“मनी-मंत्र” निवेशकों की आर्थिक/वित्त/निवेश एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े अहम् सवालों के जवाब..।

क्वेश्चन 1. मैं एक छोटा व्यापारी हूँ, निवेश के साथ टैक्स की बचत भी करना चाहता हूं। कहां निवेश करूं जिसमें जोखिम भी नहीं उठाना पड़े, फण्ड भी सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी प्राप्त हो..? – नरेन्द्र शर्मा, जयपुर

उत्तर — आर्थिक फंडा ब्लॉग से — आपकी समस्या के समाधान के रूप में मैं आपके सुझाव देना चाहता हूं कि आप पीपीएफ ( पब्लिक प्रोविडेंट फंड) मैं निवेश करें। पीएफ एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा पूर्व सहित किया जाता है यह खास तौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है जो जोखिम से बचते हुए गारंटीड और टैक्स फ्री रिटर्न पाना चाहते हैं। आपको भी ऐसी ही योजना की तलाश है अतः आप पीएफ में निवेश करें आपकी समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। पीएफ निवेश के फायदे क्या-क्या है लिए मैं आपको बताता हूं —

1. यह सुरक्षित और सरकारी योजना है : पीएफ पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है, ऐसी योजना में खतरा होने की संभावना बहुत कम होती है और अगर कोई जोखिम होता है तो उसकी भरपाई सरकार के द्वारा की जाती है इसलिए इसे एक बेहतरीन निवेश योजना मान सकते हैं।

2. अच्छा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा : पीएफ में ब्याज काफी अच्छा मिलता है साथी न और भी कई फायदे हैं वर्तमान में 7.1% सालाना चक्रवर्ती ब्याज जो हर तिमाही रिवाइज होता है।

3. कम निवेश बडा रिटर्न : पीएफ में आप कम निवेश करके बाद रिटर्न हासिल कर सकते हैं रोजाना ₹70 जमा करने पर सालाना 25200 बनता है 15 साल में 6.83 लाख रुपए के लगभग होते हैं।

4. टैक्स लाभ : आपने बताया कि आप ऐसा निवेश करना चाहते हैं जिससे टैक्स लाभ भी प्राप्त हो तो पीएफ से आपको टैक्स लाभ भी प्राप्त होता है आयकर अधिनियम की धारा 80c के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट है। ब्याज और मेच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है।

5. पैसे की निकासी सुविधा : 7 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं चिकित्सा या उच्च शिक्षा के लिए खाता बंद करना संभव है।

6. लचीलापन : साल में एक बार न्यूनतम ₹500 और अधिकतम 1.5 लख रुपए तक निवेश कर सकते हैं

7. मजबूत वित्तीय सुरक्षा : पीएफ खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकतर सरकारी प्राइवेट बैंकों में खोला जा सकता है यह एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बन सकता है।

क्वेश्चन 2. मैं करौली जिले की अध्यापिका के केशू पोसवाल हूं, मैं एक कर खरीदना चाहती हूं और आपसे यह जानना चाहती हूं कि मुझे फोर व्हीलर केस में लेनी चाहिए या लोन पर..?

उत्तर — बहुत से लोग सोचते हैं कि कर खरीदते समय कैश पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन असल में लोन लेकर कर खरीदना कई मामलों में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। वो कैसे..? आइये मैं आपको जानकारी देता हूं –

1. लोन पर कर लेने से कैश फ्लो बना रहता है : केस में कर लेते हैं तो लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है लोन लेने पर हर महीने एमी भरकर बाकी पैसा निवेश या इमरजेंसी के लिए बचा सकते हैं।

2. टैक्स में मिल सकता है लाभ : यदि कर को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करते हैं तो कर लोन की ईएमआई का ब्याज हिस्सा टैक्स डिडक्शन में क्लेम किया जा सकता है जिससे टैक्स देनदारी काम हो सकती है।

3. इंश्योरेंस और एक्स्ट्रा बेनिफिट : बैंक या एनबीएफसी से लोन लेने पर कई बार फ्री इंश्योरेंस रोड साइड एक्सीडेंट या एक्सीडेंट वारंटी जैसी लाभ भी मिलते हैं जो कैश पेमेंट करने पर नहीं मिलते।

4. क्रेडिट स्कोर होता है मजबूत : समय पर ईएमआई चुकाने से आपका सिविल या क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे भविष्य में होम लोन लेना या पर्सनल लोन लेना आसान हो जाता है और आपको मजबूत क्रेडिट स्कोर के आधार पर कई अन्य लाभ प्राप्त होते हैं।

5. छूट और ऑफर : तिवारी सीजन या ऑफर्स के दौरान कर लोन पर बैंक और डीलर से दोनों की ओर से छूट कम ब्याज दर और कैशबैक दिए जाते हैं जिससे लोन लेना और भी फायदेमंद हो जाता है।

6. ध्यान रखें —

— कार लोन लेने से पहले ब्याज दरों की तुलना कर लें।

— इस बात का ध्यान रखें कि डाउन पेमेंट अधिक होगा तो EMI कम होगी

— यह भी ध्यान रखें की ईएमआई आपकी इनकम का 40% से ज्यादा ना हो।

— ध्यान रखें कि समय पर भुगतान करें अन्यथा आपके ऊपर पेनाल्टी का खतरा बना रहेगा।

क्वेश्चन 3. आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, मुझे ऐसा लगता है कि मेरे आधार कार्ड का किसी ने मिस यूज़ किया है क्या यह जानने का कोई तरीका है जिसमें यह पता चल सके कि मेरा आधार कार्ड कहां कहां इस्तेमाल हुआ है..? — Manoj gupta, bharatpur

उत्तर ( आर्थिक फंडा ब्लॉग से ) — आपका आधार नंबर कब, कहां और किसने इस्तेमाल किया.? आप फिक्र ना करें, इस बात को जानना अब बेहद आसान हो गया है। UIDAI यह सुविधा देता है कि आप अपने आधार नंबर का पूरा ऑथेंटिकेशन इतिहास जान सकें। इसका पता लगाने के लिए uidai.gov.in पर जाकर आधार नंबर कैप्चा और ओटीपी डालकर लॉगिन करें इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री विकल्प चुने। कब से कब तक की हिस्ट्री देखनी है उसकी तारीख डालकर फेच ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री पर क्लिक करें यहां 6 महीने तक का डाटा देख सकते हैं जब आपको तारीख समय और किस सेवा के लिए आधार का उपयोग हुआ यह जानकारी मिल जाएगी अगर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत यूआईडीएआई के टोल फ्री नंबर 1947 पर संपर्क करें। आधार को लॉक करने और अनलॉक करने की सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं। अगर कोई खतरनाक गतिविधि हुई हो, तो पुलिस या साइबर सेल सेवा में शिकायत दर्ज काराये।

Question 4. मेरा नाम दीपक गुप्ता है। मैं अपनी बेटी के लिए एक मुस्त 50000 ₹ को 15 20 साल के लिए निवेश करना चाहता हूं. कृपया मुझे बताइए कि मैं इन पैसों को कहां लगाऊं..? किसी बैंक में.? एफडी मे.? सरकारी योजना, म्युचुअल फंड, या इक्विटी आदि में से कहां लगाना चाहिए..?

उत्तर — सबसे पहले तो मैं आपकी इस बात के लिए तारीफ करना चाहता हूं कि आपने अपनी बेटी की भविष्य की चिंता की है। लेकिन इसके लिए आप चिंता ने करके एक सही इन्वेस्टमेंट प्लान को अपनाइए। अगर मैं एक अच्छा सरकारी निवेश आपको बताना चाहूंगा तू वह है ” सुकन्या समृद्धि योजना” जिसमें बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की क्षमता है। यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक पोस्ट ऑफिस योजना है और बेटियों के लिए निवेश की दृष्टि से बेहतरीन सरकारी योजना है! आप चाहे तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। इस योजना में 8 पॉइंट 2% की दर से ब्याज धारा 80c के तहत टैक्स लाभ और टैक्स फ्री मैच्योरिटी इसे बांड या एफडी जैसी योजनाओ बेहतर बनाती है। सरकारी योजनाओं में ब्याज की दृष्टि से यह सबसे बेहतरीन योजना है। आप चाहे तो विभिन्न बैंकों में चलने वाली “बाल बचत योजना” बाल बचत योजना में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। किसी बैंक या बीमा कंपनी की “गारंटीड रिटर्न” स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।

बेटी के भविष्य के लिए निवेश करना एक बहुत अच्छा फैसला है। आपके पास 15-20 साल का लंबा समय है, इसलिए आप जोखिम भरे निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं जो अधिक रिटर्न दे सकते हैं। यहाँ कुछ विकल्प हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं:

1. *पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।

2. *नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।

3. *म्यूचुअल फंड*: म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार म्यूचुअल फंड का चयन कर सकते हैं।

4. *एचडी इंश्योरेंस*: एचडी इंश्योरेंस में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार एचडी इंश्योरेंस का चयन कर सकते हैं।

5. *फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)*: फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।आपको अपनी बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए एक अच्छा विकल्प चुनना होगा। आप अपने वित्तीय सलाहकार से बात कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश विकल्प का चयन कर सकते हैं।

Question 5. मेरा नाम विनोद सिंह है। मैं गुना शहर का रहने वाला हूं। मेरा आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है, जो 10 12 साल से बंद है. लेकिन उसमें ₹55000 हैं. बैंक ने उस खाते को सीज कर दिया है। अनफ्रीज और चालू करवाने के लिए मैंने कई आवेदन दे दिए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, मैं जानना चाहता हूं कि अब मुझे क्या करना चाहिए..?

उत्तर — आप अपनी बैंक ब्रांच मैं जाएं और अपने निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं। आजकल खातों की केवाईसी अपडेट करवाना काफी जरूरी होता है। आप अपनी निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने खाते वाले बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है।. आप सबसे पहले यूडीजीएएम पोर्टल ( https://udgam.rbi.org.in/ ) पर जाकर अपना खाता खोजें इस पोर्टल पर 30 बैंकों की जानकारी उपलब्ध है पहचान सत्यापित करने के लिए पेन वोटर आईडी आदि जरूरी होगी होते हैं। फिर किसी भी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ अनुरोध फॉर्म जमा करें यदि बैंक उच्च समय में कार्रवाई नहीं करता है तो बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कारण। अब जैसा कि आपने बताया कि आपका फिर समय से समस्या का सामना कर रहे हैं और कोई समाधान नहीं हो रहा है अगर इतना करने के बाद भी समस्या सॉल्व नहीं होती है तो आप आरबीआई की कस पोर्टल के जरिए बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पैसे कमाना, बचाना, और बढ़ाना एक खेल है। जिसे चालाक लोग जीतते हैं।

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नमस्कार, आप सभी दोस्तों का आर्थिक फंडा (ब्लॉग) की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में स्वागत है। इस ब्लॉग में हम विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। आज के आर्टिकल में पैसे से संबंधित चर्चा होगी लेकिन एक अलग और नई सोच के साथ कुछ हटकर बात करेंगे। पैसे और पैसे कमाने के तरीकों पर एक अलग नजरिए और अलग सोच की बात करेंगे।

“पैसा कमाना, बचाना और बढ़ाना अब एक खेल है – लेकिन ये खेल सिर्फ चालाक लोग जीतते हैं”

पैसा बचाओ · 

1. आप कोई मामूली इंसान नहीं हैं…

हर सुबह जब आप उठते हैं, तो एक बात आपके ज़हन में चलती है –
“यार, कुछ बड़ा करना है… कुछ ऐसा जो ज़िंदगी बदल दे।”
लेकिन फिर दिन भर की भागदौड़, ज़िम्मेदारियाँ, और छोटे-मोटे खर्चे –
ये सब आपको घसीटकर वहीं ले आते हैं, जहाँ आप कल थे। सारी प्लानिंग धराशाई हो जाती है।

लेकिन अब बहुत हो चुका।
अब समय है खेल का रूल बदलने का – ऐसा खेल जो पैसा कमाने की दौड़ से आपको निकालकर,पैसे के मालिक बनने का रास्ता दिखाए।


2. अमीर लोग आपसे अलग क्यों नहीं, बस अलग सोचते हैं…

आप सोचते हैं – “ज्यादा मेहनत = ज्यादा पैसा”
वो सोचते हैं – “सही सिस्टम = आराम से ज्यादा पैसा”। जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते, वे हर काम अलग ढंग से करते हैं। यही तो जीतने वालों की खासियत होती है। आप जीतना चाहते हैं, और पैसा कमाना चाहते हैं, तो कमाने और पैसे के प्रति अपने नजरिए और सोच को बदलें।

आप कमाते हैं, फिर खर्च करते हैं, फिर जो बचा वो बचत। जबकि जिन लोगों की पैसे को लेकर सोच और नजरिया अलग होता है
वो कमाते हैं, पहले खुद को देते हैं, फिर खर्च की सोचते हैं।

असल फर्क बस इतना है –
वो पैसे से काम करवाते हैं, और हम खुद पैसे के लिए काम करते हैं।

अब सोचिए, क्या आप भी उसी रास्ते पर चलना चाहते हैं,
या एक नया रास्ता खुद बनाना चाहते हैं?


