शुक्रवार, अप्रैल 17, 2026
Google search engine
होमइन्वेस्टमेंट टिप्समेरे पास 10 लाख है, वह कौन-कौन से बेहतरीन फील्ड है जहां...

मेरे पास 10 लाख है, वह कौन-कौन से बेहतरीन फील्ड है जहां में इन पैसों को निवेश करूं और अच्छा मुनाफा पा सकूं।

10 लख रुपए की राशि को निवेश करने के बेहतरीन तरीके।

10 लाख से छोटे-मध्यम व्यवसाय शुरू करने का व्यावहारिक मार्गदर्शक

परिचय

नौजवान होने और 10 लाख रुपये हाथ में होने पर व्यापार शुरू करना एक सुनहरा अवसर है। सही प्लान, खर्च-नियोजन और धैर्य से यह राशि आपको छोटे व्यवसाय से लेकर मध्यम-प्रोफ़िट मॉडल तक पहुँचा सकती है। नीचे पाँच व्यवहारिक बिजनेस आइडिया पर मैं विस्तार से चर्चा करूँगा — प्रत्येक के लिए अनुमानित आरम्भिक निवेश, मासिक/वार्षिक आय की गणना, खर्च, ब्रेक-ईवेन समय और जोखिम बताऊँगा। साथ में तीन तरह के पोर्टफोलियो-वितरण (कंज़र्वेटिव, बैलेंस्ड, एग्रीसिव) भी दूँगा ताकि आप अपनी जोखिम झेलने की क्षमता के हिसाब से चुन सकें।


व्यवसाय 1 — मोहल्ले/छोटे शहर की किराना (परचून) दुकान

क्यों?

किराना दुकान रोज़मर्रा की मांग पर होती है — खाद्य, घरेलू वस्तुएँ, स्नैक्स, दूध, चाय-सामग्री आदि। ग्राहकों का आधार स्थिर रहता है और कैश-फ्लो तेज़ होता है। अच्छे सर्विस (होम डिलीवरी, बैलेंस शीट पर क्रेडिट) से लॉयल कस्टमर बनते हैं।

आरम्भिक लागत (अनुमान)

  • किराया और सिक्योरिटी (पहले 2 माह का एडवांस/फर्निशिंग) — ₹60,000
  • रैक, काउंटर, बिलिंग मशीन/प्रिंटर/पैकेजिंग — ₹30,000
  • शुरुआती स्टॉक (ग्रोसरी, पैक्ड फूड, बेसिक्स) — ₹1,20,000
  • अनिश्चित/अन्य (लाइसेंस, बिजली, सफाई, ब्लेडर आदि) — ₹20,000
    कुल प्रारम्भिक लागत ≈ ₹2,30,000

मासिक अनुमान (पहले 6-12 महीने)

  • औसत मासिक सेल्स (छोटे शहर/मोहमल्ले के हिसाब से): ₹1,50,000
  • ग्रॉस मार्जिन (स्टेप मार्जिन सामान पर अलग) औसतन 15% → ग्रॉस प्रॉफिट ≈ ₹22,500/महीना
  • मासिक परिचालन खर्च (किराया ₹10,000, वेतन/खर्च ₹8,000, बिजली/अन्य ₹3,500) ≈ ₹21,500
    नेट प्रॉफिट ≈ ₹1,000/महीना (शुरुआती समय में कम) — पर ग्राहक-आधार बढ़ने पर सेल्‍स और प्रॉफिट बढ़ेंगे। 6-12 महीने में ब्रेक-ईवेन संभव है।

1 साल बाद संभावित (जब कस्टमर बेस बना हो)

  • सेल्स बढ़कर ₹2,50,000/महीना → ग्रॉस प्रॉफिट 15% = ₹37,500
  • परिचालन खर्च लगभग ₹22,000 → नेट ≈ ₹15,500/महीना → वार्षिक ≈ ₹1,86,000
    ROI (पहले साल): निवेश ₹2.3L पर वर्ष 1 का नेट लगभग ₹1.86L → रिटर्न ≈ 81% (पर ध्यान रखें यह कम्पाउंडिंग/रिस्टॉक पर निर्भर)।

जोखिम और सुझाव

  • उच्च इन्वेंट्री टर्नओवर जरूरी।
  • लो-प्राइस ईटम पर प्रतिस्पर्धा रहती है।
  • डिजिटल पेमेंट, होम-डिलीवरी और छोटे-पैकिंग में फोकस करें।

व्यवसाय 2 — मोटर पार्ट्स रिटेल (छोटी शोरूम / वर्कशॉप के पास)

क्यों?

