आज के युग को कंपटीशन अर्थात प्रतिस्पर्धात्मकता का युग माना जाता है। खाने का तात्पर्य है कि आज के इस मॉडर्न युग में एजुकेशन, व्यापार, बाजार, बिज़नेस, नौकरी हर जगह प्रतिस्पर्धा (कंपटीशन) है। आज से लगभग दशक पूर्व सरकारी नौकरी को करना आसान था लेकिन अब सरकारी कर्मचारियों को भी जनता के प्रति “जवाबदेय” बनाया गया है। प्राइवेट सेक्टर में भी कंपनियों में अक्सर कर्मचारियों कि छटनी होती रहती है। भारत का सरकारी क्षेत्र कम रोजगार दे पता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में प्राइवेट सेक्टर में रोजगारों की काफी अत्यधिक और उज्जवल संभावना है। सरकारी क्षेत्र हो या निजी क्षेत्र हर की क्षेत्र की अपनी अपनी कुछ समस्याएं भी है। विभिन्न सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारियों और अफसर को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
आज की प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में भी किसी कंपनी की सफलता में ऐसे कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है जो “प्रोबलम सॉल्विंग स्किल्स” से भरपूर होते हैं। आजकल प्राइवेट ही क्यों सरकारी सेक्टर में भी ऐसे कर्मचारियों की वैल्यू अधिक है जो प्रोबलम सॉल्विंग सिस्टम में यकीन रखते हैं साथ ही जिन मै लीडरशिप क्वालिटी है।

आर्थिक फंडा ब्लॉग — “लीडरशिप क्वालिटी“
प्रोबलम सॉल्वर कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है ऐसा कर्मचारी वह होता है जो किसी भी चुनौती का सामना समझदारी दक्षता और रचनात्मक सोच के साथ करता है। कंपनी की सफलता सफलता काफी हद तक ऐसी करमत कर्मचारियों पर टिकी हुई होती है। यदि आप अपनी कंपनी और अपने संगठन के लिए एक सक्षम प्रोबलम सॉल्वर बनना चाहते हैं तो आपको कुछ विशेष गुना और क्षमताओं का विकास करना होगा यह ने केवल कंपनी के लिए बल्कि आपकी व्यक्तिगत वृद्धि के लिए भी लाभकारी होंगे।
1. अपनी सोच में विश्लेषण उत्पन्न करें :
समस्या की जड़ तक पहुंचाने और उसे समझने के लिए समस्या पर गहराई से सोचने की क्षमता विकसित करें। कभी किसी भी समस्या के विभिन्न पहलुओं पर विचार करें समस्याओं के तार्किक विश्लेषण ढूंढने की कोशिश करें। अपनी कंपनी और संगठन में आने वाली हर तरह की समस्याओं के समाधान से पहले उनके विश्लेषणात्मक सोच के साथ अध्ययन करें।
2. रचनात्मक और नवाचार पूर्ण विचार अपनाये :
नए और अनोखी समाधान सुलझाने की योग्यता कंपनी के लिए बहुत फायदेमंद होती है पारस्परिक तरीकों से हटकर सोच साथ ही दुनिया की सफल कंपनियों की कार्यप्रणाली कौशल और मॉडल का अध्यन करें। बड़ी कंपनियों के सफल कम कर्मचारियों और सीईओ तथा एग्जीक्यूटिव ऑफीसरों के साक्षात्कारों को पड़े। उनके विचारों को अपने और अपनी कंपनी के समस्या समाधान में उनका इस्तेमाल करें।



