ऊर्जा, रोजगार, व्यापार, ओद्योगिक विकास,सुरक्षा का नया केंद्र बनेगी बालोतरा-बाढ़मेर रिफाइनरी….।

राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थापित देश की पहली एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होने जा रही है। 4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित यह परियोजना उड़ीसा की पारादीप रिफाइनरी के बाद देश की दूसरी ग्रीन फील्ड रिफाइनरी है। एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी लिमिटेड हर्ल कि देश की पहली एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल परियोजना करीब 79459 करोड रुपए की लागत से 9 एमटीपीए क्षमता वाली यह परियोजना ने केवल घरेलू बल्कि ईंधन जरूरत को भी पूरा करेगी

बल्कि पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच एचडी जंग के दरमियान और मुझे जलडमरू मध्य में उत्पन्न संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी लेकिन भारत की मजबूत रिफाइनरी क्षमता के कारण देश ईंधन की आपूर्ति के संकट से बच गया। हरमुज जल संधि के कारण दुनिया के देशों में जाने वाले तेल की सप्लाई रुक गई क्योंकि इस जल डमरू मध्य के माध्यम से ही लगभग 20% तेल निर्यात होता है। और जब तेल के दामों में बढ़ोतरी होती है तो परिवहन समेत अन्य वस्तुओं के धर्मों में भी इजाफा हो जाता हैं

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