आज के दौर में हर छात्र को फाइनेंस की समझ होनी ही चाहिए..।

दोस्तों मेरी उम्र 45 साल है इससे कुछ महीने और ज्यादा ही होगी। यकीन मानिए जब तक मैं ग्रेजुएशन में था मुझे यह पता भी नहीं था कि फाइनेंस पद ऋण लेकर लेकर पढ़ाई भी की जाती है। यानी अगर आपके पास पैसे नहीं है तो आप बैंक से पैसा लेकर अपने अध्ययन पूर्ण कर सकते हैं।आप देश यहाँ तक की विदेश के किसी अच्छे नामी इंस्टिट्यूट या यूनिवर्सिटी में अध्ययन करना चाहते हैं, और आपके पास पैसे नहीं है तो आप फाइनेंस पर पैसे लेकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। मैंने 1999 अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया था। उसे जमाने में यह सुविधा थी ही नहीं और अगर थी तो हम जैसे स्टूडेंट को इसकी भनक तक नहीं थी। यह बात तो मैंने आपको बताएं मेरे जमाने की लेकिन अब आधुनिक दौर की बात कर लेते हैं बस से छात्र ने केवल देश बल्कि विदेशों में फाइनेंस के जरिए अपनी अध्ययन कर रहे। मैं अपनी बात को रिजर्व बैंक के एक आंकड़े द्वारा साबित करता हूं। ज्यादा पुरानी बात नहीं है हाल ही में जनवरी 2024 में खुद रिजर्व बैंक के आंकड़े बताते हैं कि एजुकेशन लोन 15 फ़ीसदी बढ़ गए हैं।. यह बात साबित करती है हमारे छात्र फाइनेंस फाइनेंस /वित्तीय/ आर्थिक सुविधाओं को समझ जाए। एक और आंकड़ा में आपके सामने पेश करना चाहता हूं जो यह बताता है कि विदेश में पढ़ने वाले छात्रों ने जो लोन ले रखे हैं उनका कुल बकाया 90000 करोड रुपए से ऊपर निकल गया है। यानी पैसे नहीं होने के बावजूद योग्य छात्र विदेश में जाकर अध्ययन कर रहे हैं और इसके लिए वह फाइनेंस की सुविधा का लाभ उठाते हैं।

आज के दौर में छात्रों को मिल रही फाइनेंस सुविधा का लाभ हमारे युवा पीढ़ी को मिला है।. मैं आपको बता दूं कि वित्त वर्ष वित्त वर्ष -2021 तक 4.07 लाख खातों के जरिए करीब 11448 करोड रुपए के एजुकेशन लोन दिए गए। हाल ही में एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2024 तक यह संख्या बढ़कर एक पॉइंट 17 लाख करोड रुपए हो गई। लगभग 20 लाख छात्रों ने बैंकों से कर्ज लेने की इस सुविधा का लाभ उठाया लेकिन यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है। आप सोच रहे होंगे कि मैं कहना क्या चाहता हूं..? दरअसल बात यह है कि एजुकेशन क्षेत्र के लोन सेगमेंट में जितनी बढ़ोतरी हुई है उतनी ही प्रतिशत में डिफॉल्टरों की संख्या बड़ी है। एजुकेशन लोन की डिफॉल्ट दर 7 से 8% तक पहुंच गई है अब यह बैंकों और गैर बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बड़ी तादाद में एजुकेशन लोन अकाउंट एनपीए की श्रेणी में आ गए हैं यानी तेज समय पर उनकी वसूली नहीं हो पा रही है।.

इधर अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने बकाया स्टूडेंट लोन की वसूली प्रक्रिया सख्त कर दी है। अब यदि लोन का भुगतान नहीं किया जाता है तो उसकी योजना वेतन और टैक्स रिफंड जप्त कर किया जा सकते हैं। लगभग 53 लाख लोग जिन्होंने स्टूडेंट लोन की किस्त जमा करने में चूक कि, उन्हें इसका सामना करना पड़ सकता है। पहले से मुश्किल जॉब मार्केट और ऊंची महंगाई के बीच कॉरपोरेट जगत में कदम रखने वाले अमेरिकी युवा स्टूडेंट लोन चुकाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नतीजा यह हुआ की पहली बार जैन जी लोन चुकाने में सफल रहे और अन्य के मुकाबले उनके क्रेडिट स्कूल में बड़ी गिरावट देखी गई है। क्रेडिट स्कोर एक गणितीय पैमाना है जो बैंकों और एनबीएफसी को यह तय करने में मदद करता है कि जो व्यक्ति लोन लेना चाह रहा है वह चुकाने में कितना सक्षम है। क्रेडिट स्कोर 300 से 850 तक होता है। याद रखें कि कम स्कोर कर लोन होम लोन और यहां तक की गाड़ियों का बीमा करना भी ज्यादा जटिल या महंगा बना देता है।

