दोस्तों कुछ ही दिन पहले मैंने अपने “आर्थिक फंडा ब्लॉग के लिए एक आर्टिकल लिखा था. जिसका टाइटल था “
“एआई (Al) के दुरुपयोग पर कैसे लगे लगाम” इस आर्टिकल को आप सब लोगों ने बहुत प्यार दिया था। और उसका सबसे बड़ा कारण में समझता हूं क्योंकि वह आर्टिकल ही एक ऐसे मुद्दे पर था। ए के फायदे की चर्चा तो हम सब करते हैं लेकिन हमने उसे आर्टिकल में इस बात को जाना था कि आज के दौर में किस तरह आई का दुरुपयोग हो रहा है और लोग इस धोखाधड़ी पैसे हड़पने और फर्जी वाला करने में इस्तेमाल कर रहे हैं। कैसे इसके द्वारा अश्लील और फर्जी कंटेंट बनाया जा रहा है। लेकिन मैं जैसा आपको बताया कि हर चीज के दो पहलू हैं हर सिक्के के दो पहलू है जब कोई नई तकनीकी आती है तो उसके अच्छे आसार भी होते हैं तो उसके बुरे परिणाम भी हमारे सामने आते हैं। हर चीज में अच्छाई भी होती है तो कुछ बुराइयां भी होती है।
आर्थिक फंडा ब्लॉग
कि आज की एक और बेहतरीन यूनिक और मौलिक पोस्ट में आप सबका स्वागत है। दोस्तों ऊपर वाले आर्टिकल का मैं जिक्र इसलिए किया था क्योंकि मैंने टेक्नोलॉजी प्रपोज आर्टिकल लिखे हैं और यह इसलिए लिखे हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी सीधे तौर पर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिति को प्रभावित करती है। आपने देखा होगा कि विश्व के वह देश आज ताकतवर हैं जिनके पास अत्यधिक टेक्नोलॉजी है और जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है। आज किस आर्टिकल में भी मैं एक ऐसे मुद्दे पर चर्चा करना चाहता हूं जो अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भविष्य की टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ है एक नई टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ है जिनका आगमन आने वाले निकट समय में कभी भी हो सकता है।
दोस्तों कांच एक ऐसी धातु है जो हमारे जीवन को हमारी अर्थव्यवस्था को प्राचीन समय से लेकर प्रभावित करती रही है और आज भी कुछ रूपों में हमारे जीवन शैली में कांच एक अभिन्न हिस्से के रूप में जुड़ा हुआ है। जैसे कांच का एक रूप हम चश्मा के तौर पर भी देखते हैं। नजर और धूप के चश्मो का कारोबार ऐसा है जिसमें दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां जुड़ी हुई है और। इस उद्योग के लिए और हमारे जीवन शैली के लिए इस रूप में ग्लास एक खास भूमिका रखता है। इस टेक्नोलॉजी में तेजी से परिवर्तन हुए हैं। एक जमाना था जब चश्मे बनवाने के लिए मरीजों को बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी और एक साधारण मोटा सा ग्लास नाम मुझे याद नहीं है उसका इस्तेमाल किया जाता था। और हम स्मार्ट ग्लास के दौर में पहुंच चुके हैं जो अमेरिका में अभी लॉन्च हुआ है। यह गिलास कितने मायने रखता है इस बात का अंदाजा आप इसी तथ्य से लगा सकते हैं कि इसके मार्केट की दौड़ में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां मेटा गूगल और एप्पल की टक्कर हो रही है।
भविष्य की टेक्नोलॉजी : मेटा ने अमेरिका में लांच किया नए स्मार्ट ग्लास :
कुछ दिनों पहले अमेरिका के कैलिफोर्निया में मेटा ( जिसने फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी कंपनियां बनाई ) एक आर्थिक कॉन्फ्रेंस मैं मार्ग जाकर वर्ग ने कुछ विषयों पर बातचीत की थी। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने एक “गैजेट” पेश किया। उन्होंने एक ऐसा “चश्मा” पेश किया जिसमें कैमरा लगा है और फ्रेम के कोने में एक छोटा सा स्क्रीन प्रोजेक्ट होता है। जकर बर्ग ने इस गैजेट को इस तरह पेश करने की कोशिश की जैसे एप्पल के स्टीव जॉब्स ने कभी मेक आईफोन और आईपैड लॉन्च करते समय की थी। मार्क जुकरबर्ग ने बातचीत करते समय कहा कि– “यह चश्मा कोई साधारण चश्मा नहीं है, बल्कि भविष्य की पर्सनल कंप्यूटिंग है।” और इस चश्मे का नाम और कीमत है –
