नये साल पर लोग कुछ ना कुछ नई संकल्प लेते हैं। हम सभी नए साल पर जिंदगी में कुछ ना कुछ नया अपने का प्रयास करते हैं। नई साल में नए लक्ष्य बनाते हैं और नए संकल्प लेते हैं इनमें कुछ हमारी वित्तीय संकल्प भी शामिल है हम अपनी जिंदगी में नई वित्तीय योजनाओं को पूरा करने के लिए लक्ष्य बनाते हैं। अगर आपने नई साल पर अभी तक कोई वित्तीय संकल्प नहीं लिया है तो मैं आपको कुछ सलाह देता हूं —
अपने खर्च की समीक्षा करें – इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितना ज्यादा या कितना कम पैसा है। अपने खर्च की नियमित समीक्षा करना एक वित्तीय समझदारी की निशानी है डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट सहित अपने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की बारीकी की समीक्षा करते रहे ताकि यह देखा जा सके कि आप कौन से गैस जरूरी खर्चों में कटौती कर सकते हैं। दोस्तों जिंदगी में सेविंग बहुत जरूरी है यही हमारे मुश्किल समय में हमें संबल और सहारा देती है। आप हर दो-तीन महीने में अपने खर्चों की समीक्षा कीजिए नए साल में वित्तीय समीक्षा का संकल्प लें यह बेहद जरूरी है।
पति पत्नी दोनों कामकाजी हैं तो मिलकर खर्च करें — दोस्तों अगर आप पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं तो संयुक्त आए से आप खर्च कर सकते हैं जैसे नया घर खरीदना नई गाड़ी लेना मिलजुल कर खर्च करना ज्यादा बेहतर और फायदेमंद होता है। साथी कंबाइंड रूप से आपको हाउसिंग लोन भी ज्यादा मिल सकता है साथ ही टैक्स बेनिफिट का लाभ भी दोनों उठा सकते हैं निवेश रणनीति के साथ-साथ टैक्स संबंधी सलाह के लिए मुफ्त की सलाह पर निर्भर रहने रहे इसके बजाय थोड़ा बहुत भुगतान करके किसी फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लेना बेहतर है एक्सपर्ट से मिली ऐसी सलाह अक्सर मूल्यवान होती है।
नए साल में हेल्थ इंश्योरेंस रखें —
अगर आप इस साल अपना हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू करवा रहे हैं या दूसरी कंपनी में पोर्ट करवाना चाहते हैं तो इसके लिए पोर्टेबिलिटी की एक्सपायरी डेट से कम से कम 2 महीने पहले दूसरे इंश्योरेंस प्रोवाइडर से बातचीत शुरू करें। अगर आप ठीक से और जल्दी बात शुरू बातचीत शुरू करते हैं तो मौजूदा बीमा कंपनी भी आपको नई बीमा कंपनी द्वारा किए जा रहे ऑफर दे सकती है अगर एक्सपायरी डेट नजदीक आने पर पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया शुरू करेंगे तो प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है कई तरह की यह सुविधाओं का भी सामना करना पड़ेगा हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले अपनी जरूरत और और बातों का होमवर्क करने नहीं तो आपको कई ऐसी सर्विसेज भी चीज जा सकती है जिनकी आपको जरूरत नहीं है।
आर्थिक फंडा (ब्लॉग )
5. आकस्मिक जरूरत के लिए कैश रिजर्व रखें –
अपनी तीन से छह माह की जीवन यापन के खर्च के बराबर नकदी को इमरजेंसी फंड में रखें यदि आप रिटायर या सेल्फ एंप्लॉयड हैं तो यह रकम 6 से 12 माह की कर दें इसका कुछ हिसाब बैंक के सेविंग्स अकाउंट में और कुछ घर पर सुरक्षित रख सकते हैं बाकी की बचत को किसी अच्छी ब्याज दर वाले निवेश साधन में लोग करते हैं
मैनेजमेंट टिप — 2025 में अपने फाइनेंस को व्यवस्थित और मजबूत बनाने का संकल्प लें क्योंकि इस वर्ष ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट थोड़ा जोखिम भरा रहने की संभावना है साथी वित्तीय अनुशासन आपको हमेशा आकस्मिक मुसीबत से दूर रखेगा।
दोस्तों अच्छी निवेश सलाह छोटी-छोटी बेहतरीन इन्वेस्टमेंट एडवाइस के लिए मैनेजमेंट fund.com को पढ़ते रहे
स्टार्टअप की शुरुआत के लिए करोड़ों रुपए की आवश्यकता जरूरी नहीं है। किसी भी व्यापार और उद्योग में मनी इतनी इंपोर्टेंट नहीं है..! जितना की माइंड..! स्टार्टअप तो एक ऐसी चीज है,जो आइडियाज पर निर्भर करती है। आपका बिजनेस और व्यापार की सफलता आपके मन सेट पर निर्भर करती है। आपके व्यापार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने बिजनेस को लेकर क्या सोचते हैं..?
इंटरनेट पर तरह-तरह के स्टार्टअप आईडियाज के आर्टिकलो से सरवर भरा पड़ा है। दुनिया भर के आर्टिकल है जो आपको यह बताते हैं की कौन-कौन से नए स्टार्टअप आईडिया है.. कौन-कौन से नए बिजनेस है। पर आर्थिक funda.com ब्लॉक का यह आर्टिकल इसीलिए काफी खास होने वाला है क्योंकि मैं इसमें आपको कम लागत वाले, वास्तविकता से जुड़े हुए, कम पूंजी में अच्छी आई देने वाले, छोटे-छोटे सेल्फ मेड काम धंधा के बारे में। आजकल लाखों करोड़ों रुपए लगाकर बिजनेस की शुरुआत तारीख बताने वाले सैकड़ो लोग हैं। पर मैं आपको ऐसे घरेलू उद्योगों के बारे में बताऊंगा जिन्हें आप स्वयं शुरू कर सकते हैं बहुत पूंजी के साथ कर सकते हैं और उसे एक अच्छी खासी अर्निंग करके अपने परिवार को बेहतर ढंग से चला सकते हैं।
तो लिए आज के आर्टिकल में जानते हैं ऐसे ही न्यू स्टार्टअप आईडियाज जो कम लागत में अधिक अर्निंग देते हैं —
1. फूड बिजनेस
घर का बना खाना आज भी लोगों की पहली पसंद होता है, साफ सुथरे और टेस्टी फूड की डिमांड पहले भी थी और आज भी है। बेसरते उसे सही जगह पेश किया जाए। ऐसे में उन एरियाज को टारगेट किया जा सकता है जहां इनकी संख्या सबसे ज्यादा जरूरत है यानी स्टूडेंट और पीजी में रहने वाले नौकरी पैसा लोग अधिक हैं इसकी शुरुआत करके दायरा बढ़ाया और फूड सर्विसेज की चेन को खोल सकते हैं इसमें लागत कम आती है और अगर लोगों को यह पसंद आता है तो आप इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं
मैं राजस्थान की राजधानी जयपुर का एक उदाहरण बताता हूं। मैंने कई बार जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है और पीजी में रहा हूं। मैंने वहा कई परिवार ऐसे देखे हैं जिनके आसपास घर/मकान थे लेकिन उनके पास कोई काम नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपने घर को ही एक छोटे हॉस्टल का रूप दे दिया एक कमरे में दो दो लड़के रहते थे सबको सुबह शाम का खाना और चाय नाश्ता भी इस परिवार के लोग बनाते थे। इससे वह परिवार आराम से अपनी आरजी का चला लेता था और शहरों के हिसाब से अपनी शादी शुभ सुविधा भी प्राप्त कर लेता था यानी इस काम से उसे परिवार के सदस्य मंथली लाख ₹50000 बचा लेते थे। अगर आप शहर में रहते हैं और आपके पास ऐसी कोई प्रॉपर्टी है तो यह काम किया जा सकता है।
2. कंटेंट राइटिंग सर्विस.
