और सौदे की बारीकियों पर निर्भर करता है। यदि आपके पास विवेकाधीन आय है, आपके पास पहले से ही एक घर है, और आप दीर्घकालिक निवेश के लिए तैयार हैं, तो जमीन खरीदना एक स्मार्ट और रणनीतिक कदम हो सकता है। हालांकि इसमें संपत्ति कर और साइट रखरखाव जैसी कुछ चल रही लागतों को कवर करना शामिल है, लेकिन मूल्यवृद्धि की संभावना, विकास के अवसर और दीर्घकालिक मूल्य भूमि को उन लोगों के लिए एक आकर्षक निवेश बनाते हैं जो धैर्य और रणनीतिक होने के लिए तैयार हैं।
ज़मीन खरीदना एक अच्छा निवेश क्यों है?
ज़मीन में निवेश करना एक स्मार्ट वित्तीय कदम हो सकता है। ज़मीन खरीदना एक अच्छा निवेश क्यों है, इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।

ज़मीन में निवेश करने के कई तरीके हैं, जिनमें से प्रत्येक में भागीदारी, जोखिम और संभावित रिटर्न के अलग-अलग स्तर होते हैं। ज़मीन में निवेश करने के आम तरीके इस प्रकार हैं:

निम्नलिखित कुछ सुझाव हैं जिनसे आप ऐसी भूमि खोज सकते हैं जो निवेश के लिए अच्छी हो।
हां, मुद्रास्फीति के दौर में भूमि एक अनुकूल निवेश हो सकती है। ऐतिहासिक रूप से, भूमि ने अपने आंतरिक मूल्य और सीमित आपूर्ति के कारण मुद्रास्फीति के खिलाफ एक विश्वसनीय बचाव के रूप में काम किया है। जैसे-जैसे मुद्रास्फीति मुद्रा की क्रय शक्ति को कम करती है, भूमि का मूल्य आम तौर पर बढ़ता है, जो समय के साथ निवेशकों के धन को संरक्षित करता है। भूमि की मूर्त प्रकृति स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करती है, जो मूल्य का एक भंडार प्रदान करती है जो आर्थिक अनिश्चितता के दौरान कागजी संपत्तियों के क्षरण के प्रति कम संवेदनशील होती है। इसके अतिरिक्त, भूमि निवेश अक्सर बढ़ी हुई मांग से लाभान्वित होते हैं क्योंकि निवेशक मुद्रास्फीति के दबावों से बचने की कोशिश करते हैं, जिससे मूल्य वृद्धि को और बढ़ावा मिलता है। इसलिए, मुद्रास्फीति के प्रतिकूल प्रभावों से बचाव और लंबी अवधि में धन को संरक्षित करने के लिए भूमि में निवेश करना एक विवेकपूर्ण रणनीति हो सकती है।
वैसे तो ज़मीन खरीदना एक अच्छा निवेश माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियाँ भी होती हैं जब ज़मीन खरीदने में सावधानी बरतनी चाहिए। खराब लोकेशन, विकास की उच्च लागत, अप्रत्याशित जोखिम और प्राकृतिक आपदाएँ, और तरलता की कमी जैसी चीज़ें कुछ ऐसी वजहें हैं जिनकी वजह से लोग ज़मीन को एक अच्छे निवेश के तौर पर नहीं देखते।

बिल्डेबल में, हम सैन डिएगो, सीए में भूमि विकास की जटिल और अक्सर अस्पष्ट प्रक्रिया को स्पष्ट करने में विशेषज्ञ हैं। हमारा मिशन अपने ग्राहकों को उनकी परियोजनाओं के माध्यम से सुचारू रूप से मार्गदर्शन करना है, समय और धन दोनों की बचत करते हुए आम नुकसानों से बचने में मदद करना है। शुरू से ही, बिल्डेबल नेतृत्व करता है, विश्वसनीय भागीदारों के हमारे नेटवर्क का लाभ उठाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपकी परियोजना न केवल बजट के भीतर पूरी हो बल्कि आपकी समयसीमा को भी पूरा करे। भूमि खोजने से लेकर अंतिम निरीक्षण तक, बिल्डेबल कस्टम होम बिल्ड के लिए आपकी वन स्टॉप शॉप है। इस बारे में अधिक जानने के लिए कि हम आपकी सहायता कैसे कर सकते हैं और आपकी विशिष्ट परियोजना आवश्यकताओं पर चर्चा करने के लिए, हमारे साथ परामर्श का समय निर्धारित करें ।
पर और अधिक पढ़ें
बढ़ती उम्र के साथ आर्थिक सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। कहते हैं वृद्धा अवस्था में या तो दवा काम आती है या पैसा। यह जिंदगी का ऐसा पड़ाव है जहां अपने साथ छोड़ देते हैं और व्यक्ति अकेलेपन का शिकार हो जाता है। आम आदमी तो क्या रिक्वायरमेंट एवं नौकरी करने वाले लोगों को भी अपनी जिंदगी की चिंता सताने लगती है। इस उम्र में व्यक्ति अनेक बीमारियों से घिरा रहता है। इन सब चीजों के लिए हमें पैसों की जरूरत पड़ती। अगर व्यक्ति की वित्तीय योजना सही हो तो आप बिना किसी चिंता के अपना जीवन जी सकते हैं इसके लिए सिर्फ फार्मूला अपना है जो बचत संपत्ति और खर्च प्रबंधन पर आधारित हो।
बचत और निवेश सेविंग एंड इन्वेस्टमेंट
रिटायरमेंट के बाद स्थिर आई के लिए कुछ सुरक्षित रिटर्न देने वाले निवेश विकल्प चुना बेहद जरूरी होता है।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना वह योजना है जो 60 वर्ष के अधिक उम्र के लोगों के लिए सबसे अधिक सुरक्षित है। इस योजना के तहत 7 से 8 फीस दीवार से ब्याज मिलता है तथा 5 साल की अवधि वाली इस योजना में 15 लख रुपए तक निवेश कर सकते हैं।
वार्षिक योजना
इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिक कोई भी एक मस्त राशि, जो 50000 से लेकर 20 लाख तक कितनी भी हो सकती है। इससे अधिक राशि भी जमा की जाती है लेकिन उसके लिए कुछ फॉर्मेलिटी पूरी करनी पड़ती है। वार्षिक योजना के तहत आप एक राशि बैंक में जमा करवाते हैं और बदले में मिलने वाले ब्याज के जरिए आप अपने निजी और घरेलू खर्चों में चला सकते हैं।
संपत्ति और निष्क्रिय आय
अगर आप पेंशनर है तो वृद्धा अवस्था में पेंशन के अलावा भी संभव हो सके तो कुछ अतिरिक्त आय के साधन जुटाना जरूरी होता है।
गवर्नमेंट कर्मचारी कैसे टैक्स सेविंग कैसे करें…?
होममतलब की बातTax Saving Tips: अपनी सैलरी में इन 10 अलाउंस को कर लें शामिल, टैक्स बचाना हो जाएगा आसान
Tax Saving Tips: अपनी सैलरी में इन 10 अलाउंस को कर लें शामिल, टैक्स बचाना हो जाएगा आसान
Income Tax Savings: अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं. यहां कुछ ऐसे अलाउंस बताए गए हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.
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आर्थिक फंडा .कॉम — “अच्छी निवेश सलाह”
Edited by- kedar lal
Read Time:3 mins
Tax Saving Tips: अपनी सैलरी में इन 10 अलाउंस को कर लें शामिल, टैक्स बचाना हो जाएगा आसान
Tax Saving Tips: जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें.
नई दिल्ली:
जब नौकरीपेशा लोग अपनी कमाई पर टैक्स देने की बात करते हैं, तो हर कोई चाहता है कि किसी तरह टैक्स बचा लिया जाए. लेकिन टैक्स बचाने के लिए जुगाड़ की बजाय समझदारी से प्लानिंग करनी जरूरी है. अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं.
यहां हम आपको कुछ ऐसे अलाउंस बताने जा रहे हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.
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समझदारी से करें सैलरी प्लानिंग
जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें. ऐसा करने से न सिर्फ आपका टैक्स बचेगा, बल्कि आपकी सैलरी का उपयोग भी ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा.
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Kedar Lal (सिंह साब)
फ़रवरी 13, 2025
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प्रारंभ करें
आर्थिक फंडा .कॉम की आज की पोस्ट महिलाओं को प्रेरित करने वाली है। और हजारों लाखों की संख्या में ऐसे लोग जो एंटरप्रेन्योर हैं। महिलाओं के लिए तो रोशनी नादर एक प्रेरणा है। रोशनी नादर हजारों ऐसी महिलाओं के लिए जो एंटरप्रेन्योर है उनके लिए एक प्रेरणा स्रोत है। रोशनी नादर लिस्टेड भारतीय आईटी कंपनियों की पहली महिला मुखिया है।
रोशनी नादर का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रोशनी का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में हुआ और उन्होंने वसंत वैली स्कूल से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से संचार, रेडियो/टीवी/फिल्म में डिग्री हासिल की. उनकी शिक्षा का मार्ग केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए के साथ जारी रहा, जिसमें सोशल एंटरप्राइज मैनेजमेंट और रणनीति में विशेषज्ञता हासिल की. मजबूत शैक्षिक आधार ने उनके प्रोफेशनल स्किल के साथ-साथ ह्यूमेटेरियन वर्क को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
बिजनेस के साथ लोगों को संभालना सीखा
रोशनी नादर मल्होत्रा अपने बारे में बताते हुए कहती हैं की जिंदगी के इतने सालों में मैंने यह सीखा है की असली चुनौती टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि लोगों और उनकी भावनाओं की विविधता को संभालना है मेरे लिए यही सबसे बड़ा फॉक्स रहा है बिजनेस बनाने के साथ-साथ लोगों को सही ढंग से संभालता मैंने सीखा। अगर आप बिजनेसमैन है और आपको यह कल आ गई तो समझो आप सफल हैं। आपको अपनी बिजनेस के साथ काम करने वाले में पावर को भी संभाल कर रखना होगा. तभी आप कामयाब हो सकेंगे।
करियर और लीडरशिप
HCL में आने से पहले, रोशनी कई कंपनियों में प्रोड्यूसर थीं, जिनमें CNN America और SKY News UK शामिल हैं. HCL में उनकी नियुक्ति उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई. उन्हें एक साल के भीतर ही HCL कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक और CEO के पद पर पदोन्नत कर दिया गया, जो कंपनी के भीतर उनके तेज विकास को दिखाता है. जुलाई 2020 में, उन्होंने अपने पिता से HCL Technologies की चेयरपर्सन का पद संभाला और भारत में किसी सूचीबद्ध IT कंपनी की कमान संभालने वाली पहली महिला बन गईं.