3. गेम का पहला राउंड – कमाई को मज़ा बनाइए

पैसे कमाने का तरीका अब बदल चुका है। एक जमाना था जब सरकारी नौकरी ही पैसा कमाने का जरिया होता था। धीरे-धीरे लोगों का रुझान प्राइवेट सेक्टर की ओर बढ़ा। अब न केवल सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बल्कि ऑनलाइन पैसे कमाने के दर्जनों तरीके सामने आ चुके
अब सिर्फ नौकरी नहीं, हज़ारों दरवाज़े खुले हैं – बस आपको खटखटाना आना चाहिए।

  • आप कोई स्किल सीख सकते हैं – जो आपको ऑफिस से आज़ादी दिलाए
  • Freelance कर सकते हैं – घर बैठे, दुनियाभर के क्लाइंट से
  • YouTube, ब्लॉग, Facebook, इंस्टाग्राम, वेबसाइट, – सब आपकी कमाई का मंच बन सकते हैं।
  • Affiliate से पैसे कमा सकते हैं जैसे दुकान चल रही हो, लेकिन स्टाफ भी आप नहीं रखने पड़े।
  • ब्लॉगिंग, आर्टिकल राइटिंग,कंटेंट क्रिएटिंग, घर बैठे पैसे कमाने के बेहतरीन जरिए हैं। आधुनिक जमाने में कमाई के तौर तरीके है।

अब आप ही सोचिए – क्या आपके पास 1 घंटा भी नहीं खुद के लिए?


4. दूसरा राउंड – बचत को बोझ नहीं, अपनी ताकत समझिए

हर बार जब आप खर्च करते हैं, तो एक छोटा सा सवाल पूछिए –
“क्या ये चीज़ मेरी ज़िंदगी को वाकई बेहतर बनाएगी, या बस पल भर की तसल्ली है?” ” क्या यह मेरे लिए जरूरी है, या पड़ोसी की होड़ में खरीदी जा रही है”

कंजूसी करने की ज़रूरत नहीं,
बस इतना कीजिए कि हर खर्च एक फैसले से हो, आदत से नहीं।

  • महीने की कमाई का हिस्सा पहले खुद के लिए रखिए
  • बाक़ी में जो करना है कीजिए – guilt के बिना, कड़वाहट के बिना
  • एक सिंपल रूल – जो दिखावे के लिए हो, उसे टालिए।
  • और जो आपको शांति दे, वो कभी मत छोड़िए
  • आप जो हासिल करना चाहते हैं उसके पीछे पड़े रहिए।

आप पाएंगे कि बिना ज़्यादा कोशिश के,
हर महीने आपके पास बचा हुआ पैसा दिखने लगेगा।


5. तीसरा राउंड – बढ़ाने का जादू, लेकिन जादू जैसा नहीं, हकीकत वाला

अब जो पैसा आपने बचाया है, उसे आलसी नहीं, स्मार्ट बनाइए।

आपका पैसा बैंक में पड़ा रहे, इससे अच्छा है वो आपके लिए काम करे। बैंक से ज्यादा कुछ प्राप्त होने वाला नहीं। अपनी बचत के पैसे को अच्छी-अच्छी जगह पर इन्वेस्ट कीजिए। और ज्यादा पैसा कमाईये।

  • Mutual Funds, SIP – छोटे-छोटे कदम, जो बड़ा फर्क लाते हैं। अपनी बचत के पैसे को निवेश करने के बेहतरीन रास्ते है।
  • Index Funds – सीधा, सरल, और शुरुआत के लिए शानदार।
  • थोड़ा सीखकर शेयर बाज़ार – डरिए मत, ये राक्षस नहीं, रास्ता है। मॉडर्न जमाने में पैसे कमाने का अच्छा जरिया है लेकिन पहले नॉलेज गेन करें। उसके बाद इन्वेस्ट करें।
  • और सबसे बड़ा गिफ्ट – Compounding का खेल जो वक्त के साथ कमाल करता है।

एक दिन नहीं, लेकिन एक साल में आप फर्क खुद महसूस करेंगे –
और पाँच साल में आप खुद को शुक्रिया कहेंगे।


6. अब कुछ ऐसी बातें जो आप कभी नहीं भूलेंगे…

  • हर महीने एक “छोटी जीत” पक्की कीजिए – नया निवेश, एक EMI खत्म, या ₹500 की बढ़ी हुई कमाई
  • अपनी इनकम के हिस्से बनाइए – ज़रूरत, सेविंग और ग्रोथ
  • अपने पैसों को एक मिशन में बदलिए – “ये मेरे बच्चों की आज़ादी का बीज है”
  • और सबसे ज़रूरी – दूसरों को देखकर मत चलिए, आपकी ज़रूरतें आपकी हैं

7. और अब…यह एक शुरुआत है।

आपने बहुत से वीडियो देखे होंगे,
किताबें पढ़ी होंगी – Rich Dad Poor DadThink & Grow Rich, या कोई और…

लेकिन वो सारे आइडियाज़ जब तक सिर्फ दिमाग में रहते हैं,
ज़िंदगी नहीं बदलते।

आप इस लेख तक पहुंचे हैं – इसका मतलब आप अब सोचने से आगे निकलना चाहते हैं।
आप वो हैं जो अब एक्शन लेना चाहते हैं।

तो आइए – खुद को एक वादा दीजिए…

“अब से मैं पैसा सिर्फ कमाऊँगा नहीं,
उसे समझूँगा, बढ़ाऊँगा, और अपने लिए आज़ादी का रास्ता बनाऊँगा।”


अगर आपको ये लेख ज़रा भी अच्छा लगा हो, तो इसे किसी ऐसे इंसान को ज़रूर भेजिए
जो रोज़ परेशान होता है – खर्चों से, तंगी से, या अपनी फिजूल आदतों से।

क्योंकि जब एक इंसान बदलता है,
तो वो अपने साथ पूरे घर की किस्मत बदल सकता है।

निष्कर्ष :

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

क्वेश्चन 1. पैसे कमाने के सबसे अच्छे तरीके कौन-कौन से हैं..?

उत्तर — आर्थिक फंडा (ब्लॉग) से, Arthikfunda.com पैसे बचाने के लिए कई तरीके हैं, जैसे बजट बनाना, अनावश्यक खर्चों को कम करना, और नियमित रूप से बचत करना। इसके अलावा, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाना, भोजन घर पर बनाना, और निवेश करना भी पैसे बचाने के प्रभावी तरीके हैं। 

यहाँ कुछ विस्तृत सुझाव दिए गए हैं:

1. बजट बनाएं और उसका पालन करें: 

  • अपने खर्चों का ट्रैक रखें और एक बजट बनाएं जिसमें आपकी आय और व्यय शामिल हों।
  • अपने बजट का पालन करें और अनावश्यक खर्चों को कम करने की कोशिश करें।

2. अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करें: 

  • ऐसे खर्चों की पहचान करें जो आवश्यक नहीं हैं और उन्हें कम करने की कोशिश करें।
  • उदाहरण के लिए, बाहर खाने की बजाय घर पर खाना बनाएं, या बिना मतलब की ऑनलाइन शॉपिंग से बचें।

3. छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं: 

  • जब भी संभव हो, छूट और ऑफ़र का लाभ उठाएं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कूपन कोड का उपयोग करें या सेल का इंतजार करें।

4. भोजन घर पर बनाएं: 

  • बाहर खाने की बजाय, घर पर खाना बनाएं।
  • यह न केवल पैसे बचाएगा, बल्कि स्वस्थ भी होगा।

5. नियमित रूप से बचत करें: 

  • हर महीने एक निश्चित राशि अपने बचत खाते में जमा करें।
  • जितनी जल्दी आप बचत करना शुरू करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।

6. निवेश करें: 

  • अपने पैसे को विभिन्न निवेश विकल्पों में निवेश करें, जैसे कि म्यूचुअल फंड या स्टॉक।
  • यह आपको अपने पैसे को बढ़ाने में मदद करेगा।

7. कर्ज से बचें: 

  • जितना हो सके, कर्ज से बचें।
  • यदि आपको कर्ज लेने की आवश्यकता है, तो सुनिश्चित करें कि आप इसे समय पर चुका सकें।

8. बिलों का भुगतान समय पर करें: 

  • अपने बिलों का भुगतान समय पर करें ताकि देर से भुगतान शुल्क से बचा जा सके।

9. अनावश्यक वस्तुओं को न खरीदें: 

  • ऐसी वस्तुओं को न खरीदें जिनकी आपको वास्तव में आवश्यकता नहीं है।
  • खरीदारी करने से पहले, सोचें कि क्या आपको वास्तव में उस वस्तु की आवश्यकता है।

10. ऊर्जा बचाएं: 

  • बिजली और पानी का उपयोग कम करें।
  • उदाहरण के लिए, जब आप कमरे से बाहर जाते हैं तो बत्तियां बंद कर दें, और पानी का उपयोग कम करें।

इन सुझावों का पालन करके, आप अपने पैसे बचा सकते हैं और अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। 

एआई से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं. वित्तीय सलाह के लिए, किसी वित्तीय विशेषज्ञ से बात करें

क्वेश्चन 2. पैसे बचाने के क्या-क्या फायदे हैं..?

उत्तर — पैसे बचाने के कई फायदे हैं, जिनमें वित्तीय सुरक्षा, भविष्य की योजनाओं को साकार करना, और अप्रत्याशित खर्चों के लिए तैयार रहना शामिल है। बचत करने से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना। इसके अतिरिक्त, बचत करने से आपको ऋण से बचने और वित्तीय आपात स्थितियों से निपटने में मदद मिलती है। 

पैसे बचाने के फायदे :

आर्थिक स्वतंत्रता:बचत करने से आप अपने जीवन पर अधिक नियंत्रण रख सकते हैं और अपनी इच्छा अनुसार खर्च कर सकते हैं। 

वित्तीय सुरक्षा:बचत करने से आप अप्रत्याशित खर्चों, जैसे कि चिकित्सा आपात स्थिति या नौकरी छूटने, के लिए तैयार रहते हैं। यह आपको वित्तीय तनाव से बचने और मन की शांति बनाए रखने में मदद करता है। 

भविष्य के लिए योजना: बचत करने से आप अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पैसे जमा कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा प्राप्त करना, या सेवानिवृत्ति के लिए योजना बनाना। 

ऋण से मुक्ति: बचत करने से आप ऋण लेने से बच सकते हैं या ऋण की मात्रा को कम कर सकते हैं। यह आपको ब्याज भुगतान और ऋण के बोझ से बचाता है। 

आत्मविश्वास: जब आप पैसे बचाते हैं, तो आप अपने वित्तीय भविष्य पर अधिक नियंत्रण महसूस करते हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है। 

ब्लॉग नाम — आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com

चीफ एडिटर — केदार लाल ( सिंह साहब )

अबाउट अस

कॉन्टैक्ट अस

प्राइवेसी पॉलिसी

ब्लॉग अड्रेस (0ffice)

Kedar Lal s/o shree ramkishan gurjar

  1. Village – tudawali
  2. post -parla
  3. Tehsil – todabhim
  4. jila – karauli
  5. State – rajasthan ( india )
  6. pin code – 321610छोटी छोटी घरेलू बचत और निवेश संबंधी जानकारियां।

पैसे बचाने के स्मार्ट तरीके जिन्हें जानकर आप चौंक उठेंगे..।

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पैसा बचाना सिर्फ बैंक बैलेंस बढ़ाने का काम नहीं है, ये खुद को आज़ाद करने का तरीका है। ये वो ताकत है जो आपको मजबूरी से आज़ादी की तरफ ले जाती है। जब जेब में पैसे होते हैं, तब फैसले दिल से होते हैं, डर से नहीं। पैसा बचाना मतलब सिर्फ भविष्य बनाना नहीं, खुद को इज्ज़त देना भी है। और आज के टाइम में, जहां हर चीज़ हमें खर्च करवाने पर तुली है — वहाँ बचत करना एक रिवॉल्यूशन जैसा है।

हर महीने पैसे आए नहीं कि सबसे पहले अपने लिए “एक चुपचाप चोरी” करो। खुद से ही पैसे चुराओ और एक ऐसी जगह छुपा दो जहाँ आप बिना वजह हाथ ना डाल सको। वो पैसा मत गिनो, भूल जाओ… और साल के अंत में जब अचानक देखोगे तो लगेगा जैसे फ्यूचर वाला आप, आज वाले को गले लगाकर शुक्रिया कह रहा है।

अपने खर्चों की एक छोटी सी डायरी बना लो। कोई fancy app नहीं, कोई झंझट नहीं। बस हर दिन दो लाइन — क्या खर्च किया और क्यों। ये आदत धीरे-धीरे आपकी फिजूलखर्ची की जड़ हिला देगी। आप जानने लगेंगे कि आप पैसे से क्या कर रहे हो… और क्या पैसे आपके साथ खेल खेल रहे हैं।

कोई भी चीज़ खरीदने से पहले एक सेकंड खुद से बोलो – “सच में ज़रूरत है या बस मन का झोंका है?” ये एक सेकंड आपकी जेब को हज़ारों से बचा सकता है। लाखों बचा सकता है। किसी चीज को तभी खरीदें जब उसकी आपको बेहद जरूरत हो और उसके बिना काम नहीं चल रहा हो। पड़ोसी रिश्तेदार या दोस्तों कि देखा देखी कोई भी वस्तु परचेज ना करें। जैसे दोस्त के पास गाड़ी है तो मुझे भी लेनी है, पड़ोसी ने नया फ्लैट खरीदा है तो मुझे भी खरीदना है।

जिनसे हम पैसे खर्च करते हैं, उनसे ही थोड़ा पैसा वापिस क्यों न लें? वो UPI ऐप्स, क्रेडिट कार्ड्स, रिवॉर्ड साइट्स – इनका सही इस्तेमाल कीजिए। छोटे-छोटे कैशबैक पूरे साल में एक महीने की सैलरी जितने बन सकते हैं। फर्क बस नजरिया बदलने का है। अपना नजरिया बदलो तो आपके आर्थिक नजारे भी बदल जाएंगे। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर हम एक बड़ी रकम कमा सकते हैं।

