“सोना सदा के लिए”
“मेरा तन-मन सुनहरा’ मेरा गहना सुनहरा”
“सोना” कितना सोना है”
दोस्तों स्वर्ण आभूषणों को लेकर हर देश में अलग-अलग तरह की धारणाएं प्रचलित हैं
यह सोने के बारे में प्रचलित पुरानी कहावतें हैं। अगर आज के दौर में हम इन कहावतें की सार्थकता पर गौर करते हैं तो यह एकदम सटीक बैठती है। यह एक ऐसी धातु के बारे में कही गई है जिसकी कीमतों में आंधी – तूफान की भांति से हु इस वृद्धि है।
भारत में सोना समृद्धि सुरक्षा और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। भारतीय और दुनिया के बाजारों में सोना इस समय नए कीर्तिमान रच रहा है भले ही यह कीमत विवाह के लिए जेवर खरीदने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा रही हो लेकिन पिछले 25 वर्षों में निवेशकों को 1700 % कर रिटर्न दिया है। अगर आप भी इन्वेस्ट करते हैं और आप जानते हैं कि छोटा-मोटा इन्वेस्ट हर इंसान करता है।. आज जब हम सोने की कीमतों की तरफ गौर करते हैं तो आश्चर्य होता है हम में से अधिकतर लोगों को होता है। अगर आपकी आर्थिक विषयों में रुचि है तो आपको आज किस आर्टिकल को पढ़कर कॉफी नॉलेज मिलेगा और आनंद भी आएगा। क्योंकि आर्थिक फंडा के आज के आर्टिकल में हम सोने की कीमतों में हुई तूफानी वृद्धि को समझेंगे..।
सोने की कीमतों में उछाल की चर्चा हम आज के आर्टिकल में इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह एक दृष्टिकोण से बहुत मायने रखती है। और वह बात है अपना “घरेलू इन्वेस्टमेंट“। क्योंकि सोना हर आदमी की जरूरत है और आजकल सोनी को के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है
आप अन्य लोन के मुकाबले गोल्ड लोन कभी भी ले सकते हैं और नगदी प्राप्त कर सकते हैं। और अगर आपने सोने में निवेश किया है तो आप इतना कमा सकते हैं कि बाकी किसी इन्वेस्टमेंट में नहीं कमा सकते। जैसा मैंने आपको पहले ही बताया कि 25 सालों में सोने ने 1700 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. और मजेदार बात यह है कि इस दरमियान सोने के दामों में केवल चार बार ही मामूली कमी आई। अगर हम बात करें वर्ष 2000 की तो इस वर्ष सोने का औसत भाव 4450 रुपए प्रति 10 ग्राम था जो आज 2025 में 1.20 लाख रुपए के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है
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इसीलिए आज सोने में निवेश लोगों की पसंद बनता जा रहा है। आर्थिक नजरिए से बात करें तो आजकल इन्वेस्टर जो अपना पोर्टफोलियो बनाते हैं उसमें गोल्ड को सबसे भरोसेमंद मांगते हैं। अच्छा..। गोल्ड की एक और खास बात में आज आपको बताने वाला हूं जो हो सकता है आपको पता ना हो। मेरी नजर में gold एक ऐसी असेट्स है जो ” संकट मोचक असेट्स” कहीं जा सकती है। क्योंकि यदि मन कर चलिए जीवन में अचानक आपके सामने कोई आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाता है या आपके व्यापार या इन्वेस्टमेंट से कोई बड़ा घाटा हो जाता है तो ऐसी स्थिति में सोना आपको फाइनेंशियल सपोर्ट देता है। क्योंकि आप किसी भी बैंक में सोने को रखकर उसके बराबर का कैस प्राप्त कर सकते हैं। और अपने संकट से निपटने में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह ऐसी असेट्स है जो खरीदने के पास हमारे पास हर स्थिति में सुरक्षित की रहती है।
दोस्तों अगर मैं खुद अपनी बात करूं तो एक समय था जब मैं सोने में निवेश नहीं करना चाहता था। औरतों को गहनों का बहुत शौक होता है। जाहिर सी बात है कि मेरे घर में भी मेरी पत्नी ही गनो को खरीदने में दिलचस्पी रखती है। पहले मैं उनसे यही कहता था कि ठीक है खरीद लेना पर ज्यादा महंगे आइटम मत लेना। क्योंकि मनी ब्लॉक हो जाती है। ऐसी मेरी सोचती है पर आज के दौर में यह सोच गलत है। गोल्ड ने केवल हमारे धार्मिक के समारोह हो और त्योहार पर हमारी चमक बढ़ता है बल्कि इन्वेस्टमेंट में भी हमें बेहतरीन छल प्रदान करता है।
सोने की उछाल का इतिहास
अगर बात सोने की चल रही है और आप एक निवेशक हैं या कहीं भी आपका इन्वेस्ट करने का प्लान है और। और किसी न किसी ने रूप में अगर आप थोड़ा बहुत दिए सोच रहे हैं कि मुझे सोने में निवेश करना चाहिए तो। तरक्की पर गौर करना चाहिए। यह देखना जरूरी है कि किस चीज में या बिजनेस में कितनी गति और कितनी डर से वृद्धि हुई है और हो रही है। अगर यह बात हम सोने के बारे में गौर करें तो सोने की तरह की का इतिहास अलग ही ढंग से चमकता हुआ नजर आता है। सन 2007 से 12 के बीच में दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक तरह का वैश्विक संकट रहा उसने सोने की तेजी को हवा दी थी, वह हवा और वह तेजी 2020 और उसके बाद आज 2025 तक तूफानी रूप से जारी है.।
6000 टन सोने के आभूषण बिकते हैं भारत में