फोटो – रोशनी नाडर मल्होत्रा — “आर्थिक उड़ान”
सामान्य परिचय-
जन्म – 1982 ( करीब 43 वर्ष )
स्थान – दिल्ली।
शिक्षा – दिल्ली और अमेरिका की नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी से। अमेरिका से ही कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट में डिग्री
परिवार – पति शिखर मल्होत्रा, दो बेटे -अरमान और जहांन।
सम्पति – 3.5 लाख करोड रुपए। हुरुन इंडिया के मुताबिक रोशनी और उसके परिवार के पास इतनी संपत्ति है।
उपलब्धियां –
मात्र 27 साल की उम्र में कल कंपनी की सीईओ रही रोशनी नादर कभी मीडिया इंडस्ट्री में कैरियर बनाना चाहती थी। 4 वर्ष मैगजीन को दिए एक साक्षात्कार में रोशनी बताती है करीब 15 साल पुरानी बात है मैं लंदन में स्काई न्यूज़ चैनल में इंटर्नशिप कर रही थी तभी मेरे भविष्य को लेकर बातचीत करने के लिए पिता शिव नाडा ने फोन किया मैंने मीडिया इंडस्ट्री में करियर बनाने की बात कही तब उन्होंने समझाया कि “तुम तब तक रूपर्ट मड़ोक नहीं बन सकती जब तक की बिजनेस को अच्छी तरह से ने समझ लो,और बिजनेस को समझने के लिए तुम्हें मैनेजमेंट सीखना होगा।” अर्थात मेरे पिता ने मुझे मीडिया से बिजनेस की ओर मोड़ दिया। रूपर्ट मड़ोक मीडिया इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम है। पिता के कहने पर रोशनी को यह बात समझ में आई और उन्होंने फैसला किया कि वह परिवार के बिजनेस को संभालेंगी। बेहद शांत स्वभाव की रोशनी पर उसकी मां किरण नादर का भी काफी प्रभाव पड़ा।
रोशनी नगर देश की सबसे अमीर और दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बन गई है यह अपने आप में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
बिजनेस वुमन – एचसीएल टेक्नोलॉजी कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा अधिग्रहण रोशनी के नेतृत्व में किया।. उनके नेतृत्व में एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने 2018 में आईबीएम से 180 करोड डॉलर में सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट का अधिग्रहण किया। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा अधिग्रहण था।
रोशनी अपनी कंपनी को एक स्टार्टअप की तरह चलती हैं। एक स्टार्टअप जैसी सोच के साथ चलती है। रोशनी तेज नई चीजों को जानने और आगे बढ़ाने की भूख रखने वाली है। माता 43 साल की उम्र में उन्होंने यह जो गौरवपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की है यह हर एंटरप्रेन्योर और उद्योगपति के लिए आर्थिक प्रेरणा प्रधान करती है। रोशनी स्वभाव से खुश मिजाज खूबसूरत स्वस्थ एवं सुंदर स्त्री है। उनका व्यक्तित्व भी आकर्षक है।

किरण नाडर म्यूजियम ऑफ़ आर्ट की स्थापना –