हर महीने एक बार बैठो और अपने सब्सक्रिप्शन चेक करो। वो OTT जो अब देखते नहीं, वो App जो काम का नहीं, वो Gym जिसकी कुर्सी तक नहीं छुई। ये सब चुपचाप आपकी जेब काट रहे हैं। इन्हें हटाइए और देखिए आपके पैसे कैसे सांस लेते हैं।

सेल और ऑफर एक खूबसूरत जाल हैं। 70% OFF देखकर जो खरीदा, वो कई बार 100% बेकार होता है। ऑफर तभी सही है जब आप वो चीज़ बिना डिस्काउंट भी खरीदने वाले थे। वरना ये आपका पैसा नहीं बचा रहे, छीन रहे हैं… बस बड़े प्यार से।

मस्ती ज़रूरी है, लेकिन मस्ती में भी प्लान हो। एक लिमिट सेट कीजिए हर महीने की। जैसे – “₹1000 इस महीने एंजॉयमेंट के लिए हैं, इससे ज़्यादा नहीं।” फिर देखिए उस ₹1000 से भी कितनी हैप्पीनेस मिलती है, क्योंकि वो गिल्ट-फ्री होती है।

हर महीने कुछ ऐसा सीखिए जो आपके पैसे बढ़ा सके। एक छोटा सा YouTube वीडियो, एक छोटा सा ब्लॉग, या एक दोस्त से बातचीत। SIP, म्यूचुअल फंड, freelancing, डिजिटल स्किल्स… जो भी हो, सीखना आपकी सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट है।

इन्कम बढ़े तो खर्च मत बढ़ाइए। आम लोग यहीं मात खा जाते हैं। अमीर लोग इनकम बढ़ने पर सेविंग बढ़ाते हैं। आप भी यही कीजिए। अगले 3 साल में आपकी सेविंग्स ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।

और एक लाइन हमेशा याद रखिए — “हर ₹100 की बचत, ₹1000 की आज़ादी है।” इसको दिल में बैठा लो। जब भी हाथ किसी बेमतलब खर्च की तरफ जाए, ये लाइन कान में गूंजनी चाहिए।

बचत कोई मजबूरी नहीं, ये एक स्टाइल है, एक स्मार्टनेस है, जो आपको बाकी दुनिया से अलग बनाती है। और जब आप खुद पर इतना कंट्रोल सीख लेते हैं, तब आप सच में किसी से पीछे नहीं रहते — क्योंकि आप हर दिन एक ऐसा फाउंडेशन बना रहे होते हैं, जिस पर एक बड़ा, मजबूत, शानदार सपना खड़ा होता है।

अब सोचिए — आप वही इंसान हैं जो आने वाले सालों में खुद को देखकर मुस्कुराने वाला है। क्योंकि आज आपने फैसला लिया — सिर्फ जीने का नहीं, समझदारी से जीने का।

सरकारी कर्मचारी टैक्स कैसे बचाएं.?

आर्थिकफंडा.कॉम

अच्छी निवेश सल

Tax Saving Tips: अपनी सैलरी में इन 10 अलाउंस को कर लें शामिल, टैक्स बचाना हो जाएगा आसान

Income Tax Savings: अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं. यहां कुछ ऐसे अलाउंस बताए गए हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.

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आर्थिक फंडा .कॉम — “अच्छी निवेश सलाह”

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Tax Saving Tips:

जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें.

नई दिल्ली:

जब नौकरीपेशा लोग अपनी कमाई पर टैक्स देने की बात करते हैं, तो हर कोई चाहता है कि किसी तरह टैक्स बचा लिया जाए. लेकिन टैक्स बचाने के लिए जुगाड़ की बजाय समझदारी से प्लानिंग करनी जरूरी है. अगर आप अपनी सैलरी के साथ मिलने वाले अलाउंस का सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो आप कानूनी तरीके से अपना टैक्स बचा सकते हैं.

यहां हम आपको कुछ ऐसे अलाउंस बताने जा रहे हैं, जिन्हें सैलरी में शामिल करवाने से आपकी इनकम टैक्स की चिंता कम हो सकती है.

1. हाउस रेंट अलाउंस (HRA)

कई कंपनियां कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस देती हैं. अगर यह आपकी सैलरी में शामिल नहीं है, तो आप इसे जोड़ने की सिफारिश कर सकते हैं. यह आपकी बेसिक सैलरी का 40-50% तक हो सकता है और टैक्स बचाने में बड़ा योगदान देता है। सरकारी कर्मचारियों को भी हाउस रेंट अलाउंस मिलता है। यह अर्बन और रूलर एरिया में अलग-अलग होता है। प्रतिमाह तनखा के साथ ही दिया जाता है। हाउस रेंट टैक्स छूट के दायरे में आता है।

2. ट्रांसपोर्ट/कन्वेंस अलाउंस

यह ऑफिस और घर के बीच आने-जाने का खर्च कवर करता है. अगर यह आपके पैकेज का हिस्सा नहीं है, तो इसे शामिल करवाएं. इससे आप इस खर्च पर टैक्स बचा सकते हैं। हमने कई कर्मचारियों को देखा है जो लंबी दूरी की यात्रा करके अपने ऑफिस जाते हैं। ऐसे में हर महीने काफी खर्च किराए पर हो जाता है। आप इसे टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं।

3. मेडिकल अलाउंस

कंपनियां अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के मेडिकल खर्चों के लिए अलाउंस देती हैं. यह आपकी सैलरी का जरूरी हिस्सा हो सकता है और टैक्स बचाने में मदद करता है.

4. कार मेंटेनेंस अलाउंस

अगर आप अपने वाहन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो यह अलाउंस आपको कार मेंटेनेंस, ईंधन और ड्राइवर के खर्चों का फायदा देता है. इस पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है।

5. लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA)

यह अलाउंस यात्रा के खर्चों पर मिलता है. आप 4 साल में दो बार इस अलाउंस के तहत अपनी यात्रा खर्च रीइंबर्स करवा सकते हैं.

6. मोबाइल और इंटरनेट रीइंबर्समेंट

ऑफिस के काम में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग होता है. इस अलाउंस के तहत आपके बिलों का भुगतान बिना टैक्स कटौती के किया जाता है.

7. यूनिफॉर्म अलाउंस

कुछ कंपनियां कर्मचारियों को यूनिफॉर्म अलाउंस देती हैं. अगर आपकी कंपनी भी यह अलाउंस देती है, तो इसे सैलरी में शामिल करवा लें, क्योंकि इस पर टैक्स नहीं लगता है. यूनिफॉर्म एलाउंस अधिकतर प्राइवेट कंपनियां देती। सरकार की क्षेत्र की कुछ सेवाओं में ही यूनिफॉर्म एलाउंस मिलता है। लेकिन जो भी हो यह खर्चा टैक्स फ्री होता है।

8. फूड वाउचर या मील अलाउंस

कई कंपनियां फूड वाउचर या मील अलाउंस देती हैं, जिन्हें आप खाने-पीने के खर्च के लिए उपयोग कर सकते हैं. यह अलाउंस टैक्स फ्री होता है और आपके पैसे बचाता है.

9. एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस

अगर आपके बच्चे हैं, तो उनकी पढ़ाई और हॉस्टल के खर्च के लिए यह अलाउंस लिया जा सकता है. यह भी टैक्स फ्री होता है. ट्यूशन फीस बी टैक्स फ्री होती है। आप अपने बच्चों की ट्यूशन फीस बनवाकर उसके रिटर्न भरने के साथ फाइल कर सकते हैं।

10. बुक्स और मैगजीन अलाउंस

अगर आपके काम में किताबें, मैगजीन या अखबार पढ़ना शामिल है, तो इसका अलाउंस आपकी सैलरी का हिस्सा हो सकता है. इस अलाउंस पर भी टैक्स नहीं लगता.

समझदारी से करें सैलरी प्लानिंग

जब भी आप नौकरी ज्वाइन करें, सैलरी की हर डिटेल ध्यान से समझें. अगर इनमें ये अलाउंस शामिल नहीं हैं, तो एचआर से बात करें और इन्हें अपनी सैलरी में जोड़ने का अनुरोध करें. ऐसा करने से न सिर्फ आपका टैक्स बचेगा, बल्कि आपकी सैलरी का उपयोग भी ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा

यूपीएस में शामिल कर्मचारियों को मिलेगी 25 लाख तक की ग्रेच्युटी।

केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए घोषित की गई एकीकृत पेंशन योजना ( UPS ) मैं नए एल बदलाव किए हैं अब इस योजना का लाभ लेने वालों को रिटायरमेंट और मृत्यु के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी। इससे सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लोई को काफी राहत मिलेगी इस मामले पर विभाग के सेक्रेटरी भी श्रीनिवासन ने बताया कि यह आदेश किसी कर्मी को ऑप्शन चुनने का विकल्प देता है की नौकरी के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो उसे फिर से एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में लाया जाए। उन्होंने बताया कि सरकार का यह आदेश एनपीएस और ऑप्स पेंशन भोगियों के बीच समानता लाता है और ऐसे कर्मचारी 25 लख रुपए की ग्रेविटी के लिए योग्य होंगे।

अभी तक एकीकृत पेंशन योजना यूपीएस का ऑप्शन सेलेक्ट करने के बाद अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है या दिव्यांग हो जाता है उसे हालात से निपटने का कोई उपाय नहीं था सभी कर्मचारी पशु पेश में थे कि उन्हें पेंशन कौन सी मिलेगी और फैमिली पेंशन का क्या होगा अब यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों के नियमन के लिए सेंट्रल सिविल सेवा नियम को भी नोटिफाई किया है।

इसराइल-ईरान युद्ध (2025)- क्या प्रभाव पड़ेगा भारतीय अर्थव्यवस्था पर..?

इसराइल और ईरान के बीच भीषण जंग की शुरुआत हो चुकी है जिसमें अमेरिका सहित और भी कई देश शामिल हो सकते हैं।. दोस्तों, इतिहास गवाह है और हमने और आपने कई लड़ाइयां देखी है, इसलिए यह जानते है कि युद्ध के परिणाम गंभीर होते हैं। युद्ध में न केवल जान माल की हानि होती है। बल्कि कई बार मानवीयता भी तार तार हो जाती है। युद्ध से प्रभावित देशों की अर्थव्यवस्थाएं बर्बाद हो जाती है। वैसे तो इस युद्ध से जुड़ी खबरें दिन भर टीवी चैनलों पर प्रसारित हो रही है। हर बात पर चर्चा और हर स्थिति के आकलन हो रहे हैं। जॉन माल का भारी नुकसान भी हो रहा है। स्थिति बड़ी गंभीर है। पश्चिम एशिया भीषण युद्ध, अराजकता, अशांति, और खतरे की ओर बढ़ रहा है।

आर्थिक फंदा ब्लॉग (arthikfunda.com) आज के इस आर्टिकल में यह इजरायल ईरान युद्ध की राजनीतिक पक्ष को नजरअंदाज करते हुए इसके आर्थिक पहलू पर फोकस करेंगे … क्योंकि आर्थिक फंडा में अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्टिकल प्रकाशित होते हैं। लेकिन आज की यह पोस्ट एक खास पोस्ट साबित होने वाली है इस संदर्भ में क्योंकि युद्ध के राजनीतिक और भू-समरिक और सेंड परिणाम की व्याख्या करने वाली वेबसाइट और आर्टिकल काफी संख्या में प्रकाशित होते हैं। पर युद्ध के अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभावों की विवेचना करने वाले आर्टिकल कम प्रकाशित किए जाते हैं। यह पोस्ट ईरान इजरायल युद्ध के विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की विवेचना करेगा..? इस बात पर फोकस रहेगा कि इस युद्ध से दुनिया में क्या आर्थिक बदलाव आएंगे..? अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर क्या असर पड़ने वाला है..? कीमतें बढ़ेगी..? तेल महंगा होगा ..? जब तेल महंगा होता है तो अन्य सब चीज भी महंगी हो जाती हैं। भारत पर इस युद्ध का क्या असर पड़ेगा इस बात को भी हम समझने का प्रयास करेंगे।

1. इस युद्ध से बदल सकती है अर्थव्यवस्थाओं की चाल :

इजरायल ईरान के बीच अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है। दोनों देश दशकों से एक दूसरे को चुनौती देते आ रहे हैं।शुक्रवार (13 june2025) को इसराइल ने ऑपरेशन “राइजिंग लॉयन” लॉन्च किया और इससे टकराव की नई और खतरनाक स्थिति बन गई। इसराइल ने तेहरान और नतांज के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। खास बात यह है कि यमन लेबनान और सीरिया जैसे देशों में ईरान समर्थित मलेशिया हिज्बुल्लाह और होती आतंकी समूह युद्ध को और भड़का सकते हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के युद्ध में शामिल होने की आशंका बनी हुई है।

इस युद्ध से सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर नकारात्मक असर पड़ेंगे। विश्व की अर्थव्यवस्था में भारी उथल-पुथल होगी। इस संघर्ष का सबसे विपरीत असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा। ईरान और फारस की खाड़ी तथा लाल सागर आदि को जोड़ने वाली हार्मोन जल संधि को बंद करने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने को मजबूर हो रही है। हार्मोन जलसंधि एक बहुत बड़ी व्यापारिक वाटर स्ट्रेट है। इस जल संधि से होकर तेल का व्यापार करने वाले जहाज आते जाते हैं। पश्चिम एशिया के देस ही विश्व के अधिकांश क्षेत्रों में तेल की आपूर्ति करते हैं। तेल उत्पादक देशओ और तेल क्षेत्रों में पढ़ने वाले जलमार्गों के बन्द होने से तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो गई।. भारत अपनी तेल जरूर का 85 फ़ीसदी सऊदी अरब इराक और यूएई से आयात करता है। तेल की पट्टी कीमतों के कारण विश्व में महंगाई बढ़ेगी।

इस युद्ध के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था को एक नुकसान यह होगा कि बेरोजगारी में इजाफा होगा।

1. महंगाई बढ़ाने वाला एक और युद्ध भड़का :

वैसे तो यह दुनिया बहुत बड़ी है इसमें कहीं ना कहीं संघर्ष और विवाद चलते ही रहते हैं। लेकिन एक और एक से अधिक देशों में जब सैंया युद्ध उत्पन्न होता है तो इसका प्रभाव पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है और इसका असर कुछ ही दिनों में दिखाई देने लगता है। पिछले कई वर्षों से लगातार रूस यूक्रेन युद्ध चल रहा है। इजराइल फिलिस्तीन के मध्य भी काफी समय से युद्ध की स्थिति चल रही है। अब एक और नया मोर्चा खुल गया। अब यहआग इसराइल और ईरान के बीच लग चुकी है। 2 दिन में तेल की कीमाते 9 फीसदी बढ़ गई.