ग्लास का नाम – मेटा रे-बन डिस्प्ले ( meta Ray-ban diplay )
कीमत करीब – $800 ( अगर रुपए में कन्वर्ट करें तो 71000 )
मैं आज के आर्टिकल में इस मुद्दे पर इसीलिए चर्चा कर रहा हूं कि यह कोई साधारण ग्लास नहीं है। यह ग्लास इंडस्ट्री में क्रांतिकारी भविष्य की टेक्नोलॉजी है “ क्योंकि मैंने जो सुना है इसके बारे में कहा जाता है कि शीशे से बने हुए लेंस एप की तरह चलते हैं और इस तरह कार्य करते हैं जैसे कोई स्मार्टफोन कम कर रहा हो। हालांकि मैंने जो जानने का प्रयास किया है उनसे यह पता चलता है कि इस टेक्नोलॉजी के डेमो में कुछ गड़बड़ियां सामने आई है।
“स्मार्ट ग्लास” भविष्य की टेक्नोलॉजी है। इसे लेकर कंपनियां कई परीक्षण कर रही है … बताया जा रहा है कि इस टेक्नोलॉजी का वीडियो कॉल ऑन स्टेज टेस्ट फेल हो गया। उसके बाद काफी खुशी से की गई है लेकिन वह नाकाम ही हुई है।
दोस्तों, मैं आपको बताना चाहता हूं कि स्मार्ट ग्लास एक ग्लासेस इंडस्ट्री में एक क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी होगी जिसके परिणाम हमें आने वाले भविष्य में दिखाई देंगे। इसीलिए मैंने इसे भविष्य की टेक्नोलॉजी कह कार कोट किया है।
आईएफ टेक्नोलॉजी जुड़े एक में अलग पहलू की बात करता हूं जो अर्थव्यवस्था कमाई और धन की दुनिया से जुड़ा हुआ है. मैं आपको बताना चाहता हूं कि इस टेक्नोलॉजी पर अधिकार को हासिल करने के लिए दुनिया की कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां आपस में एक दूसरे को टक्कर दे रही हैं, ताकि इस नई और कमाई करने वाली तकनीकी को हासिल किया जा सके। स्मार्ट ग्लास की इंडस्ट्री में सिर्फ मटर का ही नाम नहीं लिया जा सकता बल्कि एप्पल और गूगल भी इसमें जुटी हुई है। गूगल का पूरी दुनिया में अपना अलग रुतबा है। तो मेहता और एप्पल कंपनियां भी इस तकनीकी को हासिल करने के लिए टक्कर दे रही है।
दोस्तों अब यहां से आगे के आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि इस इस टेक्नोलॉजी के क्या फायदे होंगे..? इस टेक्नोलॉजी को लेकर क्या चिंता है..? क्या यह टेक्नोलॉजी भविष्य में कोई जोखिम पैदा करेगी..? और हम यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि ग्लास इंडस्ट्री में इसका क्या असर होगा..? क्या इस इंडस्ट्री में बड़ी-बड़ी कंपनियां कमाई देख रही है..? और खुद लगभग कितना पैसा खर्च कर रही है..? जब हम किसी चीज के बारे में जानना चाहते हैं चाहे वह टेक्नोलॉजी हो या अन्य कोई विषय और उससे संबंध देते. सभी खास सवालों का जवाब हमें नहीं मिलता तब तक उसे पढ़ने का कोई फायदा नहीं होता। क्योंकि हमारे मन में डाउट्स रह जाते हैं। इन टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए खास पेचीदा सवालों को पेश किया है और अन्य का जवाब हम ढूंढेंगे। अगर आप स्मार्ट ग्लास इंडस्ट्री के बारे में कुछ भी जानने के इच्छुक हैं तो इस आर्टिकल में आपको वो जानकारी देने का मैं प्रयास कर रहा हूं कि बाद आपको स्मार्ट ग्लास इंडस्ट्री.. इसके लाभ हानि..। और इससे जुड़ी कंपनियों के बारे में कुछ भी जानना ना पड़े।
- 1. स्मार्ट ग्लासेस –पहनने में “अच्छे’ पर तकनीकी में “कच्चे”
स्मार्ट ग्लास से जुड़े मुद्दे पर मैं सबसे पहले आपको इसका सबसे अच्छी उपयोग के बारे में चर्चा करना चाहता हूं.