किरण लैडर को प्रकृति और वन्य जीवों से बेहद लगाव है। उन्हें कला संग्रह का भी काफी शौक है। इन्हीं चीजों की लगाओ ने किरण नादर म्यूजियम ऑफ़ आर्ट को जन्म दिया। रोशनी को प्रकृति और वन्य जीवों से बेहद लगाव है। एक समय तो वह वर्ल्ड लाइफ फोटोग्राफर बनने की सोचने लगी थी। लेकिन किसी कारणवश उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। जैसे मीडिया में जाने की उनकी इच्छा पूरी नहीं हो पाई थी। आज भी रोशनी नियमित रूप से वन्य जीवों के बीच जाती रहती हैं। वियोग और प्राणायाम करते हैं और इन्हें बायोग्राफी पढ़ने का भी शौक है। रोशनी बताती है कि उन्हें उत्तराधिकारी चुना बेहद चुनौती पूर्ण लगता है यानी किसी कंपनी में एक सफल लीडर का स्थान दूसरा कैसे लगा इस पर उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है।
परिवार-
रोशनी अपने माता-पिता की इकलौती संतान रही है। रोशनी का जन्म दिल्ली की शिव और किरण नादर के घर हुआ था उनके दादा और शिव सुब्रमण्यम नादर जिला जज थे माता-पिता की इकलौती संतान होने के कारण उन्हें खूब लाड प्यार मिला। उनके पास किसी बात की कोई कमी नहीं रही। शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के ‘वसंत वैली’ नामक स्कूल से की। यहां से आगे की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह अमेरिका चली गई। उन्होंने अपना उच्च अध्ययन अमेरिका की नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी से संप्पन किया।
विवाह –
रोशनी बताती हैं कि उनकी एक सामान्य से दोस्त के जरिए मेरी मुलाकात शिखर मल्होत्रा से हुई थी शिखर तब होंडा कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम कर रहे थे यह जान पहचान 10 साल तक चली और 2009 में दोनों ने शादी कर ली उनके दो बेटे अरमान और जहां है शादी के बाद शिखर की भी कल से जुड़ गए और वह अच सी एल हेल्थ केयर के वाइस चेयरमैन है।
कैरियर –
न्यूज़ प्रोड्यूसर से चेयरपर्सन तक
नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी अमेरिका से संचार की पढ़ाई के बाद रोशनी ने सीएनएन सीएनबीसी और इसका ही न्यूज़ लंदन जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। इन संस्थानों में अध्ययन करना ही अपने आप में गौरवान्वित करने वाली बात होती है। इतने बड़े संस्थानों से मीडिया की पढ़ाई करने से पता चलता है कि उनकी मीडिया जगत में कितनी रुचि थी। जब हाल तूने उन्हें बिजनेस की ओर मोड़ दिया तो उन्होंने वहां भी अपना परचम पहराया यही रोशनी की वह बात है जो युवा एंटरप्रेन्योर को प्रेरणा देती है। वह लंदन के प्रसिद्ध स्काई न्यूज़ में न्यूज़ प्रोड्यूसर भी रही थी लेकिन पिता के समझाने पर 2009 में कल कॉरपोरेशन से जुड़ गई फिर धीरे-धीरे कंपनी के फैसलों में शामिल हुई 2018 में वाइस चेयरमैन और 2020 में कंपनी की अध्यक्ष बनी। रोशनी को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी काफी पसंद है और वह दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं में शामिल है।
रोशनी नाडर से जुड़ी खास बात –
यह है की रोशनी को वन्य जीवों से बेहद प्यार है वन्य जीवों की बेहतर तरीके के लिए उन्होंने हैवीवेट ट्रस्ट नाम से एक संस्था भी बनाई है। उन्हें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी से तो बेहद प्यार है। रोशनी को मेघावी बच्चों से बड़ा लगाव है मेघावी बच्चों को मुफ्त शिक्षा के लिए शिव नादर फाऊंडेशन चलाया है। इसके तहत विद्याज्ञान स्कूल में विश्वविद्यालय चल रही है।
क्वेश्चन 1. रोशनी नाडर मल्होत्रा कौन है..?