विश्व इस समय वैसे ही आर्थिक संकट से गुजर रहा है. क्योंकि ईरान तेल का काफी बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है और वहां जंग छिड़ चुकी है। यदि आसपास के कुछ देश और इसमें शामिल हुए जैसे की संभावना है। अमेरिका भी युद्ध में कूदने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो विश्व अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होना तय है।

इस युद्ध की शुरुआत दो दिनों में ही कच्चे तेल के दाम 9 फ़ीसदी चढ़ गए दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 1 साल के पार चली गई। दुनिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

3. हवाई किराया 20% तक बढ़ा.

ईरान इजरायल तनाव के कारण भारत से यूरोप अमेरिका सहित पश्चिमी देशों की हवाई यात्रा पर बड़ा असर पड़ा है। पश्चिम एशिया के कई देशों ने अपने हवाई मार्ग बंद कर दिए हैं। इससे हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और मार्ग बदले गए हैं। मार्ग बदलने से किराए और परेशानियां बढ़ गई है। किराए में 20% तक की बढ़ोतरी हो गई। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इजरायल के बीच संघर्ष और हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों का रास्ता लंबा हो गया है जिसका सीधा असर विमान के समय और किराए पर पढ रहा है। कुछ क्षेत्रों में पहले से ही 12 से 15% की वृद्धि देखी जा रही है। हवाई क्षेत्र में अस्थाई प्रतिबंध से विमान को आने-जाने में दो से चार घंटे का वक्त अधिक लग रहा है इससे विमान कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि हो गई है मार्ग बदलने से कुछ मार्गों के किराए में 15 से 20 फ़ीसदी तक की वृद्धि हुई है हवाई क्षेत्र में जारी प्रतिबंध के कारण खाड़ी देशों से आने जाने वाली उड़ानों का मार्ग पर भारी भीड़ है।

समुद्री माल ढुलाई लागत 50% बड़ी :

ईरान इजरायल युद्ध से भारत में केवल हाईवे यात्रा महंगी नहीं हुई है बल्कि समुद्री माल ढुलाई दरों में भी 50% तक इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बीमा शुल्क में भी बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है। निर्यातकों का कहना है कि इस युद्ध के कारण यूरोप रूस और खादी के देशों को किया जाने वाला निर्यात प्रभावित होगा। अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है तो ईरान और यूएई के बीच हार्मोन जलसंधि और लाल सागर जैसे


कैसे करें क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग,ताकि वेल्थ क्रिएशन में भी मदद मिल सके।

आर्थिक फंडा ( arthikfunda.com)

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आर्थिक फंडा ब्लॉग —“छोटी-छोटी और बेहतरीन निवेश सलाह”

दोस्तों, आर्थिक फंडा (ब्लॉग) की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में आप सभी का स्वागत है। आज की पोस्ट में हम चर्चा करेंगे की ” कैसे क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग करके हम अपना वेल्थ क्रिएशन भी बढ़ा सकते हैं।” आज की इस पोस्ट को आसान और अच्छी तरीके से समझ सकें इसलिए इसे हम निम्न बिंदुओं में विभाजित करके रीढ़ करेंगे।

क्रेडिट कार्ड एक भुगतान कार्ड है, जो आमतौर पर बैंक द्वारा जारी किया जाता है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को सामान या सेवाएं खरीदने या क्रेडिट पर नकदी निकालने की अनुमति देता है। इस प्रकार कार्ड का उपयोग करने पर कर्ज़ चढ़ जाता है जिसे बाद में चुकाना पड़ता है। क्रेडिट कार्ड का अर्थ एक वित्तीय टूल से है जो बैंक द्वारा जारी किया जाता है। इसका उपयोग कर आप अपने पर्सनल खर्चों, ऑनलाइन खरीददारी, यात्रा आदि के लिए कहीं भी व कभी भी कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड क्या है, एक व्यक्ति की वित्तीय योजनाओं को मैनेज करने का माध्यम हो सकता है, जिसे आपको सावधानी और ज़िम्मेदारी के साथ उपयोग करना चाहिए।

आज के आर्टिकल में ( टेबल ऑफ़ कंटेंट )

  1. भूमिका।
  2. क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है.?
  3. क्रेडिट कार्ड लिमिट क्या है.?
  4. क्रेडिट कार्ड के प्रकार।
  5. अपनी खरीदारी को टाइम करें।
  6. विशिष्ट कार्ड इस्तेमाल करें।
  7. 5% से लेकर 36 परसेंट तक की बचत।
  8. बोनस/एक्सलरेटेड पॉइंट लें।
  9. छूट और कैशबैक का लाभ उठाएं।
  10. कार्ड से ट्रैवल बुकिंग करें।
  11. कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का लाभ लें।
  12. ध्यान रखें..
  13. निष्कर्ष।
  14. संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।

1. भूमिका (विषय प्रवेश) :

क्रेडिट कार्ड वैसे तो एक रिस्की प्लास्टिक मनी माने जाते हैं लेकिन यदि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करें तो पैसे बचाने और बढ़ाने में मददगार भी साबित हो सकते हैं। हालांकि क्रेडिट कार्ड से वेल्थ क्रिएशन का मतलब यह नहीं है कि इससे कोई निश्चित आए या रिटर्न मिलता है, लेकिन क्रेडिट कार्ड कंपनियों और कंज्यूमर कंपनियों के बीच करार के चलते कई तरह की खरीदारी नगद के बजाय क्रेडिट कार्ड से करके पैसे बचाएं जा सकते हैं। जैसे – यदि आप किराना सामान पेट्रोल ऑनलाइन शॉपिंग मूवी और रेस्टोरेंट में खाने पर हर महीने ₹50000 खर्च करते हैं तो ढाई हजार से ₹5000 तक की बचत कर सकते हैं। इसमें शर्त यह होती है कि यह सारे खर्चे आप एक या दो तीन अलग-अलग क्रेडिट कार्ड से करें। क्रेडिट कार्ड से किए गए खर्च चुकाने के लिए आपके पास 50 दिनों तक का लंबा समय होता है। ऐसे में जो खरीददारी आप नगद करने वाले थे वह क्रेडिट कार्ड से करके उतना पैसा 50 दिनों के लिए कहीं निवेश कर सकते हैं। इस तरह यदि आप

2. क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है.?

क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से उपयोग आपको आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। आइए जानते है कि क्रेडिट कार्ड कैसे काम करता है:

  • क्रेडिट खाता : जब आपको क्रेडिट कार्ड मिलता है, तो बैंक में आपका एक क्रेडिट खाता खोला जाता है।
  • खरीदारी : जब आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग खरीददारी करने के लिए करते हैं, तो यह खरीददारी की राशि को बैंक आपके क्रेडिट खाते में जोड़ता है।
  • लोन का रीपेमेंट : बैंक द्वारा आपके क्रेडिट कार्ड के रीपेमेंट के लिए एक अवधि तय की जाती है, उस तय तिथि पर आपको लोन ली गई राशि का भुगतान करना होता है।
  • क्रेडिट लिमिट : आपके क्रेडिट कार्ड पर एक निश्चित रकम तक की खरीददारी की अनुमति दी जाती है, जिसे क्रेडिट लिमिट कहा जाता है।
  • मासिक बिल : आपको क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान हर महीने करना होता है, जिसमें आपकी पर्सनल खर्च की राशि और इंटरेस्ट शामिल होते हैं।

3. क्रेडिट कार्ड लिमिट क्या है.?

क्रेडिट कार्ड लिमिट एक न्यूनतम और अधिकतम राशि होती है, जो बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा कार्डधारक की आवश्यकताओं और वित्तीय स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस राशि को कार्डधारक क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खर्च कर सकता है, और यह कार्डधारक को उपलब्ध क्रेडिट का प्रबंधन करने में मदद करता है।

4. क्रेडिट कार्ड के प्रकार :

आइए जानते है क्रेडिट कार्ड के निम्नलिखित प्रकार:

  • कोटक रॉयल सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड
  • कोटक प्रिवी लीग सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड
  • मिंत्रा कोटक क्रेडिट कार्ड
  • कोटक 811 क्रेडिट कार्ड
  • कोटक कॉर्पोरेट प्लैटिनम क्रेडिट कार्ड
  • कोटक कॉर्पोरेट गोल्ड क्रेडिट कार्ड
  • कोटक कॉर्पोरेट वेल्थ सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड

5. अपने खरीदारी को टाइम करें :

हर क्रेडिट कार्ड का अपना बिलिंग साइकिल होता है खरीदारी को इसी हिसाब से टाइम करने पर ज्यादा फायदा होता है यानी जिस तारीख को आपका क्रेडिट कार्ड बिल जेनरेट होता है उसके फौरन बाद खरीदारी करने से 40 से 50 दोनों का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलेगा।

6. विशिष्ट कार्ड का इस्तेमाल करें :

कार्ड कंपनियों के अलग-अलग वेंडर्स के साथ टाइप होते हैं। कुछ फ्यूल कंपनियों के साथ टाइप करके खास कार्ड जारी करती हैं। इसे पेट्रोल डीजल खरीदने पर ज्यादा बचत होती है। कुछ कार्ड के जरिए ग्रॉसरी खरीदने पर ज्यादा बचत होती है तो कुछ के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग फायदेमंद होती है। जाहिर है, यदि आप अलग-अलग तरह की शॉपिंग के लिए खास कार्ड उसे करेंगे तो ज्यादा बचत होगी। खर्च करने की अपनी आदत पर गौर करें, और देखें कि ज्यादा खर्च कहां होता है। उसी के मुताबिक क्रेडिट कार्ड चुने। अगर आप ज्यादा ट्रैवल करते हैं तो ऐसा कार्ड चुने जिसमें टिकट होटल बुकिंग पर ज्यादा रीवार्ड्स मिलते हो। अगर आप ज्यादा शॉपिंग करते हैं तो ऐसे कार्ड को सेलेक्ट करें जिससे शॉपिंग पर अच्छी रीवार्ड्स प्राप्त होते हो। ऐसा करके आप अपना पैसाभी बचा सकते हैं और अपनी क्रेडिट वैल्यू को बढ़ा सकते हैं।

7. 5% से लेकर 36% तक की बचत :

कुछ फ्यूल कार्ड पार्टनर पेट्रोल पर खर्च का 7.5% तक रिवॉर्ड देते हैं। प्रीमियम कार्ड बैंक के पार्टनर पोर्टल से होटल बुकिंग पर पॉइंट के रूप में 36% तक रिटर्न देते हैं। कैशबैक कार्ड ऑनलाइन शॉपिंग पर स्टेटमेंट क्रेडिट के रूप में 5% रिटर्न देते हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने वेल्थ क्रिएशन को बढ़ा सकते हैं।

8. बोनस /एक्सलरेटेड पॉइंट ले :

मूवी टिकट जैसे खास तरह के खर्चे पर अधिकतम बोनस और एक्सीलरेटेड रीवार्ड्स प्वाइंट जमा कर सकते हैं इस तरह के खर्च सिर्फ रीवार्ड्स के लालच में न करें।

9. छूट या कैशबैक का लाभ उठाएं :

खरीदारी को इस तरह व्यवस्थित करें कि 15 अगस्त जैसे खास मौकों पर मिलने वाली छूट और कैशबैक का ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकें। विशेष पर्व जैसे होली,दिवाली, धनतेरस,पर विशेष छूट प्राप्त होती हैं। इनका लाभ उठाएं। जैसे — अगर आपको फ्रिज या टीवी जैसी कोई बड़ी वस्तु खरीदनी हो तो फेस्टिवल या सेल ऑफर्स का इंतजार कर सकते हैं।

10. कार्ड से ट्रैवल बुकिंग करें :

फ्लाइट होटल टूर एंड ट्रैवल पैकेज बुक करके यहां तक की गिफ्ट वाउचर खरीद कर भी आप एक्सीलरेटेड रीवार्ड्स प्वाइंट जमा कर सकते हैं। ध्यान रखें कि ऐसी विकल्पों के साथ अर्जित रिवॉर्ड पॉइंट का इस्तेमाल कर पाने में 90 दिन तक लगा सकते हैं। बैंक अक्सर 1 महीने में जमा किए जा सकने वाले रिवॉर्ड पॉइंट की अधिकतम मात्रा और प्रति म्हारे दमसन की ऊपरी सीमा रखते हैं।

11. कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का लाभ लें :

आपको क्रेडिट कार्ड के साथ मिलने वाले कंप्लीमेंट्री बेनिफिट्स का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें एयरपोर्ट लाउंज में फ्री एक्सेस एक्सीडेंटल हेल्थ हॉस्पिटलाइजेशन कर ओटीटी प्लेटफॉर्म की मेंबरशिप क्लब मेंबरशिप आदि शामिल हैं। ध्यान रखें कि इन सभी बेनिफिट्स का कुल मूल्य कम से कम कार्ड के सालाना नवीकरण शुल्क से तो ज्यादा ही होगा।

12. ध्यान रखें..