. सुनने में आ रहा है कि स्मार्ट ग्लास में मेटा कुछ सुधार कर रहा है गूगल ग्लास जैसे पुराने हैंडसेट्स के मुकाबले रे बंद डिस्प्ले देखने में सामान्य चश्मा जैसे लगते हैं और पहनने में आरामदायक होते हैं। पहनने में सुविधाजनक और आया आरामदायक होना उनकी सबसे खास विशेषता है।
देखने में यह समय में चश्मा जैसे लगते हैं और पहनने में आरामदायक होते हैं। यह बड़ी क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी है स्मार्ट ग्लास की क्योंकि इसमें एक बैटरी सिस्टम होता है जो करीब 6 घंटे चलता है कंपनी ने स्क्रीन को इस तरह प्रोग्राम किया है कि इस्तेमाल ने होने पर वह खुद बंद हो जाती है लेकिन टेस्ट के दौरान भी कई दिक्कतें आई हैं। कई स्तरों पर यह टेक्नोलॉजी टेस्ट विफल हो गया- इसीलिए तो इसी आर्टिकल में मैंने थोड़ी देर पहले ही, इस टेक्नोलॉजी को कोट करते हुए कहा था कि — “टेक्नोलॉजी पहनने में अच्छी है, पर तकनीकी में अभी कच्ची है.” “टेक्नोलॉजी पहनने में अच्छी है, लेकिन तकनीकी तौर पर अभी कच्ची है” अर्थात यह स्मार्ट ग्लास पहनने में तो सहज महसूस होते हैं लेकिन इस तकनीकी को मार्केट में लाने में अभी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई स्तरों पर इसकी परीक्षण विफल हुए हैं।
2. प्राइवेसी पर संकट :
इस पॉइंट में मैं आपको बताना चाहता हूं कि स्मार्ट ग्लास टेक्नोलॉजी के नुकसान क्या होने वाले हैं..? इस टेक्नोलॉजी के कारण क्या हमें कुछ खतरों का सामना करना पड़ सकता है..? अगर हां..तो वह खतरे क्या है..? लिए आप और मैं इसी बात को समझने का प्रयास करते हैं। मैटर द्वारा लाई गई इस स्मार्ट ग्लास टेक्नोलॉजी को भविष्य की टेक्नोलॉजी बताया जा रहा है। लेकिन इस टेक्नोलॉजी का जो दुष्परिणाम होने वाला है..। एक नया संकट उत्पन्न होने वाला है..। वह है प्राइवेसी का संकट अर्थात प्राइवेसी को लेकर चिंताएं उत्पन्न होंगे। मैं आपके सामने इसी 2025 के वर्ष की एक घटना का उल्लेख करता हूं, इससे आपको स्मार्ट ग्लास के दुष्परिणामों की बात समझ में आ जाएगी। इसी साल 2025 में एक वीडियो वायरल हुआ था उसमें एक इनफ्लुएंसर ने बताया था कि उसकी एसथेट्टी सियान जो की वैक्सीन कर रही थी उसने इसी तरह के स्मार्ट ग्लास से निर्मित चश्मा पहन रखा था। इस घटना का सोशल मीडिया पर बहुत विरोध हुआ था। एक और तथ्य में आपके सामने रखना चाहता हूं कुछ वर्ष पूर्व अमेरिका में एक एक ट्रक अटैक हुआ था ।
3. प्राइवेसी पर संकट
जब भी कोई नई टेक्नोलॉजी या कोई भी नई चीज हमारे सामने आती है तो हमें उसके फायदे भी दिखाते हैं तो उसके दुष्परिणाम भी नजर आते हैं। भविष्य की तकनीकी बताई जा रहे हैं स्मार्ट ग्लासेस प्राइवेसी के लिए चिंता का विषय है। इनकी कार्य करने की शैली और इनका प्रक्रिया ऐसा है कि इसे प्राइवेसी खत्म होने का पूरा खतरा है मैं आपको एक दो घटनाओं का उल्लेख करता हूं जो यह साबित करती हैं कि स्मार्ट ग्लासेस की तकनीकी आने से