दैनिक वाहन की मरम्मत व पार्ट्स की मांग लगातार रहती है। अगर आप किसी अच्छी लोकेशन (वर्कशॉप/कार डीलर के पास) पर दुकान खोलेंगे तो ग्राहकों का आना स्वाभाविक है। मार्जिन भी किराने से बेहतर हो सकता है।

आरम्भिक लागत (अनुमान)

  • स्थल का छोटा किराये का स्थान और फिक्स्चर — ₹60,000
  • शुरुआती पार्ट्स इन्वेंट्री (ब्रेक पैड, फ़िल्टर, स्पार्क प्लग, बेल्ट आदि) — ₹1,00,000
  • बेसिक टूल्स और लैबेलिंग/शेल्विंग — ₹40,000
  • लाइसेंस/कन्टेनर/अन्य — ₹20,000
    कुल ≈ ₹2,20,000

मासिक अनुमान

  • औसत मासिक सेल्स: ₹2,00,000
  • ग्रॉस मार्जिन (पार्ट्स पर) सामान्यतः 20–35% (हम 25% लें): ₹50,000
  • परिचालन खर्च (किराया ₹12,000, वेतन/इलेक्ट्रीसिटी ₹10,000, इत्यादि ₹5,000) = ₹27,000
    नेट प्रॉफिट ≈ ₹23,000/महीना → वार्षिक ≈ ₹2,76,000

ब्रेक-ईवेन व ROI

  • निवेश ₹2.2L, सालाना नेट ₹2.76L → ROI ≈ 125%/वर्ष (बहुत अच्छा) — पर यह स्थानीय प्रतिस्पर्धा और सप्लाई-चैन पर निर्भर है।

जोखिम और सुझाव

  • ब्रांडेड पार्ट्स के लिए डिस्ट्रीब्यूटर से बेहतर टर्म्स लें।
  • पुरानी इकोनॉमी पॉलिसी/सीज़नल डिमांड को ध्यान में रखें।
  • वारंटी/रिटर्न पॉलिसी स्पष्ट रखें।

व्यवसाय 3 — शूज़/फैशन फुटवियर दुकान (न्यूजेन/कॉन्वीनियंस-फेसिंग)

क्यों?

कपड़ों/फैशन में सीजनल टर्नओवर होता है, लेकिन सही लोकेशन और निश-मार्केटिंग से अच्छा मुनाफ़ा मिल सकता है। स्कूल/कॉलेज के नजदीक या प्रदर्शनी-सेंट्रल स्थान पर बेहतर।

आरम्भिक लागत (अनुमान)

  • किराया/डिपोजिट (छोटा 200–300 स्क्वेयर फिट) — ₹75,000
  • स्टॉक (पुरुष/महिला/बच्चों के प्रमुख मॉडल्स) — ₹1,50,000
  • फिक्स्चर, शी-लाइटिंग, POS — ₹35,000
  • अनुकूलन, विज्ञापन — ₹20,000
    कुल ≈ ₹2,80,000

मासिक अनुमान

  • औसत सेल्स: ₹2,50,000 (सीजन्स तथा वीकेंड पर बढ़ेगा)
  • ग्रॉस मार्जिन (फैशन रिटेल) 35% → ₹87,500
  • परिचालन खर्च (किराया ₹20,000, वेतन ₹12,000, अन्य ₹8,000) = ₹40,000
    नेट ≈ ₹47,500/महीना → वार्षिक ≈ ₹5,70,000

ब्रेक-ईवेन

  • निवेश ₹2.8L, सालाना नेट ₹5.7L → ROI ≈ 204%/वर्ष (फायदेमंद पर निर्भरता सीजन व लोकेशन पर)।

जोखिम और सुझाव

  • फैशन ट्रेंड्स बदलते हैं — स्टॉक का रोटेशन फास्ट होना चाहिए।
  • ऑनलाइन मार्केटिंग (Instagram, WhatsApp वॉइसग्रुप), सेवाएँ (फिटिंग, छोटे रिपेयर) शामिल करें।

व्यवसाय 4 — लघु इंजीनियरिंग/मेकैनिकल सर्विसेस (वर्कशॉप/रिपेयर)

क्यों?