प्लास्टिक मनी आखिरकार इंस्टेंट क्रेडिट कार्ड यानी फॉरेन मिल जाने वाला कर्ज ही है। अगर आप बार-बार आए और रीपेमेंट क्षमता से ज्यादा खर्च करेंगे तो कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि पर सालाना 40% तक ब्याज लग सकता है। इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखें की जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें और समय पर अपना क्रेडिट कार्ड बिल चूकाते रहे।

निष्कर्ष :

क्रेडिट कार्ड एक वित्तीय साधन है जो आपको वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए ऋण लेने की अनुमति देता है, जिसे बाद में चुकाना होता है। यह एक प्लास्टिक कार्ड होता है जो बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाता है। क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके, आप बिना नकद के भी खरीदारी कर सकते हैं और अपने बिलों का भुगतान बाद में कर सकते हैं। 

संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :

क्वेश्चन 1. क्रेडिट कार्ड क्या है.?

उत्तर – क्रेडिट कार्ड एक भुगतान कार्ड है जो आपको बैंक से उधार लेकर खरीदारी करने की सुविधा देता है। क्रेडिट कार्ड एक तरह से आपको ऋण देता है जिसे बाद में चुकाना पड़ता है आमतौर पर ब्याज के साथ ऐसी अदा करना होता है। क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके आप बिना नगद पैसे के भी खरीदारी कर सकते हैं और बाद में भुगतान कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड एक वित्तीय साधन है और एक तरह की प्लास्टिक मनी है जो आपको अपने सभी वित्तीय लेनदेन पर ऋण की अनुमति देता है। यह आपको अपनी जरूरत की सभी चीज खरीदने और उनके भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है।

क्वेश्चन 2. अगर मैं 6 महीने तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करता हूं तो क्या होगा..?

उत्तर — अगर आप 6 महीने तक क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करते हैं तो आपका कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियों 6 महीने या इससे अधिक समय तक उपयोग ने करने पर क्रेडिट कार्ड को निष्क्रिय कर सकती हैं और कुछ मामलों में आपका खाता बंद भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आप पर निष्क्रियता शुल्क भी लग सकता है और आपके क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई क्रेडिट कार्ड कंपनियों 6 महीने या उससे अधिक समय तक आपके क्रेडिट कार्ड को निष्क्रिय कर देती हैं. यदि आपका खाता बंद हो जाता है या आप निष्क्रियता शुल्क का भुगतान करते हैं तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपको मिलने वाले बेनिफिट्स और रीवार्ड्स भी खत्म हो जाते हैं।

क्वेश्चन 3. एक अच्छा क्रेडिट इतिहास क्यों महत्वपूर्ण है..?

उत्तर — अच्छा क्रेडिट इतिहास काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह ऋण प्राप्त करने कम ब्याज दरें प्राप्त करने और अन्य वित्तीय लेनदेन जैसे कि किराए या नौकरी के लिए स्वीकृति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अच्छा क्रेडिट इतिहास क्यों महत्वपूर्ण है इसके कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

  1. अच्छी ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए।
  2. अच्छा क्रेडिट स्कोर कम ब्याज दरों में मदद करता है।
  3. अच्छा क्रेडिट स्कोर आपको खरीदारी की बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करता है।
  4. अच्छा क्रेडिट इतिहास आपके पैसे के प्रबंधन की सक्रियता को प्रदर्शित करता है।
  5. एक अच्छा क्रेडिट इतिहास आपको वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करता है।
  6. अच्छा क्रेडिट इतिहास आपकी एक महत्वपूर्ण संपत्ति की भांति होता है जो आपको वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति में रहने में मदद प्रदान करता है।

क्वेश्चन 4. क्रेडिट कार्ड के क्या फायदे हैं..?

उत्तर — क्रेडिट कार्ड के लाभ प्रदान करता है जैसे कि वित्तीय स्वतंत्रता, सुरक्षा, रीवार्ड्स, ऑनलाइन खरीदारी, लोन सुविधा आदि। क्रेडिट कार्ड के कुछ बेहतरीन फायदे इस प्रकार हैं–

  1. क्रेडिट कार्ड आपको तत्काल खरीदारी करने और भुगतान बाद में करने की सुविधा देता है।
  2. क्रेडिट कार्ड विभिन्न रीवार्ड्स कार्यक्रम, कैशबैक, शॉपिंग और कई महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करता है।
  3. क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन खरीदारी के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है, जिससे आप विभिन्न ऑफर और छोटो का लाभ उठा सकते हैं।
  4. क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग करके आप अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाकर भविष्य आसान ऋण प्राप्त कर सकतें है।
  5. क्रेडिट कार्ड से आप किसी भी चीज को तत्काल परचेस कर सकते हैं भले ही आपके पास नगदी न हो।
  6. अचानक वित्तीय आवश्यकताओं की स्थिति में क्रेडिट कार्ड एक उपयोगी विकल्प होता है।
  7. क्रेडिट कार्ड के उपयोग से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनती है जो भविष्य में रन के लिए महत्वपूर्ण होती है।
  8. हवाई यात्राओं विदेश यात्राओं के समय आप क्रेडिट कार्ड से आसान भुगतान कर सकते हैं, आपको नगदी रखना जरूरी नहीं होता है।

क्वेश्चन 5. क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें क्या है..?

उत्तर -= क्रेडिट कार्ड के नियम और शर्तें क्रेडिट कार्ड जारी करता और कार्ड उपयोग करता के बीच एक समझौता है जिसमें फीस ब्याज दरें और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं। यह जानना आवश्यक है कि यह नियम और शर्तें कार्ड धारक को कैसे प्रभावित करती हैं ताकि वे अपने क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी के साथ उपयोग कर सकें।

क्रेडिट कार्ड के नियम एवं शर्तें –

1. क्रेडिट सीमा

यह वह अधिकतम राशि है जो आप अपने क्रेडिट कार्ड से उधार ले सकते हैं

2. ब्याज दर

यदि आप क्रेडिट कार्ड बिल का पूरा भुगतान समय पर नहीं करते हैं तो आपको ब्याज का भुगतान करना होगा।

3. भुगतान तिथि

यह वह तिथि है जब आपको क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाना होता है

4. शुल्क

क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक विभिन्न प्रकार के शुल्क लेते हैं जैसे कि वार्षिक शुल्क, लेट पेमेंट शुल्क, नगद अग्रिम शुल्क आदि

5. नियम और शर्तों का उल्लंघन

यदि आप क्रेडिट कार्ड के नियमों और शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो बैंक आपके कार्ड को रद्द कर सकता है या अन्य प्रकार के दंड लगा सकता है।

6. क्रेडिट कार्ड से सीमा से अधिक राशि होने पर शुल्क लगाया जाएगा।

7. यदि आप भुगतान दी तिथि पर या उससे पहले न्यूनतम दे राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं तो बैंक को भुगतान किए जाने तक और कार्ड खाते को नियमित किए जाने तक कार्ड पर सुविधा को रोकने का पूर्ण अधिकार है।

8. यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि क्रेडिट कार्ड के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकते हैं। इसीलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप हमेशा नवीनतम नियम और शर्तों से अवगत रहे।

क्वेश्चन 6. एसबीआई क्रेडिट कार्ड क्या है..?

उत्तर – SBI क्रेडिट कार्ड भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी एक क्रेडिट कार्ड है जो आपको एक निश्चित सीमा तक पैसे खर्च करने की सुविधा देता है, जिसे बाद में चुकाना होता है। यह है एक प्रकार का उधार है जो आपके बिना नगदी के खरीदारी करने, बिलों का भुगतान करने, और अन्य वित्तीय लेनदेन करने की अनुमति देता है।

क्वेश्चन 7. क्रेडिट कार्ड के क्या नुकसान है..?

उत्तर — हर अच्छी सुविधा और तकनीकी के फायदे भी होते हैं तो नुकसान। ठीक वैसे ही क्रेडिट कार्ड के अनेक फायदे हैं तो इसके कई नुकसान भी है। क्रेडिट कार्ड के कुछ नुकसानौ में प्रमुख है — उच्च ब्याज दरें, अधिक खर्च करने की प्रवृत्ति, धोखाधड़ी का खतरा, कर्ज के जाल में फसना, अधिक शुल्क चुकाना, वार्षिक और विलंब शुल्क चुकाना, क्रेडिट खराब होना, बिना सोचे समझे खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ाना, भुगतान छूटने का डर बना रहना, आदि क्रेडिट कार्ड के प्रमुख नुकसान हैं।

कर दाताओं की सुरक्षा की गारंटी कब लेगी सरकार..? क्या यह जरुरी नहीं..?

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विषय प्रवेश

हमारे देश के संविधान के अनुसार प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके जान माल की हिफाजत करना हमारे देश के कानून और संविधान का कर्तव्य है, लेकिन जब सरकार सुरक्षा देने के नाम पर आम नागरिक को बिल थामने लगे तो क्या किया जाए..? उस पर भी यदि वह नागरिक नियमित रूप से इनकम टैक्स अदा करता आ रहा हो, जिसके लिए बार-बार कहा जाता है कि सरकार करदाताओं के टैक्स से चलती है। हाल ही में ऐसा एक वाक्य राजस्थान की राजधानी जयपुर में सामने आया जब एक बिजनेसमैन से एक गैंगस्टर ने दो करोड़ की रंगदारी मांगी और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई।. बिजनेसमैन को जो सुरक्षा मिली उसके आवाज में क्षेत्र लख रुपए का बिल पुलिस द्वारा व्यापारी को थमा दिया गया। इसकी कोई जानकारी उसे व्यापारी को नहीं दी गई थी। अब बताइए कि क्या अपने मौलिक अधिकारों के लिए भी करदाताओं को बिल भरना होगा..? आखिर देश में करदाताओं को क्या सुविधा मिल रही है..? इस सवाल का जवाब कौन देगा.? शायद ही किसी के पास इस सवाल का जवाब हो। सरकार यह अपेक्षा तो प्रत्येक करता था से करती है कि वह ने केवल अपना टैक्स जमा कारण बल्कि पूरी ईमानदारी से टैक्स भी भारी और बदले में सरकार से किसी भी प्रकार की सुविधा की उम्मीद या अपेक्षा ने करें।

सरकार को करदाताओं से ताकत प्राप्त होती आजकल हम इस बात को लेकर पहले नहीं समा रहे हैं और अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि भारत पहले दुनिया की पांचवी बड़ी इकोनॉमी बना और अब जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। हम जापान को पछाड़ कर दुनिया की सबसे तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं। देश को यह ताकत कहां से मिली..? मैं आपको बताता हूं कि हमारे देश और सरकारों को यह ताकत करदाताओं से प्राप्त होती है। करदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार दिन-रात प्रयासरत रहती है। देश में पैसा लगा रहे निवेदक और करदाता सरकार को आर्थिक शक्ति देते हैं। देश की कानून व्यवस्था अच्छी हो तभी बिजनेसमैन और निवेशक तथा व्यापारी अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं लेकिन क्या समय पर इनकम टैक्स देने वालों को सुरक्षा की गारंटी सरकार की तरफ से मिल रही है..? इस सवाल का जवाब ढूंढना बड़ा मुश्किल है. 140 करोड़ से ऊपर की आबादी वाले भारत में 3 करोड लोग इनकम टैक्स अदा करते हैं। हालांकि गुड्स एंड सर्विस टैक्स जीएसटी लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक नागरिक टैक्स के दायरे में आ गया है। अर्थात में कह सकता हूं कि देश का हर नागरिक किसी न किसी रूप में सरकार को टैक्स अदा कर रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि कोई कम टैक्स दे रहा है..तो कोई ज्यादा।

सरकार को कितना टैक्स मिलता है इसका जवाब वित्त मंत्री से अच्छा और कौन दे सकता है.? भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मैं पिछले दिनों संसद में एक बयान दिया था उनके अनुसार वित्त वर्ष 2024 25 में कर के रूप में 24 लाख करोड रुपए प्राप्त हुए जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.5 लाख करोड रुपए अधिक हैं टैक्स रिवेन्यू लगातार बढ़ रहा है। सरकार और देश के अधिकतर खर्च इस टैक्स से ही चलते हैं। वित्त वर्ष 2024 25 के दौरान केंद्र सरकार ने जीएसटी से बहुत बड़ा राजस्व प्राप्त किया। वित्त मंत्री ने फरवरी 2025 में संसद में पीस अपने बजट भाषण में बताया था कि वित्त वर्ष 2023 24 में जीएसटी कलेक्शन 18 लाख करोड़ से अधिक रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12% अधिक था।

सरकार लगातार एडवांस टैक्स और टैक्स भरने को लेकर एक अभियान चलाती है और टैक्स चोरी करने वालों को आपराधिक श्रेणी में रखा जाता है सरकार कि करदाताओं से हमेशा यही अपेक्षा होती है कि वह टैक्स लॉ का पालन करें, अपना रिकॉर्ड सही रखें और समय पर टैक्स अदा करें। लेकिन क्या सरकार की ऐसी सोच है कि इसके बदले में कार्ड था कुछ नहीं मांगे..? और अगर गैंगस्टर या गुंडे धमकी दे रहे हैं तो अपनी सुरक्षा के बदले में भुगतान के लिए तैयार रहें..?

