
केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए घोषित की गई एकीकृत पेंशन योजना ( UPS ) मैं नए एल बदलाव किए हैं अब इस योजना का लाभ लेने वालों को रिटायरमेंट और मृत्यु के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी। इससे सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लोई को काफी राहत मिलेगी इस मामले पर विभाग के सेक्रेटरी भी श्रीनिवासन ने बताया कि यह आदेश किसी कर्मी को ऑप्शन चुनने का विकल्प देता है की नौकरी के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो उसे फिर से एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार का यह आदेश एनपीएस और ऑप्स पेंशन भोगियों के बीच समानता लाता है और ऐसे कर्मचारी 25 लख रुपए की ग्रेविटी के लिए योग्य होंगे।
अभी तक एकीकृत पेंशन योजना यूपीएस का ऑप्शन सेलेक्ट करने के बाद अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है या दिव्यांग हो जाता है उसे हालात से निपटने का कोई उपाय नहीं था सभी कर्मचारी पशु पेश में थे कि उन्हें पेंशन कौन सी मिलेगी और फैमिली पेंशन का क्या होगा अब यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों के नियमन के लिए सेंट्रल सिविल सेवा नियम को भी नोटिफाई किया है।