अगर आप में राइटिंग का हुनर है। राइटिंग आपको अच्छी लगती है तो आप फ्रीलांसिंग कंटेंट राइटिंग सर्विसेज की शुरुआत कर सकते हैं। कंपनी से प्रोजेक्ट लेकर फ्रीलांसर को जोड़कर कमाई कर सकते हैं इस तरह आरंग के साथ दूसरों के लिए रोजगार के मौके भी उपलब्ध करा सकते हैं इसके लिए सिर्फ लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है
3. ऑनलाइन क्लासेस
कोरोना के बाद शिक्षा के स्वरूप में तेजी से बदलाव वाला आया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में एक नई तकनीक का उदय हुआ जिसे ऑनलाइन एजुकेशन कहा जाता है। यानी आपके पाठ्यक्रम से संबंधित हर चीज आप पढ़ाना चाहे तो आपको ऑनलाइन मोबाइल पर भी उपलब्ध हो सकती। आप अपने इस ज्ञान और स्किल्स को भी स्टार्टअप के रूप में इस्तेमाल करते हुए इस क्षेत्र में अपना भाग्य आजमा सकते हैं। आप अपने ऑनलाइन क्लासेस खोल सकते हैं आप अपना कोचिंग ट्यूशन इंस्टिट्यूट आदि शुरू कर सकते हैं। अगर आपके पास टीचिंग में इंटरेस्टेड दोस्तों का समूह है तो आप एक पूरी चैन बना सकते हैं। एक दूसरे की हेल्प करते हुए एक से अधिक संस्थान भी खोल सकते हैं। इस तरह आप अपनी इस स्किल का प्रयोग अपनी आरंग के लिए भी कर सकते हैं और आप एक अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं। न केवल पैसा बल्कि आप अपना नाम भी कमा सकते हैं।. शुरुआत करते समय ज्यादा खर्च की जरूरत नहीं होती है।
4. रिपेयरिंग सर्विस
बड़े शहरों में अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच घरेलू चीजों की रिपेयरिंग एक बड़ी जरूरत बनकर उभरी है ऐसे में ऑनलाइन रिपेयरिंग सर्विस की शुरुआत एक बेहतर विकल्प है और बड़ा फायदे का सौदा हो सकता है शुरुआती दौर में यह एक एरिया में इसकी शुरुआत कर सकते हैं इसके बाद इसका दायरा बढ़ा सकते हैं इसमें उन मैकेनिक्स को जोड़ सकते हैं जो अपनी बेहतर स्किल के लिए जाने जाते हैं इस तरह रिपेयरिंग सर्विस की शुरुआत कम कीमत में की जा सकती है जरूरत के मुताबिक किसका दायरा बढ़ा सकते हैं यह एक ऐसा स्टार्टअप आईडिया है जो कम लागत में अच्छी अर्निंग कर सकता है।
5. होम प्रोडक्ट डिलीवरी
अगर आप में किसी प्रोडक्ट को बनाने का हुनर है तो उसे ऑनलाइन लाइन और उसे बेहतरीन तरीके से बनाने के प्रयास करें। आप अब अपने इस काम से कम लागत में अच्छी अर्निंग कर सकते हैं जैसे अगरबत्ती बनाना, कैंडल बनाना साबुन होममेड ज्वेलरी और राखी हैंडमेड दलिया कैंडल्स साबुन आधी
6. डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी
एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के लिए स्किल्स और नेटवर्किंग की जरूरत होती है एक एजेंसी के तौर पर सो और सोशल मीडिया मार्केटिंग ईमेल मार्केटिंग जैसी सर्विस की शुरुआत कर सकते हैं इस तरह कम लागत में अच्छी शुरुआत हो सकती है। और इस तरह की एजेंसियां सक्सेस भी हो रही है।
आज के युग को कंपटीशन अर्थात प्रतिस्पर्धात्मकता का युग माना जाता है। खाने का तात्पर्य है कि आज के इस मॉडर्न युग में एजुकेशन, व्यापार, बाजार, बिज़नेस, नौकरी हर जगह प्रतिस्पर्धा (कंपटीशन) है। आज से लगभग दशक पूर्व सरकारी नौकरी को करना आसान था लेकिन अब सरकारी कर्मचारियों को भी जनता के प्रति “जवाबदेय” बनाया गया है। प्राइवेट सेक्टर में भी कंपनियों में अक्सर कर्मचारियों कि छटनी होती रहती है। भारत का सरकारी क्षेत्र कम रोजगार दे पता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में प्राइवेट सेक्टर में रोजगारों की काफी अत्यधिक और उज्जवल संभावना है। सरकारी क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र हर की क्षेत्र की अपनी अपनी कुछ समस्याएं भी है। विभिन्न सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारियों और अफसर को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
आज की प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में भी किसी कंपनी की सफलता में ऐसे कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है जो “प्रोबलम सॉल्विंग स्किल्स” से भरपूर होते हैं। आजकल प्राइवेट ही क्यों सरकारी सेक्टर में भी ऐसे कर्मचारियों की वैल्यू अधिक है जो प्रोबलम सॉल्विंग सिस्टम में यकीन रखते हैं साथ ही जिन मै लीडरशिप क्वालिटी है।
आर्थिक फंडा ब्लॉग — “लीडरशिप क्वालिटी“
प्रोबलम सॉल्वर कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है ऐसा कर्मचारी वह होता है जो किसी भी चुनौती का सामना समझदारी दक्षता और रचनात्मक सोच के साथ करता है। कंपनी की सफलता सफलता काफी हद तक ऐसी करमत कर्मचारियों पर टिकी हुई होती है। यदि आप अपनी कंपनी और अपने संगठन के लिए एक सक्षम प्रोबलम सॉल्वर बनना चाहते हैं तो आपको कुछ विशेष गुना और क्षमताओं का विकास करना होगा यह ने केवल कंपनी के लिए बल्कि आपकी व्यक्तिगत वृद्धि के लिए भी लाभकारी होंगे।
1. अपनी सोच में विश्लेषण उत्पन्न करें :
समस्या की जड़ तक पहुंचाने और उसे समझने के लिए समस्या पर गहराई से सोचने की क्षमता विकसित करें। कभी किसी भी समस्या के विभिन्न पहलुओं पर विचार करें समस्याओं के तार्किक विश्लेषण ढूंढने की कोशिश करें। अपनी कंपनी और संगठन में आने वाली हर तरह की समस्याओं के समाधान से पहले उनके विश्लेषणात्मक सोच के साथ अध्ययन करें।
2. रचनात्मक और नवाचार पूर्ण विचार अपनाये :
नए और अनोखी समाधान सुलझाने की योग्यता कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद होती है पारस्परिक तरीकों से हटकर सोच साथ ही दुनिया की सफल कंपनियों की कार्यप्रणाली कौशल और मॉडल का अध्यन करें। बड़ी कंपनियों के सफल कम कर्मचारियों और सीईओ तथा एग्जीक्यूटिव ऑफीसरों के साक्षात्कारों को पड़े। उनके विचारों को अपने और अपनी कंपनी के समस्या समाधान में उनका इस्तेमाल करें।
क्वेश्चन 1. मैं एक छोटा व्यापारी हूँ, निवेश के साथ टैक्स की बचत भी करना चाहता हूं। कहां निवेश करूं जिसमें जोखिम भी नहीं उठाना पड़े, फण्ड भी सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी प्राप्त हो..? – नरेन्द्र शर्मा, जयपुर
उत्तर — आर्थिक फंडा ब्लॉग से — आपकी समस्या के समाधान के रूप में मैं आपके सुझाव देना चाहता हूं कि आप पीपीएफ ( पब्लिक प्रोविडेंट फंड) मैं निवेश करें। पीएफ एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा पूर्व सहित किया जाता है यह खास तौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है जो जोखिम से बचते हुए गारंटीड और टैक्स फ्री रिटर्न पाना चाहते हैं। आपको भी ऐसी ही योजना की तलाश है अतः आप पीएफ में निवेश करें आपकी समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। पीएफ निवेश के फायदे क्या-क्या है लिए मैं आपको बताता हूं —
1. यह सुरक्षित और सरकारी योजना है : पीएफ पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है, ऐसी योजना में खतरा होने की संभावना बहुत कम होती है और अगर कोई जोखिम होता है तो उसकी भरपाई सरकार के द्वारा की जाती है इसलिए इसे एक बेहतरीन निवेश योजना मान सकते हैं।
2. अच्छा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा : पीएफ में ब्याज काफी अच्छा मिलता है साथी न और भी कई फायदे हैं वर्तमान में 7.1% सालाना चक्रवर्ती ब्याज जो हर तिमाही रिवाइज होता है।
3. कम निवेश बडा रिटर्न : पीएफ में आप कम निवेश करके बाद रिटर्न हासिल कर सकते हैं रोजाना ₹70 जमा करने पर सालाना 25200 बनता है 15 साल में 6.83 लाख रुपए के लगभग होते हैं।
4. टैक्स लाभ : आपने बताया कि आप ऐसा निवेश करना चाहते हैं जिससे टैक्स लाभ भी प्राप्त हो तो पीएफ से आपको टैक्स लाभ भी प्राप्त होता है आयकर अधिनियम की धारा 80c के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट है। ब्याज और मेच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है।
5. पैसे की निकासी सुविधा : 7 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं चिकित्सा या उच्च शिक्षा के लिए खाता बंद करना संभव है।
6. लचीलापन : साल में एक बार न्यूनतम ₹500 और अधिकतम 1.5 लख रुपए तक निवेश कर सकते हैं
7. मजबूत वित्तीय सुरक्षा : पीएफ खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकतर सरकारी प्राइवेट बैंकों में खोला जा सकता है यह एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बन सकता है।
क्वेश्चन 2. मैं करौली जिले की अध्यापिका के केशू पोसवाल हूं, मैं एक कर खरीदना चाहती हूं और आपसे यह जानना चाहती हूं कि मुझे फोर व्हीलर केस में लेनी चाहिए या लोन पर..?