कर दाताओं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ने केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करती है बल्कि समग्र टैक्स प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करती है। करदाताओं को डाटा चोरी या हैंगिंग धोखाधड़ी भ्रष्टाचार या अवैध तरीके से उत्पीड़न से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि कर डाटा को लगता है कि उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अनुचित तरीके से परेशान कर रहा है तो उसे सशक्त शिकायत निवारण तंत्र का विकल्प मिलना चाहिए। करदाताओं को टैक्स फाइलिंग रिटर्न प्रोसेसिंग और टैक्स भुगतान से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता मिलनी चाहिए। जब यह सुविधा उसे प्राप्त नहीं होती हैं तो करदाताओं के अंदर एक असंतोष और अविश्वास उत्पन्न होता है। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि करदाताओं की समस्याओं का समाधान समय पर और प्रभावित तरीके से हो। जब करदाताओं को यह विश्वास होता है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित है और उनके साथ उचित व्यवहार किया जा रहा है तो वह अधिक तैयार रहते हैं और आत्मविश्वास के साथ अपनी टैक्स जिम्मेदारियां का पालन करते हैं। वैसे सरकार यह सुनिश्चित करती है कि करदाताओं के अधिकारों का सम्मान किया जाए और वह किसी भी प्रकार के अत्याचार या उत्पीड़न से सुरक्षित रहें।

करदाताओं की पैसों से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन सुविधा मिलती हैं। सरकार के खर्चे चलते हैं, और विकास कार्यों को गति मिलती है। इसीलिए अधिकारियों को जनता के हित में कार्य करना चाहिए ने की सदैव वाह वाही लूटने के लिए अपनी पीठ थप थपानी चाहिए। संविधान में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बताया गया है। प्रतीक नागरिक को सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को अपराधियों से जान का खतरा है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का ही कर्तव्य है, न की सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपए का बिल थमा देना। पुलिस प्रशासन के आल्हा अधिकारियों को ऐसे मामलों में स्वतह संज्ञान लेने की आवश्यकता है। आखिर सरकार ईमानदारी से टैक्स देने वालों के लिए कुछ विशेष सहूलियत क्यों नहीं निर्धारित करती है..? कम से कम जो बिजनेसमैन या व्यापारी गैंगस्टर या अपराधियों की नजर में हैं और जिन्हें रंगदारी के लिए धमकी मिल रही है उनकी सुरक्षा की गारंटी तो सरकार को लेनी ही चाहिए। सुरक्षा के नाम पर लंबा चौड़ा बिल नहीं थामना चाहिए। भले ही सरकार के पास टैक्स देने के बाद देश चलाने संबंधी कई बड़े काम होते हैं लेकिन सुरक्षा भी इन्हीं कामों में से एक बड़ा काम है। सरकार को चाहिए कि वह प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का ख्याल रखें और करदाताओं पर विशेष ध्यान देते हुए सरकार एवं प्रशासन को उनके प्रति संवेदनशील भी होना चाहिए।

ब्लॉग – आर्थिक फंडा (ब्लॉग) arthikfunda.कॉम

चीफ एडिटर – केदार लाल ( K. L. Ligree / सिंह साब )

खुदरा महंगाई दर में गिरावट,केवल 2.82% ही बढ़ी,राज्यों में कैसे है महंगाई के हाल.?

मई में खुदरा महंगाई 6 साल के सबसे निचले स्तर 2.82% पर रही, खाने-पीने की चीजें हुईं सस्ती

Retail Inflation In May 2025: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले छह महीनों में मुद्रास्फीति में काफी कमी आई है, जो अक्टूबर 2024 में टोलरेंस बैंड से ऊपर थी और अब लक्ष्य से काफी नीचे आ गई है.

फोटो – आर्थिक फंडा ब्लॉग के चीफ एडिटर केदार लाल,अपनी पत्नी के साथ – जयपुर में।

Retail inflation in India May 2025:

मई में महंगाई दर में गिरावट का मुख्य कारण कई रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में कमी है.

नई दिल्ली:

भारत में खुदरा महंगाई दर यानी CPI (Consumer Price Index) मई 2025 में गिरकर 2.82 प्रतिशत पर आ गई है. यह फरवरी 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है. पिछले साल मई में यह दर 4.8 प्रतिशत थी. सरकार की ओर से 12 जून को जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है.

खाद्य महंगाई में बड़ी राहत

खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी राहत मिली है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किए गए डेटा में बताया गया कि फूड इंफ्लेशन मई में घटकर 0.99 प्रतिशत पर आ गई, जो कि अक्टूबर 2021 के बाद सबसे कम है. खाद्य महंगाई दर बी लगातार सात महीने से कम हो रही है. एक्सपर्ट के मुताबिक, इसकी वजह कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी करना है.

किन चीजों के दाम गिरे?

मई में महंगाई दर में गिरावट का मुख्य कारण कई रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में कमी है. आधिकारिक बयान के अनुसार, मई के दौरान खुदरा महंगाई में बड़ी गिरावट मुख्य रूप से दालों, सब्जियों, फलों, अनाजों, घरेलू वस्तुओं एवं सेवाओं, चीनी और अंडों की कीमतों में गिरावट के कारण हुई है. ईंधन की कीमतों में नरमी के कारण भी महंगाई में कमी आई है.

आरबीआई ने घटाया महंगाई अनुमान

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बीते शुक्रवार को आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई के अपने पूर्वानुमान को भी 4 प्रतिशत से घटाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया है.

उन्होंने कहा, “सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए और सामान्य मानसून को देखते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति अब 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है. महंगाई पहली तिमाही में 2.9 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 3.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 3.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है.”

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले छह महीनों में मुद्रास्फीति में काफी कमी आई है, जो अक्टूबर 2024 में टोलरेंस बैंड से ऊपर थी और अब लक्ष्य से काफी नीचे आ गई है. इसमें  ब्रोड-बेस्ड सॉफ्टनिंग यानी व्यापक आधार पर नरमी के संकेत हैं.

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मार्च-अप्रैल में सीपीआई हेडलाइन महंगाई में गिरावट जारी रही, जिसमें अप्रैल 2025 में यह लगभग सालाना आधार पर छह साल के निचले स्तर 3.2 प्रतिशत पर आ गई थी.

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क्या है सफलता..? सफलता हासिल करने के सरदार टिप्स.

तुडावली,टोड़ाभीम,राजस्थान – 321610 भारत

 कैसे हासिल करें सफलता….? सफलता हासिल करने के असरदार टिप्स।

आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) के एक और बेहतरीन आर्टिकल में आपका स्वागत है। अपनी जिंदगी में हर इंसान सफल होना चाहता है। क्योंकि बिना सफलता हासिल किये बिना जिंदगी जीने का मजा नहीं आता। सफलता की कमी से सब कुछ अधूरा अधूरा लगता है। सफलता की कमी जीवन को सुनसान और वीरान बना देती है। बिना सफलता प्राप्त किये जीवन जीने का आनंद नहीं आता। वैसे तो सफलता की परिभाषा बहुत व्यापकता लिए हुए हैं, और हर व्यक्ति के सफलता को परिभाषित करने के अपने अलग -अलग मायने है, लेकिन अब सवाल उठता है की सफलता नाम की इस बहुमूल्य चीज को कैसे प्राप्त किया जाए..? आखिर वह कौन-कौन से तरीके हैं जिन्हें अपना कर हम जल्द एवं अच्छी सफलता हासिल कर सकते हैं..? आज के इस आर्टिकल में हम इसी बात को समझने का प्रयास करेंगे। और अच्छी सफलता हासिल करने का पूरा रोड मैप समझेंगे।इस आर्टिकल को आप निम्न पॉइंट में  रीढ़ करेंगे —

 आज कि पोस्ट में / टेबल ऑफ़ कंटेंट 

1. सफलता क्या है..? पहले ये समझें 

2. लक्ष्य बनाये।

3. निरंतर अभ्यास करें।

4. वही कार्य करें जो आपको अच्छे लगते हैं।

5. धैर्यवान बनें।

6. जिद और कड़ी मेहनत।

7. योजनाओं पर अमल करें।

8. खुश मिजाज बनें।

9. आशावादी बने।

10. हर काम को फौरन करने की आदत डालें।  

11. नकारात्मक असर से बचें।

12. असफलता का डर मन से निकले।

13. निष्कर्ष।

14. महत्वपूर्ण प्रश्न -उत्तर।

सफलता क्या है..?

” सदा मुस्कुराना,गमों को भूल जाना।

 सबका प्यार पाना, सबको हंसाना।

 यारों के साथ मिलकर, खुशियों में डूब जाना।

 बच्चों का साथ देना सबका दुख बांट लेना।

 उम्मीदें जगाकर, मस्ती में झूम जाना।

 खूबियां तलाशना, आलोचना सह जाना।

 गमों को पी जाना, तराने खूब गाना।

 दुख में भी मुस्कुराना, सुख में भी मुस्कुराना।

 अपनों का साथ पाकर फूले न समान।

 असफलता के दौर को धुएं में उड़ना।

 सफलता का राज मैंने ऐसे ही जाना।।

             —   केदार लाल ( K. S. Ligree )

दोस्तों सफलता अचानक से हासिल नहीं होती हैं। यह निरंतर किये जाने वाले प्रयासों का परिणाम होती है। सफलता एक सुहाने सफर की भांति है। हम एक लक्ष्य को पूरा करते हैं और दूसरे में जुट जाते हैं और यह सफर चलता रहता है। हर इंसान के लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं। जैसे — एक छात्र अच्छे अंक प्राप्त करके अपने आप को सफल मानता है। कोई नौकरी लगकर अपने को सफल समझता है। किसी के लिए दौलत,शोहरत कमाना सफलता है। एक किसान अच्छी फसल पैदा करके अपने को सफल मानता है। एक वैज्ञानिक नए अनुसंधान को अपनी सफलता के रूप में देखाता है. कोई अच्छी सेहत और खुशी को हासिल करना अपनी सफलता मानता है। कई लोग अपने परिवार और बीवी बच्चों की खुशहाली को अपनी सफलता मानते हैं। मैं एक राइटर हूं और अच्छा लिखने के प्रयासों को अपनी सफलता मानता हूं। इसका मतलब यह हुआ की सफलता एक निजी एहसास है, हर आदमी अपने हिसाब से अपनी सफलता के माप दंड  तय करता है, फिर भी सफलता को अच्छे ढंग से परिभाषित करना हो तो कुछ यूं कर सकते हैं–

    “मूल्यवान लक्ष्य की प्राप्ति का नाम ही सफलता है।”

 असली सफलता किसी काम को अच्छी तरह से करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के एहसास से मापी जाती है। सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि, हमने जिंदगी में कौन सा ओहदा या कौन सा पद प्राप्त किया है, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हमने वह मुकाम कितनी रूकावटों को दरकिनार करके हासिल किया है।अर्थात सफलता संघर्षों की कहानी है। सफल लोग अपने आप से मुकाबला करते हैं वह अपना खुद का रिकॉर्ड बेहतर बनाने और उसमें लगातार सुधार लाते रहते हैं।

 सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि हमने जिंदगी में कितनी ऊंचाई हासिल की है, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम कितनी बार गिरकर उठे हैं। सफलता का आकलन गिरकर उठने की क्षमता से ही किया जाता है। आपको दुनिया की एक मशहूर हस्ती की कहानी सुनाता हूं–

“एक आदमी की जिंदगी की कहानी बड़ी मशहूर हैं। यह आदमी 21 साल की उम्र में व्यापार में नाकामयाब हो। गया 22 साल की उम्र में वह चुनाव हार गया। 24 साल की उम्र में उसे व्यापार में फिर असफलता मिली। 26 साल की उम्र में उसकी पत्नी मर गई।27 साल की उम्र में उसका मानसिक संतुलन बिगड़। गया 34 साल की उम्र में वह कांग्रेस का चुनाव हार गया। फिर 45 साल की आयु में उसने सीनेट के चुनाव में हर का सामना किया। 47 साल की उम्र में वह उपराष्ट्रपति बनने में सफल रहा। लेकिन 49 साल की आयु में वह फिर से  चुनाव हार गया और वही आदमी 52 साल की उम्र में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया और वह इंसान था इब्राहिम लिंकन।”

 अब आप लिंकन को असफल मानेंगे..? अगर लिंकन चाहते तो सर झुका कर मैदान से हट सकते थे और अपना समय निकाल सकते थे लेकिन उन्होंने संघर्ष करके सफलता हासिल करने का रास्ता चुना। और यही सच्ची सफलता है।

 एक और शख्सियत का उदाहरण में आपके सामने रखना चाहता हूं

“वाल्ट डिजनी जब युवक थे तो कई अखबारों के संपादकों ने उन्हें यह कहकर भगा दिया कि उनमें टैलेंट है ही नहीं। एक दिन एक चर्च के पादरी ने उन्हें कुछ कार्टून बनाने का काम दिया डिज्नी चर्च में जिस शेड के नीचे काम कर रहे थे वहां चूहे उछल कूद मचा रहे थे, एक चूहे को देखकर उनके मन में एक कार्टून बनाने का ख्याल आया और वहीं से मिकी माउस का जन्म हुआ। दोस्तों इन उदाहरण के माध्यम से मैं आपको यह समझना चाहता हूं कि सफल लोग महान काम नहीं करते बल्कि वह छोटे-छोटे कामों को महान ढंग से करते हैं। जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते बल्कि वह हर काम अलग ढंग से करते हैं।और यही सच्ची सफलता का राज हैं।