मशीन रिपेयर, छोटे-मोटे मशीनरी, कृषि उपकरण सर्विस या घरेलू-इलेक्ट्रिकल रिपेयर में मांग बढ़ रही है। तकनीकी स्किल होने पर यह बिजनेस उच्च मार्जिन देता है।

आरम्भिक लागत (अनुमान)

  • छोटे कार्यशाला/शेड का सेटअप — ₹80,000
  • उपकरण (टूल्स, मशीन, टेस्टिंग इक्विपमेंट) — ₹90,000
  • कच्चा माल/स्पेयर पार्ट्स शुरुआती — ₹30,000
  • लाइसेंस/सुरक्षा/अन्य — ₹10,000
    कुल ≈ ₹2,10,000

मासिक अनुमान

  • औसत मासिक इनकम (वर्कशॉप के प्रकार पर): ₹1,40,000
  • ग्रॉस मार्जिन (वर्क चार्ज + पार्ट्स) ~ 40% → ₹56,000
  • परिचालन खर्च (स्थल ₹12,000, वर्कर वेतन ₹15,000, बिजली/अन्य ₹5,000) = ₹32,000
    नेट ≈ ₹24,000/महीना → वार्षिक ≈ ₹2,88,000

ROI और ब्रेक-ईवेन

  • निवेश ₹2.1L, सालाना नेट ₹2.88L → ROI ≈ 137%/वर्ष। Skilled labor होने पर रेट बढ़ा सकते हैं।

जोखिम और सुझाव

  • गुणवत्ता पर समझौता न करें; जाँच/गारंटी दें।
  • B2B कॉन्ट्रैक्ट (नजदीकी मैन्युफैक्चरर/फर्म) से नियमित आय पक्का करें।

व्यवसाय 5 — रियल-एस्टेट (छोटा/फ्रैक्शनल निवेश या जमीन का डाउन-पेमेंट)

क्यों?

रियल-एस्टेट पारंपरिक रूप से लॉन्ग-टर्म वैल्यू वाले निवेश होते हैं। सीधे जमीन/प्लॉट खरीदना 10 लाख से मुश्किल हो सकता है (लोकेशन पर निर्भर)। इसलिए छोटे शहरों/उभरते इलाकों में फ्लैट का डाउन-पेमेंट, प्लॉट का छोटा हिस्सा, या रियल-एस्टेट फ्रैक्शनल/REIT/पार्टनरशिप में निवेश कर सकते हैं।

विकल्प और लागत

  1. डाउन-पेमेंट के लिए जमा — 10 लाख में आप किसी 40-50 लाख के प्रोजेक्ट में 20–25% डाउन दे सकते हैं (लोकेशन के आधार पर)।
  2. माइक्रो-प्लॉट (ग्राम/उभरती कॉलोनी) — कुछ स्थानों पर छोटे प्लॉट मिल जाते हैं ₹5–10 लाख के बीच।
  3. REIT/रियल-एस्टेट पार्टनरशिप (यदि उपलब्ध) — लंबी अवधि में किराए/कपटिते पर रिटर्न मिलता है।

संभावित रिटर्न

  • किराये से सालाना आय (किफायती प्रॉपर्टी) 2.5–4% या अधिक; दशकों में कैपिटल एप्रीसिएशन 5–10%/वर्ष से भी हो सकती है (लोकेशन पर निर्भर)।
  • यदि 10 लाख से डाउनपेमेंट करते हैं और मासिक नेट किराया/कर्ज भुगतान के बाद समान रहता है, तो कैश-फ्लो सीमित पर कैपिटल गैन्स मुख्य लाभ होंगे।

सुझाव और जोखिम

  • लिक्विडिटी कम — रियल-एस्टेट को तुरन्त नकदी में बदलना कठिन।
  • कर, रजिस्ट्रेशन, टैक्स, लीगल ड्यू-डिलिजेंस ज़रूरी।
  • यदि आपका लक्ष्य 1–3 साल के अंदर तेज़ आय है तो रियल-एस्टेट अपेक्षाकृत धीमा होगा।

तीन निवेश-पोर्टफोलियो (आपकी जोखिम सहनशीलता के अनुसार)