उत्तर — बहुत से लोग सोचते हैं कि कर खरीदते समय कैश पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन असल में लोन लेकर कर खरीदना कई मामलों में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। वो कैसे..? आइये मैं आपको जानकारी देता हूं –
1. लोन पर कर लेने से कैश फ्लो बना रहता है : केस में कर लेते हैं तो लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है लोन लेने पर हर महीने एमी भरकर बाकी पैसा निवेश या इमरजेंसी के लिए बचा सकते हैं।
2. टैक्स में मिल सकता है लाभ : यदि कर को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करते हैं तो कर लोन की ईएमआई का ब्याज हिस्सा टैक्स डिडक्शन में क्लेम किया जा सकता है जिससे टैक्स देनदारी काम हो सकती है।
3. इंश्योरेंस और एक्स्ट्रा बेनिफिट : बैंक या एनबीएफसी से लोन लेने पर कई बार फ्री इंश्योरेंस रोड साइड एक्सीडेंट या एक्सीडेंट वारंटी जैसी लाभ भी मिलते हैं जो कैश पेमेंट करने पर नहीं मिलते।
4. क्रेडिट स्कोर होता है मजबूत : समय पर ईएमआई चुकाने से आपका सिविल या क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे भविष्य में होम लोन लेना या पर्सनल लोन लेना आसान हो जाता है और आपको मजबूत क्रेडिट स्कोर के आधार पर कई अन्य लाभ प्राप्त होते हैं।
5. छूट और ऑफर : तिवारी सीजन या ऑफर्स के दौरान कर लोन पर बैंक और डीलर से दोनों की ओर से छूट कम ब्याज दर और कैशबैक दिए जाते हैं जिससे लोन लेना और भी फायदेमंद हो जाता है।
6. ध्यान रखें —
— कार लोन लेने से पहले ब्याज दरों की तुलना कर लें।
— इस बात का ध्यान रखें कि डाउन पेमेंट अधिक होगा तो EMI कम होगी
— यह भी ध्यान रखें की ईएमआई आपकी इनकम का 40% से ज्यादा ना हो।
— ध्यान रखें कि समय पर भुगतान करें अन्यथा आपके ऊपर पेनाल्टी का खतरा बना रहेगा।
क्वेश्चन 3. आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, मुझे ऐसा लगता है कि मेरे आधार कार्ड का किसी ने मिस यूज़ किया है। क्या यह जानने का कोई तरीका है जिसमें यह पता चल सके कि मेरा आधार कार्ड कहां कहां इस्तेमाल हुआ है..? — Manoj gupta, bharatpur
उत्तर ( आर्थिक फंडा ब्लॉग से ) — आपका आधार नंबर कब, कहां और किसने इस्तेमाल किया.? आप फिक्र ना करें, इस बात को जानना अब बेहद आसान हो गया है। UIDAI यह सुविधा देता है कि आप अपने आधार नंबर का पूरा ऑथेंटिकेशन इतिहास जान सकें। इसका पता लगाने के लिए uidai.gov.in पर जाकर आधार नंबर कैप्चा और ओटीपी डालकर लॉगिन करें इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री विकल्प चुने। कब से कब तक की हिस्ट्री देखनी है उसकी तारीख डालकर फेच ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री पर क्लिक करें यहां 6 महीने तक का डाटा देख सकते हैं जब आपको तारीख समय और किस सेवा के लिए आधार का उपयोग हुआ यह जानकारी मिल जाएगी अगर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत यूआईडीएआई के टोल फ्री नंबर 1947 पर संपर्क करें। आधार को लॉक करने और अनलॉक करने की सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं। अगर कोई खतरनाक गतिविधि हुई हो, तो पुलिस या साइबर सेल सेवा में शिकायत दर्ज काराये।
Question 4. मेरा नाम दीपक गुप्ता है। मैं अपनी बेटी के लिए एक मुस्त 50000 ₹ को 15 20 साल के लिए निवेश करना चाहता हूं. कृपया मुझे बताइए कि मैं इन पैसों को कहां लगाऊं..? किसी बैंक में.? एफडी मे.? सरकारी योजना, म्युचुअल फंड, या इक्विटी आदि में से कहां लगाना चाहिए..?
उत्तर — सबसे पहले तो मैं आपकी इस बात के लिए तारीफ करना चाहता हूं कि आपने अपनी बेटी की भविष्य की चिंता की है। लेकिन इसके लिए आप चिंता ने करके एक सही इन्वेस्टमेंट प्लान को अपनाइए। अगर मैं एक अच्छा सरकारी निवेश आपको बताना चाहूंगा तू वह है ” सुकन्या समृद्धि योजना” जिसमें बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की क्षमता है। यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक पोस्ट ऑफिस योजना है और बेटियों के लिए निवेश की दृष्टि से बेहतरीन सरकारी योजना है! आप चाहे तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। इस योजना में 8 पॉइंट 2% की दर से ब्याज धारा 80c के तहत टैक्स लाभ और टैक्स फ्री मैच्योरिटी इसे बांड या एफडी जैसी योजनाओ बेहतर बनाती है। सरकारी योजनाओं में ब्याज की दृष्टि से यह सबसे बेहतरीन योजना है। आप चाहे तो विभिन्न बैंकों में चलने वाली “बाल बचत योजना” बाल बचत योजना में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। किसी बैंक या बीमा कंपनी की “गारंटीड रिटर्न” स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।
बेटी के भविष्य के लिए निवेश करना एक बहुत अच्छा फैसला है। आपके पास 15-20 साल का लंबा समय है, इसलिए आप जोखिम भरे निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं जो अधिक रिटर्न दे सकते हैं। यहाँ कुछ विकल्प हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं:
1. *पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।
2. *नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।
3. *म्यूचुअल फंड*: म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार म्यूचुअल फंड का चयन कर सकते हैं।
4. *एचडी इंश्योरेंस*: एचडी इंश्योरेंस में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार एचडी इंश्योरेंस का चयन कर सकते हैं।
5. *फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)*: फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।आपको अपनी बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए एक अच्छा विकल्प चुनना होगा। आप अपने वित्तीय सलाहकार से बात कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश विकल्प का चयन कर सकते हैं।
Question 5. मेरा नाम विनोद सिंह है। मैं गुना शहर का रहने वाला हूं। मेरा आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है, जो 10 12 साल से बंद है. लेकिन उसमें ₹55000 हैं. बैंक ने उस खाते को सीज कर दिया है। अनफ्रीज और चालू करवाने के लिए मैंने कई आवेदन दे दिए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, मैं जानना चाहता हूं कि अब मुझे क्या करना चाहिए..?
उत्तर — आप अपनी बैंक ब्रांच मैं जाएं और अपने निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं। आजकल खातों की केवाईसी अपडेट करवाना काफी जरूरी होता है। आप अपनी निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने खाते वाले बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है।. आप सबसे पहले यूडीजीएएम पोर्टल ( https://udgam.rbi.org.in/ ) पर जाकर अपना खाता खोजें इस पोर्टल पर 30 बैंकों की जानकारी उपलब्ध है पहचान सत्यापित करने के लिए पेन वोटर आईडी आदि जरूरी होगी होते हैं। फिर किसी भी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ अनुरोध फॉर्म जमा करें यदि बैंक उच्च समय में कार्रवाई नहीं करता है तो बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कारण। अब जैसा कि आपने बताया कि आपका फिर समय से समस्या का सामना कर रहे हैं और कोई समाधान नहीं हो रहा है अगर इतना करने के बाद भी समस्या सॉल्व नहीं होती है तो आप आरबीआई की कस पोर्टल के जरिए बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
नमस्कार, आप सभी दोस्तों का आर्थिक फंडा (ब्लॉग) की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में स्वागत है। इस ब्लॉग में हम विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। आज के आर्टिकल में पैसे से संबंधित चर्चा होगी लेकिन एक अलग और नई सोच के साथ कुछ हटकर बात करेंगे। पैसे और पैसे कमाने के तरीकों पर एक अलग नजरिए और अलग सोच की बात करेंगे।
“पैसा कमाना, बचाना और बढ़ाना अब एक खेल है – लेकिन ये खेल सिर्फ चालाक लोग जीतते हैं”
पैसा बचाओ ·
1. आप कोई मामूली इंसान नहीं हैं…
हर सुबह जब आप उठते हैं, तो एक बात आपके ज़हन में चलती है – “यार, कुछ बड़ा करना है… कुछ ऐसा जो ज़िंदगी बदल दे।” लेकिन फिर दिन भर की भागदौड़, ज़िम्मेदारियाँ, और छोटे-मोटे खर्चे – ये सब आपको घसीटकर वहीं ले आते हैं, जहाँ आप कल थे। सारी प्लानिंग धराशाई हो जाती है।
लेकिन अब बहुत हो चुका। अब समय है खेल का रूल बदलने का – ऐसा खेल जो पैसा कमाने की दौड़ से आपको निकालकर,पैसे के मालिक बनने का रास्ता दिखाए।
2. अमीर लोग आपसे अलग क्यों नहीं, बस अलग सोचते हैं…
आप सोचते हैं – “ज्यादा मेहनत = ज्यादा पैसा” वो सोचते हैं – “सही सिस्टम = आराम से ज्यादा पैसा”। जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते, वे हर काम अलग ढंग से करते हैं। यही तो जीतने वालों की खासियत होती है। आप जीतना चाहते हैं, और पैसा कमाना चाहते हैं, तो कमाने और पैसे के प्रति अपने नजरिए और सोच को बदलें।
आप कमाते हैं, फिर खर्च करते हैं, फिर जो बचा वो बचत। जबकि जिन लोगों की पैसे को लेकर सोच और नजरिया अलग होता है वो कमाते हैं, पहले खुद को देते हैं, फिर खर्च की सोचते हैं।
असल फर्क बस इतना है – वो पैसे से काम करवाते हैं, और हम खुद पैसे के लिए काम करते हैं।
अब सोचिए, क्या आप भी उसी रास्ते पर चलना चाहते हैं, या एक नया रास्ता खुद बनाना चाहते हैं?