जरा सोचिए अगर कल भारत में भी चेक बैंक अमेरिका की तरह आपकी नियुक्ति से संपर्क करने का फैसला करें तो क्या होगा..? यह हमारे ऑफिस में हमारी प्रतिष्ठा को खतरे में डाल देगा जहां हम अच्छा रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मैनेजमेंट टिप्स

विदेश में पढ़ाई का सपना तभी सफल होता है जब आपकी फाइनेंस/ वित्तीय समझ मजबूत हो। नीचे मैं तुम्हें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बता रहा हूं जिससे तुम अपनी वित्तीय समझ (Financial Literacy) विकसित कर सकते हो —

पढ़ाई स्कॉलरशिप और खर्चों की बेहतर योजना बनाएं

पहला चरण: मूलभूत समझ बनाओ (Financial Basics)1. बजट बनाना सीखो —हर महीने की आय (pocket money / part-time earning) और खर्च (fees, food, transport, etc.) को लिखो।➤ App जैसे Walnut, Money Manager, or Notion templates का उपयोग करो।2. बचत और निवेश का फर्क समझो —बचत = सुरक्षित रखना,निवेश = बढ़ाना।दोनों ज़रूरी हैं।3. बैंकिंग और अकाउंट सिस्टम समझो —कैसे बैंक खाता, अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन, क्रेडिट कार्ड, और मुद्रा विनिमय (Forex) काम करते हैं।—? दूसरा चरण: व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge)1. स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के प्रकार जानो —– भारत सरकार की योजनाएँ: Vidya Lakshmi Portal, SBI Global Ed-Vantage– विदेश विश्वविद्यालयों की Merit/Need-based scholarships2. करेंसी कन्वर्जन और खर्च का अनुमान लगाना सीखो —कौन सा देश महंगा है, वहाँ रहना, खाना, बीमा, और ट्रांसपोर्ट का औसत खर्च कितना होता है — ये सब रिसर्च करो।3. छोटी इनकम के स्रोत समझो —Freelancing, online tutoring, या campus jobs से अतिरिक्त आमदनी कैसे बढ़ा सकते हो।—? तीसरा चरण: पढ़ाई और प्रैक्टिस1. किताबें पढ़ो:“Rich Dad Poor Dad” – Robert Kiyosaki“The Psychology of Money” – Morgan Housel“Let’s Talk Money” – Monika Halan (भारतीय दृष्टिकोण से)2. यूट्यूब चैनल्स:Pranjal Kamra, CA Rachana Ranade, Ankur Warikoo3. ऑनलाइन कोर्स (Free/Paid):Coursera या edX पर “Personal Finance for Students”Khan Academy के “Money & Finance” tutorials—? अंत में: एक आदत बना लोहर हफ्ते 15–20 मिनट अपने खर्चों और लक्ष्यों की समीक्षा करो।छोटे-छोटे वित्तीय फैसलों को खुद लेने की कोशिश करो।यही आदतें आगे चलकर तुम्हें स्वतंत्र और समझदार छात्र बनाती हैं।—अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारे लिए? एक “Student Finance Learning Plan” (30-दिन का रूटीन चार्ट) भी बना सकता हूं —जिससे तुम रोज थोड़ा-थोड़ा सीख सको।क्या मैं वो चार्ट तैयार कर दूं?

एजुकेशन लोन उच्च शिक्षा तक हमारी पहुंच बढ़ाते हैं और बेहतर नौकरी और ऊंची कमाई की संभावनाओं को भी बढ़ाते हैं लेकिन ठोस पेमेंट प्लेन ने होने पर क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है इससे घर खरीदने या परिवार शुरू करने जैसे जीवन के कई बड़े फैसले प्रभावित हो सकते हैं।इससे आपको तनाव भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए छात्र जीवन से ही फाइनेंस यानी खर्च, बचत, कर्ज, और निवेश की अच्छी समझ विकसित करें। आज हर स्टूडेंट को अपने घरेलू बचत के साथ अपना बजट बनाना खर्चों का हिसाब किताब रखना आर्थिक गतिविधियों तथा अर्थव्यवस्था से संबंधित मार्केट में आने वाली नई टेक्नालॉजियों पर नजर रखनी चाहिए। हमारे छात्रों के लिए आज के दौर में यह स्किल बहुत जरूरी है।

2 Replies to “आज के दौर में हर छात्र को फाइनेंस की समझ होनी ही चाहिए..।”

प्रातिक्रिया दे