प्राइवेसी का भी संकट खड़ा हो गया है। इसी साल यानी 2025 में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक इनफ्लुएंसर ने बताया है कि उसकी स्थितियन जो वैक्सिंग कर रही थी ने सनग्लास पहने हुआ था। धीरे-धीरे जब इस घटना का लोगों को पता चला तो सोशल मीडिया पर इसका जबरदस्त विरोध हुआ। सनग्लासेस टेक्नोलॉजी से हमारे सामने इस तरह के खतरे खड़े हो गए हैं। एक और घटना अमेरिका के न्यू ऑरलियंस से सामने आई है जहां एक ट्रक अटैक हुआ था जांच करने के बाद खुफिया एजेंसी ने बताया कि इस ट्रक अटैक से पहले रिकी करने वाले शख्स ने इलाके का दौरा करते समय सनग्लासेस का प्रयोग किया था।

4. कंपनियों की ब्रांड इमेज के चलते कीमतें अधिक होने की संभावना
फिलहाल तो यह टेक्नोलॉजी अभी मार्केट में नहीं पहुंची है लेकिन संभावना व्यक्त की जा रही है कि जैसे ही यह लोगों के बीच पहुंचेगी और मैं सरिता होगी तो शायद गूगल या एप्पल जैसी कंपनियां इस फील्ड में उतरे। अगर ऐसा हुआ तो स्मार्ट ग्लासेस की कीमतें काफी अधिक हो सकती हैं क्योंकि इस फील्ड में उतरने वाली मटर गूगल एप्पल जैसी कंपनियों की ब्रांड इमेज बहुत मजबूत है। गूगल ने तो इस साल अपने चैट बॉक्स gemini वाले स्मार्ट ग्लास का प्रोटोटाइप दिखाया है और इसे लॉन्च करने की पूरी तैयारी में लगी है दूसरी तरफ एप्पल कंपनी भी इस तरह की डिवाइस पर तेजी से कम कर रहा है। हालांकि अभी इन्हें तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद अगर मटर के गिलास सबसे सस्ते और अच्छे साबित हुए तो इस बात में भी कोई शक नहीं कि लोग इन्हें खूब खरीदेंगे।
आर्टिकल का निष्कर्ष /सारांश
मेटा ने हाल ही में अपने नए स्मार्ट ग्लास, मेटा रे-बैन डिस्प्ले को लॉन्च किया है, जिसमें कई आकर्षक फीचर्स दिए गए हैं। इस स्मार्ट ग्लास में इन-बिल्ट डिस्प्ले है, जो नोटिफिकेशन से लेकर म्यूजिक तक को कंट्रोल कर सकता है। इसमें 12 मेगापिक्सल का कैमरा और LED लाइट है, जो वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान इंडिकेटर का काम करती है। यह स्मार्ट ग्लास वॉयस असिस्टेंट के साथ आता है, जो ‘Hey Meta’ कमांड के साथ काम करता है।*मेटा रे-बैन डिस्प्ले की विशेषताएं:*- *डिस्प्ले:* 20 डिग्री का व्यू और 600 x 600 पिक्सल का रेजोल्यूशन- *कैमरा:* 12 मेगापिक्सल का कैमरा और LED लाइट- *वॉयस असिस्टेंट:* ‘Hey Meta’ कमांड के साथ काम करता है- *कनेक्टिविटी:* ब्लूटूथ और वाई-फाई कनेक्टिविटी- *बैटरी:* 6 घंटे की बैटरी लाइफ और चार्जिंग केस के साथ 32 घंटे की अतिरिक्त बैटरी लाइफमेटा के इस नए स्मार्ट ग्लास की कीमत 799 डॉलर (लगभग 70,269 रुपये) है, जो कि एक आकर्षक ऑफर है। यह स्मार्ट ग्लास न केवल स्टाइलिश है, बल्कि इसमें कई उपयोगी फीचर्स भी हैं जो इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं
संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
क्वेश्चन 1. स्मार्ट ग्लास क्या होता है..?
