आज की दुनिया में टेक्नोलॉजी का बहुत महत्व है, जिन देशों में उच्च टेक्नोलॉजी क्षमता है वही दुनिया के विकसित देश माने जाते हैं और उनकी अर्थव्यवस्थाएं भी मजबूत है।
अगर हम भारत की बात करें तो एक डिजिटल ताकत के रूप में भारत के उदय ने समृद्धि दक्षता और अंतरराष्ट्रीय ख्याति तो दिलाई है लेकिन हमें साइबर हमले का निशान भी बनाया है। डिजिटल टेक्नोलॉजी से उत्पन्न हुई चुनौतियों में केतु काफी हद तक खतरा भी उत्पन्न कर रही है जैसे हमारे वित्तीय सेन और प्रशासनिक नेटवर्क में सेंध लगाना तो राष्ट्रीय सुरक्षा का नया दायरा अब सिर्फ जमीन समुद्रीय हवा तक सीमित नहीं रह गया है यह साइबर स्पेस में भी उतना ही व्यापक और है।
मैं आपको भारत की सबसे बड़ी आर्थिक गतिविधि की जगह”नेशनल स्टॉक एक्सचेंज” की बात करूं तो इस पर हर दिन लगभग 17 करोड़ साइबर हमले होते हैं।

फोटो — kedar lal ( k. L. Ligree) लेखक एवं चीफ एडिटर आर्थिक फंडा ब्लॉग अपनी पत्नी श्रीमती कि पति पोसवाल
सुरक्षा को लेकर या किसी पड़ोसी देश के तनाव या युद्ध की स्थिति को लेकर यह घटना बड़ी तेजी से घटती है अभी मैं एक ताजा एग्जांपल आपको देता हूं ऑपरेशन सिंदूर के समय का ऑपरेशन सिंदूर के समय बताया जाता है कि डिजिटल प्रणालियों पर 24 घंटे में 40 करोड़ से ज्यादा हमले किए गए इस बात में कोई संदेह नहीं रहना चाहिए कि भारत एक विशाल एड्रेस युद्ध क्षेत्र के केंद्र में है आधुनिक युद्ध अब टैंकों की गड़गड़ाहट या विमान की गर्जना से शुरू नहीं होते वह केबल्स क्लाउड्स और कोड के जरिए चुपचाप आगे बढ़ते हैं ऐसे में साइबर योद्धा आज अंतिम पंक्ति के सैनिक जितने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।
एक डिजिटल राष्ट्र के साइबर स्पेस में सेंड मेरी वित्तीय क्षमताओं को पंगु बना सकती है बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती है और एक भी गोली चलने से पहले जनता का विश्वास खत्म कर सकती है। पड़ोसी देशों में कभी-कभी उत्पन्न होने वाले तनाव के कारण होने वाले युद्ध में अब डिजिटल अटैक सबसे पहले होंगे।
पहले उच्च स्तरीय डिजिटल सुविधा में अमेरिका और यूरोप के विकसित देशों में ही देखा करता था लेकिन भारत में भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार हो गया है और कई मामलों में यह है विकसित देशों से भी आगे है।