3. गेम का पहला राउंड – कमाई को मज़ा बनाइए
पैसे कमाने का तरीका अब बदल चुका है। एक जमाना था जब सरकारी नौकरी ही पैसा कमाने का जरिया होता था। धीरे-धीरे लोगों का रुझान प्राइवेट सेक्टर की ओर बढ़ा। अब न केवल सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बल्कि ऑनलाइन पैसे कमाने के दर्जनों तरीके सामने आ चुके अब सिर्फ नौकरी नहीं, हज़ारों दरवाज़े खुले हैं – बस आपको खटखटाना आना चाहिए।
आप कोई स्किल सीख सकते हैं – जो आपको ऑफिस से आज़ादी दिलाए
Freelance कर सकते हैं – घर बैठे, दुनियाभर के क्लाइंट से
YouTube, ब्लॉग, Facebook, इंस्टाग्राम, वेबसाइट, – सब आपकी कमाई का मंच बन सकते हैं।
Affiliate से पैसे कमा सकते हैं जैसे दुकान चल रही हो, लेकिन स्टाफ भी आप नहीं रखने पड़े।
ब्लॉगिंग, आर्टिकल राइटिंग,कंटेंट क्रिएटिंग, घर बैठे पैसे कमाने के बेहतरीन जरिए हैं। आधुनिक जमाने में कमाई के तौर तरीके है।
अब आप ही सोचिए – क्या आपके पास 1 घंटा भी नहीं खुद के लिए?
4. दूसरा राउंड – बचत को बोझ नहीं, अपनी ताकत समझिए
हर बार जब आप खर्च करते हैं, तो एक छोटा सा सवाल पूछिए – “क्या ये चीज़ मेरी ज़िंदगी को वाकई बेहतर बनाएगी, या बस पल भर की तसल्ली है?” ” क्या यह मेरे लिए जरूरी है, या पड़ोसी की होड़ में खरीदी जा रही है”
कंजूसी करने की ज़रूरत नहीं, बस इतना कीजिए कि हर खर्च एक फैसले से हो, आदत से नहीं।
महीने की कमाई का हिस्सा पहले खुद के लिए रखिए
बाक़ी में जो करना है कीजिए – guilt के बिना, कड़वाहट के बिना
एक सिंपल रूल – जो दिखावे के लिए हो, उसे टालिए।
और जो आपको शांति दे, वो कभी मत छोड़िए
आप जो हासिल करना चाहते हैं उसके पीछे पड़े रहिए।
आप पाएंगे कि बिना ज़्यादा कोशिश के, हर महीने आपके पास बचा हुआ पैसा दिखने लगेगा।
5. तीसरा राउंड – बढ़ाने का जादू, लेकिन जादू जैसा नहीं, हकीकत वाला
अब जो पैसा आपने बचाया है, उसे आलसी नहीं, स्मार्ट बनाइए।
आपका पैसा बैंक में पड़ा रहे, इससे अच्छा है वो आपके लिए काम करे। बैंक से ज्यादा कुछ प्राप्त होने वाला नहीं। अपनी बचत के पैसे को अच्छी-अच्छी जगह पर इन्वेस्ट कीजिए। और ज्यादा पैसा कमाईये।
Mutual Funds, SIP – छोटे-छोटे कदम, जो बड़ा फर्क लाते हैं। अपनी बचत के पैसे को निवेश करने के बेहतरीन रास्ते है।
Index Funds – सीधा, सरल, और शुरुआत के लिए शानदार।
थोड़ा सीखकर शेयर बाज़ार – डरिए मत, ये राक्षस नहीं, रास्ता है। मॉडर्न जमाने में पैसे कमाने का अच्छा जरिया है लेकिन पहले नॉलेज गेन करें। उसके बाद इन्वेस्ट करें।
और सबसे बड़ा गिफ्ट – Compounding का खेल जो वक्त के साथ कमाल करता है।
एक दिन नहीं, लेकिन एक साल में आप फर्क खुद महसूस करेंगे – और पाँच साल में आप खुद को शुक्रिया कहेंगे।
6. अब कुछ ऐसी बातें जो आप कभी नहीं भूलेंगे…
हर महीने एक “छोटी जीत” पक्की कीजिए – नया निवेश, एक EMI खत्म, या ₹500 की बढ़ी हुई कमाई
अपनी इनकम के हिस्से बनाइए – ज़रूरत, सेविंग और ग्रोथ
अपने पैसों को एक मिशन में बदलिए – “ये मेरे बच्चों की आज़ादी का बीज है”
और सबसे ज़रूरी – दूसरों को देखकर मत चलिए, आपकी ज़रूरतें आपकी हैं
7. और अब…यह एक शुरुआत है।
आपने बहुत से वीडियो देखे होंगे, किताबें पढ़ी होंगी – Rich Dad Poor Dad, Think & Grow Rich, या कोई और…
लेकिन वो सारे आइडियाज़ जब तक सिर्फ दिमाग में रहते हैं, ज़िंदगी नहीं बदलते।
आप इस लेख तक पहुंचे हैं – इसका मतलब आप अब सोचने से आगे निकलना चाहते हैं। आप वो हैं जो अब एक्शन लेना चाहते हैं।
तो आइए – खुद को एक वादा दीजिए…
“अब से मैं पैसा सिर्फ कमाऊँगा नहीं, उसे समझूँगा, बढ़ाऊँगा, और अपने लिए आज़ादी का रास्ता बनाऊँगा।”
अगर आपको ये लेख ज़रा भी अच्छा लगा हो, तो इसे किसी ऐसे इंसान को ज़रूर भेजिए जो रोज़ परेशान होता है – खर्चों से, तंगी से, या अपनी फिजूल आदतों से।
क्योंकि जब एक इंसान बदलता है, तो वो अपने साथ पूरे घर की किस्मत बदल सकता है।
निष्कर्ष :
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
क्वेश्चन 1. पैसे कमाने के सबसे अच्छे तरीके कौन-कौन से हैं..?
उत्तर — आर्थिक फंडा(ब्लॉग) से, Arthikfunda.com पैसे बचाने के लिए कई तरीके हैं, जैसे बजट बनाना, अनावश्यक खर्चों को कम करना, और नियमित रूप से बचत करना। इसके अलावा, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाना, भोजन घर पर बनाना, और निवेश करना भी पैसे बचाने के प्रभावी तरीके हैं।
यहाँ कुछ विस्तृत सुझाव दिए गए हैं:
1. बजट बनाएं और उसका पालन करें:
अपने खर्चों का ट्रैक रखें और एक बजट बनाएं जिसमें आपकी आय और व्यय शामिल हों।
अपने बजट का पालन करें और अनावश्यक खर्चों को कम करने की कोशिश करें।
2. अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करें:
ऐसे खर्चों की पहचान करें जो आवश्यक नहीं हैं और उन्हें कम करने की कोशिश करें।
उदाहरण के लिए, बाहर खाने की बजाय घर पर खाना बनाएं, या बिना मतलब की ऑनलाइन शॉपिंग से बचें।
3. छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं:
जब भी संभव हो, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं।
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कूपन कोड का उपयोग करें या सेल का इंतजार करें।
4. भोजन घर पर बनाएं:
बाहर खाने की बजाय, घर पर खाना बनाएं।
यह न केवल पैसे बचाएगा, बल्कि स्वस्थ भी होगा।
5. नियमित रूप से बचत करें:
हर महीने एक निश्चित राशि अपने बचत खाते में जमा करें।
जितनी जल्दी आप बचत करना शुरू करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।
6. निवेश करें:
अपने पैसे को विभिन्न निवेश विकल्पों में निवेश करें, जैसे कि म्यूचुअल फंड या स्टॉक।
यह आपको अपने पैसे को बढ़ाने में मदद करेगा।
7. कर्ज से बचें:
जितना हो सके, कर्ज से बचें।
यदि आपको कर्ज लेने की आवश्यकता है, तो सुनिश्चित करें कि आप इसे समय पर चुका सकें।
8. बिलों का भुगतान समय पर करें:
अपने बिलों का भुगतान समय पर करें ताकि देर से भुगतान शुल्क से बचा जा सके।
9. अनावश्यक वस्तुओं को न खरीदें:
ऐसी वस्तुओं को न खरीदें जिनकी आपको वास्तव में आवश्यकता नहीं है।
खरीदारी करने से पहले, सोचें कि क्या आपको वास्तव में उस वस्तु की आवश्यकता है।
10. ऊर्जा बचाएं:
बिजली और पानी का उपयोग कम करें।
उदाहरण के लिए, जब आप कमरे से बाहर जाते हैं तो बत्तियां बंद कर दें, और पानी का उपयोग कम करें।
इन सुझावों का पालन करके, आप अपने पैसे बचा सकते हैं और अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।
एआई से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं. वित्तीय सलाह के लिए, किसी वित्तीय विशेषज्ञ से बात करें
क्वेश्चन 2. पैसे बचाने के क्या-क्या फायदे हैं..?