उत्तर -स्मार्ट ग्लास एक प्रकार का वियरेबल डिवाइस है जो चश्मे के आकार में होता है और इसमें विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स और सेंसर होते हैं। यह एक मिनी कंप्यूटर की तरह काम करता है जो आपके चेहरे पर पहना जाता है और आपको विभिन्न प्रकार की जानकारी और सुविधाएं प्रदान करता है।*स्मार्ट ग्लास की विशेषताएं:*- *डिस्प्ले*: स्मार्ट ग्लास में एक छोटा डिस्प्ले होता है जो आपको विभिन्न प्रकार की जानकारी दिखाता है, जैसे कि नोटिफिकेशन, मैसेज, ईमेल आदि।- *कैमरा*: स्मार्ट ग्लास में एक कैमरा होता है जो आपको फोटो और वीडियो लेने की अनुमति देता है।- *सेंसर*: स्मार्ट ग्लास में विभिन्न सेंसर होते हैं जो आपके आसपास के वातावरण को समझने में मदद करते हैं।- *वॉइस असिस्टेंट*: स्मार्ट ग्लास में वॉइस असिस्टेंट जैसे कि गूगल असिस्टेंट या एप्पल सिरी हो सकता है जो आपको वॉइस कमांड के माध्यम से विभिन्न कार्य करने में मदद करता है।*स्मार्ट ग्लास के उपयोग:*- *फिटनेस ट्रैकिंग*: स्मार्ट ग्लास आपके दैनिक गतिविधियों को ट्रैक कर सकता है और आपको फिटनेस से संबंधित जानकारी प्रदान कर सकता है।- *नोटिफिकेशन*: स्मार्ट ग्लास आपको नोटिफिकेशन दिखा सकता है और आपको महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में सूचित कर सकता है।- *फोटोग्राफी*: स्मार्ट ग्लास का कैमरा आपको फोटो और वीडियो लेने की अनुमति देता है।- *नेविगेशन*: स्मार्ट ग्लास आपको नेविगेशन में मदद कर सकता है और आपको दिशा निर्देश प्रदान कर सकता है।*स्मार्ट ग्लास के फायदे:*- *सुविधा*: स्मार्ट ग्लास आपको विभिन्न प्रकार की जानकारी और सुविधाएं प्रदान करता है जो आपके जीवन को आसान बना सकती हैं।- *पोर्टेबिलिटी*: स्मार्ट ग्लास एक वियरेबल डिवाइस है जो आपके साथ हमेशा रहता है।- *फिटनेस ट्रैकिंग*: स्मार्ट ग्लास आपके दैनिक गतिविधियों को ट्रैक कर सकता है और आपको फिटनेस से संबंधित जानकारी प्रदान कर सकता है।हालांकि, स्मार्ट ग्लास के कुछ नुकसान भी हैं, जैसे कि गोपनीयता की चिंता और बैटरी की लाइफ की समस्या। लेकिन कुल मिलाकर, स्मार्ट ग्लास एक शक्तिशाली और उपयोगी डिवाइस है जो आपके जीवन को आसान और अधिक सुविधाजनक बना सकता है।
क्वेश्चन 2. स्मार्ट ग्लासेस कैसे कार्य करते हैं.?