आर्थिक फंडा ब्लॉग के इस प्रेरणा दायक आर्टिकल में, मैं आपको सफलता प्राप्त करने के कुछ सूत्र (टिप्स ) बताने जा रहा हूँ —

1. लक्ष्य बनाये —

 लक्ष्य हमें जीवन जीने की दिशा दिखाता है। हमारा लक्ष्य ही वह चीज होती है जो हमें सफलता तक लेकर जाता है। बिना लक्ष्य के इंसान सिर्फ अंधेरे में तीर चलता है। जीवन के रास्ते में चलते हुए नजरे हमेशा अपने लक्ष्य पर रहनी चाहिए। मैं आगे बढ़ने से पहले आपको एक छोटी सी कहानी सुनाता हूं —  “प्राचीन भारत में एक ऋषि अपने शिष्यों को तीरंदाजी की कला सीखा रहे थे। उन्होंने लक्ष्य के रूप में एक लकड़ी की चिड़िया रखी और अपने शिष्यों से उस चिड़िया की आंख पर निशाना लगाने को कहा। उन्होंने पहले शिष्य  से पूछा “तुम्हे क्या दिख रहा है…? शिष्य ने कहा, मैं पेड़, पेड़ की टहनिया, आकाश, चिड़िया और उसकी आंख देख रहा हूं।  ऋषि ने उसे शिष्य को इंतजार करने को कहा। तब उन्होंने दूसरे शिष्य से वही सवाल किया तो दूसरे से उसने जवाब दिया “मुझे सिर्फ चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है।” तब ऋषि ने कहा,  “बहुत अच्छा अब तीर चलाओ।” और फिर तीर सीधा जाकर चिड़िया की आंख में लगा। मतलब साफ है कि शिष्य का लक्ष्य तय था “चिड़िया की आंख” इसीलिए तीन निशाने पर जाकर लगा और उसे सफलता प्राप्त हुई। अगर हम  अपना लक्ष्य तय नहीं करेंगे और अपने मकसद पर ध्यान नहीं लगाएंगे तो सफलता हासिल नहीं कर पाएंगे अपने मकसद पर ध्यान लगाना एक मुश्किल काम है,  मगर यह एक कला है जिसे सीखा जा सकता है।

 4 जुलाई 1952 को फ्लोरेंस चैडविक कैटरीना चैनल और इंग्लिश चैनल को तैरकर पार करने वाली पहली महिला बनने वाली थी। वह इंग्लिश चैनल को पहले ही पार कर चुकी थी। सारी दुनिया की निगाह उन पर टिकी हुई थी। चैड़वीक ने घने कोहरे और हड्डियों को कपाने  वाली ठंड तथा कई सार्क मछलियों का मुकाबला किया। वह किनारे पर पहुंचने का प्रयास कर रही थी, लेकिन उसने अपने चश्मे से जब  देखा उन्हें घना कोहरा दिखाई दिया। किनारा ना दिखाई देने की वजह से उन्होंने हार मान ली। चैडविक को सदमा तब लगा जब उन्हें पता चला कि वह किनारे से सिर्फ आधा मील दूर रह गई थी। उन्होंने हार इसलिए नहीं मानी थी कि बधाओं ने उनकी हिम्मत तोड़ दी,  बल्कि इसलिए हार मानी थी क्योंकि उन्हें अपना लक्ष्य कहीं नजर नहीं आ रहा था। वह किसी बाधा की वजह से नहीं रुकी। उन्होंने कहा “मैं बहाने नहीं बना रही हूँ , अगर मैने  किनारा देखा होता तो मैं जरूर कामयाब हो जाती।”  2 महीने बाद वह फिर वापस गई, और उन्होंने कैटलीना चैनल को पार कर लिया।  इस बार खराब मौसम के बावजूद उसने अपने लक्ष्य पर निगाह रखी और वह न केवल सफल रही बल्कि उसने पुरुषों के रिकॉर्ड को भी 2 घंटे के समय से तोड़ा।

 एक बार एक यात्री चौराहे पर रुका। उसने एक बुजुर्ग से पूछा “यह सड़क मुझे कहां ले जाएगी..? बुजुर्ग ने पलट कर पूछा आप कहां जाना चाहते हो..? उसे यात्री ने कहा “मैं नहीं जानता कि मुझे कहां जाना है। बुजुर्ग ने कहा – “तब कोई भी सड़क पकड़ लो, क्या फर्क पड़ता है।” जब तुम जानते ही नहीं हो कि तुम्हें कहां जाना है तो कोई भी सड़क तुम्हें वहां ले जाएगी। इन छोटे -छोटे उदाहरनो के माध्यम से आप भली भांति यह समझ गए होंगे की सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य की क्या अहमियत है। आता है पहली सीढ़ी यही है कि आप अपना एक मूल्यवान लक्ष्य निर्धारित करें। 

2.निरंतर अभ्यास —

निरंतर प्रयास व अभ्यास वह प्रक्रिया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। आप और हम कई उदाहरण देखते हैं जिनमें कक्षा में साधारण और औसत दिखने वाले छात्र कठिन परीक्षाओं में अव्वल स्थान हासिल कर लेते हैं और क्लास में अव्वल रहने वाले स्टूडेंट असफल हो जाते हैं। कई साधारण व्यक्ति ऐसा धारण सफलता हासिल कर लेते हैं। यह सब निरंतर अभ्यास का ही परिणाम है। एक कहावत का उदाहरण देकर में इस बात को आपके सामने और अधिक स्पष्ट कर देना चाहता हूं हिंदी जगत में एक बेहद लोकप्रिय कहावत है जो अभ्यास की महिमा को उजागर करती है वह कहावत इस प्रकार है–

 करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।

 रस्सी आवत जात से सी पर परत निशान।।

 इस कहावत का अर्थ है कि बार-बार अभ्यास करने से जड़ बुद्धि अर्थात मूर्ख व्यक्ति भी चतुर और होशियार बन जाता है। निरंतर अभ्यास से एक मुलायम और धागों से बनी हुई रस्सी भी कठोर चट्टान पर निशाना बना देती है। अभ्यास वह गुण है जो हमें उपलब्धि दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अंग्रेजी में भी एक लोकप्रिय कहावत है  “प्रेक्टिस मेक ए मैन परफेक्ट” अर्थात अभ्यास एक व्यक्ति में संपूर्णता लाता आता है। निरंतर प्रयास और अभ्यास की स्किल को डेवलप करके आप अचीवमेंट हासिल कर सकते हैं।

 एक और उदाहरण देकर मैं इस बात को स्पष्ट करता हूं — लेखक जॉन इरविन को प्रतिभाशाली लेखक माना जाता है लेकिन उन्हें डिस्लेक्सिया रोग हो गया था। उन्हें छोटी-मोटी चीज याद करने में भी बड़ी कठिनाई होती थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उन्होंने अपने काम में अभ्यास का समय बढ़ा दिया। वह चीजों का बार-बार अभ्यास करते, लिखी हुई बातों को बार-बार रिवाइज करने लगे। धीरे-धीरे उन्होंने ने केवल डिस्लेक्सिया को पराजित किया बल्कि धैर्य और कड़ी मेहनत से सफलता अर्जित की।

 महान वायलिन वादक फ्रेतज क्रिसलर से किसी ने पूछा कि “आप इतनी अच्छी वायलिन कैसे बजाते हैं…? क्या यह भाग्य कि देन हैं…? उन्होंने जवाब दिया–” यह अभ्यास का नतीजा है।अगर मैं एक महीने तक अभ्यास ना करूं तो मेरे वायलिन बजाने में आए फर्क को मेरे श्रोता महसूस कर लेते हैं।  अगर मैं एक सप्ताह तक अभ्यास नहीं करूं तो मेरी पत्नी फर्क को बता देती है। और अगर मैं एक दिन अभ्यास ना करूं तो मैं खुद फर्क को महसूस कर लेता हूं। 

2.  वही कार्य करें जो आपको अच्छा लगता है —

 मां को अच्छा लगने वाला कार्य करने से शीघ्र सफलता मिलती है, यह कार्य करके आप बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। एक ब्रिटिश पत्रकार ‘हेस्टर’ ने दुनिया भर के सैकड़ो सफल लोगों के साक्षात्कार लिए और उनका मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन में यह निष्कर्ष निकल के सामने आया कि अधिकांश सफल लोग वही कार्य कर रहे थे जो उन्हें अच्छा लगता था। अच्छा लगने वाला कार्य व्यक्ति दिल और मन से करता है। लगन और रुचि के साथ करता है। और मां और लगन से किया हुआ कार्य कभी निराश नहीं करता कभी असफलता नहीं दिलाता।

4. धैर्यवान बने —

 दुनिया के सभी सफल लोगों में एक बात समान होती है और वह है उनका धैर्यवान होना। धैर्य जुनून और दृढ़ता का संयोजन है यानी किसी कार्य में असफल होने पर वह उसे छोड़ने नहीं बल्कि धैर्य के साथ पुन प्रयास करते हैं और लक्ष्य प्राप्ति तक डटे रहते हैं।  धैर्यवान व्यक्ति को अपना लक्ष्य जरूर हमेशा याद रहता है और उन्हें पता होता है कि अंत में कहां पहुंचना है सफल लोग अपने जीवन को धैर्यवान बनाकर मैराथन दौड़ की तरह जीते हैं ने की 100 मीटर फर्राटा रेस की भांति।

5.  जिद और कड़ी मेहनत —

 सफलता हासिल करने में जीत और कड़ी मेहनत बड़ा एम फैक्टर है।

” जिद करो दुनिया बदलो “। अगर आप अपनी दुनिया बदलना चाहते हैं सफलता और उपलब्धि हासिल करना चाहते हैं तो आपको अपने अंदर एक जिद पालनी होगी – सफलता हासिल करने की ज़िद। प्रसिद्ध विद्वान चार्ल्स डार्विन लिखते हैं की बुद्धिमत्ता के लिहाज से लोगों के बीच ज्यादा अंतर नहीं होता, अंतर होता है केवल जिद और कठिन परिश्रम का। यह एक महत्वपूर्ण अंतर है जो लोगों को सफल या असफल बनाता हैं। दोस्तों मैं आपसे सवाल पूछता हूं कि क्या कोई इंसान किसी पहाड़ को तोड़ सकता है…? तो आपका जवाब होगा – नामुमकिन है। पर अनेक उदाहरण है जिसमें लोगों ने अपनी जिद की जरिए इस तरह के संभव कामों को भी संभव किया है जिनमें एक उदाहरण है दशरथ मांझी का। दशरथ मांझी नाम के एक साधारण आदमी ने केवल छेनी और हथौड़ी की मदद से एक बड़ा पहाड़ तोड़कर सड़क बना डाली जिन पर “माउंटेन मैन ” नामक सफल फिल्म भी बनी है। और वह खुद भी माउंटेन मैन के नाम से फेमस हूए। दशरथ मांझी ने अपनी जिद और कड़ी मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की जो हर किसी को प्रेरणा देती है।

6.  योजनाओं पर अमल करें —

 योजना बनाना आसान है पर उन पर अमल करना अलग बात है। आपने सफलता हासिल करने के लिए जो प्लानिंग तैयार की है उस पर तुरंत एक्शन लें। क्योंकि समय निकालने के बाद सिर्फ पछतावा ही हाथ लगता है। आपका यह साल भी पिछले साल की भांति गुजर जाएगा क्योंकि वक्त का पहिया बड़ी तेजी से घूमता है इसलिए एक अच्छी प्लानिंग तैयार कर उस पर अमल करें। योजना बंद तरीके से आगे बढ़े। अच्छी योजना सफलता और उन्नति का रास्ता तैयार करते हैं प्लानिंग हमें आत्म अनुशासन के लिए तैयार करती है योजना आपके लक्ष्य को साधने में मदद देती है। अपनी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देते हुए सारी शक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाने में लगाए। बीच-बीच में अपनी योजनाओं को आंकते  रहें। और हर दिन का मोल समझे।  समय का सदुपयोग करते हुए अपनी योजना पर अमल करें। सफलता को तय करने वाला यह एक अहम फैक्टर है।

 7. खुशमिजाज बने —

 कुछ लोग खुशमिजाजी की किस्म के होते हैं। आप भी हंसने हंसाने की आदत डालिए इससे आप में अपनी कमियों पर भी हंसने की ताकत आ जाएगी। हंसने हंसाने की आदत इंसान को आकर्षक बना देती है। हंसी हमें गिरकर उठने की शक्ति प्रदान करती है। हंसी दुनिया में हर दर्द की कुदरतती दवा है। खुशमिजाजी और सफलता का गहरा संबंध है खुश मिसाज इंसान के सफल होने के चांस बढ़ जाते हैं।

8. आशावादी बनिए —

 आप आशावादी कैसे बन सकते हैं…? आईये मैं आपको बताता हूं–

” इतने मजबूत बनिए की आपके मन की शांति को कोई भंग नहीं कर सके हर मिलने वाले आदमी से सेहत खुशहाली और समृद्धि के बारे में बातें करे। अपने सभी दोस्तों को एहसास कराये कि आप उनकी खूबियों की कद्र करते हैं। हर चीज के केवल उजले पहलू को देखे। केवल अच्छी से अच्छी बातें सोचें और अच्छे से अच्छे नतीजे के लिए कम करें। बीते दिनों की गलतियों को भूल जाए और आने वाले दिनों में ज्यादा बड़ी कामयाबी हासिल करने के लिए आगे बढ़े। हर आदमी का मुस्कुरा कर स्वागत करें।  अपने को बेहतर बनाने में इतना वक्त लगाए कि दूसरों की आलोचना करने के लिए वक्त ही ना बचे इतने बड़े-बड़े की चिंता छू न सके, और इतने अच्छे बने की गुस्सा आए ही नहीं।