उत्तर — पैसे बचाने के कई फायदे हैं, जिनमें वित्तीय सुरक्षा, भविष्य की योजनाओं को साकार करना, और अप्रत्याशित खर्चों के लिए तैयार रहना शामिल है। बचत करने से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना। इसके अतिरिक्त, बचत करने से आपको ऋण से बचने और वित्तीय आपात स्थितियों से निपटने में मदद मिलती है।
पैसे बचाने के फायदे :
आर्थिक स्वतंत्रता:बचत करने से आप अपने जीवन पर अधिक नियंत्रण रख सकते हैं और अपनी इच्छा अनुसार खर्च कर सकते हैं।
वित्तीय सुरक्षा:बचत करने से आप अप्रत्याशित खर्चों, जैसे कि चिकित्सा आपात स्थिति या नौकरी छूटने, के लिए तैयार रहते हैं। यह आपको वित्तीय तनाव से बचने और मन की शांति बनाए रखने में मदद करता है।
भविष्य के लिए योजना: बचत करने से आप अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पैसे जमा कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना।
ऋण से मुक्ति: बचत करने से आप ऋण लेने से बच सकते हैं या ऋण की मात्रा को कम कर सकते हैं। यह आपको ब्याज भुगतान और ऋण के बोझ से बचाता है।
आत्मविश्वास: जब आप पैसे बचाते हैं, तो आप अपने वित्तीय भविष्य पर अधिक नियंत्रण महसूस करते हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
पैसा बचाना सिर्फ बैंक बैलेंस बढ़ाने का काम नहीं है, ये खुद को आज़ाद करने का तरीका है। ये वो ताकत है जो आपको मजबूरी से आज़ादी की तरफ ले जाती है। जब जेब में पैसे होते हैं, तब फैसले दिल से होते हैं, डर से नहीं। पैसा बचाना मतलब सिर्फ भविष्य बनाना नहीं, खुद को इज्ज़त देना भी है। और आज के टाइम में, जहां हर चीज़ हमें खर्च करवाने पर तुली है — वहाँ बचत करना एक रिवॉल्यूशन जैसा है।
हर महीने पैसे आए नहीं कि सबसे पहले अपने लिए “एक चुपचाप चोरी” करो। खुद से ही पैसे चुराओ और एक ऐसी जगह छुपा दो जहाँ आप बिना वजह हाथ ना डाल सको। वो पैसा मत गिनो, भूल जाओ… और साल के अंत में जब अचानक देखोगे तो लगेगा जैसे फ्यूचर वाला आप, आज वाले को गले लगाकर शुक्रिया कह रहा है।
अपने खर्चों की एक छोटी सी डायरी बना लो। कोई fancy app नहीं, कोई झंझट नहीं। बस हर दिन दो लाइन — क्या खर्च किया और क्यों। ये आदत धीरे-धीरे आपकी फिजूलखर्ची की जड़ हिला देगी। आप जानने लगेंगे कि आप पैसे से क्या कर रहे हो… और क्या पैसे आपके साथ खेल खेल रहे हैं।
कोई भी चीज़ खरीदने से पहले एक सेकंड खुद से बोलो – “सच में ज़रूरत है या बस मन का झोंका है?” ये एक सेकंड आपकी जेब को हज़ारों से बचा सकता है। लाखों बचा सकता है। किसी चीज को तभी खरीदें जब उसकी आपको बेहद जरूरत हो और उसके बिना काम नहीं चल रहा हो। पड़ोसी रिश्तेदार या दोस्तों कि देखा देखी कोई भी वस्तु परचेज ना करें। जैसे दोस्त के पास गाड़ी है तो मुझे भी लेनी है, पड़ोसी ने नया फ्लैट खरीदा है तो मुझे भी खरीदना है।
जिनसे हम पैसे खर्च करते हैं, उनसे ही थोड़ा पैसा वापिस क्यों न लें? वो UPI ऐप्स, क्रेडिट कार्ड्स, रिवॉर्ड साइट्स – इनका सही इस्तेमाल कीजिए। छोटे-छोटे कैशबैक पूरे साल में एक महीने की सैलरी जितने बन सकते हैं। फर्क बस नजरिया बदलने का है। अपना नजरिया बदलो तो आपके आर्थिक नजारे भी बदल जाएंगे। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम एक बड़ी रकम कमा सकते हैं।
हर महीने एक बार बैठो और अपने सब्सक्रिप्शन चेक करो। वो OTT जो अब देखते नहीं, वो App जो काम का नहीं, वो Gym जिसकी कुर्सी तक नहीं छुई। ये सब चुपचाप आपकी जेब काट रहे हैं। इन्हें हटाइए और देखिए आपके पैसे कैसे सांस लेते हैं।
सेल और ऑफर एक खूबसूरत जाल हैं। 70% OFF देखकर जो खरीदा, वो कई बार 100% बेकार होता है। ऑफर तभी सही है जब आप वो चीज़ बिना डिस्काउंट भी खरीदने वाले थे। वरना ये आपका पैसा नहीं बचा रहे, छीन रहे हैं… बस बड़े प्यार से।
मस्ती ज़रूरी है, लेकिन मस्ती में भी प्लान हो। एक लिमिट सेट कीजिए हर महीने की। जैसे – “₹1000 इस महीने एंजॉयमेंट के लिए हैं, इससे ज़्यादा नहीं।” फिर देखिए उस ₹1000 से भी कितनी हैप्पीनेस मिलती है, क्योंकि वो गिल्ट-फ्री होती है।
हर महीने कुछ ऐसा सीखिए जो आपके पैसे बढ़ा सके। एक छोटा सा YouTube वीडियो, एक छोटा सा ब्लॉग, या एक दोस्त से बातचीत। SIP, म्यूचुअल फंड, freelancing, डिजिटल स्किल्स… जो भी हो, सीखना आपकी सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट है।
इन्कम बढ़े तो खर्च मत बढ़ाइए। आम लोग यहीं मात खा जाते हैं। अमीर लोग इनकम बढ़ने पर सेविंग बढ़ाते हैं। आप भी यही कीजिए। अगले 3 साल में आपकी सेविंग्स ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
और एक लाइन हमेशा याद रखिए — “हर ₹100 की बचत, ₹1000 की आज़ादी है।” इसको दिल में बैठा लो। जब भी हाथ किसी बेमतलब खर्च की तरफ जाए, ये लाइन कान में गूंजनी चाहिए।
बचत कोई मजबूरी नहीं, ये एक स्टाइल है, एक स्मार्टनेस है, जो आपको बाकी दुनिया से अलग बनाती है। और जब आप खुद पर इतना कंट्रोल सीख लेते हैं, तब आप सच में किसी से पीछे नहीं रहते — क्योंकि आप हर दिन एक ऐसा फाउंडेशन बना रहे होते हैं, जिस पर एक बड़ा, मजबूत, शानदार सपना खड़ा होता है।
अब सोचिए — आप वही इंसान हैं जो आने वाले सालों में खुद को देखकर मुस्कुराने वाला है। क्योंकि आज आपने फैसला लिया — सिर्फ जीने का नहीं, समझदारी से जीने का।
Tax Saving Tips: अपनी सैलरी में इन 10 अलाउंस को कर लें शामिल, टैक्स बचाना हो जाएगा आसान
Income Tax Savings: अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं. यहां कुछ ऐसे अलाउंस बताए गए हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.
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आर्थिक फंडा .कॉम — “अच्छी निवेश सलाह”
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Tax Saving Tips:
जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें.
नई दिल्ली:
जब नौकरीपेशा लोग अपनी कमाई पर टैक्स देने की बात करते हैं, तो हर कोई चाहता है कि किसी तरह टैक्स बचा लिया जाए. लेकिन टैक्स बचाने के लिए जुगाड़ की बजाय समझदारी से प्लानिंग करनी जरूरी है. अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं.
यहां हम आपको कुछ ऐसे अलाउंस बताने जा रहे हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.
1. हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
कई कंपनियां कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस देती हैं. अगर यह आपकी सैलरी में शामिल नहीं है, तो आप इसे जोड़ने की सिफारिश कर सकते हैं. यह आपकी बेसिक सैलरी का 40-50% तक हो सकता है और टैक्स बचाने में बड़ा योगदान देता है। सरकारी कर्मचारियों को भी हाउस रेंट अलाउंस मिलता है। यह अर्बन और रूलर एरिया में अलग-अलग होता है। प्रतिमाह तनखा के साथ ही दिया जाता है। हाउस रेंट टैक्स छूट के दायरे में आता है।
2. ट्रांसपोर्ट/कन्वेंस अलाउंस
यह ऑफिस और घर के बीच आने-जाने का खर्च कवर करता है. अगर यह आपके पैकेज का हिस्सा नहीं है, तो इसे शामिल करवाएं. इससे आप इस खर्च पर टैक्स बचा सकते हैं। हमने कई कर्मचारियों को देखा है जो लंबी दूरी की यात्रा करके अपने ऑफिस जाते हैं। ऐसे में हर महीने काफी खर्च किराए पर हो जाता है। आप इसे टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।
3. मेडिकल अलाउंस
कंपनियां अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के मेडिकल खर्चों के लिए अलाउंस देती हैं. यह आपकी सैलरी का जरूरी हिस्सा हो सकता है और टैक्स बचाने में मदद करता है.
4. कार मेंटेनेंस अलाउंस
अगर आप अपने वाहन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो यह अलाउंस आपको कार मेंटेनेंस, ईंधन और ड्राइवर के खर्चों का फायदा देता है. इस पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है।
5. लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA)
यह अलाउंस यात्रा के खर्चों पर मिलता है. आप 4 साल में दो बार इस अलाउंस के तहत अपनी यात्रा खर्च रीइंबर्स करवा सकते हैं.
6. मोबाइल और इंटरनेट रीइंबर्समेंट
ऑफिस के काम में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग होता है. इस अलाउंस के तहत आपके बिलों का भुगतान बिना टैक्स कटौती के किया जाता है.