उत्तर – स्मार्ट ग्लास एक जटिल डिवाइस है जो विभिन्न तकनीकों का संयोजन करके कार्य करता है। यहाँ स्मार्ट ग्लास के कार्य करने का एक सामान्य विवरण है:
मुख्य घटक:
- डिस्प्ले: स्मार्ट ग्लास में एक छोटा डिस्प्ले होता है जो आमतौर पर एक लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले (LCD) या ऑर्गेनिक लाइट-इमिटिंग डायोड (OLED) डिस्प्ले होता है।
- कैमरा: स्मार्ट ग्लास में एक या अधिक कैमरे हो सकते हैं जो फोटो और वीडियो लेने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- सेंसर: स्मार्ट ग्लास में विभिन्न सेंसर हो सकते हैं, जैसे कि एक्सेलेरोमीटर, जायरोस्कोप, और मैग्नेटोमीटर, जो उपयोगकर्ता की गतिविधियों और आसपास के वातावरण को ट्रैक करने में मदद करते हैं।
- वॉइस असिस्टेंट: स्मार्ट ग्लास में एक वॉइस असिस्टेंट हो सकता है जो उपयोगकर्ता को वॉइस कमांड के माध्यम से विभिन्न कार्य करने में मदद करता है।
कार्य प्रक्रिया:
- डेटा संग्रह: स्मार्ट ग्लास के सेंसर और कैमरे डेटा संग्रह करते हैं और इसे प्रोसेसर को भेजते हैं।
- डेटा प्रोसेसिंग: प्रोसेसर डेटा को प्रोसेस करता है और उपयोगकर्ता को विभिन्न प्रकार की जानकारी प्रदान करता है।
- डिस्प्ले: स्मार्ट ग्लास का डिस्प्ले उपयोगकर्ता को जानकारी दिखाता है, जैसे कि नोटिफिकेशन, मैसेज, और अन्य डेटा।
- वॉइस कमांड: उपयोगकर्ता वॉइस कमांड के माध्यम से स्मार्ट ग्लास को नियंत्रित कर सकता है और विभिन्न कार्य कर सकता है।
स्मार्ट ग्लास के अनुप्रयोग:
- फिटनेस ट्रैकिंग: स्मार्ट ग्लास उपयोगकर्ता की गतिविधियों को ट्रैक कर सकता है और फिटनेस से संबंधित जानकारी प्रदान कर सकता है।
- नोटिफिकेशन: स्मार्ट ग्लास उपयोगकर्ता को नोटिफिकेशन दिखा सकता है और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में सूचित कर सकता है।
- फोटोग्राफी: स्मार्ट ग्लास का कैमरा उपयोगकर्ता को फोटो और वीडियो लेने की अनुमति देता है।
स्मार्ट ग्लास एक शक्तिशाली और उपयोगी डिवाइस है जो उपयोगकर्ता को विभिन्न प्रकार की जानकारी और सुविधाएं प्रदान कर सकता है।
क्वेश्चन 3. स्मार्ट ग्लासेस की कीमत कितनी है.?
उत्तर — स्मार्ट ग्लासेस की कीमतें विभिन्न मॉडल्स और फीचर्स के आधार पर अलग-अलग होती हैं। यहाँ कुछ लोकप्रिय स्मार्ट ग्लासेस की कीमतें हैं:- *Ray-Ban Meta Smart Glasses*:- शुरुआती कीमत: ₹29,900- यह ग्लासेस फोटो खींचने, कॉल करने, म्यूजिक सुनने और Meta AI से स्मार्ट काम करने की सुविधा देते हैं।- *Meta Ray-Ban Display Glasses*:- कीमत: लगभग ₹70,100 ( $799)- यह ग्लासेस 12MP कैमरा, 90Hz डिस्प्ले और Meta AI इंटीग्रेशन के साथ आते हैं।- *Oakley Meta Vanguard*:- कीमत: $499 (लगभग ₹42,000)- यह ग्लासेस हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और Garmin जैसे फिटनेस डिवाइस से जुड़ सकते हैं।इन ग्लासेस की कीमतें और उपलब्धता आपके स्थान और विक्रेता के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए, आप आधिकारिक वेबसाइट या ऑनलाइन स्टोर्स पर जा सकते हैं
ब्लॉग नेम — आर्थिक फंडा ब्लॉग
चीफ एडिटर – केदार लाल /सिंह साहब
वेबसाइट – arthikfunda.com