उत्तर- रोशनी नाडर का नाम इन दिनों चर्चा में है। भारत की आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयर पर्सन है। हाल ही में उनके पिता शिव नाडर ने अपने 47% शेयर उनके नाम कर दिए और वह देश की सबसे अमीर तथा दुनिया की पांचवी अमीर महिला बन गई है रोशनी का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में हुआ और उन्होंने वसंत वैली स्कूल से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से संचार, रेडियो/टीवी/फिल्म में डिग्री हासिल की. उनकी शिक्षा का मार्ग केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए के साथ जारी रहा, जिसमें सोशल एंटरप्राइज मैनेजमेंट और रणनीति में विशेषज्ञता हासिल की. मजबूत शैक्षिक आधार ने उनके प्रोफेशनल स्किल के साथ-साथ ह्यूमेटेरियन वर्क को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
ब्लॉग – आर्थिक फंडा. कॉम
वेबसाइट – arthikfunda.कॉम
चीफ एडिटर – kedar Lal ( सिंह साब )
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नौकरी से पहले हर इंसान को और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को यह चिंता रहती है कि “पता नहीं कब नौकरी लगेगी..? और जब नौकरी लग जाती है तो हम दूसरी चीजों में मत हो जाते हैं। हम कई जरूरी चीजों को या तो भूल जाते हैं या उन पर ध्यान ही नहीं देते हैं। एक महत्वपूर्ण काम है – “नौकरी के बाद निवेश योजना” नौकरी लगने के कई वर्षों बाद तक इस काम पर ध्यान नहीं दिया जाता। परिणाम स्वरुप हमारे वित्तीय स्थितियों गड़बड़ाने लगती। मैं अपने सभी पाठक दोस्तों को जो, नौकरी पेशा है उन्हें यह मशवरा देना चाहता हूं कि अपनी नौकरी से एक निश्चित हिस्से की बचत करें और उसे रेगुलर निवेश करते रहें।
नौकरी लगने के बाद कुछ वर्षो का समय व्यक्ति मस्ती में और खुशी मै गुजार देता है, क्योंकि नोकरी लगने के बाद दो-तीन साल का वक़्त अपने ख़र्चों और उसके बाद होने वाली बचत को समझने में लग जाता हे। उसके बाद का समय ही बचत कर निवेश करने के लिए उचित होता है। पहली नौकरी लगने के बाद जब वेतन मिलता है तो जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल ख़र्चे होते हैं और बचत नाममात्र होती है। लेकिन नौकरी के तीन साल बाद का समय सही होता है बचत और निवेश करके अपनी आर्थिक स्थिति मज़बूत करने का। साथ ही नौकरी के प्रारंभिक तीन सालों में वर्तमान और भविष्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए कुछ विशेष क़दम उठाने ज़रूरी हैं।
आज की पोस्ट में / टेबल ऑफ़ कंटेंट

फोटो – आर्थिक फंडा ब्लॉग — “आपका निवेश साथी”
नौकरी मिलने के बाद जल्द से जल्द निवेश शुरू करना फायदेमंद हो सकता है। यदि आप अपनी नौकरी के कुछ ही महीनों के बाद, या अपनी पहली सैलरी मिलने के बाद, निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो आपको लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है.
निवेश की शुरुआत कब करें..?
जल्दी निवेश करना क्यों फायदेमंद है.?
निवेश कैसे करें.?
जिंदगी का कोई भी क्षेत्र हो कामयाबी के लिए लक्ष्य का निर्धारण जरूरी है। लक्स विहीन जिंदगी में सिर्फ भटकाव होता है। जैसे विद्यार्थी बिना लक्ष्य निर्धारित किए अच्छी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता ठीक वैसे ही एक व्यक्ति अगर अच्छी वित्तीय स्थिति बनाकर रखना चाहता है तो उसे अपने वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। लक्ष्य निर्धारित होने के बाद इन्वेस्टमेंट प्लैनिंग आसान हो जाती है। आप अपने निवेश को लेकर यह तय करें कि मुझे क्या..? कब..? और कितना निवेश करना है..? इन छोटी-छोटी बातों को तय करने के बाद आपकी इन्वेस्टमेंट प्लैनिंग मजबूत बनती है
2. बजट बनाएं :
लक्ष्य निर्धारित होने के बाद आप अपने निवेश संरक्षण को लेकर अपने बजट का भी निर्धारण करें। निवेश में बजट बनाना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। बजट बनाते वक्त अपने आए और खर्चों का पूरा ध्यान रखें। क्योंकि आपके अपने देश में आपकी बचत का अहम् रोल होता है।
3. निवेश शुरू करें
लक्ष्य निर्धारित होने और बजट तैयार होने के बाद अगला कदम होता है निवेश शुरू करे। अपने अपने लक और बजट बनाते समय जिन योजनाओं में निवेश करने का प्लानिंग की थी अब आप पूरी योजना में निवेश करना शुरू करें।
4. छोटी शुरुआत करें :