7. यूनिफॉर्म अलाउंस
कुछ कंपनियां कर्मचारियों को यूनिफॉर्म अलाउंस देती हैं. अगर आपकी कंपनी भी यह अलाउंस देती है, तो इसे सैलरी में शामिल करवा लें, क्योंकि इस पर टैक्स नहीं लगता है. यूनिफॉर्म एलाउंस अधिकतर प्राइवेट कंपनियां देती। सरकार की क्षेत्र की कुछ सेवाओं में ही यूनिफॉर्म एलाउंस मिलता है। लेकिन जो भी हो यह खर्चा टैक्स फ्री होता है।
8. फूड वाउचर या मील अलाउंस
कई कंपनियां फूड वाउचर या मील अलाउंस देती हैं, जिन्हें आप खाने-पीने के खर्च के लिए उपयोग कर सकते हैं. यह अलाउंस टैक्स फ्री होता है और आपके पैसे बचाता है.
9. एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस
अगर आपके बच्चे हैं, तो उनकी पढ़ाई और हॉस्टल के खर्च के लिए यह अलाउंस लिया जा सकता है. यह भी टैक्स फ्री होता है. ट्यूशन फीस बी टैक्स फ्री होती है। आप अपने बच्चों की ट्यूशन फीस बनवाकर उसके रिटर्न भरने के साथ फाइल कर सकते हैं।
10. बुक्स और मैगजीन अलाउंस
अगर आपके काम में किताबें, मैगजीन या अखबार पढ़ना शामिल है, तो इसका अलाउंस आपकी सैलरी का हिस्सा हो सकता है. इस अलाउंस पर भी टैक्स नहीं लगता.
समझदारी से करें सैलरी प्लानिंग
जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें. ऐसा करने से न सिर्फ आपका टैक्स बचेगा, बल्कि आपकी सैलरी का उपयोग भी ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा
केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए घोषित की गई एकीकृत पेंशन योजना ( UPS ) मैं नए एल बदलाव किए हैं अब इस योजना का लाभ लेने वालों को रिटायरमेंट और मृत्यु के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी। इससे सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लोई को काफी राहत मिलेगी इस मामले पर विभाग के सेक्रेटरी भी श्रीनिवासन ने बताया कि यह आदेश किसी कर्मी को ऑप्शन चुनने का विकल्प देता है की नौकरी के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो उसे फिर से एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार का यह आदेश एनपीएस और ऑप्स पेंशन भोगियों के बीच समानता लाता है और ऐसे कर्मचारी 25 लख रुपए की ग्रेविटी के लिए योग्य होंगे।
अभी तक एकीकृत पेंशन योजना यूपीएस का ऑप्शन सेलेक्ट करने के बाद अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है या दिव्यांग हो जाता है उसे हालात से निपटने का कोई उपाय नहीं था सभी कर्मचारी पशु पेश में थे कि उन्हें पेंशन कौन सी मिलेगी और फैमिली पेंशन का क्या होगा अब यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों के नियमन के लिए सेंट्रल सिविल सेवा नियम को भी नोटिफाई किया है।
इसराइल और ईरान के बीच भीषण जंग की शुरुआत हो चुकी है जिसमें अमेरिका सहित और भी कई देश शामिल हो सकते हैं।. दोस्तों, इतिहास गवाह है और हमने और आपने कई लड़ाइयां देखी है, इसलिए यह जानते है कि युद्ध के परिणाम गंभीर होते हैं। युद्ध में न केवल जान माल की हानि होती है। बल्कि कई बार मानवीयता भी तार तार हो जाती है। युद्ध से प्रभावित देशों की अर्थव्यवस्थाएं बर्बाद हो जाती है। वैसे तो इस युद्ध से जुड़ी खबरें दिन भर टीवी चैनलों पर प्रसारित हो रही है। हर बात पर चर्चा और हर स्थिति के आकलन हो रहे हैं। जॉन माल का भारी नुकसान भी हो रहा है। स्थिति बड़ी गंभीर है। पश्चिम एशिया भीषण युद्ध, अराजकता, अशांति, और खतरे की ओर बढ़ रहा है।
आर्थिक फंदा ब्लॉग (arthikfunda.com) आज के इस आर्टिकल में यह इजरायल ईरान युद्ध की राजनीतिक पक्ष को नजरअंदाज करते हुए इसके आर्थिक पहलू पर फोकस करेंगे … क्योंकि आर्थिक फंडा में अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्टिकल प्रकाशित होते हैं। लेकिन आज की यह पोस्ट एक खास पोस्ट साबित होने वाली है इस संदर्भ में क्योंकि युद्ध के राजनीतिक और भू-समरिक और सेंड परिणाम की व्याख्या करने वाली वेबसाइट और आर्टिकल काफी संख्या में प्रकाशित होते हैं। पर युद्ध के अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभावों की विवेचना करने वाले आर्टिकल कम प्रकाशित किए जाते हैं। यह पोस्ट ईरान इजरायल युद्ध के विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की विवेचना करेगा..? इस बात पर फोकस रहेगा कि इस युद्ध से दुनिया में क्या आर्थिक बदलाव आएंगे..? अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर क्या असर पड़ने वाला है..? कीमतें बढ़ेगी..? तेल महंगा होगा ..? जब तेल महंगा होता है तो अन्य सब चीज भी महंगी हो जाती हैं। भारत पर इस युद्ध का क्या असर पड़ेगा इस बात को भी हम समझने का प्रयास करेंगे।
1. इस युद्ध से बदल सकती है अर्थव्यवस्थाओं की चाल :
इजरायल ईरान के बीच अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है। दोनों देश दशकों से एक दूसरे को चुनौती देते आ रहे हैं।शुक्रवार (13 june2025) को इसराइल ने ऑपरेशन “राइजिंग लॉयन” लॉन्च किया और इससे टकराव की नई और खतरनाक स्थिति बन गई। इसराइल ने तेहरान और नतांज के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। खास बात यह है कि यमन लेबनान और सीरिया जैसे देशों में ईरान समर्थित मलेशिया हिज्बुल्लाह और होती आतंकी समूह युद्ध को और भड़का सकते हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के युद्ध में शामिल होने की आशंका बनी हुई है।
इस युद्ध से सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक असर पड़ेंगे। विश्व की अर्थव्यवस्था में भारी उथल-पुथल होगी। इस संघर्ष का सबसे विपरीत असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा। ईरान और फारस की खाड़ी तथा लाल सागर आदि को जोड़ने वाली हार्मोन जल संधि को बंद करने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने को मजबूर हो रही है। हार्मोन जलसंधि एक बहुत बड़ी व्यापारिक वाटर स्ट्रेट है। इस जल संधि से होकर तेल का व्यापार करने वाले जहाज आते जाते हैं। पश्चिम एशिया के देस ही विश्व के अधिकांश क्षेत्रों में तेल की आपूर्ति करते हैं। तेल उत्पादक देशओ और तेल क्षेत्रों में पढ़ने वाले जलमार्गों के बन्द होने से तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो गई।. भारत अपनी तेल जरूर का 85 फ़ीसदी सऊदी अरब इराक और यूएई से आयात करता है। तेल की पट्टी कीमतों के कारण विश्व में महंगाई बढ़ेगी।
इस युद्ध के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक नुकसान यह होगा कि बेरोजगारी में इजाफा होगा।
1. महंगाई बढ़ाने वाला एक और युद्ध भड़का :
वैसे तो यह दुनिया बहुत बड़ी है इसमें कहीं ना कहीं संघर्ष और विवाद चलते ही रहते हैं। लेकिन एक और एक से अधिक देशों में जब सैंया युद्ध उत्पन्न होता है तो इसका प्रभाव पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है और इसका असर कुछ ही दिनों में दिखाई देने लगता है। पिछले कई वर्षों से लगातार रूस यूक्रेन युद्ध चल रहा है। इजराइल फिलिस्तीन के मध्य भी काफी समय से युद्ध की स्थिति चल रही है। अब एक और नया मोर्चा खुल गया। अब यहआग इसराइल और ईरान के बीच लग चुकी है। 2 दिन में तेल की कीमाते 9 फीसदी बढ़ गई.
विश्व इस समय वैसे ही आर्थिक संकट से गुजर रहा है. क्योंकि ईरान तेल का काफी बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है और वहां जंग छिड़ चुकी है। यदि आसपास के कुछ देश और इसमें शामिल हुए जैसे की संभावना है। अमेरिका भी युद्ध में कूदने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो विश्व अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होना तय है।
इस युद्ध की शुरुआत दो दिनों में ही कच्चे तेल के दाम 9 फ़ीसदी चढ़ गए दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 1 साल के पार चली गई। दुनिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
3. हवाई किराया 20% तक बढ़ा.