  1. कंज़र्वेटिव (न्यूनतम जोखिम) — कुल ₹10,00,000
    • किराना: ₹3,00,000
    • मोटर पार्ट्स: ₹2,50,000
    • इंजीनियरिंग सर्विस: ₹2,00,000
    • रियल-एस्टेट (डाउनपेमेंट/जामा): ₹2,50,000
      — अनुमानित शुरुआती मासिक नेट (स्थिर अवस्था): ₹35,000–50,000; सालाना ≈ ₹4.2L–6L
  2. बैलेंस्ड (मध्यम जोखिम)
    • मोटर पार्ट्स: ₹2,00,000
    • शूज़ रिटेल: ₹2,50,000
    • इंजीनियरिंग: ₹1,50,000
    • किराना: ₹2,00,000
    • रियल-एस्टेट/सिक्योरिटी: ₹2,00,000
      — अनुमानित मासिक नेट: ₹50,000–70,000; सालाना ≈ ₹6L–8.4L
  3. एग्रीसिव (बढ़े हुए जोखिम के साथ तेज़ रिटर्न कोशिश)
    • शूज़/फैशन: ₹3,00,000
    • मोटर पार्ट्स: ₹2,50,000
    • छोटे-रेनोवेशन/रेंट-आउट (Airbnb या छोटे वाणिज्य): ₹2,50,000
    • इंजीनियरिंग/उपकरण: ₹2,00,000
      — अनुमानित मासिक नेट: ₹70,000–1,00,000; सालाना ≈ ₹8.4L–12L (पर ज्यादा श्रम और मार्केट रिस्क)

व्यवहारिक कदम (9-स्टेप प्लान) — बिगिनर के लिए

  1. लोकल मार्केट रिसर्च — नजदीकी इलाकों में किराये, प्रतिस्पर्धा, ग्राहक-प्रोफ़ाइल देखें। (यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है।)
  2. एक छोटा बिजनेस प्लान बनाएं — हर बिजनेस के लिए 12-महीने का प्रोजेक्टेड कैश-फ़्लो।
  3. टर्म्स-नेगोशिएट करें — सप्लायर्स से क्रेडिट टर्म्स, डिस्काउंट लें।
  4. लोकेशन प्राथमिकता — फुट-फॉल ज़्यादा हो तो रिटेल काम करेगा; वर्कशॉप के पास मोटर पार्ट्स।
  5. डिजिटल मौजूदगी — WhatsApp ऑर्डर, इंस्टाग्राम/फेसबुक पेज, गूगल-माई-बिज़नेस।
  6. कस्टमर-सर्विस और रिटेंशन — लॉयल्टी कार्ड, रिफरल बोनस, होम-डिलीवरी।
  7. पार्ट-टाइम/आउटकम सोर्सिंग — शुरुआत में स्वयं का समय देना फ़ायदेमंद।
  8. बही-खातों की कड़ाई — रोज़ का हिसाब, पैन-कार्ड, जीएसटी नियम (जब लागू) का ध्यान रखें।
  9. री-इंवेस्ट व स्केल-अप — पहले 6–12 महीने के नेट को रीस्ट्रक्चर कर के उच्च-परफॉर्मिंग सेक्शन में दुबारा लगाएँ।

व्यवहारिक उदाहरण — एक विस्तृत केस-स्टडी (नकली परंतु यथार्थिक)

मान लीजिए आप बैलेंस्ड पोर्टफोलियो चुनते हैं (ऊपर दिए विकल्प 2 के समान):

आपका निवेश विभाजन:

  • मोटर पार्ट्स = ₹2,00,000
  • शूज़ रिटेल = ₹2,50,000
  • इंजीनियरिंग वर्कशॉप = ₹1,50,000
  • किराना = ₹2,00,000
  • रियल-एस्टेट फ्रैक्शन = ₹2,00,000

पहले 6 महीने:

  • किराना और मोटर पार्ट्स से क्रॉस-सेलिंग होगी; आपके पास कुल 예상 मासिक नेट ₹30,000 (किराना ₹8,000, मोटर ₹12,000, इंजीनियरिंग ₹6,000, शूज़ ₹4,000) — पर सेल्स बढ़ाने पर महीने 9-12 के बीच यह ₹50k+ पहुँच सकता है।
    1 साल के अंत में:
  • पूरे वर्ष कुल सकल नेट संभावित ≈ ₹6–8 लाख (लोकेशन/ऑपरेटरशिप के आधार पर)।
  • आपका कुल निवेश ₹10L है; वर्ष 1 में बचत/री-इंवेस्ट के बाद सम्भवतः आप निवेश का 40–80% कवर कर सकते हैं और वर्ष 2 में शुद्ध लाभ बढ़ेगा।

जोखिम और बचाव (रिस्क-मैनेजमेंट)

  • भुगतान क्षमता और कैश-फ्लो: हर बिजनेस में 3–6 महीने का रिज़र्व कैश रखें।
  • इन्वेंट्री रिस्क: ट्रेंड-आइटम में बहुत स्टॉक न रखें।
  • लोन व ब्याज: यदि अतिरिक्त फाइनेंसिंग लेनी पड़ी तो रेट्स और शर्तें समझ लें।
  • लीगल / टैक्स: GST, लाइसेंस और ट्रेड की औपचारिकताएँ निभाएँ।
  • मार्केट रिस्क: सीज़नल फ्लक्चुएशन की गिनती रखें।

निष्कर्ष — कौन-सा विकल्प चुनें?