मैं उन लोगों से सहमत नहीं हूँ जो एक साथ मोटी रकम निवेश करना चाहते हैं। प्रारंभ में और नौकरी लगने की शुरुआत में पैसे भी वेतन कब मिलता है। और कुछ अन्य बातों पर भी गौर करें तो मिस निष्कर्ष पर पहुंचता हूं कि निवेश भी हमेशा छोटी-छोटी रकम में करें। देखिए एक कोई भी व्यापार ओम निवेश खतरों से मुक्त नहीं। निवेश में रिस्क फैक्टर हमेशा शामिल होता है। इसीलिए वित्तीय सलाहकार प्रारंभ में छोटे निवेश करने की सलाह देते। आप 50000, 1 लाख, डेढ़ लाख की राशि से अपना निवेश करें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह रहेगा क्योंकि आप प्रारंभिक निर्देश से निवेशक हैं इसलिए आपका रिस्क फैक्टर आपको परेशान नहीं करेगा।
निवेश में विविधता लाए
कभी भी एक कृषि क्षेत्र में अपनी पूरी निवेश राशि को नहीं लगना चाहिए। निवेश में विविधता होनी चाहिए अर्थात थोड़ा-थोड़ा पैसा 23 सेक्टर में इन्वेस्ट करना चाहिए। अपनी पोर्टफोलियो पर ध्यान दें और उसे बेहतर बनाने का प्रयास करें। विदेश में विविधता रिस्क फैक्टर को भी काम करती है। अर्थात यदि आपका थोड़ा-थोड़ा पैसा कई मार्केट में इन्वेस्ट है तो आपके डूबने का खतरा नहीं होगा। अगर कभी लॉस भी होता है तो एक साथ आपकी पूरी राशि नहीं डूबेगी
आपातकालीन विधि बनाएं
हर व्यक्ति को अपनी छह महीने की सैलरी के के बराबर एक आपातकालीन निधि रखनी चाहिए, जिसे आसानी से निकाला जा सके। इसे आप बैंक के बचत खाते या एफडी में रख सकते हैं। यह फंड आकस्मिक परिस्थितियों, जैसे परिवार पर मुसीबत या आय का स्रोत रुक जाने, जैसी स्थितियों के दैरान मदद करता है। आपातकालीन निधि मुश्किल वक़्त में दीर्घकालिक निवेश को बीच में न रोकने की क्षमता प्रदान करती है।
स्वास्थ्य बीमा में करें निवेश
सेहत से जुड़े ख़र्चे हमेशा होते रहते हैं, इसलिए व् यह निवेश बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आप इन परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार नहीं होंगे, तो भविष्य में आपको वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी शुरू करने और वेतन मिलने के बाद, स्वास्थ बीमा में निवेश करना समझदारी है। युवावस्था में निवेश करने से कम प्रीमियम पर बेहतर कवरेज प्राप्त किया जा सकता है, जो लंबे समय में फ़ायदेमंद साबित होता
छोटी बचत से बड़ा फंड बनाये
अपनी आर्थिक योजना बनाने से पहले, एक छोटी और नियमित लंबी अवधि की बचत योजना शुरू करना फ़ायदेमंद है। जैसे, 25 साल की उम्र से 2000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी शुरू करें और हर साल इसमें 5% वृद्धि करें। इसे 35 साल तक जारी रखने पर लगभग 2 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। एसआईपी की अवधि जितनी लंबी होगी, उतना अधिक लाभ मिलेगा। सैलरी बढ़ने पर अतिरिक्त बचत के लिए समय-समय पर नई एसआईपी भी शुरू की जा सकती है, जो आपके वित्तीय लक्ष्य को पूरा. करने में मदद करेगी।
निवेश जिसमें जोखिम मध्यम है
इसमें ऐसी योजनाएं शामिल होती हैं जो संतुलित या विविधतापूर्ण निवेश के रूप में काम करती हैं। ये योजनाएं न केवल विकास की क्षमता प्रदान करती हैं, बल्कि बाज़ार के उतार-चढ़ाव को एक निश्चित स्तर तक सहन करने की क्षमता भी देती हैं। अधिकांश मध्यम जोखिम वाली योजनाएं इक्विटी और डेट इंस्ट्रमेंट्स के संयोजन के ज़रिए स्थिर रिटर्न देती हैं। उदाहरण के लिए, हाइब्रिड डेट ओरिएंटेड फंड और आबिंट्रिज फंड। कम जोखिम वाला निवेश चंद निवेश ऐसे हैं, जिनमें जोखिम लगभग श््छे शून्य होता है। ये निवेश योजनाएं स्थिर और भरोसेमंद मुल्यवर्धित होती हैं और कम से कम ‘ नुक़सान करती हैं, कि बैंक सावधि योजना : (एफडीआर ), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ ), डाकघर .’ मासिक आय योजना (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम ‘ प्लान) और बॉन्ड्स आदि।
इन्हें जरूर पढ़ें —
नीचे दो वेबसाइट है दी गई है यह दोनों वेबसाइटों की खास बात है कि इनमें लिखे गए आर्टिकल यूनिट मौलिक एवं उपयोगकर्ताओं की दृष्टि से बेहतरीन है। आप इन ब्लॉग वेबसाइटों को पढ़ सकते हैं —
घ्यान रहे…
क सारी पूंजी एक प्रकार के निवेश में न लगाकर अलग-अलग जगह लगाएं। यदि सोने में निवेश करना हो तो पेपर गोल्ड में ही करें। रियल एस्टेट में तभी निवेश करें जब उच्च जोखिम सहने ही क्षमता हो।
निवेश जिसमें उच्च जोखिम है