ईरान इजरायल तनाव के कारण भारत से यूरोप अमेरिका सहित पश्चिमी देशों की हवाई यात्रा पर बड़ा असर पड़ा है। पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपने हवाई मार्ग बंद कर दिए हैं। इससे हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और मार्ग बदले गए हैं। मार्ग बदलने से किराए और परेशानियां बढ़ गई है। किराए में 20% तक की बढ़ोतरी हो गई। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इजरायल के बीच संघर्ष और हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों का रास्ता लंबा हो गया है जिसका सीधा असर विमान के समय और किराए पर पढ रहा है। कुछ क्षेत्रों में पहले से ही 12 से 15% की वृद्धि देखी जा रही है। हवाई क्षेत्र में अस्थाई प्रतिबंध से विमान को आने-जाने में दो से चार घंटे का वक्त अधिक लग रहा है इससे विमान कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि हो गई है मार्ग बदलने से कुछ मार्गों के किराए में 15 से 20 फ़ीसदी तक की वृद्धि हुई है हवाई क्षेत्र में जारी प्रतिबंध के कारण खाड़ी देशों से आने जाने वाली उड़ानों का मार्ग पर भारी भीड़ है।
समुद्री माल ढुलाई लागत 50% बड़ी :
ईरान इजरायल युद्ध से भारत में केवल हाईवे यात्रा महंगी नहीं हुई है बल्कि समुद्री माल ढुलाई दरों में भी 50% तक इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बीमा शुल्क में भी बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है। निर्यातकों का कहना है कि इस युद्ध के कारण यूरोप रूस और खादी के देशों को किया जाने वाला निर्यात प्रभावित होगा। अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है तो ईरान और यूएई के बीच हार्मोन जलसंधि और लाल सागर जैसे
आर्थिक फंडा ब्लॉग —“छोटी-छोटी और बेहतरीन निवेश सलाह”
दोस्तों, आर्थिक फंडा (ब्लॉग) की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में आप सभी का स्वागत है। आज की पोस्ट में हम चर्चा करेंगे की ” कैसे क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग करके हम अपना वेल्थ क्रिएशन भी बढ़ा सकते हैं।” आज की इस पोस्ट को आसान और अच्छी तरीके से समझ सकें इसलिए इसे हम निम्न बिंदुओं में विभाजित करके रीढ़ करेंगे।
क्रेडिट कार्ड एक भुगतान कार्ड है, जो आमतौर पर बैंक द्वारा जारी किया जाता है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को सामान या सेवाएं खरीदने या क्रेडिट पर नकदी निकालने की अनुमति देता है। इस प्रकार कार्ड का उपयोग करने पर कर्ज़ चढ़ जाता है जिसे बाद में चुकाना पड़ता है। क्रेडिट कार्ड का अर्थ एक वित्तीय टूल से है जो बैंक द्वारा जारी किया जाता है। इसका उपयोग कर आप अपने पर्सनल खर्चों, ऑनलाइन खरीददारी, यात्रा आदि के लिए कहीं भी व कभी भी कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड क्या है, एक व्यक्ति की वित्तीय योजनाओं को मैनेज करने का माध्यम हो सकता है, जिसे आपको सावधानी और ज़िम्मेदारी के साथ उपयोग करना चाहिए।
आज के आर्टिकल में ( टेबल ऑफ़ कंटेंट )
भूमिका।
क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है.?
क्रेडिट कार्ड लिमिट क्या है.?
क्रेडिट कार्ड के प्रकार।
अपनी खरीदारी को टाइम करें।
विशिष्ट कार्ड इस्तेमाल करें।
5% से लेकर 36 परसेंट तक की बचत।
बोनस/एक्सलरेटेड पॉइंट लें।
छूट और कैशबैक का लाभ उठाएं।
कार्ड से ट्रैवल बुकिंग करें।
कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का लाभ लें।
ध्यान रखें..
निष्कर्ष।
संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।
1. भूमिका (विषय प्रवेश) :
क्रेडिट कार्ड वैसे तो एक रिस्की प्लास्टिक मनी माने जाते हैं लेकिन यदि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करें तो पैसे बचाने और बढ़ाने में मददगार भी साबित हो सकते हैं। हालांकि क्रेडिट कार्ड से वेल्थ क्रिएशन का मतलब यह नहीं है कि इससे कोई निश्चित आए या रिटर्न मिलता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड कंपनियों और कंज्यूमर कंपनियों के बीच करार के चलते कई तरह की खरीदारी नगद के बजाय क्रेडिट कार्ड से करके पैसे बचाएं जा सकते हैं। जैसे – यदि आप किराना सामान पेट्रोल ऑनलाइन शॉपिंग मूवी और रेस्टोरेंट में खाने पर हर महीने ₹50000 खर्च करते हैं तो ढाई हजार से ₹5000 तक की बचत कर सकते हैं। इसमें शर्त यह होती है कि यह सारे खर्चे आप एक या दो तीन अलग-अलग क्रेडिट कार्ड से करें। क्रेडिट कार्ड से किए गए खर्च चुकाने के लिए आपके पास 50 दिनों तक का लंबा समय होता है। ऐसे में जो खरीददारी आप नगद करने वाले थे वह क्रेडिट कार्ड से करके उतना पैसा 50 दिनों के लिए कहीं निवेश कर सकते हैं। इस तरह यदि आप
2. क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है.?
क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से उपयोग आपको आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। आइए जानते है कि क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है:
क्रेडिट खाता : जब आपको क्रेडिट कार्ड मिलता है, तो बैंक में आपका एक क्रेडिट खाता खोला जाता है।
खरीदारी : जब आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग खरीददारी करने के लिए करते हैं, तो यह खरीददारी की राशि को बैंक आपके क्रेडिट खाते में जोड़ता है।
लोन का रीपेमेंट : बैंक द्वारा आपके क्रेडिट कार्ड के रीपेमेंट के लिए एक अवधि तय की जाती है, उस तय तिथि पर आपको लोन ली गई राशि का भुगतान करना होता है।
क्रेडिट लिमिट : आपके क्रेडिट कार्ड पर एक निश्चित रकम तक की खरीददारी की अनुमति दी जाती है, जिसे क्रेडिट लिमिट कहा जाता है।
मासिक बिल : आपको क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान हर महीने करना होता है, जिसमें आपकी पर्सनल खर्च की राशि और इंटरेस्ट शामिल होते हैं।
3. क्रेडिट कार्ड लिमिट क्या है.?
क्रेडिट कार्ड लिमिट एक न्यूनतम और अधिकतम राशि होती है, जो बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा कार्डधारक की आवश्यकताओं और वित्तीय स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस राशि को कार्डधारक क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खर्च कर सकता है, और यह कार्डधारक को उपलब्ध क्रेडिट का प्रबंधन करने में मदद करता है।
4. क्रेडिट कार्ड के प्रकार :
आइए जानते है क्रेडिट कार्ड के निम्नलिखित प्रकार:
कोटक रॉयल सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड
कोटक प्रिवी लीग सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड
मिंत्रा कोटक क्रेडिट कार्ड
कोटक 811 क्रेडिट कार्ड
कोटक कॉर्पोरेट प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड
कोटक कॉर्पोरेट गोल्ड क्रेडिट कार्ड
कोटक कॉर्पोरेट वेल्थ सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड
5. अपने खरीदारी को टाइम करें :
हर क्रेडिट कार्ड का अपना बिलिंग साइकिल होता है खरीदारी को इसी हिसाब से टाइम करने पर ज्यादा फायदा होता है यानी जिस तारीख को आपका क्रेडिट कार्ड बिल जेनरेट होता है उसके फौरन बाद खरीदारी करने से 40 से 50 दोनों का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलेगा।
6. विशिष्ट कार्ड का इस्तेमाल करें :
कार्ड कंपनियों के अलग-अलग वेंडर्स के साथ टाइप होते हैं। कुछ फ्यूल कंपनियों के साथ टाइप करके खास कार्ड जारी करती हैं। इसे पेट्रोल डीजल खरीदने पर ज्यादा बचत होती है। कुछ कार्ड के जरिए ग्रॉसरी खरीदने पर ज्यादा बचत होती है तो कुछ के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग फायदेमंद होती है। जाहिर है, यदि आप अलग-अलग तरह की शॉपिंग के लिए खास कार्ड उसे करेंगे तो ज्यादा बचत होगी। खर्च करने की अपनी आदत पर गौर करें, और देखें कि ज्यादा खर्च कहां होता है। उसी के मुताबिक क्रेडिट कार्ड चुने। अगर आप ज्यादा ट्रैवल करते हैं तो ऐसा कार्ड चुने जिसमें टिकट होटल बुकिंग पर ज्यादा रीवार्ड्स मिलते हो। अगर आप ज्यादा शॉपिंग करते हैं तो ऐसे कार्ड को सेलेक्ट करें जिससे शॉपिंग पर अच्छी रीवार्ड्स प्राप्त होते हो। ऐसा करके आप अपना पैसाभी बचा सकते हैं और अपनी क्रेडिट वैल्यू को बढ़ा सकते हैं।
7. 5% से लेकर 36% तक की बचत :
कुछ फ्यूल कार्ड पार्टनर पेट्रोल पर खर्च का 7.5% तक रिवॉर्ड देते हैं। प्रीमियम कार्ड बैंक के पार्टनर पोर्टल से होटल बुकिंग पर पॉइंट के रूप में 36% तक रिटर्न देते हैं। कैशबैक कार्ड ऑनलाइन शॉपिंग पर स्टेटमेंट क्रेडिट के रूप में 5% रिटर्न देते हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने वेल्थ क्रिएशन को बढ़ा सकते हैं।
8. बोनस /एक्सलरेटेड पॉइंट ले :
मूवी टिकट जैसे खास तरह के खर्चे पर अधिकतम बोनस और एक्सीलरेटेड रीवार्ड्स प्वाइंट जमा कर सकते हैं इस तरह के खर्च सिर्फ रीवार्ड्स के लालच में न करें।
9. छूट या कैशबैक का लाभ उठाएं :
खरीदारी को इस तरह व्यवस्थित करें कि 15 अगस्त जैसे खास मौकों पर मिलने वाली छूट और कैशबैक का ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकें। विशेष पर्व जैसे होली,दिवाली, धनतेरस,पर विशेष छूट प्राप्त होती हैं। इनका लाभ उठाएं। जैसे — अगर आपको फ्रिज या टीवी जैसी कोई बड़ी वस्तु खरीदनी हो तो फेस्टिवल या सेल ऑफर्स का इंतजार कर सकते हैं।
10. कार्ड से ट्रैवल बुकिंग करें :
फ्लाइट होटल टूर एंड ट्रैवल पैकेज बुक करके यहां तक की गिफ्ट वाउचर खरीद कर भी आप एक्सीलरेटेड रीवार्ड्स प्वाइंट जमा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि ऐसी विकल्पों के साथ अर्जित रिवॉर्ड पॉइंट का इस्तेमाल कर पाने में 90 दिन तक लगा सकते हैं। बैंक अक्सर 1 महीने में जमा किए जा सकने वाले रिवॉर्ड पॉइंट की अधिकतम मात्रा और प्रति म्हारे दमसन की ऊपरी सीमा रखते हैं।
11. कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का लाभ लें :
आपको क्रेडिट कार्ड के साथ मिलने वाले कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें एयरपोर्ट लाउंज में फ्री एक्सेस एक्सीडेंटल हेल्थ हॉस्पिटलाइजेशन कर ओटीटी प्लेटफॉर्म की मेंबरशिप क्लब मेंबरशिप आदि शामिल हैं। ध्यान रखें कि इन सभी बेनिफिट्स का कुल मूल्य कम से कम कार्ड के सालाना नवीकरण शुल्क से तो ज्यादा ही होगा।
12. ध्यान रखें..