  • यदि आप कम जोखिम और steady cash चाहते हैं → किराना + मोटर पार्ट्स मिश्रण सबसे अच्छा।
  • यदि आप उच्च वापसी और रिटेल/फैशन में रुचि रखते हैं → शूज़/फैशन स्टोर (अच्छी लोकेशन पर)।
  • यदि आप तकनीकी हैं और सर्विस-आधारित मॉडल पसंद करते हैं → इंजीनियरिंग/वर्कशॉप बेहतर।
  • यदि आपकी हेडलाइन लम्बी अवधि की पूंजी वृद्धि है → रियल-एस्टेट पर विचार करें (पर यह लिक्विड नहीं होगा)।

अंतिम सुझाव (ऐक्शन-प्लान — अगले 30 दिनों में करें)

  1. लोकल मार्केट-स्कैन करें — 3 लोकेशन चुनें और किराये/कस्टमर-ट्रैफिक रिकॉर्ड करें।
  2. 1-2 सप्लायर्स से बातचीत कर कीमत व क्रेडिट टर्म्स लें।
  3. 1 पायलट-स्टोर/पायलट-स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ा बजट (₹2–3L) रिज़र्व रखें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
  4. आकस्मिक फंड: ₹1,00,000 बैंक में रखें।
  5. 6 महीने का मासिक प्लान और 12 महीने का रिव्यू तय करें।

समापन शब्द (Conclusion)₹10,00,000 जैसी पूंजी को अलग-अलग योजनाओं में निवेश करना किसी भी युवा निवेशक के लिए एक समझदारी भरा कदम है। विविधीकृत निवेश (Diversified Investment) न केवल जोखिमों को कम करता है, बल्कि लंबे समय में स्थिर और संतुलित रिटर्न भी प्रदान करता है। यदि यह राशि म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉज़िट, शेयर बाज़ार, गोल्ड, रियल एस्टेट, और छोटे व्यवसाय जैसे विकल्पों में विचारपूर्वक विभाजित की जाए, तो परिणाम काफी बेहतर हो सकते हैं।उदाहरण के रूप में, राशि का कुछ हिस्सा म्यूचुअल फंड में लगाने से आपको बाज़ार आधारित बेहतर रिटर्न मिल सकता है, जबकि फिक्स्ड डिपॉज़िट जैसे सुरक्षित साधन आपके निवेश को स्थिरता प्रदान करते हैं। इसी तरह, शेयर बाज़ार में एक सीमित हिस्सा लगाकर आप उच्च रिटर्न की संभावना बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसके साथ बाज़ार जोखिम भी रहता है। वहीं, सोने और रियल एस्टेट जैसे विकल्प लंबी अवधि में सुरक्षित एवं विश्वसनीय माने जाते हैं।यदि आप व्यवसाय शुरू करने की सोच रखते हैं, तो कुल निवेश का एक छोटा हिस्सा किसी छोटे लेकिन तेजी से बढ़ते क्षेत्र—जैसे रिटेल, मोटर पार्ट्स, परचूनी दुकान या फुटवियर—में लगाया जा सकता है। इससे न केवल आय के नए स्रोत बनते हैं, बल्कि आपको व्यावसायिक अनुभव भी मिलता है जो आगे लाभकारी सिद्ध होता है।अंततः, ₹10 लाख को सही योजना, सही प्रतिशत और सही समय के साथ विभिन्न साधनों में बांटकर निवेश करना वित्तीय सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार करता है। यह रणनीति आपको आर्थिक उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखती है और भविष्य में स्थिर, निरंतर और बढ़ती हुई आय सुनिश्चित करने में मदद करती है। इसलिए निवेश से पहले अपने लक्ष्य, समयावधि, जोखिम क्षमता और बाजार स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निर्णय लें—यही सफलता की कुंजी है।—यदि चाहें तो मैं आपके लिए ₹10 लाख का पूरा निवेश प्लान चार्ट भी बना सकता हूं।

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

क्वेश्चन 1. निवेश / इन्वेस्टमेंट क्या होता है..?