9. हर काम को फौरन करने की आदत डालें —

“वह चांदनी रातों मे सोया

उसने सुनहरी धूप का मजा उठाया

कुछ करने कि तैयारी में जिंदगी गुजारकऱ

वह गुजर गया कुछ न कर हारकर।।

                          —  जेम्स अल्बरी।

 हम सभी जिंदगी में कभी ना कभी ढीला डाला और तलम टोल वाला रवैया अपनाते हैं ऐसा मैंने भी किया है जिसके लिए मुझे बाद में बहुत पछताना पड़ा तलम टोल की आदत की वजह से हमारा नजरिया नकारात्मक बन जाता है किसी काम को करने से अधिक थकान उसे काम को ने करने के लिए की जाने वाली तलम टोल की वजह से होती है कोई भी काम पूरा होने पर खुशहाली आती है और हौसला बुलंद होता है जबकि आधा अधूरा काम हमारी हिम्मत को वैसे ही खत्म कर देता है जैसे पानी के टैंक में हुआ कोई छेद टैंक को खाली कर देता है। यह वैसी ही बात है जैसे कि एक छोटा बच्चा कहता है कि मैं बड़ा होने पर फला काम करूंगा जिससे मुझे खुशी और सफलता मिलेगी। जब वह बड़ा हो जाता है तो कहता है कि कॉलेज की पढ़ाई समाप्त होने के बाद में यह काम करूंगा तुम मुझे खुशी मिलेगी।  कॉलेज की पढ़ाई समाप्त होने के बाद वह कहता है कि  नौकरी लगने के बाद मुझे खुशी मिलेगी। नौकरी लगने के बाद वह कहता है कि उसे शादी के बाद खुशी मिलेगी। शादी के बाद वह कहने लगता है कि बच्चे स्कूल जाने के बाद उसे सच्ची खुशी मिलेगी। जब बच्चे स्कूल की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं तो वह कहता है कि मुझे खुशियां रिटायर होने के बाद मिलेंगी, और रिटायर होने के बाद में   वह क्या देखा है…?  कि उसकी आंखों के सामने ही पूरी जिंदगी गुजर चुकी है। काम को टालते रहने कि आदत हमें असफल बनाती हैं। “बाद में कर लूंगा”– इस वाक्य को आज ही अपनी जिंदगी से निकाल कर बाहर कर दीजिये। वरना काम को टालने की आदत एक बीमारी बनाकर आपको जिंदगी भर सताएगी। आपने जो भी लक्ष्य निर्धारित किए हैं उन पर तुरंत एक्शन लीजिए, और हर काम को फौरन करने की आदत डालिए। यह सफलता का एक सूत्र है।

10. नकारात्मक असर से बचें —

 हमारे सामने मौजूद किसी भी तथ्य से ज्यादा महत्वपूर्ण उस तथ्य के बारे में हमारा नजरिया होता है क्योंकि हमारी सफलता या असफलता उसी से तय होती है। आप अच्छी चीजों की खोजकर्ता बनिए। अपनी जिंदगी के सकारात्मक पहलू पर ध्यान देना शुरू कीजिए किसी इंसान या किसी हालत के बुरे पहलू के बजाय उसके अच्छे पहलू पर गौर करना शुरू करें हम में से ज्यादातर लोगों को अपनी ही सोच का माहौल इस ढंग से डाल देता है कि हम गलतियों और कमियों को ढूंढने के आदी हो चुके होते हैं और इसीलिए तस्वीर का अच्छा पहलू हमसे अनदेखा रह जाता है।  ओलिवर बेंदहाल होम्स कहते हैं कि “हमारी जिंदगी का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि ज्यादातर लोग मन में कुछ करने की इच्छा लिए ही कब्र में चले जाते हैं। हम अपनी दूरदर्शिता की कमी की वजह से सफलता हासिल नहीं कर पाते।” नकारात्मक असर किस कदर हमारी जिंदगी को प्रभावित कर सकता है इसके लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूं — एक चील का अंडा किसी तरह एक  मुर्गी के घोसले में गिर गया। और बाकी अंडों के साथ मिल गया। समय आने पर वह अंडा फूटा और चील का बच्चा यह सोचता हुआ बड़ा हुआ कि वह मुर्गी है। वह उन्हीं कामों को करता था जिन्हें मुर्गी करती थी। वह जमीन खोदकर अनाज के दाने चुगता और मुर्गी की तरह ही कुड़कुडाता था। वह कुछ फिट से अधिक उड़ान नहीं भर पता था क्योंकि मुर्गी भी ऐसा ही करती थी। एक दिन उसने आकाश में एक चील को बड़ी शान से उड़ते हुए देखा उसने मुर्गी से पूछा– “उस सुंदर चिड़िया का क्या नाम है…?  मुर्गी ने जवाब दिया वह चील है। वह एक शानदार चिड़िया है लेकिन तुम उसकी तरह उड़ान नहीं भर सकते क्योंकि तुम तो मुर्गी हो। चील के बच्चे ने बिना सोचे विचारे मुर्गी की बात को मान लिया। वह मुर्गी की जिंदगी जीता हुआ ही मर गया। सोचने की क्षमता न होने के कारण वह अपनी विरासत को खो बैठा। उसका कितना बड़ा नुकसान हुआ। वह जीतने के लिए पैदा हुआ था पर वह दिमागी तौर पर हार गया।

 अगर आप चील की तरह आकाश की बुलंदियों को छूना चाहते हैं तो आपको चील के तौर तरीकों को सिखाना होगा, अगर हम खुद को कामयाब लोगों के साथ जोड़ेंगे तो हम भी कामयाब हो जाएंगे, अगर हम नकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहेंगे,  तो हम भी वैसे ही बन जाएंगे।

11. असफलता का डर मन से निकालें –

 हर इंसान में कोई ना कोई ऐसी आदत तो जरूर होती है जो उसकी तरक्की में बाधा पैदा कर सकती है। यह उसकी सफलता की राह में रोड़े अटका सकती है अगर समय रहते इन खराब आदतों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो न केवल तरक्की में बल्कि प्रबंधन क्षमता पर भी असर पड़ता है। यदि आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो उसके लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी कमियों को अच्छी तरह जाने और समय रहते उनमें सुधार करने का प्रयास करें। स्थिति कैसी भी हो आवज में आकर भावनात्मक रूप से कोई फैसला नाले अपनी पिछली असफलताओं को ध्यान में रखें और सोचें कि जल्दबाजी में क्या खोया है। असफलता का डर मन में है तो किसी भी काम में जोखिम लेने से डर लगेगा और फिर आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। इस वजह से आप नकारात्मक सोच विकसित कर लेंगे और आत्मविश्वास की कमी महसूस करने लगेंगे यह सफलता से डरे नहीं, इस सफलता तक पहुंचाने की सीधी बनाएं।

निष्कर्ष —

 दोस्तों सफलता यूं ही नहीं मिलेगी.. सफलता के रास्ते में आपको कांटे भी मिलेंगे, तो ठोंकरें भी लगेंगी। लेकिन इन बातों से घबराना नहीं है बल्कि इन्हें अपनी  “प्रेरणा डायरी” ( मोटिवेशन डायरी )बनाना है। विनम्रता के साथ इन मुसीबत को स्वीकार करना है फिर आपको जो सफलता प्राप्त होगी वह सच्ची सफलता होगी वह उच्च किस्म की कामयाबी होगी।

— हेनरी फोड़ने जब पहली कर बनाई तब उसमें रिवर्स गियर डालना भूल गए थे।

— थॉमस एडिसन बिजली का बल्ब बनाने से पहले सैकड़ो बार

 असफल हुए थे।

— हेनरी फोर्ड अपनी 40 साल की उम्र में ही दिवालिया हो गए थे।

 हर ठोकर लगने के बाद, असफलता मिलने के बाद हम स्वयं से पूछे कि हमने इन तजुर्बा से क्या सीखा है तभी हम इन असफलताओं से पार पाके, सच्ची सफलता और सच्ची कामयाबी की सीढ़ी चढ़ पाएंगे।

महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न – सफलता क्या है..?

उत्तर — सफलता किसी मूल्यवान उद्देश्य की प्राप्ति होती है। आप अपने जीवन में जो लक्ष्य निर्धारित करते हैं, उन  लक्ष्यो को प्राप्त कर लेना ही सफलता है।  जिंदगी में खुशी और समृद्धि हासिल करना सफलता है। कठिनाई और बधाओं को पार करके जीत हासिल करना सफलता है। सफलता की सारी कहानी संघर्षों और दृढ़ संकल्पओं पर टिकी हुई होती है। जिंदगी में कठिन परिश्रम से चुनौतीयों को पार करके,खुशहाली और समृद्धि प्राप्त करना सफलता है। 

दोस्तों, सफलता अचानक से हासिल नहीं होती हैं। यह निरंतर किये जाने वाले प्रयासों का परिणाम होती है। सफलता एक सुहाने सफर की भांति है। हम एक लक्ष्य को पूरा करते हैं और दूसरे में जुट जाते हैं और यह सफर चलता रहता है। हर इंसान के लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं। जैसे — एक छात्र अच्छे अंक प्राप्त करके अपने आप को सफल मानता है। कोई नौकरी लगकर अपने को सफल समझता है। किसी के लिए दौलत,शोहरत कमाना सफलता है। एक किसान अच्छी फसल पैदा करके अपने को सफल मानता है। एक वैज्ञानिक नए अनुसंधान को अपनी सफलता के रूप में देखाता है. कोई अच्छी सेहत और खुशी को हासिल करना अपनी सफलता मानता है। कई लोग अपने परिवार और बीवी बच्चों की खुशहाली को अपनी सफलता मानते हैं। मैं एक राइटर हूं और अच्छा लिखने के प्रयासों को अपनी सफलता मानता हूं। इसका मतलब यह हुआ की सफलता एक निजी एहसास है, हर आदमी अपने हिसाब से अपनी सफलता के माप दंड तय करता है, फिर भी सफलता को अच्छे ढंग से परिभाषित करना हो तो कुछ यूं कर सकते हैं–

“जिंदगी में निर्धारित किये गये मूलवान उद्देश्यों को प्राप्त करना सफलता है।”

Question 2. किस व्यक्ति को सफल व्यक्ति माना जाता है…?

उत्तर — सफल व्यक्ति वह माना जाएगा जो अपने जीवन में पूर्व निर्धारित मूल्यवान लक्ष्यो को प्राप्त कर लेता है। एक सफल व्यक्ति का जीवन सुख, समृद्धि और खुशहाली से भरपूर होता है। सफल व्यक्ति अपने जीवन  को आनंद के साथ व्यतीत करता है। सफल लोग बेहद मेहंती, कठोर परिश्रमी, और जुनूनी होते हैं। सफल व्यक्ति संघर्षशील और दृढ़ संकल्प वान होते हैं।

Question 3. सफलता पाने के 7 नियम कौन-कौन से हैं..?

उत्तर – अपने जीवन में निर्धारित किए गए मूल्यवान उद्देश्यों की प्राप्ति, खुशी और समृद्धि, शोहरत और तनाव मुक्त जीवन कि प्राप्ति को ही सफलता माना जाता है। 

जीवन में सफलता पाने के लिए इन 7 नियमों का जरूर करें पालन

  1. आत्मनिर्भर बनें
  2. सही लोगों को चुनें
  3. अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें
  4. ज्यादातर लोग आपके लिए अच्छा नहीं चाहते
  5. अपना मूल्य कम ना होने दें
  6. गलतियां करने से ना डरें
  7. नया ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करें
  8. सही लक्ष्य का चुनाव करें
  9. कठिन परिश्रम करें।

Question 4.  सफलता हासिल करने के 10 नियम क्या है..?सफलता के लिए कई नियम हैं, जैसे कि लक्ष्य तय करना, समय का सही प्रबंधन करना, और आत्म-अनुशासन. सफलता पाने के लिए, इन नियमों का पालन किया जा सकता है:

       *लक्ष्य तय करे

    अपने छोटे और बड़े लक्ष्यों को साफ़ तौर पर तय करें.

      * समय का सही प्रबंधन करें

     समय सबसे कीमती संसाधन है. अपनी प्राथमिकताओं को तय करें और समय का सदुपयोग करें.

      *आत्म-अनुशासन में निपुणता हासिल करें

  • आत्म-अनुशासन लक्ष्यों और उपलब्धियों के बीच का पुल है. 
  • सीखते रहेंकिताबें पढ़ें, मेंटर से मार्गदर्शन लें, और नए अनुभव प्राप्त करें. 
  • सकारात्मक ऊर्जा को चुनेंकृतज्ञता, विनम्रता, धैर्य, साहस, खुशी, कड़ी मेहनत, दान, और दयालुता जैसी सकारात्मक ऊर्जा को चुनें. 
  • नकारात्मकता से बचेंक्रोध, लालच, आलस्य, ईर्ष्या, घृणा, बदला, अहंकार, अधिकार, या किसी भी अन्य प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा के आगे न झुकें. 
  • समय पाबंद रहेंसफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए सालों लग जाते हैं. 
  • आत्मविश्वासी बनेंजीवन में सफल बनने के लिए खुद पर विश्वास करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है. 
  • दूरदर्शिता रखेंदूर की सोचने या समझने के गुण को दूरदर्शिता कहते हैं.