प्लास्टिक मनी आखिरकार इंस्टेंट क्रेडिट कार्ड यानी फॉरेन मिल जाने वाला कर्ज ही है। अगर आप बार-बार आए और रीपेमेंट क्षमता से ज्यादा खर्च करेंगे तो कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि पर सालाना 40% तक ब्याज लग सकता है। इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखें की जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें और समय पर अपना क्रेडिट कार्ड बिल चूकाते रहे।
निष्कर्ष :
क्रेडिट कार्ड एक वित्तीय साधन है जो आपको वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए ऋण लेने की अनुमति देता है, जिसे बाद में चुकाना होता है। यह एक प्लास्टिक कार्ड होता है जो बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाता है। क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके, आप बिना नकद के भी खरीदारी कर सकते हैं और अपने बिलों का भुगतान बाद में कर सकते हैं।
संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :
क्वेश्चन 1. क्रेडिट कार्ड क्या है.?
उत्तर – क्रेडिट कार्ड एक भुगतान कार्ड है जो आपको बैंक से उधार लेकर खरीदारी करने की सुविधा देता है। क्रेडिट कार्ड एक तरह से आपको ऋण देता है जिसे बाद में चुकाना पड़ता है आमतौर पर ब्याज के साथ ऐसी अदा करना होता है। क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके आप बिना नगद पैसे के भी खरीदारी कर सकते हैं और बाद में भुगतान कर सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड एक वित्तीय साधन है और एक तरह की प्लास्टिक मनी है जो आपको अपने सभी वित्तीय लेनदेन पर ऋण की अनुमति देता है। यह आपको अपनी जरूरत की सभी चीज खरीदने और उनके भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है।
क्वेश्चन 2. अगर मैं 6 महीने तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करता हूं तो क्या होगा..?
उत्तर — अगर आप 6 महीने तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं तो आपका कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियों 6 महीने या इससे अधिक समय तक उपयोग ने करने पर क्रेडिट कार्ड को निष्क्रिय कर सकती हैं और कुछ मामलों में आपका खाता बंद भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आप पर निष्क्रियता शुल्क भी लग सकता है और आपके क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई क्रेडिट कार्ड कंपनियों 6 महीने या उससे अधिक समय तक आपके क्रेडिट कार्ड को निष्क्रिय कर देती हैं. यदि आपका खाता बंद हो जाता है या आप निष्क्रियता शुल्क का भुगतान करते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपको मिलने वाले बेनिफिट्स और रीवार्ड्स भी खत्म हो जाते हैं।
क्वेश्चन 3. एक अच्छा क्रेडिट इतिहास क्यों महत्वपूर्ण है..?
उत्तर — अच्छा क्रेडिट इतिहास काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह ऋण प्राप्त करने कम ब्याज दरें प्राप्त करने और अन्य वित्तीय लेनदेन जैसे कि किराए या नौकरी के लिए स्वीकृति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अच्छा क्रेडिट इतिहास क्यों महत्वपूर्ण है इसके कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-
अच्छी ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए।
अच्छा क्रेडिट स्कोर कम ब्याज दरों में मदद करता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर आपको खरीदारी की बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करता है।
अच्छा क्रेडिट इतिहास आपके पैसे के प्रबंधन की सक्रियता को प्रदर्शित करता है।
एक अच्छा क्रेडिट इतिहास आपको वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करता है।
अच्छा क्रेडिट इतिहास आपकी एक महत्वपूर्ण संपत्ति की भांति होता है जो आपको वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति में रहने में मदद प्रदान करता है।
क्वेश्चन 4. क्रेडिट कार्ड के क्या फायदे हैं..?
उत्तर — क्रेडिट कार्ड के लाभ प्रदान करता है जैसे कि वित्तीय स्वतंत्रता, सुरक्षा, रीवार्ड्स, ऑनलाइन खरीदारी, लोन सुविधा आदि। क्रेडिट कार्ड के कुछ बेहतरीन फायदे इस प्रकार हैं–
क्रेडिट कार्ड आपको तत्काल खरीदारी करने और भुगतान बाद में करने की सुविधा देता है।
क्रेडिट कार्ड विभिन्न रीवार्ड्स कार्यक्रम, कैशबैक, शॉपिंग और कई महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करता है।
क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन खरीदारी के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है, जिससे आप विभिन्न ऑफर और छोटो का लाभ उठा सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग करके आप अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाकर भविष्य आसान ऋण प्राप्त कर सकतें है।
क्रेडिट कार्ड से आप किसी भी चीज को तत्काल परचेस कर सकते हैं भले ही आपके पास नगदी न हो।
अचानक वित्तीय आवश्यकताओं की स्थिति में क्रेडिट कार्ड एक उपयोगी विकल्प होता है।
क्रेडिट कार्ड के उपयोग से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनती है जो भविष्य में रन के लिए महत्वपूर्ण होती है।
हवाई यात्राओं विदेश यात्राओं के समय आप क्रेडिट कार्ड से आसान भुगतान कर सकते हैं, आपको नगदी रखना जरूरी नहीं होता है।
क्वेश्चन 5. क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें क्या है..?
उत्तर -= क्रेडिट कार्ड के नियम और शर्तें क्रेडिट कार्ड जारी करता और कार्ड उपयोग करता के बीच एक समझौता है जिसमें फीस ब्याज दरें और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं। यह जानना आवश्यक है कि यह नियम और शर्तें कार्ड धारक को कैसे प्रभावित करती हैं ताकि वे अपने क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी के साथ उपयोग कर सकें।
क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें –
1. क्रेडिट सीमा
यह वह अधिकतम राशि है जो आप अपने क्रेडिट कार्ड से उधार ले सकते हैं
2. ब्याज दर
यदि आप क्रेडिट कार्ड बिल का पूरा भुगतान समय पर नहीं करते हैं तो आपको ब्याज का भुगतान करना होगा।
3. भुगतान तिथि
यह वह तिथि है जब आपको क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाना होता है
4. शुल्क
क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक विभिन्न प्रकार के शुल्क लेते हैं जैसे कि वार्षिक शुल्क, लेट पेमेंट शुल्क, नगद अग्रिम शुल्क आदि
5. नियम और शर्तों का उल्लंघन
यदि आप क्रेडिट कार्ड के नियमों और शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो बैंक आपके कार्ड को रद्द कर सकता है या अन्य प्रकार के दंड लगा सकता है।
6. क्रेडिट कार्ड से सीमा से अधिक राशि होने पर शुल्क लगाया जाएगा।
7. यदि आप भुगतान दी तिथि पर या उससे पहले न्यूनतम दे राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं तो बैंक को भुगतान किए जाने तक और कार्ड खाते को नियमित किए जाने तक कार्ड पर सुविधा को रोकने का पूर्ण अधिकार है।
8. यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि क्रेडिट कार्ड के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकते हैं। इसीलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप हमेशा नवीनतम नियम और शर्तों से अवगत रहे।
क्वेश्चन 6. एसबीआई क्रेडिट कार्ड क्या है..?
उत्तर – SBI क्रेडिट कार्ड भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी एक क्रेडिट कार्ड है जो आपको एक निश्चित सीमा तक पैसे खर्च करने की सुविधा देता है, जिसे बाद में चुकाना होता है। यह है एक प्रकार का उधार है जो आपके बिना नगदी के खरीदारी करने, बिलों का भुगतान करने, और अन्य वित्तीय लेनदेन करने की अनुमति देता है।
क्वेश्चन 7. क्रेडिट कार्ड के क्या नुकसान है..?
उत्तर — हर अच्छी सुविधा और तकनीकी के फायदे भी होते हैं तो नुकसान। ठीक वैसे ही क्रेडिट कार्ड के अनेक फायदे हैं तो इसके कई नुकसान भी है। क्रेडिट कार्ड के कुछ नुकसानौ में प्रमुख है — उच्च ब्याज दरें, अधिक खर्च करने की प्रवृत्ति, धोखाधड़ी का खतरा, कर्ज के जाल में फसना, अधिक शुल्क चुकाना, वार्षिक और विलंब शुल्क चुकाना, क्रेडिट खराब होना, बिना सोचे समझे खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ाना, भुगतान छूटने का डर बना रहना, आदि क्रेडिट कार्ड के प्रमुख नुकसान हैं।