उत्तर – निवेश (Investment) क्या होता है?निवेश का अर्थ है—

आज अपने पैसे, समय या संसाधनों को इस उद्देश्य से लगाना कि भविष्य में उससे अधिक लाभ (रिटर्न) मिले।सरल शब्दों में:आज थोड़ा त्याग → कल बड़ा लाभनिवेश को उदाहरण से समझिए🔹 उदाहरण 1: बीज और पेड़ आपने आज बीज बोया, कुछ समय बाद वह पेड़ बना,पेड़ से फल, छाया और लकड़ी मिली👉 बीज = निवेश👉 फल = रिटर्न (लाभ)💰

पैसों का निवेश (Financial Investment)🔹 उदाहरण 2: बैंक FDआपने बैंक में ₹10,000 की FD कराई1 साल बाद बैंक आपको ₹10,700 देता है👉 ₹10,000 = निवेश👉 ₹700 = लाभ (ब्याज)🔹 उदाहरण 3: शेयर बाजारआपने किसी कंपनी का शेयर ₹1,000 में खरीदाकुछ समय बाद वही शेयर ₹1,500 का हो गया👉 ₹1,000 = निवेश👉 ₹500 = लाभ(ध्यान रहे: इसमें जोखिम भी होता है)🔹

उदाहरण 4: SIP / म्यूचुअल फंडहर महीने ₹1,000 SIP में डालते हैं10–15 साल बाद अच्छी राशि बन जाती है👉 छोटी-छोटी रकम + समय = बड़ा निवेश🧠 ज्ञान और समय का निवेश🔹 उदाहरण 5: पढ़ाई और स्किलआपने आज मेहनत से पढ़ाई कीभविष्य में अच्छी नौकरी / व्यवसाय मिला👉 समय और मेहनत = निवेश👉 करियर और आय = रिटर्न🏠

निवेश क्यों जरूरी है

निवेश से

पैसे की वैल्यू बचाने के लिए

भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए

बड़े लक्ष्यों (घर, पढ़ाई, शादी) के लिए पैसे को काम पर लगाने के लिए⚖️

निवेश में ध्यान रखने वाली बातें

जोखिम (Risk) समझें

लक्ष्य तय करें (कितने समय के लिए)

धैर्य रखें (लंबे समय का खेल)

एक जगह सारा पैसा न लगाएँ

🔚 निष्कर्ष

निवेश का मतलब है—👉 आज समझदारी से पैसा/समय लगाना ताकि कल आर्थिक मजबूती मिले।अगर आप चाहें, तो मैंछात्रों के लिए निवेश गाइडकम पैसे से निवेश कैसे शुरू करेंया निवेश और बचत में अंतर भी उदाहरणों से समझा सकता हूँ।

Question 2. इंसान के लिए बचत क्यों जरूरी है..?

Question 3. अच्छी बचत के लिए कुछ सरकारी योजनाओं के बारे में बताएं..?

Kedar Lal
Kedar Lalhttps://arthikfunda.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय - जयपुर,वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय - कोटा एवं जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय से बीए, एमए, बीएड, एमबीए ( मास्टर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन) एवं बीजेएमसी ( बेचलर ऑफ़ जर्नालिज्म, पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. भारत तथा दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाले दो अंग्रेजी समाचार पत्रों "टाइम्स ऑफ़ इंडिया" एवं "हिंदुस्तान टाइम्स" मैं मार्केटिंग एवं प्रबंधन कार्यों में सन लगे रहा हूं। बचपन एवं युवावस्था में में शर्मिला एवं खूबसूरत व्यक्तित्व का धनी रहा हूं. मैं एक रोमांटिक एवं मजाकिया प्रवृत्ति का इंसान हूँ। एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (ब्लॉगर ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( वर्डप्रेस) 3. इश्क़बाज, ishkbaj.com 4. वित्तीय फंडा, vittiyfunda.com ( वर्डप्रेस ) 5. प्रेरित डायरी, preritdayri.wordpress.com मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है। आप सभी पाठकों का प्यार मेरी सबसे बड़ी ताकत है। अपने परिवार के साथ मै खुशहाल जिंदगी बिता रहा हूं।
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/arthikfunda/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481