राजस्थान में हर साल 42000 किलो सोने के गने बिकने का अनुमान
अब हम कुछ आंकड़े पड़े उससे पहले फिर मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं। आप सोचिए कि इतनी महंगी धातु फिर भी लोग इतना इंटरेस्ट लेकर इसमें निवेश कर रहे हैं। ऐसा क्यों आखिर क्या वजह है कि सोने में निवेश करने वाले लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है..,? जबकि सोना इतनी महंगी वस्तु भी है।. तुम्हें ऐसे आपको स्पष्ट करना चाहता हूं कि की सोने में लोगों का रुझान इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि न केवल इसका शानदार रिटर्न है बल्कि यह संकट के समय संकट मोचन के रूप में हमारे काम आने वाली असेट्स है और यह पोर्टफोलियो के लिए एक आमद नहीं देने वाला पॉइंट है। सोने में निवेश लोगों को आकर्षित कर रहा है। सोने की चमक लोगों को आकर्षित कर रही है। निवेदक भी सोने में जमकर निवेश कर रहे हैं तो कितनी ही महंगे हो जाए लेकिन इसके खरीदार मैं भी कमी नहीं आ रही है।.मैं विश्व स्वर्ण परिषद के कुछ आंकड़े आपको बताता हूं विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक भारत में हर साल करीब 600 टन सोने के आभूषण बिकते हैं। इस 6000 तन की कुल कारोबार का साथ फ़ीसदी कारोबार राजस्थान में होता है। इसलिए आज से अगर बात करें तो राजस्थान में 42000 किलो सोने के आभूषण बिकने का अनुमान है वहीं विभिन्न सर्राफा संघ की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में हर साल आभूषण निवेश और निर्यात के लिए 60 से 80 टन सोने की खपत का अंदाजा लगाया जाता है।
सोने की कीमतों की स्वर्णिम आंधी का इतिहास.
1. सन 2000 से 2006 तक के वर्षों में सोने के बढ़ाने की रफ्तार थोड़ी धीमी थी इस दौर में यह आभूषण था इस दौरान कीमत 4450 से 8200 प्रति 10 ग्राम तक रही थी.
2. 2007 से 2012 तक सोने का स्वर्णिम काल रहा है वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में संकट के चलते निवेशक इक्विटी और रियल एस्टेट से ध्यान हटाने लगे।. क्योंकि उन हालातो में इनमें निवेश करना रिस्की था। अगले ही वर्ष 2008 मै दुनिया में द्वितीय संकट और बढ़ गया। ऐसी हालत हालातो में निवेशकों का ध्यान सोने की ओर गया और पहली बार सोना 10000 के पार पहुंचा।
3. 2013 से 2015 का एक छोटा दौर ऐसा भी आया जब सोने में लगातार 3 साल तक गिरावट रही।.
4. 2016 से 2023 के बीच कोविद-19 महामारी के कारण सरकारों द्वारा बड़े पैमाने पर नगदी डालने और कम ब्याज दर ने सोने को और कम ब्याज दर ने भी सोने के भाव में उछाल दिया इस घटना ने सोने को 33500 से सीधे 50000 तक पहुंचा दिया यूक्रेन युद्ध के कारण 2023 में सोना 61 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया।
5. 2024 से 2025 के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में थोड़ी अनिश्चित थी और उच्च मुद्रा स्थिति से 2024 में सोने का भाव 80000 के पार तो 2025 में 120500 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया
मुद्रा अवमूल्यन से सोने की मांग बढ़ती है -“अभी और भी चढ़ेगा सोना“
एक्सपर्ट व्यूज / क्या कहती है विशेषज्ञों की राय
एक्सपर्ट उसे में सबसे पहले उल्लेख करना चाहता हूं बुलियन बाजार के विशेषज्ञ कैलाश मित्तल का उनसे बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप के कारण राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चित के दौर से गुजर रहा है ऐसे में सोने में तेजी आई है और और भी तेजी आने की संभावना है। डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच सहमति नहीं बनने से सरकारी शटडाउन की आशंका से सुरक्षित निवेश के लिए सोने की मांग बढ़ रही है। मित्तल जी बताते हैं कि डॉलर इंडेक्स में गिरावट और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में कमी से भी सोने की चमक में वृद्धि आई है। उन्होंने हमें एक आंकड़ा बताते हुए कहा कि सितंबर में गोल्ड ईटीएफ में पिछले 3 वर्ष का सबसे बड़ा मासिक निवेश आया है।. “डायचे बैंक” और गोल्डमैन नामक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने यह अनुमान लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4000 प्रति आउंस के पार होने की संभावना है। जब मुद्रा का अवमूल्यन या महंगाई बढ़ती है तो सोने की भी मांग बढ़ जाती है बड़ा युद्ध या वैश्विक महामारी के दौर में भी निवेशक पूंजी को सुरक्षित स्थानों में निवेश करने की सोचते हैं। वैश्विक संकटों के दौर में निवेशक इक्विटी रियल एस्टेट या न ए बिजनेस में इन्वेस्टमेंट के बजाय सोने में निवेश की ओर रुख करते हैं।

फोटो विश्लेषण – आर्थिक फंडा ब्लॉग और प्रेरणा डायरी ब्लॉग के चीफ एडिटर kedar लाल अपनी पत्नी के साथ। जयपुर शहर।