यदि आपका उद्देश्य दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि पर है, तो उच्च जोखिम वाली निवेश योजनाएं आपके लिए उपयुक्त हैं। हालांकि, इन योजनाओं में उतारचढ़ाव होते हैं, लेकिन लंबे समय में अच्छे रिटर्न की संभावनाएं भी होती हैं। उच्च जोखिम वाली-निवेश योजनाएं, जैसेसीधे शेयर बाज़ार में निवेश, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लास्स और म्यूचुअल फंड्स जो केवल शेयर बाज़ार में निवेश करत
लाइफ इंश्योरेंस कि सुरक्षा
jiwan बीमा परिवार के लिए सुरक्षा दीवार कि भांति है, यदि इसे पूरी studay के बाद लिया जय तो ये एक अच्छे निवेश के रूप में पहचान रखती है, जीवन बीमा में निवेश के केई विकल्प उपलब्ध है, अगर सुरुआत में आपको money problam हो तो छोटे प्लान सलेक्ट करे, आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से पहले टर्म इंसुरेंस ख़रीदे,
नौकरी मिलने के बाद, जितना जल्दी हो सके निवेश शुरू करना फायदेमंद होता है। यह आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करता है। हालांकि, पहले कुछ महीनों में, यह सलाह दी जाती है कि आप कुछ वित्तीय प्राथमिकताओं पर ध्यान दें, जैसे कि एक आपातकालीन फंड बनाना या किसी भी बकाया कर्ज का भुगतान करना।
यहां कुछ चीजें दी गई हैं जिन्हें आप नौकरी के कुछ ही दिनों में कर सकते हैं:
निवेश के लिए कुछ सुझाव:
कुछ चीजें जो आपको निवेश शुरू करने से पहले करनी चाहिए:
निष्कर्ष:
निष्कर्ष – दोस्तों निवेश हमें सुनने में आसान लगता है लेकिन निवेश करना एक समझदारी भरा कदम। हर बिंदु, नफा- नुकसान, बजट, बैंक बैलेंस खर्च आरती पर विचार करने के बाद निवेश को अमली जमा पहनना चाहिए। नौकरी लगने के बाद समझदारी से एवं प्लानिंग के साथ निवेश करना चाहिए हालांकि मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं नौकरी लगने के तुरंत बाद निवेश प्रक्रिया शुरू कर देना चाहिए।
नौकरी के बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा वित्तीय निर्णय है। हालांकि, पहले कुछ महीनों में, यह सलाह दी जाती है कि आप कुछ वित्तीय प्राथमिकताओं पर ध्यान दें, जैसे कि एक आपातकालीन फंड बनाना या किसी भी बकाया कर्ज का भुगतान करना। एक बार जब आप अपनी वित्तीय स्थिति से सहज हो जाएं, तो आप नियमित रूप से निवेश शुरू कर सकते है
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Q & A)
क्वेश्चन 1. आप निवेश करना कब शुरू करें.?
उत्तर — निवेश करने का सबसे अच्छा समय तब है जब आप आर्थिक रूप से स्थिर हो जाएं, और आपके पास निवेश के लिए आवश्यक रकम हो। वैसे जल्दी निवेश शुरू करने के कई फायदे हैं जैसे जल्दी निवेश करने से आपको लाभ प्राप्त करने के लिए लंबा समय मिल जाता है, जल्दी निवेश करने से चक्रवर्ती ब्याज के जरिए धन में काफी बढ़ोतरी होती है, जल्दी निवेश करने से आप फाइनेंशियल रूप से मजबूत बनते हैं तथा आपकी निवेश स्किल मैं बढ़ोतरी होती है।
क्वेश्चन 2. सबसे बेस्ट निवेश (इन्वेस्टमेंट) कौन-कौन से हैं.?
उत्तर – दोस्तों, निवेश करने के अनेक बेहतरीन तरीके हैं। वर्तमान समय में निवेश के जो सबसे बेस्ट तरीके या विकल्प उपयोग में लिए जा रहे हैं, वह कुछ इस प्रकार हैं –
क्वेश्चन 3. नौकरी के कितने दिन बाद निवेश शुरू करना चाहिए.?
उत्तर — नौकरी शुरू करने के तुरंत बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा विचार हो सकता है, क्योंकि इससे आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यहाँ कुछ बातें हैं जिन पर विचार करना चाहिए:
1.आपकी आय का स्तर — यदि आपकी आय अच्छी है, तो आप जल्दी निवेश शुरू कर सकते हैं।
2. आपके वित्तीय लक्ष्य — यदि आपके पास विशिष्ट वित्तीय लक्ष्य हैं, जैसे कि घर खरीदना या रिटायरमेंट के लिए बचत करना, तो आपको जल्दी निवेश शुरू करना चाहिए।
3. आपकी जोखिम सहनशक्ति — यदि आप जोखिम सहन कर सकते हैं, तो आप शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों में निवेश कर सकते हैं।
4. आपकी आपातकालीन निधि — निवेश शुरू करने से पहले, आपको एक आपातकालीन निधि बनानी चाहिए जो ३-६ महीने के खर्चों को कवर कर सके।
आमतौर पर, नौकरी शुरू करने के 3-6 महीने बाद निवेश शुरू करना एक अच्छा विचार हो सकता है, जब आप अपनी आय और खर्चों को समझ लें और एक आपातकालीन निधि बना लें। निवेश शुरू करने से पहले, आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहनशक्ति का आकलन करना चाहिए और एक वित्तीय योजना बनानी चाहिए।
क्वेश्चन 4. नौकरी लगने के बाद कौन-कौन से चार निवेश शुरू कर देने चाहिए..?
उत्तर —
चौथा और बहुत इंर्पोटेंट इन्वेस्टमेंट है हेल्थ इंश्योरेंस. आज भी तमाम लोग इसे सीरियस नहीं लेते, लेकिन ये बहुत जरूरी है. किसी को भी नहीं पता कि सेहत को लेकर कब इमरजेंसी की नौबत आ जाएगी. इसके अलावा आपके माता-पिता भी अगर बुजुर्ग हैं, तो उन्हें भी इस उम्र पर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं. अगर आप इन स्थितियों के लिए खुद को तैयार नहीं करेंगे, तो आपको आगे चलकर आर्थिक परेशानी उठानी पड़ेगी. इसलिए पहली जॉब के साथ हेल्थ इंश्योरेंस जरूर खरीदें. मासिक प्रीमियम के साथ आप आसानी से इसे भर सकते हैं. इंश्योरेंस में जल्दी निवेश करने का एक फायदा ये है कि आपको कम प्रीमियम पर अच्छा कवर मिल सकता है.
SIP शुरू करें
आपकी सैलरी से जो भी रकम बचत की है, उसे अलग-अलग जगहों पर निवेश करें. निवेश के इन ऑप्शंस में SIP को जरूर शामिल करें. एक्सपर्ट मानते हैं कि इस स्कीम में महंगाई को मात देने का दम है. एसआईपी फ्यूचर में आपके लिए बहुत मोटा फंड तैयार कर सकती है. SIP के जरिए आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं. ये निवेश आप 500, 1,000, 2,000 रुपए से भी शुरू कर सकते हैं और समय के साथ जैसे-जैसे आमदनी बढ़े, आप SIP में अपने निवेश को बढ़ा सकते हैं या फिर नई SIP शुरू कर सकते हैं. SIP को आप जितना लंबे समय तक चलाएंगे उतना ही बेहतर कंपाउंडिंग का फायदा ले पाएंगे और उतना ही बड़ा फंड जमा कर पाएंगे.
गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम में निवेश करें
SIP के अलावा आपको शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म वाली कुछ सरकारी स्कीम्स में भी निवेश करना चाहिए. आपके पास जब एकमुश्त रकम जमा हो आप उसे एफडी में निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा आरडी, पीपीएफ या पोस्ट ऑफिस की किसी स्कीम को चुन सकते हैं.
इमरजेंसी फंड को इग्नोर न करें
इमरजेंसी फंड को अक्सर लोग इग्नोर करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी फंड आने वाली किसी भी आपात स्थिति जैसे- नौकरी चले जाने, बिजनेस ठप होने या परिवार पर कोई बड़ी मुसीबत आने पर काफी काम आता है. अगर इमरजेंसी फंड है तो आपको न ही अपनी किसी पॉलिसी को तुड़वाने की जरूरत पड़ेगी और न ही किसी से पैसा मांगने की जरूरत पड़ेगी. ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी छह महीने की सैलरी के बराबर पैसे को इमरजेंसी फंड के तौर पर रखना चाहिए. ये फंड आपके निवेश या बचत का हिस्सा नहीं होना चाहिए. इस फंड को किसी ऐसी जगह रखें, जहां से ये आपको आसानी से उपलब्ध हो सके. आप बैंक में इसकी एफडी बनवाकर भी डाल सकते हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस
चौथा और बहुत इंर्पोटेंट इन्वेस्टमेंट है हेल्थ इंश्योरेंस. आज भी तमाम लोग इसे सीरियस नहीं लेते, लेकिन ये बहुत जरूरी है. किसी को भी नहीं पता कि सेहत को लेकर कब इमरजेंसी की नौबत आ जाएगी. इसके अलावा आपके माता-पिता भी अगर बुजुर्ग हैं, तो उन्हें भी इस उम्र पर अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं. अगर आप इन स्थितियों के लिए खुद को तैयार नहीं करेंगे, तो आपको आगे चलकर आर्थिक परेशानी उठानी पड़ेगी. इसलिए पहली जॉब के साथ हेल्थ इंश्योरेंस जरूर खरीदें. मासिक प्रीमियम के साथ आप आसानी से इसे भर सकते हैं. इंश्योरेंस में जल्दी निवेश करने का एक फायदा ये है कि आपको कम प्रीमियम पर अच्छा कवर मिल सकता है.

आर्थिक फंडा ब्लॉग,
वेबसाइट लिंक – arthikfunda.com
चीफ एडिटर – kedar Lal / सिंह साब